राज्यों के भाषाई पुनर्गठन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. गांधीजी ने, 1948 में, भाषाई आधार पर प्रांतों के पुनर्गठन का तर्क दिया था; 2. संविधान सभा ने इसे भारत के संविधान में शामिल किए जाने की सिफारिश की; उपर्युक्त में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं ?
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)1 और 2 दोनों
- (d)न तो 1, न ही 2
उत्तर
क्यों
सही — D, न तो 1, न ही 2. कथन 1 दो कारणों से गलत है: गांधीजी की हत्या 30 जनवरी 1948 को हो गई थी, इसलिए वे '1948 में' भाषाई पुनर्गठन का तर्क नहीं दे सकते थे; और उस वर्ष जब सरकार ने इस प्रश्न की जाँच की तो उसके धर आयोग (भाषाई प्रांत आयोग) ने वस्तुतः भाषा को आधार मानने से इनकार कर दिया और प्रशासनिक सुविधा तथा राष्ट्रीय एकता को वरीयता दी । कथन 2 भी गलत है: संविधान सभा ने भाषाई पुनर्गठन को भारत के संविधान में लिखे जाने की कभी सिफारिश नहीं की — उसके अपने निकायों (1948 के धर आयोग और 1949 की जे.वी.पी. समिति) ने इसके विरुद्ध परामर्श दिया, और भाषाई आधार पर पुनर्गठन बहुत बाद में, राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के द्वारा हुआ । चूँकि दोनों में से कोई भी कथन नहीं टिकता, उत्तर न तो 1, न ही 2 है ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)केवल 1 — कथन 1 असत्य है । गांधीजी का निधन 30 जनवरी 1948 को हुआ, इसलिए वे '1948 में' यह तर्क नहीं दे सकते थे; और उस वर्ष जिस निकाय ने इस विषय की जाँच की — धर आयोग — उसने भाषाई आधार का समर्थन करने के बजाय उसे अस्वीकार कर दिया ।
- (b)केवल 2 — कथन 2 असत्य है । संविधान सभा ने भाषाई पुनर्गठन को संविधान में शामिल करने की सिफारिश नहीं की; धर आयोग (1948) और जे.वी.पी. समिति (1949) ने इसके विरुद्ध सलाह दी, और इसे केवल साधारण विधि (राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956) द्वारा लागू किया गया ।
- (c)1 और 2 दोनों — दोनों कथन असत्य हैं, इसलिए '1 और 2 दोनों' सही नहीं हो सकता ।
अवधारणा
स्वतंत्रता के बाद प्रांतों को भाषा की रेखाओं पर फिर से खींचने की माँग की जाँच तो हुई, पर आरंभ में उसका विरोध किया गया । सरकार ने धर आयोग (भाषाई प्रांत आयोग, 1948) नियुक्त किया, जिसने भाषा को एकमात्र आधार मानने से इनकार कर दिया, और फिर जे.वी.पी. समिति (1949) — जवाहरलाल नेहरू, वल्लभभाई पटेल और पट्टाभि सीतारमैया — ने भी एकता के हित में तत्काल भाषाई पुनर्गठन के विरुद्ध सलाह दी । निर्णायक मोड़ पोट्टी श्रीरामुलु की मृत्यु (1952) के बाद ही आया, जिससे आंध्र राज्य (1953), फज़ल अली राज्य पुनर्गठन आयोग (1953-55) और राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 का मार्ग खुला ।
यह प्रश्न दो प्रशंसनीय लगने वाले किंतु असत्य दावे रोपता है: कि गांधीजी ने स्वयं '1948 में' भाषाई पुनर्गठन का पक्ष लिया, और कि संविधान सभा इसे संविधान में चाहती थी । वस्तुतः 1948-49 का सरकारी दृष्टिकोण इसके ठीक उलट था — राष्ट्रीय एकता के हित में इसे टालना — और जब परिवर्तन आया तो वह क़ानून के ज़रिए आया, संविधान की रूपरेखा से नहीं । यह पहचान लेना कि आरंभिक दोनों समितियों ने इसके विरुद्ध सलाह दी थी, प्रश्न को 'न तो' पर ला देता है ।
मुख्य तथ्य
- गांधीजी की हत्या 30 जनवरी 1948 को हुई — वे '1948 में' भाषाई पुनर्गठन का तर्क नहीं दे सकते थे ।
- धर आयोग (भाषाई प्रांत आयोग, 1948) ने भाषा को आधार मानने से इनकार किया और प्रशासनिक सुविधा तथा एकता को वरीयता दी ।
- जे.वी.पी. समिति (1949) — नेहरू, पटेल, पट्टाभि सीतारमैया — ने भी तत्काल भाषाई पुनर्गठन के विरुद्ध सलाह दी ।
- भाषाई पुनर्गठन संविधान में शामिल नहीं किया गया; यह राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 (फज़ल अली आयोग के बाद) से आया ।
- पोट्टी श्रीरामुलु के आमरण अनशन के बाद बना आंध्र राज्य (1953) भाषाई आधार पर बनने वाला पहला राज्य था ।
दोनों कथन असत्य हैं; भाषाई पुनर्गठन का 1948-49 में विरोध हुआ और वह 1956 में ही अधिनियमित हुआ ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- भाषाई पुनर्गठन की माँग को गांधीजी से और वर्ष 1948 से जोड़ देना (उसी जनवरी में उनका निधन हो गया था) ।
- यह मान लेना कि भाषाई पुनर्गठन संविधान द्वारा अनिवार्य था, न कि 1956 के अधिनियम द्वारा ।
राज्यों के भाषाई पुनर्गठन की समितियों और समय-रेखा पर कथन-परीक्षण ।
संबंधित PYQ
निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा एक सही सुमेलित नहीं है ?
- (a) राज्य पुनर्गठन अधिनियम : आंध्र प्रदेश
- (b) यंडाबू की संधि : असम
- (c) बिलासपुर राज्य : हिमाचल प्रदेश
- (d) वर्ष 1966 : गुजरात एक राज्य बना
उत्तर(d) वर्ष 1966 : गुजरात एक राज्य बना — यही गलत सुमेलित युग्म है (गुजरात 1960 में बना था)
यह उसी विषय पर टिका है — राज्यों का पुनर्गठन, जिसमें राज्य पुनर्गठन अधिनियम को आंध्र प्रदेश (भाषाई पुनर्गठन का मील का पत्थर) के साथ एक सही सुमेलित युग्म के रूप में रखा गया है ।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
1948 में नियुक्त किस आयोग ने प्रांतों के भाषाई पुनर्गठन की जाँच की और भाषा को एकमात्र आधार मानने से इनकार कर दिया ?
- (a)फज़ल अली आयोग
- (b)धर आयोग
- (c)महाजन आयोग
- (d)सरकारिया आयोग
उत्तर(b) धर आयोग (भाषाई प्रांत आयोग, 1948) । - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भाषाई आधार पर गठित होने वाला भारत का पहला राज्य कौन-सा था ?
- (a)तमिलनाडु
- (b)केरल
- (c)आंध्र राज्य
- (d)कर्नाटक
उत्तर(c) आंध्र राज्य (1953), जो पोट्टी श्रीरामुलु के आमरण अनशन के बाद बनाया गया ।