एक वाहन विराम अवस्था से आरंभ करके पूर्व की दिशा में 2 m/s² की दर से 10 s तक गति करता है । यह इसके बाद अचानक रुक जाता है । वह उसके बाद पुनः अगले 10 s के लिए दक्षिण की ओर 4√2 m/s² की दर से गति करता है और फिर से विराम अवस्था में आ जाता है । वाहन का अपने आरंभिक बिंदु से नेट विस्थापन हुआ है
- (a)100 m
- (b)200 m
- (c)300 m
- (d)400 m
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, 300 m। पूर्व वाला चरण: विराम से आरंभ करते हुए s1 = (1/2) x a x t^2 = (1/2) x 2 x 10^2 = 100 m पूर्व की ओर। वाहन रुक जाता है, फिर दक्षिण वाला चरण भी विराम से ही आरंभ होता है: s2 = (1/2) x (4√2) x 10^2 = 200√2 m, अर्थात् लगभग 282.8 m दक्षिण की ओर। दोनों विस्थापन परस्पर लंबवत हैं, अतः नेट सरल-रेखीय विस्थापन कर्ण होगा: sqrt(100^2 + (200√2)^2) = sqrt(10000 + 80000) = sqrt(90000) = 300 m।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)100 m — यह केवल पूर्व वाला चरण है — इसमें दक्षिण की ओर हुआ विस्थापन पूरी तरह छूट जाता है।
- (b)200 m — इसमें दक्षिण वाले चरण की गणना गलत हो जाती है (जैसे उसे 200 m मान लेना) अथवा दोनों चरणों को घटा दिया जाता है, जबकि दो लंबवत विस्थापनों को सदिश रूप में जोड़ना चाहिए।
- (d)400 m — यह लगभग 100 + 283 का अंकगणितीय योग है, जिसे ऊपर की ओर पूर्णांकित कर दिया गया — अर्थात् दोनों चरणों को लंबवत सदिशों की तरह जोड़ने के बजाय सीधे जोड़ देना।
अवधारणा
प्रत्येक चरण विराम से आरंभ होकर नियत त्वरण के अंतर्गत की गई गति है, अतः उसकी लंबाई s = (1/2) a t^2 होगी। पूर्व और दक्षिण की ओर के विस्थापन समकोण पर हैं, और विस्थापन एक सदिश है, अतः नेट विस्थापन पाइथागोरस संयोजन R = sqrt(x^2 + y^2) से निकलता है, दोनों दूरियों को जोड़कर नहीं।
जाल यह है कि दोनों चरणों को साधारण संख्याओं की तरह जोड़ दिया जाए (100 + लगभग 283, जिससे लगभग 383 या 400 मिलता है) और समकोण पर संयोजित न किया जाए। आँकड़े ऐसे चुने गए हैं कि लंबवत परिणामी ठीक 300 m निकल आता है — 100 और 200√2 भुजाओं वाला समकोण त्रिभुज।
मुख्य तथ्य
- विराम से आरंभ करने पर विस्थापन s = (1/2) x a x t^2।
- पूर्व वाला चरण: (1/2) x 2 x 10^2 = 100 m; दक्षिण वाला चरण: (1/2) x 4√2 x 10^2 = 200√2, अर्थात् लगभग 282.8 m।
- लंबवत विस्थापन सदिशों की भाँति जुड़ते हैं: R = sqrt(x^2 + y^2)।
- sqrt(100^2 + (200√2)^2) = sqrt(10000 + 80000) = sqrt(90000) = 300 m।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- लंबवत विस्थापनों को सदिश रूप में जोड़ने के बजाय अंकगणितीय रूप से जोड़ देना।
- यह भूल जाना कि दूसरे चरण के लिए वाहन पुनः विराम से आरंभ करता है।
दो-चरणीय गति के प्रश्न के रूप में, जिसमें लंबवत विस्थापनों को सदिशों की भाँति संयोजित करना होता है, जोड़ना नहीं।
संबंधित PYQ
विराम से गुरुत्व के अंतर्गत मुक्त रूप से गिरते किसी कण के लिए विस्थापन (d) का समय (t) के साथ परिवर्तन निम्नलिखित में से किस ग्राफ द्वारा सही रूप में निरूपित होता है ?
- (a) ग्राफ (a)
- (b) ग्राफ (b)
- (c) ग्राफ (c)
- (d) ग्राफ (d)
उत्तर(a) ग्राफ (a)
विराम से नियत त्वरण के अंतर्गत विस्थापन का वही शुद्ध-गतिकीय विचार — s = (1/2) a t^2 (d-t में परवलय) — जिसे यह NDA प्रश्न प्रत्येक चरण पर लागू करता है और फिर दोनों लंबवत विस्थापनों को सदिशों की भाँति संयोजित करता है।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
कोई पिंड पूर्व की ओर 3 m और फिर उत्तर की ओर 4 m चलता है। आरंभिक बिंदु से उसका विस्थापन है
- (a)7 m
- (b)5 m
- (c)1 m
- (d)12 m
उत्तर(b) 5 m — sqrt(3^2 + 4^2) = 5, अर्थात् लंबवत परिणामी। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
विराम से आरंभ करके 2 m/s^2 के त्वरण से 5 s तक चलने पर किसी पिंड द्वारा तय दूरी है
- (a)10 m
- (b)25 m
- (c)50 m
- (d)5 m
उत्तर(b) 25 m — s = (1/2) x 2 x 5^2 = 25 m।