निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है ?
- (a)हीरा अपने में विस्तृत सहसंयोजी आबंधन (extended covalent bonding) के कारण कठोर होता है
- (b)फुलेरीन पांच और छह सदस्यीय वलयों से संरचित होता है
- (c)हीरा विद्युत का सुचालक है
- (d)ग्रेफाइट का उपयोग स्नेहक के रूप में किया जाता है
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, यह दावा कि हीरा विद्युत का सुचालक है। वास्तव में हीरा विद्युत का कुचालक है। प्रत्येक कार्बन परमाणु एक दृढ़ त्रिविम जाल में चार अन्य परमाणुओं से जुड़ा होता है, इसलिए उसके चारों बाह्य इलेक्ट्रॉन सहसंयोजी आबंधों में बँध जाते हैं और कोई भी इलेक्ट्रॉन गति करके धारा ले जाने के लिए मुक्त नहीं रहता। जो अपररूप चालन करता है वह ग्रेफाइट है, जिसकी परतदार संरचना में प्रति कार्बन एक विस्थानीकृत इलेक्ट्रॉन बचा रहता है। अतः कथन (c) ही वह है जो सही नहीं है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)हीरा अपने में विस्तृत सहसंयोजी आबंधन (extended covalent bonding) के कारण कठोर होता है — यह कथन सही है, इसलिए यह उत्तर नहीं है। हीरे का दृढ़, विस्तृत त्रिविम सहसंयोजी आबंध-जाल ही वह कारण है जिससे वह सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है।
- (b)फुलेरीन पांच और छह सदस्यीय वलयों से संरचित होता है — यह कथन सही है। बकमिंस्टरफुलेरीन, C60, एक बंद पिंजरा है जो बारह पाँच-सदस्यीय (पंचभुजी) और बीस छह-सदस्यीय (षट्भुजी) कार्बन वलयों से बना है, अतः यह अलग पड़ने वाला कथन नहीं है।
- (d)ग्रेफाइट का उपयोग स्नेहक के रूप में किया जाता है — यह कथन सही है। ग्रेफाइट में कार्बन की चपटी परतें केवल दुर्बल बलों से बँधी होती हैं और एक-दूसरे पर सरक जाती हैं, जिससे ग्रेफाइट ठोस स्नेहक का काम करता है; इसलिए यह असत्य कथन नहीं है।
अवधारणा
हीरा, ग्रेफाइट और फुलेरीन कार्बन के अपररूप हैं — वही तत्व, किंतु भिन्न संरचनाओं में व्यवस्थित, और इसीलिए उनके गुण आश्चर्यजनक रूप से भिन्न होते हैं। हीरा एक विशाल सहसंयोजी जाल है, ग्रेफाइट परतदार चादर-संरचना है, और C60 जैसे फुलेरीन पिंजरे के आकार के अणु हैं।
यह प्रश्न इस तथ्य का लाभ उठाता है कि हीरा और ग्रेफाइट, एक ही परमाणुओं से बने होने पर भी, विद्युत चालकता में विपरीत व्यवहार करते हैं। हीरा हर इलेक्ट्रॉन को आबंधों में बाँध लेता है और चालन नहीं कर सकता; ग्रेफाइट प्रति परमाणु एक ढीला इलेक्ट्रॉन रखता है और अच्छा चालन करता है। लुभावनी भूल यह मान लेना है कि हीरे जैसा कठोर, चमकीला क्रिस्टल अच्छा चालक भी होगा।
मुख्य तथ्य
- हीरा और ग्रेफाइट कार्बन के अपररूप हैं — वही तत्व, भिन्न संरचनाओं में।
- हीरे में प्रत्येक कार्बन एक दृढ़ त्रिविम जालक में चार अन्य कार्बनों से आबंधित होता है, जिससे वह अत्यंत कठोर और विद्युत का कुचालक बनता है।
- ग्रेफाइट में कार्बन चपटी परतें बनाता है और प्रति परमाणु एक मुक्त इलेक्ट्रॉन रहता है, इसलिए वह विद्युत का चालन करता है, और ढीली बँधी परतें सरकती हैं जिससे वह स्नेहन करता है।
- C60 जैसे फुलेरीन पंचभुजी और षट्भुजी कार्बन वलयों से बने पिंजरा-अणु हैं।

आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- हीरे जैसा कठोर, चमकता क्रिस्टल विद्युत का चालन नहीं करता — वह कुचालक है।
- विद्युत का चालन और स्नेहक का काम ग्रेफाइट करता है, हीरा नहीं।
कार्बन के अपररूपों के बारे में गलत कथन पहचानने को कहा जाता है, अथवा हीरा, ग्रेफाइट या फुलेरीन जैसे अपररूप को उसके किसी गुण से सुमेलित करने को।
संबंधित PYQ
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : I. काँच को हीरे से उत्कीर्ण या खरोंचा जा सकता है। II. काँच को हाइड्रोफ्लोरिक अम्ल से उत्कीर्ण या खरोंचा जा सकता है। III. काँच को अम्लराज से उत्कीर्ण या खरोंचा जा सकता है। IV. काँच को सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल से उत्कीर्ण या खरोंचा जा सकता है। इनमें से कौन-से कथन सही हैं ?
- (a) I और IV
- (b) II और III
- (c) I और II
- (d) II और IV
उत्तर(c) I और II — हीरा काँच से कठोर होने के कारण उसे खरोंच देता है, और हाइड्रोफ्लोरिक अम्ल सिलिका काँच को उत्कीर्ण करता है।
कथन I हीरे की अत्यधिक कठोरता पर टिका है — वही विस्तृत सहसंयोजी जाल वाला गुण जिसे Q110 अपने विकल्प (a) में जाँचता है।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
कार्बन का कौन-सा अपररूप विद्युत का सुचालक है ?
- (a)हीरा
- (b)ग्रेफाइट
- (c)हीरा और ग्रेफाइट दोनों
- (d)न हीरा, न ग्रेफाइट
उत्तर(b) ग्रेफाइट — इसकी परतदार संरचना में प्रति कार्बन परमाणु एक मुक्त इलेक्ट्रॉन बचता है, इसलिए यह चालन करता है। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
हीरे की अत्यधिक कठोरता का कारण है
- (a)कार्बन परतों के बीच दुर्बल बल
- (b)सहसंयोजी आबंधों का दृढ़ त्रिविम जाल
- (c)क्रिस्टल में गति करते मुक्त इलेक्ट्रॉन
- (d)कार्बन परमाणुओं के बीच आयनिक आबंधन
उत्तर(b) सहसंयोजी आबंधों का दृढ़ त्रिविम जाल — प्रत्येक कार्बन चार अन्य से आबंधित होता है।