किस उपनिषद में याज्ञवल्क्य और गार्गी का प्रसिद्ध संवाद मिलता है ?
- (a)बृहदारण्यक उपनिषद
- (b)तैत्तिरीय उपनिषद
- (c)ऐतरेय उपनिषद
- (d)प्रश्नोपनिषद
सही उत्तर — (A) बृहदारण्यक उपनिषद। वह संवाद जिसमें गार्गी वाचक्नवी ऋषि याज्ञवल्क्य से दो बार प्रश्न-परीक्षा लेती हैं — अंततः यह पूछकर कि आकाश के ऊपर व पृथ्वी के नीचे सब कुछ किस पर 'ताना-बाना' बुना हुआ है, और याज्ञवल्क्य का उत्तर अक्षर (अविनाशी तत्त्व) — बृहदारण्यक उपनिषद के तीसरे अध्याय में आता है, जो विदेह के राजा जनक की सभा में स्थित है। इसी ग्रंथ में याज्ञवल्क्य का अपनी पत्नी मैत्रेयी के साथ संवाद भी है।
- (b)तैत्तिरीय उपनिषद — कृष्ण यजुर्वेद से संबंधित है और पंचकोश सिद्धांत तथा दीक्षांत उपदेश 'सत्यं वद, धर्मं चर' के लिए जाना जाता है — इसमें गार्गी का कोई संवाद नहीं है।
- (c)ऐतरेय उपनिषद — ऋग्वेद से जुड़ा है (ऐतरेय आरण्यक का भाग); महावाक्य 'प्रज्ञानं ब्रह्म' तथा सृष्टि के वर्णन के लिए प्रसिद्ध है — न कि याज्ञवल्क्य-गार्गी वाद-विवाद के लिए।
- (d)प्रश्नोपनिषद — अथर्ववेद से संबंधित है और छह शिष्यों द्वारा ऋषि पिप्पलाद से पूछे गए छह प्रश्नों के इर्द-गिर्द रचा गया है। यह प्रश्नोत्तर शैली का ग्रंथ है, जो इसे आकर्षक बनाता है — लेकिन प्रश्नकर्ता गार्गी नहीं हैं और उत्तरदाता याज्ञवल्क्य नहीं हैं।
उपनिषद वैदिक साहित्य की समापन, दार्शनिक परत हैं (इसीलिए 'वेदांत'), और प्रत्येक किसी विशेष वेद से जुड़ा है। बृहदारण्यक — शाब्दिक अर्थ 'महान वन-ग्रंथ' — शुक्ल यजुर्वेद के शतपथ ब्राह्मण का समापन भाग है और प्रमुख उपनिषदों में सबसे पुराने व सबसे लंबे उपनिषदों में से एक है। यह मुख्यतः संवाद रूप में है: याज्ञवल्क्य का गार्गी से, याज्ञवल्क्य का मैत्रेयी से, और राजा जनक के दरबार में आयोजित ब्रह्मोद्य — दार्शनिक प्रतियोगिता।
MPPSC और UPSC दोनों 'किस ग्रंथ में कौन-सा विचार या व्यक्ति है' की परीक्षा लेते हैं। तैयारी का कारगर तरीका है प्रत्येक उपनिषद के लिए एक संकेत-बिंदु रखना: बृहदारण्यक = याज्ञवल्क्य, गार्गी, मैत्रेयी, 'अहं ब्रह्मास्मि' और 'असतो मा सद्गमय'; छांदोग्य = 'तत् त्वम् असि' और उद्दालक-श्वेतकेतु संवाद; मुण्डक = 'सत्यमेव जयते'; कठ = नचिकेता और यम; प्रश्न = पिप्पलाद के छह प्रश्न।
- याज्ञवल्क्य-गार्गी संवाद बृहदारण्यक उपनिषद के तीसरे अध्याय में, विदेह के राजा जनक के दरबार में आता है।
- बृहदारण्यक शुक्ल यजुर्वेद से संबंधित है और शतपथ ब्राह्मण का अंतिम भाग है।
- इसकी प्रसिद्ध पंक्तियों में महावाक्य 'अहं ब्रह्मास्मि' और प्रार्थना 'असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय' शामिल हैं।
- गार्गी वाचक्नवी और मैत्रेयी उपनिषद काल की सबसे प्रसिद्ध महिला विचारक हैं।
