राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP) के तहत मिशन मोड परियोजनाओं का सार-संग्रह कहा जाता है :
- (a)ई-प्रमाण
- (b)डिजीलॉकर
- (c)सारांश
- (d)एम.ई.आई.टी.वाई
सही उत्तर — (c) सारांश। 'सारांश' वह संग्रह (compendium) है जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (DeitY, अब MeitY) द्वारा प्रकाशित किया गया, जो राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना के तहत प्रत्येक मिशन मोड परियोजना (MMP) का एक विहंगम दृश्य (bird's-eye view) देता है — परियोजना-दर-परियोजना, उसके उद्देश्य, नोडल मंत्रालय/विभाग व उसकी स्थिति सहित। यह NeGP के बारे में एक संदर्भ दस्तावेज़ है, कोई ऑनलाइन सेवा या एजेंसी नहीं।
- (a)ई-प्रमाण — e-प्रमाण सरकार की राष्ट्रीय ई-प्रमाणीकरण (e-authentication) सेवा है — एक ढाँचा जो नागरिकों को सत्यापित पहचान के साथ सरकारी ऑनलाइन सेवाओं में लॉग-इन करने देता है। यह एक सेवा मंच है, परियोजनाओं का संकलन नहीं।
- (b)डिजीलॉकर — डिजीलॉकर डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत क्लाउड-आधारित दस्तावेज़ बटुआ (document wallet) है, जिसका उपयोग प्रमाणपत्र (ड्राइविंग लाइसेंस, अंकसूची आदि) जारी करने, संग्रहीत करने व सत्यापित करने के लिए किया जाता है। यह भी एक नागरिक-केंद्रित सेवा है, कोई संग्रह नहीं।
- (d)एम.ई.आई.टी.वाई — MeitY इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय है — वह नोडल मंत्रालय जो ऐसे दस्तावेज़ प्रकाशित करता है। कोई मंत्रालय स्वयं 'परियोजनाओं का संग्रह' नहीं हो सकता।
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP), जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 18 मई 2006 को स्वीकृति दी, 'मिशन मोड परियोजनाओं' के माध्यम से ई-गवर्नेंस पहुँचाती है — स्पष्ट रूप से परिभाषित परियोजनाएँ, जिनमें से प्रत्येक का एक नोडल मंत्रालय, परिभाषित उद्देश्य व समय-सीमाएँ हैं। MMPs को केंद्रीय, राज्य व एकीकृत के रूप में समूहित किया गया है, और ये एक सामान्य कोर अवसंरचना (common core infrastructure) — राज्य वाइड एरिया नेटवर्क, राज्य डेटा केंद्र, सामान्य सेवा केंद्र व ई-गवर्नेंस सेवा वितरण गेटवे — पर चलती हैं। सारांश वह आधिकारिक संग्रह है जो इस पूरे पोर्टफोलियो को एक ही जगह प्रलेखित करता है।
चारों विकल्प जान-बूझकर चार अलग-अलग श्रेणियों से हैं — एक दस्तावेज़, एक प्रमाणीकरण सेवा, एक दस्तावेज़ बटुआ व एक मंत्रालय। एक बार डिजीलॉकर व MeitY पहचान लिए जाएँ, तो केवल e-प्रमाण व सारांश बचते हैं; e-प्रमाण एक प्रमाणीकरण सेवा है, इसलिए संग्रह सारांश ही होना चाहिए।
- NeGP को 18 मई 2006 को स्वीकृति मिली; इसकी वितरण इकाई मिशन मोड परियोजना (MMP) है
- यह 27 MMPs के साथ शुरू हुई — केंद्रीय, राज्य व एकीकृत के रूप में समूहित — बाद में 31 तक विस्तारित
- 'सारांश' (DeitY द्वारा प्रकाशित, 2011) वह संग्रह है जो MMPs का विहंगम दृश्य देता है
- NeGP के तहत सामान्य कोर अवसंरचना: SWAN, राज्य डेटा केंद्र, सामान्य सेवा केंद्र, सेवा वितरण गेटवे
- NeGP को 2015 में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत e-क्रांति (NeGP 2.0) के रूप में पुनर्गठित किया गया
केवल एक विकल्प दस्तावेज़ है; अन्य तीन दो सेवाएँ व एक मंत्रालय हैं।
- सारांश (एक दस्तावेज़) को मानो यह कोई ऑनलाइन पोर्टल या सेवा हो, ऐसा समझ लेना
- NeGP (2006) को डिजिटल इंडिया (2015) व उसके e-क्रांति घटक से गड्डमड्ड करना
- MeitY चुनना — कोई मंत्रालय किसी संग्रह का नाम नहीं हो सकता
MPPSC अपने ई-गवर्नेंस/कंप्यूटर खंड में सीधी पहचान पूछता है — 'X को Y कहा जाता है', 'Y का पूर्ण रूप' — UPSC कथन-आधारित प्रश्न पसंद करता है कि कोई मंच क्या करता है व वह किस कार्यक्रम से संबंधित है।
MCA-21 भारत सरकार द्वारा निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में उठाई गई एक प्रमुख पहल है ?
