निम्नलिखित क्षेत्रों (Zones) को भूसतह पर उनके अक्षांशीय विस्तार के अनुसार आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए : 1. विषुवतीय क्षेत्र (Equatorial zone); 2. मध्यअक्षांशीय क्षेत्र (Midlatitude zone); 3. उप-उत्तरध्रुवीय क्षेत्र (Subarctic zone); 4. ऊष्ण कटिबंधीय क्षेत्र (Tropical zone)। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- (a)1 - 3 - 2 - 4
- (b)1 - 3 - 4 - 2
- (c)1 - 4 - 2 - 3
- (d)3 - 1 - 2 - 4
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, 1 - 4 - 2 - 3। पेटियों को इस आधार पर क्रम देने पर कि वे विषुवत् वृत्त से कितनी दूर हैं, निकटतम से दूरतम तक, सबसे पहले विषुवतीय क्षेत्र आता है (विषुवत् वृत्त पर फैला), फिर ऊष्ण कटिबंधीय क्षेत्र (कर्क और मकर रेखाओं पर लगभग 23.5 डिग्री तक पहुँचता), फिर मध्यअक्षांशीय या शीतोष्ण क्षेत्र (मोटे तौर पर 35 से 55 डिग्री की पेटी), और अंत में उप-उत्तरध्रुवीय क्षेत्र (आर्कटिक वृत्त के निकट के उच्च अक्षांश)। यह अनुक्रम 1 - 4 - 2 - 3 है। प्रश्न में आए ‘अक्षांशीय विस्तार’ पद को यहाँ क्षेत्र की विषुवत् वृत्त से ध्रुव की ओर मापी गई स्थिति के अर्थ में लिया गया है, क्योंकि इसी पाठ से एक स्पष्ट उत्तर मिलता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)1 - 3 - 2 - 4 — यह उप-उत्तरध्रुवीय क्षेत्र (3) को दूसरे स्थान पर और ऊष्ण कटिबंधीय क्षेत्र (4) को अंत में रखता है, अर्थात् उच्च अक्षांश की पेटी कटिबंधों से पहले आ जाती है — ध्रुव की ओर बढ़ने वाला क्रम टूट जाता है।
- (b)1 - 3 - 4 - 2 — यह विषुवतीय क्षेत्र से सीधे उप-उत्तरध्रुवीय क्षेत्र पर कूद जाता है और उसके बाद ही ऊष्ण कटिबंधीय तथा मध्यअक्षांशीय पेटियों पर आता है, जिससे विषुवत् वृत्त से ध्रुव तक की प्रगति गड़बड़ा जाती है।
- (d)3 - 1 - 2 - 4 — यह विषुवतीय क्षेत्र के बजाय उप-उत्तरध्रुवीय क्षेत्र से, अर्थात् सबसे उच्च अक्षांश वाली पेटी से आरंभ करता है, इसलिए अनुक्रम ध्रुव से विषुवत् वृत्त की ओर चलता है — आरोही क्रम के लिए यह उलटी दिशा है।
अवधारणा
पृथ्वी को अक्षांशीय पेटियों में इस आधार पर बाँटा जाता है कि सूर्य की किरणें सतह पर कितनी सीधी पड़ती हैं, और यह विषुवत् वृत्त से ध्रुवों की ओर घटता जाता है। विषुवत् वृत्त से बाहर की ओर बढ़ने पर पेटियाँ इस क्रम में आती हैं — विषुवतीय, ऊष्ण कटिबंधीय, उपोष्ण कटिबंधीय, मध्यअक्षांशीय या शीतोष्ण, उप-उत्तरध्रुवीय, और फिर आर्कटिक या ध्रुवीय। प्रत्येक अगली पेटी उच्चतर अक्षांश पर होती है और सामान्यतः पिछली से कम सौर तापन पाती है।
सूर्य का प्रकाश विषुवत् वृत्त पर लगभग लंबवत् और ध्रुवों की ओर अधिक तिरछा पड़ता है, इसलिए औसत तापमान अक्षांश के साथ घटता है। अतः नामित पेटियों को क्रम देना केवल उन्हें अक्षांश के अनुसार क्रम देना है — विषुवत् वृत्त पर फैली पेटी से लेकर ध्रुव के निकटतम पेटी तक। जाल यह है कि चारों विकल्प जल्दबाजी में पढ़ लिए जाएँ और उप-उत्तरध्रुवीय या ऊष्ण कटिबंधीय पेटी अपने स्थान से खिसक जाए।
मुख्य तथ्य
- विषुवतीय क्षेत्र विषुवत् वृत्त पर फैला है और वर्ष भर सर्वाधिक सीधी धूप पाता है।
- ऊष्ण कटिबंधीय क्षेत्र लगभग कर्क और मकर रेखाओं तक, अर्थात् लगभग 23.5 डिग्री अक्षांश तक फैला है।
- मध्यअक्षांशीय या शीतोष्ण क्षेत्र मोटे तौर पर कटिबंधों और ध्रुव वृत्तों के बीच स्थित है।
- उप-उत्तरध्रुवीय क्षेत्र आर्कटिक वृत्त से कुछ पहले के उच्च अक्षांशों में है, जहाँ लंबी ठंडी सर्दियाँ होती हैं।
ऊपर से नीचे पढ़ने पर पेटियाँ विषुवत् वृत्त से उच्च अक्षांश तक जाती हैं, जिससे क्रम 1 - 4 - 2 - 3 (विकल्प C) बनता है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- उप-उत्तरध्रुवीय या ऊष्ण कटिबंधीय पेटी को अपने स्थान से खिसकने न दें; क्रम सख्ती से विषुवत् वृत्त से ध्रुव तक रखिए।
- पेटियों को उनकी स्थिति (अक्षांश) के अनुसार क्रम दीजिए, न कि उनकी चौड़ाई के अनुमान से।
अक्षांशीय या ताप कटिबंधों को विषुवत् वृत्त से ध्रुव तक क्रम में रखने को कहा जाता है, अथवा किसी क्षेत्र को उसकी अक्षांश-पट्टी से सुमेलित करने को।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
विषुवत् वृत्त से ध्रुव की ओर जाते हुए पृथ्वी के तीन पारंपरिक ताप कटिबंध हैं
- (a)शीत, शीतोष्ण, उष्ण
- (b)उष्ण, शीतोष्ण, शीत
- (c)शीतोष्ण, उष्ण, शीत
- (d)उष्ण, शीत, शीतोष्ण
उत्तर(b) उष्ण, शीतोष्ण, शीत — उष्ण कटिबंध कर्क और मकर रेखाओं के बीच है, शीत कटिबंध ध्रुव वृत्तों के भीतर। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
कर्क रेखा लगभग किस अक्षांश पर स्थित है ?
- (a)0 डिग्री
- (b)23.5 डिग्री उत्तर
- (c)45 डिग्री उत्तर
- (d)66.5 डिग्री उत्तर
उत्तर(b) 23.5 डिग्री उत्तर — यह उत्तरी गोलार्ध में ऊष्ण कटिबंधीय क्षेत्र की ध्रुव-मुखी सीमा को चिह्नित करती है।