टूथपेस्ट निम्नलिखित में से किस क्रियाविधि द्वारा दाँतों के क्षय को रोकता है ?
- (a)अतिरिक्त अम्लता को उदासीन करके
- (b)पायसीकरण के माध्यम से
- (c)फ्लुओराइड की क्रिया द्वारा
- (d)दाँतों की सतह के ऊपर कैल्सियम की परत बना कर
उत्तर
क्यों
सही — A और C (आधिकारिक कुंजी में दोनों विकल्प स्वीकृत किए गए, इसलिए यह एक ग्रेस प्रश्न था)। दाँतों का क्षय तब शुरू होता है जब मुँह के जीवाणुओं द्वारा उत्पन्न अम्ल इनैमल को घोलने लगते हैं।
टूथपेस्ट इसका मुकाबला दो प्रकार से करता है: इसमें मौजूद फ्लुओराइड (C) इनैमल से अभिक्रिया कर अम्ल-प्रतिरोधी फ्लुओरापैटाइट बनाता है और आरंभिक क्षति के पुनर्खनिजीकरण में सहायता करता है, जबकि इसका हल्का क्षारीय संघटन मुँह की अतिरिक्त अम्लता को उदासीन कर देता है (A)। चूँकि दोनों क्रियाविधियाँ वास्तविक हैं और विकल्प A तथा विकल्प C दोनों इनका वर्णन करते हैं, इसलिए UPSC ने दोनों के लिए अंक दिए।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (b)पायसीकरण के माध्यम से — पायसीकरण (अपमार्जक/झाग बनाने वाली क्रिया) केवल भोजन के कणों को हटाने और पेस्ट को फैलाने में सहायता करता है; यह क्षय का कारण बनने वाले अम्ल-आक्रमण को नहीं रोकता, इसलिए यह क्षय रोकने की विधि नहीं है।
- (d)दाँतों की सतह के ऊपर कैल्सियम की परत बना कर — टूथपेस्ट दाँतों पर कैल्सियम की कोई परत नहीं जमाता। फ्लुओराइड फ्लुओरापैटाइट बनाकर मौजूदा इनैमल को मज़बूत करता है; यह कोई नई कैल्सियम फिल्म नहीं बिछाता, इसलिए यह गलत है।
अवधारणा
दंत क्षय (दाँतों का सड़ना) एक अम्ल संबंधी समस्या है: दंत पट्टिका (plaque) के जीवाणु शर्कराओं को किण्वित कर अम्ल बनाते हैं, जो इनैमल के हाइड्रॉक्सीऐपेटाइट का विखनिजीकरण करते हैं। टूथपेस्ट दाँत की मुख्यतः फ्लुओराइड के माध्यम से रक्षा करता है, जो हाइड्रॉक्सीऐपेटाइट को अधिक कठोर, कम अम्ल-घुलनशील फ्लुओरापैटाइट में बदल देता है और पुनर्खनिजीकरण को बढ़ावा देता है; पेस्ट की हल्की क्षारीयता भी अम्ल को बफर करती है। इसके अपघर्षक (abrasives) और अपमार्जक सतह को साफ करते हैं परंतु क्षय-रोधी कारक नहीं हैं।
यह प्रश्न वास्तव में यह परखता है कि इनैमल को घुलने से क्या रोकता है। फ्लुओराइड की क्रिया (C) पाठ्यपुस्तकीय उत्तर है, परंतु अम्ल को उदासीन करना (A) भी एक वैध क्षय-रोधी क्रियाविधि है — यही कारण है कि आयोग ने दोनों को स्वीकार किया और अधिक भ्रामक विकर्षकों (पायसीकरण और तथाकथित कैल्सियम परत) को हटा दिया।
मुख्य तथ्य
- क्षय तब शुरू होता है जब पट्टिका के जीवाणु शर्करा को किण्वित कर अम्ल बनाते हैं, जो इनैमल का विखनिजीकरण करते हैं।
- फ्लुओराइड फ्लुओरापैटाइट बनाता है, जो प्राकृतिक हाइड्रॉक्सीऐपेटाइट से अधिक अम्ल-प्रतिरोधी है, और पुनर्खनिजीकरण में सहायता करता है।
- अधिकांश टूथपेस्ट हल्के क्षारीय होते हैं, जो मुँह की अतिरिक्त अम्लता को उदासीन करने में सहायता करते हैं।
- अपघर्षक और झागदार अपमार्जक दाँतों को साफ करते हैं परंतु अकेले क्षय को नहीं रोकते।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- टूथपेस्ट झाग बनाता है इसलिए 'पायसीकरण' चुन लेना — झाग सफाई करता है परंतु अम्ल-आक्रमण नहीं रोकता।
- यह मान लेना कि टूथपेस्ट दाँतों पर कैल्सियम की परत चढ़ाता है — फ्लुओराइड नई परत बिछाने के बजाय मौजूदा इनैमल को मज़बूत करता है।
यह किसी दैनिक-प्रयोग उत्पाद द्वारा क्षय रोकने पर लागू-रसायन शास्त्र के प्रश्न के रूप में गढ़ा जाता है, जिसमें दो क्रियाविधियाँ दोनों सही होती हैं।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
टूथपेस्ट में फ्लुओराइड इनैमल की रक्षा मुख्यतः किस प्रकार करता है ?
- (a)इनैमल को सफेद विरंजित (bleach) करके
- (b)हाइड्रॉक्सीऐपेटाइट को अम्ल-प्रतिरोधी फ्लुओरापैटाइट में बदलकर
- (c)मुँह के सभी जीवाणुओं को स्थायी रूप से मारकर
- (d)दाँतों पर प्लास्टिक की फिल्म चढ़ाकर
उत्तर(b) हाइड्रॉक्सीऐपेटाइट को अम्ल-प्रतिरोधी फ्लुओरापैटाइट में बदलकर। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
दाँतों का क्षय मूलतः किसके कारण होता है ?
- (a)पट्टिका जीवाणुओं द्वारा उत्पन्न अम्ल इनैमल का विखनिजीकरण करते हैं
- (b)अतिरिक्त लार
- (c)कठोर नल का जल
- (d)ठंडे पेय इनैमल को जमा देते हैं
उत्तर(a) पट्टिका जीवाणुओं द्वारा उत्पन्न अम्ल इनैमल का विखनिजीकरण करते हैं।