निम्नलिखित में से कौन-सी प्रक्रिया रासायनिक अपक्षय का भाग नहीं है ?
- (a)विलयन
- (b)जलयोजन
- (c)अपचयन
- (d)हिमद्रवण
उत्तर
क्यों
सही — D, हिमद्रवण. हिमद्रवण हिमन-द्रवण (तुषार) चक्र का आधा हिस्सा है, जो भौतिक/यांत्रिक अपक्षय की प्रक्रिया है: शैल की दरारों में जमता जल लगभग 9% फैलकर शैल को चीर देता है, और उसके रासायनिक संघटन में कोई परिवर्तन नहीं होता । इसके विपरीत विलयन, जलयोजन और अपचयन — तीनों शैल को रासायनिक रूप से बदलते हैं, इसलिए हिमद्रवण ही बेमेल है ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)विलयन — विलयन रासायनिक अपक्षय है — घुलनशील खनिज (सेंधा नमक, जिप्सम, और कार्बनिक अम्लयुक्त वर्षा-जल में चूना-पत्थर) जल में घुल जाते हैं और शैल से पदार्थ रासायनिक रूप से हट जाता है ।
- (b)जलयोजन — जलयोजन रासायनिक अपक्षय है — खनिज जल को अपनी संरचना में रासायनिक रूप से ग्रहण कर लेते हैं (जैसे ऐनहाइड्राइट → जिप्सम), जिससे वे फूलते हैं और शैल दुर्बल हो जाता है ।
- (c)अपचयन — अपचयन रासायनिक अपक्षय है — इलेक्ट्रॉनों की प्राप्ति / ऑक्सीजन का ह्रास, जो खनिजों को बदल देता है (ऑक्सीकरण का उल्टा), और जो जल-भराव वाली, ऑक्सीजन-न्यून भूमि में प्रारूपिक है ।
अवधारणा
अपक्षय शैल का यथास्थान विघटन है । रासायनिक अपक्षय विलयन, कार्बनीकरण, जलयोजन, जल-अपघटन तथा ऑक्सीकरण-अपचयन जैसी प्रक्रियाओं से शैल का खनिज-संघटन बदल देता है । भौतिक (यांत्रिक) अपक्षय शैल को बिना रासायनिक परिवर्तन के तोड़ता है — हिमन-द्रवण (तुषार क्रिया), अपशल्कन, तापीय प्रसार और लवण-क्रिस्टलन द्वारा ।
जाल यह है कि हिमद्रवण में जल शामिल है, इसलिए वह 'रासायनिक' प्रतीत होता है । किंतु जमना-और-पिघलना केवल यांत्रिक प्रतिबल डालता है; शैल का रसायन अपरिवर्तित रहता है । शेष तीनों विकल्प खनिजों को रासायनिक रूप से रूपांतरित करते हैं ।
मुख्य तथ्य
- रासायनिक अपक्षय: विलयन, कार्बनीकरण, जलयोजन, जल-अपघटन, ऑक्सीकरण और अपचयन ।
- भौतिक/यांत्रिक अपक्षय: हिमन-द्रवण (तुषार), अपशल्कन, तापीय प्रसार, लवण अपक्षय ।
- हिमन-द्रवण में जल जमने पर ~9% फैलता है और बार-बार के चक्रों में शैल को उखाड़ देता है ।
- रासायनिक अपक्षय गर्म, आर्द्र जलवायु में प्रधान रहता है; तुषार क्रिया ठंडी, उच्च-तुंगता वाली जलवायु में ।
केवल हिमद्रवण यांत्रिक है, रासायनिक नहीं — इसलिए उत्तर (d) हिमद्रवण है ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- यह सोचना कि 'हिमद्रवण में जल है, इसलिए वह रासायनिक होगा' — वह यांत्रिक है ।
- अपचयन (रासायनिक प्रक्रिया) को किसी भौतिक प्रक्रिया से गड्डमड्ड कर देना ।
'कौन-सा रासायनिक अपक्षय नहीं है' के रूप में, या किसी नामित प्रक्रिया को रासायनिक/भौतिक वर्ग से सुमेलित करते हुए ।
संबंधित PYQ
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : कथन-I : शैलों के अपक्षय का एक कारण वर्षा है । कथन-II : वर्षा-जल में कार्बन डाइऑक्साइड घुली हुई अवस्था में रहती है । कथन-III : वर्षा-जल में वायुमंडलीय ऑक्सीजन रहती है । उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है ?
- (a) कथन-II और कथन-III दोनों सही हैं और दोनों कथन-I की व्याख्या करते हैं
- (b) कथन-II और कथन-III दोनों सही हैं, किंतु उनमें से केवल एक ही कथन-I की व्याख्या करता है
- (c) कथन II और III में से केवल एक ही सही है और वही कथन-I की व्याख्या करता है
- (d) न तो कथन-II सही है और न ही कथन-III
उत्तर(a) कथन-II और कथन-III दोनों सही हैं और दोनों कथन-I की व्याख्या करते हैं
वही अवधारणा — रासायनिक अपक्षय । UPSC का उत्तर इस पर टिका है कि वर्षा-जल घुली हुई CO2 (कार्बनीकरण) और O2 (ऑक्सीकरण) लिए रहता है, जो रासायनिक अपक्षय के कारक हैं; यह NDA प्रश्न पूछता है कि सूचीबद्ध प्रक्रियाओं में कौन-सी रासायनिक अपक्षय नहीं है (हिमद्रवण) ।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सी भौतिक (यांत्रिक) अपक्षय की प्रक्रिया है ?
- (a)कार्बनीकरण
- (b)जल-अपघटन
- (c)तुषार क्रिया
- (d)ऑक्सीकरण
उत्तर(c) तुषार क्रिया — हिमन-द्रवण शैल को यांत्रिक रूप से, बिना रासायनिक परिवर्तन के तोड़ता है । - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कार्बनिक अम्लयुक्त वर्षा-जल द्वारा चूना-पत्थर का रासायनिक अपक्षय कहलाता है :
- (a)जलयोजन
- (b)कार्बनीकरण
- (c)अपशल्कन
- (d)अपचयन
उत्तर(b) कार्बनीकरण — कार्बनिक अम्ल चूना-पत्थर को घोल देता है, जो रासायनिक अपक्षय की प्रक्रिया है ।