- (a) भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश
- (b) अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को आकर्षित करना
- (c) ई-गवर्नेंस
- (d) हवाई अड्डों का आधुनिकीकरण
उत्तर(c) ई-गवर्नेंस
MCA-21 स्वयं NeGP की केंद्रीय मिशन मोड परियोजनाओं में से एक है — वही परियोजना पोर्टफोलियो जिसे संग्रह 'सारांश' प्रलेखित करता है।
'डिजीलॉकर' के बारे में, जो कभी-कभी समाचारों में देखा जाता है, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ? 1. यह डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत सरकार द्वारा प्रस्तावित एक डिजिटल लॉकर प्रणाली है। 2. यह आपको अपने भौतिक स्थान की परवाह किए बिना अपने e-दस्तावेज़ों तक पहुँचने देता है। नीचे दिए गए कूट का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए:
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर(c) 1 और 2 दोनों
यहाँ प्रयुक्त डिस्ट्रैक्टर की पहचान को पिन करता है — डिजीलॉकर एक डिजिटल इंडिया दस्तावेज़-बटुआ सेवा है, NeGP परियोजनाओं का कोई संग्रह नहीं।
MPPSC_2022_PRE_PaperI_Q452022ई-गवर्नेंस (e-governance) के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा विवरण उपयुक्त है ?
- (a) नागरिकों को संलग्न करना, सक्षम बनाना और सशक्त बनाना
- (b) नागरिकों को निष्पक्ष व पक्षपातरहित निर्णय प्रदान करना
- (c) प्रौद्योगिकी-संचालित शासन प्रदान करना
- (d) ई-कॉमर्स भुगतानों में लोगों का विश्वास सुनिश्चित करना
उत्तर(c) प्रौद्योगिकी-संचालित शासन प्रदान करना
वही MPPSC ई-गवर्नेंस खंड — 2022 के प्रश्नपत्र ने ई-गवर्नेंस की अवधारणा को ही परखा; 2025 इससे एक स्तर आगे बढ़कर कार्यक्रम (NeGP) और उसके दस्तावेज़ीकरण पर जाता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP) को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किस वर्ष स्वीकृति दी ?
- (a)2002
- (b)2006
- (c)2010
- (d)2015
उत्तर(b) 2006 — 18 मई 2006 को स्वीकृत; बाद में इसे 2015 में डिजिटल इंडिया के तहत e-क्रांति के रूप में पुनर्गठित किया गया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना के तहत, मिशन मोड परियोजनाओं को किन तीन श्रेणियों में समूहित किया गया है ?
- (a)केंद्रीय, राज्य व एकीकृत
- (b)राष्ट्रीय, क्षेत्रीय व स्थानीय
- (c)शहरी, ग्रामीण व जनजातीय
- (d)प्राथमिक, द्वितीयक व तृतीयक
उत्तर(a) केंद्रीय, राज्य व एकीकृत — MMPs का मानक NeGP वर्गीकरण।