कांची का कैलासनाथ मंदिर किस शैली में बना है ?
- (a)राजसिम्हा शैली
- (b)मामल्ल शैली
- (c)महेन्द्र शैली
- (d)नंदीवर्मन शैली
सही उत्तर — (a) राजसिम्हा शैली। कांचीपुरम का कैलासनाथ मंदिर पल्लव राजा नरसिंहवर्मन द्वितीय द्वारा बनवाया गया था, जिसने 8वीं शताब्दी ईस्वी के आरम्भ में 'राजसिम्हा' की उपाधि धारण की थी। पल्लव स्थापत्य को परम्परागत रूप से शासकों के नाम पर चार चरणों में बाँटा जाता है, और तराशे हुए पत्थर से निर्मित स्वतंत्र संरचनात्मक मंदिरों के चरण को इसी राजा के नाम पर राजसिम्हा शैली कहा जाता है — कांची का कैलासनाथ मंदिर और महाबलीपुरम का शोर मंदिर (Shore Temple) इसी शैली के दो प्रमुख उदाहरण हैं।
- (b)मामल्ल शैली — मामल्ल चरण, नरसिंहवर्मन प्रथम 'मामल्ल' के काल में, महाबलीपुरम के एकाश्मक रथों (monolithic rathas) और अलंकृत मंडपों का निर्माण करता है — ये स्मारक ठोस चट्टान को तराशकर बनाए गए हैं, पत्थर के खण्डों से निर्मित नहीं, और कांची में स्थित भी नहीं हैं।
- (c)महेन्द्र शैली — महेन्द्र चरण सबसे प्राचीन पल्लव चरण है, महेन्द्रवर्मन प्रथम के काल का, और इसमें पहाड़ियों को खोदकर बनाई गई गुहा मंदिर (मंडप) सम्मिलित हैं। इसने कैलासनाथ-जैसा कोई संरचनात्मक मंदिर नहीं बनाया।
- (d)नंदीवर्मन शैली — नंदीवर्मन चरण राजसिम्हा के बाद, नंदीवर्मन द्वितीय पल्लवमल्ल के काल में आता है, और इसका प्रतिनिधित्व कांची के वैकुण्ठ पेरुमाल मंदिर जैसे छोटे संरचनात्मक मंदिर करते हैं — जो कैलासनाथ की तुलना में बाद के और साधारण हैं।
पल्लव मंदिर-निर्माण चार चरणों से होकर गुजरा: गुहा-कटित (महेन्द्र), एकाश्मक रथ (मामल्ल), संरचनात्मक पाषाण मंदिर (राजसिम्हा), और बाद के छोटे संरचनात्मक मंदिर (नंदीवर्मन)। चट्टान को तराशने से लेकर खनित व तराशे हुए पत्थर से निर्माण करने तक का यह परिवर्तन ही एकमात्र विभाजक रेखा है, और राजसिम्हा का कांची स्थित कैलासनाथ मंदिर निर्मित-चरण का मानक उदाहरण है। पल्लव संरचनात्मक मंदिर ने द्रविड़ शैली की शब्दावली गढ़ी — गर्भगृह के ऊपर पिरामिडाकार विमान, सामने स्तम्भयुक्त मंडप, और सहायक कक्षों से युक्त घेरने वाली प्राकार दीवार।
प्रश्न में दो नाम असली काम करते हैं। 'कैलासनाथ' एलोरा के कैलास मंदिर से भ्रम उत्पन्न करता है, जो राष्ट्रकूट कालीन है और एक ही चट्टान से तराशा गया है, जबकि 'कांची' पल्लव राजधानी है — इसलिए उत्तर अवश्य ही कोई पल्लव चरण होना चाहिए, और विशेष रूप से निर्मित-पाषाण वाला चरण। प्रत्येक चरण को एक स्मारक से जोड़ लें तो चारों विकल्प तुरन्त अलग हो जाते हैं।
- कैलासनाथ मंदिर, कांचीपुरम — 8वीं शताब्दी ईस्वी के आरम्भ में नरसिंहवर्मन द्वितीय 'राजसिम्हा' द्वारा निर्मित, यही कारण है कि यह चरण उसी के नाम पर है।
- चार पल्लव चरण: महेन्द्र (गुहा-कटित) → मामल्ल (महाबलीपुरम के एकाश्मक रथ) → राजसिम्हा (संरचनात्मक मंदिर) → नंदीवर्मन (बाद के संरचनात्मक मंदिर)।
- महाबलीपुरम का शोर मंदिर (Shore Temple) कांची के कैलासनाथ मंदिर के समान ही राजसिम्हा चरण का है।
- महेन्द्रवर्मन प्रथम का मण्डगपट्टु अभिलेख एक ऐसे मंदिर का उल्लेख करता है जो ईंट, लकड़ी, धातु या चूने के बिना बनाया गया — यह गुहा-कटित महेन्द्र चरण की पहचान है।
