गोंड जनजाति में शब्द 'बारी' का सम्बन्ध है :
- (a)खेल से
- (b)खेती से
- (c)विवाह से
- (d)धार्मिक क्रिया से
सही उत्तर — (B) खेती से। मध्य भारत की गोंड पट्टी में 'बारी' (बाड़ी) घर से लगे उस छोटे-से घिरे टुकड़े को कहते हैं — रसोई-बाग़, जिसमें मुख्य फसल के साथ-साथ सब्ज़ियाँ, मक्का, मिर्च और तम्बाकू उगाई जाती हैं। इस प्रकार यह गोंड की कृषि व भू-उपयोग शब्दावली का शब्द है, जो खेती की एक इकाई को दर्शाता है, न कि कोई खेल, विवाह-रिवाज़ या समारोह।
- (a)खेल से — गोंड मनोरंजन व नृत्य की अपनी अलग शब्दावली है; 'बारी' किसी खेल या क्रीड़ा-स्पर्धा का नाम नहीं है।
- (c)विवाह से — गोंड विवाह-प्रथाओं के अपने अलग नाम हैं, और आधिकारिक कुंजी 'बारी' को इनमें नहीं रखती — यह कृषि शब्दावली से संबंधित है।
- (d)धार्मिक क्रिया से — गोंड अनुष्ठानिक जीवन कुल-देवताओं और उनके स्थानों पर केंद्रित है, जिनका अपना-अपना शब्द है। 'बारी' भूमि-व-फसल का शब्द है, अनुष्ठानिक नहीं।
MPPSC नियमित रूप से मध्य प्रदेश की जनजातियों की रोज़मर्रा शब्दावली परखता है — किसी टुकड़े, नृत्य, घर-सज्जा या विवाह-रूप का शब्द — और अपेक्षा करता है कि अभ्यर्थी उस शब्द को जनजातीय जीवन के सही क्षेत्र में रखे। गोंड भारत के सबसे बड़े जनजातीय समुदायों में से एक है, जो मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना और ओडिशा में फैला हुआ है, और उनकी अर्थव्यवस्था स्थायी मोटे-अनाज कृषि पर टिकी है, जिसे वनोपज संग्रहण का सहारा मिलता है। इसलिए गोंड गाँव में भूमि को परतों में वर्णित किया जाता है: मुख्य फ़सली खेत, और घर के पास का छोटा घिरा हुआ आँगन-खेत।
इस शब्द को निकाला नहीं जा सकता; इसे पहचानना या हटाना ही होगा। परीक्षा में काम आने वाली विधि है क्षेत्र-मिलान — पूछें कि शब्द की ध्वनि जनजातीय जीवन के किस क्षेत्र से मिलती है, फिर जो पहले से जानते हैं उसका उपयोग करें। मध्य प्रदेश में गोंड कृषि सतपुड़ा–मैकाल पट्टी में कोदो और कुटकी बाजरा, मक्का और दलहन पर केंद्रित है, घर के पास एक रसोई-खेत के साथ; कुंजी 'बारी' को इसी क्षेत्र में रखती है।
- गोंड भारत के सबसे बड़े जनजातीय समुदायों में से एक है और भील के बाद (जनगणना 2011) मध्य प्रदेश की दूसरी सबसे अधिक संख्या वाली जनजाति है
- गोंड जीविका स्थायी कृषि को तेंदू पत्ता, महुआ और साल बीज जैसे लघु वनोपज संग्रहण के साथ जोड़ती है
- कोदो और कुटकी बाजरा मध्य प्रदेश की सतपुड़ा–मैकाल पट्टी में गोंड और बैगा कृषकों की परंपरागत मुख्य फ़सलें हैं
- इसी पट्टी में स्थानांतरी कृषि का अपना स्थानीय नाम है — बेवर, जो मुख्यतः बैगा से जुड़ा है
- मध्य प्रदेश में गोंड संकेंद्रण मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और बैतूल में हैं

- किसी भी अपरिचित जनजातीय शब्द के लिए 'विवाह' या 'अनुष्ठान' का अनुमान लगाना — MPPSC के जनजातीय-शब्दावली प्रश्न कृषि, आवास, नृत्य व वेशभूषा तक भी फैलते हैं
