निम्नलिखित में से किसमें आँख (Eye Buds) के माध्यम से कायिक प्रवर्धन होता है ?
- (a)आलू
- (b)अदरक
- (c)प्याज
- (d)गन्ना
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — A, आलू। आलू एक भूमिगत स्तंभ-कंद है जिसकी सतह पर छोटे-छोटे गड्ढे होते हैं जिन्हें 'आँख' कहा जाता है — प्रत्येक आँख एक कक्षस्थ कलिका है। जब आँख वाले कंद के टुकड़े को बोया जाता है, तो वह कलिका अंकुरित होकर नया पौधा बन जाती है; इसलिए आँख कलिकाओं द्वारा कायिक प्रवर्धन का सर्वाधिक प्रचलित उदाहरण आलू ही है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (b)अदरक — अदरक एक प्रकंद (भूमिगत तना) है जो अपनी पर्व-संधियों पर स्थित कलिकाओं से प्रवर्धित होता है, किंतु इन्हें 'आँख' नहीं कहा जाता — 'आँख कलिका' शब्द विशेष रूप से आलू के लिए है, अदरक के लिए नहीं।
- (c)प्याज — प्याज एक शल्ककंद है — मांसल शल्क-पत्तियों वाला संघनित तना — और यह शल्ककंद (तथा उसके पुत्री शल्ककंदों) द्वारा प्रवर्धित होता है, आँख कलिकाओं द्वारा नहीं।
- (d)गन्ना — गन्ने का प्रवर्धन तने के टुकड़ों से होता है जिन्हें 'सेट' कहा जाता है और जिनमें पर्व-संधि की कलिकाएँ होती हैं। ये कलिकाएँ अंकुरित तो होती हैं, किंतु गन्ने का वर्णन 'सेट/पर्व-संधि कलिकाएँ' कहकर किया जाता है, जबकि 'आँख कलिका' आलू का मानक विवरण है — अतः अभीष्ट उत्तर आलू ही है।
अवधारणा
कायिक (अलैंगिक) प्रवर्धन में बीज के बिना ही किसी कायिक भाग — जड़, तना या पत्ती — से नया पौधा उगता है। आलू एक स्तंभ-कंद है: उसकी 'आँखें' कंद की सतह पर उथले गड्ढों में बैठी कक्षस्थ कलिकाएँ हैं, और इनमें से प्रत्येक पूरा पौधा बन सकती है, जिससे कंद स्वयं एक प्राकृतिक प्रवर्धन-इकाई बन जाता है।
'आँख कलिका' पद स्वयं आलू की ओर प्रबल संकेत करता है। प्रत्येक फसल जिस भाग से प्रवर्धित होती है, उसके आधार पर तर्क कीजिए: आलू = स्तंभ-कंद की आँखें; अदरक = प्रकंद; प्याज = शल्ककंद; गन्ना = पर्व-संधि कलिकाओं वाले तने के सेट। परंपरागत रूप से केवल आलू की कलिकाओं को ही 'आँख' कहा जाता है।
मुख्य तथ्य
- आलू एक स्तंभ-कंद है; इसकी 'आँखें' प्रवर्धन में प्रयुक्त कक्षस्थ कलिकाएँ हैं।
- अदरक प्रकंद (भूमिगत तना) द्वारा और प्याज शल्ककंद द्वारा प्रवर्धित होता है।
- गन्ने का प्रवर्धन पर्व-संधि कलिकाओं वाले तने के टुकड़ों ('सेट') से होता है।
- कायिक प्रवर्धन से जनक पौधे के आनुवंशिक रूप से समरूप क्लोन बनते हैं।

आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- अदरक या प्याज इसलिए चुन लेना कि वे भी भूमिगत हैं — उनकी कलिकाओं को 'आँख' नहीं कहा जाता।
- आलू (स्तंभ-कंद) को शकरकंद (एक जड़) से भ्रमित कर देना।
'कौन-सी फसल आँखों से प्रवर्धित होती है / कौन-सा रूपांतरित तना है' के रूप में पूछा जाता है — पादप-भाग (कंद/प्रकंद/शल्ककंद/सेट) को फसल से जोड़कर याद रखें।
संबंधित PYQ
निम्नलिखित में से कौन-सा एक रूपांतरित तना है ?
- (a) गाजर
- (b) शकरकंद
- (c) नारियल
- (d) आलू
उत्तर(d) आलू
वही संकल्पना — आलू एक स्तंभ-कंद है जिस पर 'आँखें' (कक्षस्थ कलिकाएँ) होती हैं, और ठीक इसी कारण वह आँख कलिकाओं से प्रवर्धित होता है। UPSC इसे 'कौन-सा रूपांतरित तना है' के रूप में पूछता है; उत्तर आलू है।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
आलू की वे 'आँखें' जिनसे नए पौधे उगते हैं, वास्तव में हैं
- (a)जड़ें
- (b)कक्षस्थ कलिकाएँ
- (c)बीज
- (d)पुष्प
उत्तर(b) कक्षस्थ कलिकाएँ — प्रत्येक आँख एक कलिका है जो अंकुरित होकर नया पौधा बन सकती है। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
अदरक का कायिक प्रवर्धन होता है उसके
- (a)शल्ककंद से
- (b)प्रकंद से
- (c)आँख कलिकाओं से
- (d)पत्ती से
उत्तर(b) प्रकंद से — अदरक एक भूमिगत तना (प्रकंद) है।