प्रधान कार्बन स्रोत के रूप में CO₂ का उपयोग करने वाले जीव (organism) क्या कहलाते हैं ?
- (a)स्वपोषी
- (b)परपोषी
- (c)परजीवी
- (d)अपघटक
उत्तर
क्यों
सही — A, स्वपोषी। स्वपोषी ('स्व-भोजी') जीव सरल अकार्बनिक अणुओं से अपना स्वयं का कार्बनिक भोजन बनाते हैं, तथा कार्बन के प्रमुख स्रोत के रूप में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का उपयोग करते हैं — हरे पौधे, शैवाल और सायनोबैक्टीरिया यह प्रकाश-संश्लेषण द्वारा करते हैं, जबकि कुछ जीवाणु रसायन-संश्लेषण द्वारा।
चूँकि ये CO₂ को कार्बनिक पदार्थ में स्थिरीकृत करते हैं, स्वपोषी प्रत्येक खाद्य शृंखला के आधार पर प्राथमिक उत्पादक होते हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (b)परपोषी — परपोषी ('अन्य-भोजी') CO₂ का स्थिरीकरण नहीं कर सकते; ये अन्य जीवों से तैयार कार्बनिक भोजन ग्रहण करके कार्बन प्राप्त करते हैं।
- (c)परजीवी — परजीवी एक प्रकार के परपोषी होते हैं जो पोषक तत्व किसी जीवित परपोषक (host) से प्राप्त करते हैं, न कि वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड से।
- (d)अपघटक — अपघटक मृत कार्बनिक पदार्थ को विघटित करके कार्बन प्राप्त करते हैं, अतः इनका कार्बन कार्बनिक अवशेषों से आता है, न कि CO₂ के स्थिरीकरण से।
अवधारणा
जीवों को इस आधार पर वर्गीकृत किया जाता है कि वे कार्बन और ऊर्जा किस प्रकार प्राप्त करते हैं। स्वपोषी अकार्बनिक कार्बन डाइऑक्साइड को कार्बनिक यौगिकों में स्थिरीकृत करते हैं, जबकि परपोषी स्वपोषियों द्वारा पहले से बनाए गए कार्बनिक कार्बन पर निर्भर रहते हैं।
संकेत-वाक्यांश 'CO₂ प्रधान कार्बन स्रोत के रूप में' सीधे स्वपोषी पोषण की ओर इंगित करता है।
यहाँ जाल यह है कि सभी चारों विकल्प पोषण से संबंधित शब्द हैं, परंतु केवल स्वपोषी ही CO₂ से अपना भोजन स्वयं बनाते हैं। परजीवी और अपघटक दोनों ही विशेष प्रकार के परपोषी हैं, इसलिए जैसे ही आप पहचानें कि कार्बन स्रोत अकार्बनिक CO₂ है, ये दोनों स्वतः बाहर हो जाते हैं।
मुख्य तथ्य
- स्वपोषी अकार्बनिक CO₂ को कार्बनिक यौगिकों में स्थिरीकृत करते हैं; प्रकाश-स्वपोषी प्रकाश ऊर्जा का उपयोग करते हैं जबकि रसायन-स्वपोषी रासायनिक ऊर्जा का।
- परपोषी स्वपोषियों द्वारा मूलतः बनाए गए कार्बनिक कार्बन पर निर्भर रहते हैं।
- हरे पौधे, शैवाल और सायनोबैक्टीरिया प्रमुख प्रकाश-स्वपोषी हैं।
- स्वपोषी उत्पादकों के रूप में प्रथम पोषी स्तर पर स्थित होते हैं।

आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- स्वपोषी को परपोषी समझ लेना।
- यह मान लेना कि सभी जीवाणु परपोषी होते हैं — कई रसायन-स्वपोषी या प्रकाश-स्वपोषी होते हैं।
एनडीए/यूपीएससी आपसे किसी पोषण विधि को उसकी परिभाषा से मिलाने या खाद्य शृंखला में उत्पादकों की पहचान करने को कहते हैं — 'CO₂ से भोजन बनाना' सदैव स्वपोषी का संकेत देता है।
संबंधित PYQ
निम्नलिखित प्रकार के जीवों पर विचार कीजिए : 1. कोपिपॉड (Copepods) 2. सायनोबैक्टीरिया 3. डायटम (Diatoms) 4. फोरामिनिफेरा (Foraminifera)। उपर्युक्त में से कौन-से महासागरों की खाद्य शृंखलाओं में प्राथमिक उत्पादक हैं?
- (a) 1 और 2
- (b) 2 और 3
- (c) 3 और 4
- (d) 1 और 4
उत्तर(b) 2 और 3 — सायनोबैक्टीरिया और डायटम प्रकाश-संश्लेषी स्वपोषी और प्राथमिक उत्पादक हैं, जबकि कोपिपॉड और फोरामिनिफेरा परपोषी प्राणि-प्लवक (zooplankton) हैं।
यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2021 ने स्वपोषी उत्पादकों के इसी विचार का परीक्षण किया — सायनोबैक्टीरिया और डायटम प्रकाश-संश्लेषण द्वारा कार्बन का स्थिरीकरण करते हैं (ये स्वपोषी हैं), जबकि प्राणि-प्लवक परपोषी होते हैं, जो इस बात को पुष्ट करता है कि उत्पादक वे स्वपोषी होते हैं जो CO₂ का स्थिरीकरण करते हैं।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अन्य जीवों को खाकर अपना भोजन प्राप्त करने वाले जीव क्या कहलाते हैं
- (a)स्वपोषी
- (b)परपोषी
- (c)उत्पादक
- (d)प्रकाश-स्वपोषी
उत्तर(b) परपोषी — ये CO₂ का स्थिरीकरण नहीं कर सकते और तैयार कार्बनिक भोजन पर निर्भर रहते हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
खाद्य शृंखला में निम्नलिखित में से कौन प्रथम पोषी स्तर पर स्थित होता है?
- (a)शाकाहारी
- (b)मांसाहारी
- (c)हरे पौधे
- (d)अपघटक
उत्तर(c) हरे पौधे — स्वपोषी उत्पादकों के रूप में ये खाद्य शृंखला का आधार बनाते हैं।