- महावाक्य मानचित्र: प्रज्ञानं ब्रह्म (ऐतरेय, ऋग्वेद), अहं ब्रह्मास्मि (बृहदारण्यक, यजुर्वेद), तत् त्वम् असि (छांदोग्य, सामवेद), अयम् आत्मा ब्रह्म (माण्डूक्य, अथर्ववेद)।

- याज्ञवल्क्य-गार्गी संवाद (बृहदारण्यक) को उद्दालक-श्वेतकेतु संवाद (छांदोग्य) के साथ गड्डमड्ड कर देना
- बृहदारण्यक को ऋग्वेद से जोड़ना — यह शुक्ल यजुर्वेद से संबंधित है
- यह मान लेना कि प्रश्नोत्तर शैली का कोई भी उपनिषद अवश्य प्रश्नोपनिषद ही होगा
मानक प्रश्न 'X किस ग्रंथ में मिलता है' या 'उपनिषद को उसके वेद/महावाक्य से मिलाइए' के रूप में — UPSC ने 'सत्यमेव जयते' का स्रोत (मुण्डक) पूछा है और MPPSC ने पूछा है कि किस वेद में सभा व समिति को जुड़वाँ संस्थाएँ कहा गया है।
भारत के राष्ट्रीय चिह्न के नीचे अंकित भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य 'सत्यमेव जयते' कहाँ से लिया गया है?
- (a) कठ उपनिषद
- (b) छांदोग्य उपनिषद
- (c) ऐतरेय उपनिषद
- (d) मुण्डक उपनिषद
उत्तर(d) मुण्डक उपनिषद
बिल्कुल वही कौशल — किसी प्रसिद्ध उद्धरण को सही उपनिषद से जोड़ना, अन्य प्रमुख उपनिषदों को जाल के रूप में देना।
निम्नलिखित में से कौन एक ब्रह्मवादिनी थीं जिन्होंने वेदों के कुछ सूक्तों की रचना की?
- (a) लोपामुद्रा
- (b) गार्गी
- (c) लीलावती
- (d) सावित्री
उत्तर(a) लोपामुद्रा
समान समूह — वैदिक युग की विदुषी महिलाएँ; ध्यान दें कि UPSC ने जो अंतर परखा वह यह था कि गार्गी बृहदारण्यक उपनिषद में वाद-विवाद करती हैं जबकि लोपामुद्रा को ऋग्वेदिक सूक्तों की रचयिता माना जाता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उपनिषदों में कोई दृष्टांत-कथाएँ (parables) नहीं हैं। 2. उपनिषदों की रचना पुराणों से पहले हुई थी। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर(b) केवल 2
समान साहित्य निकाय — उपनिषदों की प्रकृति व काल; कथन 1 इसीलिए गलत है क्योंकि याज्ञवल्क्य-गार्गी और नचिकेता जैसे संवाद-दृष्टांत मौजूद हैं।
किस वेद में सभा और समिति को जुड़वाँ संस्थाएँ घोषित किया गया है?
- (a) ऋग्वेद
- (b) सामवेद
- (c) अथर्ववेद
- (d) यजुर्वेद
उत्तर(c) अथर्ववेद
एक वर्ष पहले वही MPPSC प्रारूप — किसी प्रसिद्ध विचार को सही वैदिक ग्रंथ में स्थापित करना, समूह के अन्य ग्रंथों को जाल के रूप में देना।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
महावाक्य 'अहं ब्रह्मास्मि' किस उपनिषद में आता है?
- (a)छांदोग्य उपनिषद
- (b)बृहदारण्यक उपनिषद
- (c)माण्डूक्य उपनिषद
- (d)कठ उपनिषद
उत्तर(b) बृहदारण्यक उपनिषद — शुक्ल यजुर्वेद का।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
वह संवाद जिसमें ऋषि पिप्पलाद छह शिष्यों द्वारा पूछे गए छह प्रश्नों के उत्तर देते हैं, किस उपनिषद का मूल है?
- (a)प्रश्नोपनिषद
- (b)केन उपनिषद
- (c)ईश उपनिषद
- (d)मुण्डक उपनिषद
उत्तर(a) प्रश्नोपनिषद — अथर्ववेद से संबंधित।