- यह मान लेना कि गोंड मध्य प्रदेश की सबसे अधिक संख्या वाली जनजाति है; जनगणना 2011 के अनुसार भील राज्य में अधिक संख्या में हैं
- स्थानांतरी कृषि के स्थानीय नामों को मिला देना — मध्य भारत में बेवर, पूर्वोत्तर में झूम, पूर्वी दक्कन में पोडु
MPPSC लगभग हर वर्ष 'जनजाति Y में शब्द X किससे संबंधित है' या 'कौन-सी जनजाति X करती/प्रदर्शित करती है' पूछता है, जो राज्य जनजातीय पुस्तिकाओं से लिया गया है। UPSC व्यापक धरातल पर रहता है — जनजातीय भाषाएँ, जनजातीय कृषि-परिवर्तन और वन अधिकार।
हर वर्ष, एक पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण एक-माह लंबा अभियान/उत्सव मनाया जाता है जिसके दौरान कुछ समुदाय/जनजातियाँ फलदार वृक्षों के पौधे रोपती हैं। निम्नलिखित में से कौन-से ऐसे समुदाय/जनजातियाँ हैं?
- (a) भूटिया और लेप्चा
- (b) गोंड और कोरकू
- (c) इरुला और तोडा
- (d) सहरिया और अगरिया
उत्तर(b) गोंड और कोरकू
वही समुदाय, वही क्षेत्र — एक गोंड प्रथा वृक्षों व कृषि से जुड़ी हुई, यह परखते हुए कि यह किस जनजाति से संबंधित है।
उन्नीसवीं शताब्दी में भारत में जनजातीय विद्रोहों का सामान्य कारण निम्नलिखित में से कौन-सा था?
- (a) भूमि-राजस्व की एक नई प्रणाली का प्रवर्तन तथा जनजातीय उत्पादों पर कराधान
- (b) जनजातीय क्षेत्रों में विदेशी धार्मिक मिशनरियों का प्रभाव
- (c) जनजातीय क्षेत्रों में बिचौलियों के रूप में साहूकारों, व्यापारियों व राजस्व-किसानों की बड़ी संख्या का उदय
- (d) जनजातीय समुदायों की पुरानी कृषि-व्यवस्था का पूर्ण विघटन
उत्तर(d) जनजातीय समुदायों की पुरानी कृषि-व्यवस्था का पूर्ण विघटन
गोंड जैसी जनजातियों की उसी भूमि-व-कृषि दुनिया को बड़े पैमाने पर देखता है — और यह कि जब वह व्यवस्था टूटी तो क्या हुआ।
दीवार पर मिट्टी से बनाई गई 'नोहदोरा' अलंकरण किस जनजाति की विशेषता है?
- (a) भील
- (b) कोरकू
- (c) सहरिया
- (d) गोंड
उत्तर(d) गोंड
ठीक वही MPPSC युक्ति — एक अपरिचित गोंड शब्द को जनजातीय जीवन के सही क्षेत्र में रखा जाना है, यहाँ घर-सज्जा, वहाँ कृषि।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मध्य प्रदेश की बैगा जनजाति द्वारा परंपरागत रूप से की जाने वाली स्थानांतरी कृषि किस नाम से जानी जाती है?
- (a)झूम
- (b)बेवर
- (c)पोडु
- (d)कुमारी
उत्तर(b) बेवर — झूम पूर्वोत्तर से संबंधित है, पोडु पूर्वी दक्कन से और कुमारी पश्चिमी घाट से।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मध्य प्रदेश की सतपुड़ा–मैकाल पट्टी में जनजातीय कृषि की परंपरागत मुख्य फ़सल कौन-सी बाजरा-जोड़ी है?
- (a)कोदो और कुटकी
- (b)बाजरा और ज्वार
- (c)रागी और जौ
- (d)गेहूँ और चना
उत्तर(a) कोदो और कुटकी — गोंड और बैगा पट्टी की मानक छोटी बाजरा फ़सलें।