निम्नलिखित में से किस समिति में संसद के उच्च सदन के सदस्य नहीं होते हैं ? 1. लोक लेखा समिति; 2. प्राक्कलन समिति; 3. सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति; नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- (a)1 और 2
- (b)1 और 3
- (c)केवल 2
- (d)केवल 3
उत्तर
क्यों
सही — C, केवल 2. प्राक्कलन समिति में 30 सदस्य होते हैं, और सभी लोक सभा से लिए जाते हैं; राज्य सभा (उच्च सदन) का उसमें कोई प्रतिनिधित्व नहीं होता । इसके विपरीत लोक लेखा समिति और सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति — दोनों में 22-22 सदस्य होते हैं, जिनमें 7 राज्य सभा से आते हैं । अतः उच्च सदन के सदस्यों से रहित एकमात्र समिति प्राक्कलन समिति (2) है ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)1 और 2 — लोक लेखा समिति (1) में राज्य सभा के सदस्य होते हैं — उसके 22 में से 7 — इसलिए वह 'उच्च सदन रहित' उत्तर का भाग नहीं हो सकती ।
- (b)1 और 3 — लोक लेखा समिति (1) और सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति (3) — दोनों में राज्य सभा के सदस्य होते हैं, इसलिए इनमें से कोई भी उत्तर में नहीं आती ।
- (d)केवल 3 — सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति (3) में 22 सदस्य होते हैं, जिनमें 7 राज्य सभा से हैं । राज्य सभा के सदस्यों से रहित समिति प्राक्कलन समिति (2) है ।
अवधारणा
संसद की तीन वित्तीय समितियाँ हैं — लोक लेखा समिति, प्राक्कलन समिति और सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति । इनके सदस्य प्रतिवर्ष एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व से निर्वाचित होते हैं, और कोई मंत्री इनका सदस्य नहीं हो सकता । ये आकार में तथा राज्य सभा के प्रतिनिधित्व के होने-न-होने में भिन्न हैं ।
भेद करने वाला तथ्य प्राक्कलन समिति है: यह तीनों में सबसे बड़ी (30 सदस्य) है और पूर्णतः लोक सभा के सदस्यों से बनी है । लोक लेखा समिति और सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति में 22-22 सदस्य दोनों सदनों से लिए जाते हैं (15 लोक सभा + 7 राज्य सभा) । अतः उच्च सदन के सदस्यों से रहित समिति प्राक्कलन समिति है ।
मुख्य तथ्य
- प्राक्कलन समिति — 30 सदस्य, सभी लोक सभा से; यह सबसे बड़ी संसदीय समिति है ।
- लोक लेखा समिति — 22 सदस्य: 15 (लोक सभा) + 7 (राज्य सभा) ।
- सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति — 22 सदस्य: 15 (लोक सभा) + 7 (राज्य सभा) ।
- सदस्यों का कार्यकाल एक वर्ष का होता है, और कोई मंत्री इन वित्तीय समितियों में निर्वाचित नहीं हो सकता ।
केवल प्राक्कलन समिति में राज्य सभा (उच्च सदन) के सदस्य नहीं होते — विकल्प C, 'केवल 2' ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- यह मान लेना कि तीनों वित्तीय समितियाँ दोनों सदनों से सदस्य लेती हैं ।
- यह भूल जाना कि प्राक्कलन समिति सबसे बड़ी (30 सदस्य) है और केवल लोक सभा से बनी है ।
'किस समिति में राज्य सभा के सदस्य नहीं होते' के रूप में, अथवा वित्तीय समितियों के सटीक गठन पर पूछा जाता है ।
संबंधित PYQ
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. जहाँ राज्य सभा के सदस्य लोक लेखा तथा सरकारी उपक्रमों संबंधी समितियों से जुड़े रहते हैं, वहीं प्राक्कलन समिति के सदस्य पूर्णतः लोक सभा से लिए जाते हैं । 2. संसदीय कार्य मंत्रालय, संसदीय कार्य संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति के समग्र निदेशन में कार्य करता है । 3. संसदीय कार्य मंत्री, भारत सरकार द्वारा विभिन्न मंत्रालयों में गठित समितियों, परिषदों, बोर्डों और आयोगों में संसद सदस्यों को नामनिर्दिष्ट करते हैं । इनमें से कौन-से कथन सही हैं ?
- (a) 1 और 2
- (b) 2 और 3
- (c) 1 और 3
- (d) 1, 2 और 3
उत्तर(d) 1, 2 और 3
बिलकुल यही तथ्य — UPSC 2003 ने (कथन 1 में) पुष्ट किया कि लोक लेखा और सरकारी उपक्रमों संबंधी समितियों में राज्य सभा के सदस्य होते हैं, जबकि प्राक्कलन समिति पूर्णतः लोक सभा से बनी होती है, और ठीक इसीलिए यहाँ उत्तर 'केवल प्राक्कलन समिति (2)' है ।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
किस संसदीय समिति के सदस्य केवल लोक सभा से लिए जाते हैं ?
- (a)लोक लेखा समिति
- (b)प्राक्कलन समिति
- (c)सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति
- (d)कार्य मंत्रणा समिति
उत्तर(b) प्राक्कलन समिति — इसके सभी 30 सदस्य लोक सभा से होते हैं । - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
प्राक्कलन समिति में कितने सदस्य होते हैं ?
- (a)15
- (b)22
- (c)30
- (d)45
उत्तर(c) 30 — प्राक्कलन समिति सबसे बड़ी संसदीय समिति है ।