- चोल मंदिर-निर्माण, जिसमें तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर भी शामिल है, इसी पल्लव संरचनात्मक परम्परा से विकसित हुआ।
- 'कैलासनाथ' को एलोरा के कैलास मंदिर के रूप में पढ़ लेना — एलोरा का मंदिर राष्ट्रकूट कालीन है और पहाड़ी से तराशा गया एकाश्मक है; कांची का मंदिर पल्लव कालीन है और खण्डों से निर्मित है।
- मामल्ल और राजसिम्हा को बदल देना — मामल्ल का अर्थ है महाबलीपुरम के एकाश्मक रथ, राजसिम्हा का अर्थ है संरचनात्मक मंदिर।
- यह मान लेना कि कांचीपुरम का हर मंदिर पल्लव-कालीन है; इस नगर में चोल और विजयनगर काल के भी बड़े निर्माण हैं।
MPPSC इसे एक-पंक्ति के 'किस शैली/किस राजवंश ने X बनवाया' के रूप में पूछता है; UPSC किसी स्मारक को उसके राजवंश से मिलाना या स्मारकों को कालानुक्रम में व्यवस्थित करना अधिक पसन्द करता है। प्रत्येक पल्लव चरण के लिए एक स्मारक स्थिर कर लें तो दोनों प्रारूप हल हो जाते हैं।
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए : सूची I I. गुप्त II. चन्देल III. चालुक्य IV. पल्लव सूची II A) बादामी B) पनमलाई C) खजुराहो D) देवगढ़
- (a) I–D, II–C, III–A, IV–B
- (b) I–D, II–B, III–C, IV–A
- (c) I–B, II–C, III–D, IV–A
- (d) I–C, II–D, III–A, IV–B
उत्तर(a) गुप्त–देवगढ़, चन्देल–खजुराहो, चालुक्य–बादामी, पल्लव–पनमलाई
किसी राजवंश को उसके मंदिर-स्थल से जोड़ने का वही विचार — और युग्म में पल्लव स्थल, पनमलाई, स्वयं एक राजसिम्हा-चरण का संरचनात्मक मंदिर है।
अजंता और महाबलीपुरम नामक दो ऐतिहासिक स्थलों में क्या समानता है/हैं ? 1. दोनों एक ही काल में बनाए गए थे। 2. दोनों एक ही धार्मिक सम्प्रदाय से सम्बद्ध हैं। 3. दोनों में शैलकृत स्मारक हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- (a) 1 और 2 केवल
- (b) केवल 3
- (c) 1 और 3 केवल
- (d) उपर्युक्त में से कोई भी कथन सही नहीं है
उत्तर(b) केवल 3
महाबलीपुरम के पल्लव स्मारकों की परीक्षा — शैलकृत व एकाश्मक चरण, जो कांची के संरचनात्मक राजसिम्हा मंदिरों से ठीक पहले आते हैं।
गुहा मंदिरों में सर्वाधिक प्रसिद्ध कैलाश मंदिर कहाँ स्थित है ?
- (a) अजंता की गुफाओं में
- (b) एलोरा की गुफाओं में
- (c) एलिफेंटा की गुफाओं में
- (d) कान्हेरी की गुफाओं में
उत्तर(b) एलोरा की गुफाओं में
ठीक विपरीत दिशा में वही नाम-जाल — MPPSC का 'कैलाश मंदिर', गुहा मंदिरों में, एलोरा का राष्ट्रकूट एकाश्मक मंदिर है, कांची का पल्लव कैलासनाथ नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
महाबलीपुरम का शोर मंदिर (Shore Temple) किसके शासनकाल में बनवाया गया था ?
- (a)महेन्द्रवर्मन प्रथम
- (b)नरसिंहवर्मन प्रथम मामल्ल
- (c)नरसिंहवर्मन द्वितीय राजसिम्हा
- (d)नंदीवर्मन द्वितीय पल्लवमल्ल
उत्तर(c) नरसिंहवर्मन द्वितीय राजसिम्हा — शोर मंदिर कांची के कैलासनाथ मंदिर के समान ही संरचनात्मक चरण का है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
एलोरा का कैलास मंदिर कांची के कैलासनाथ मंदिर से इस मायने में भिन्न है कि एलोरा का मंदिर है :
- (a)तराशे हुए पत्थर के खण्डों से बना संरचनात्मक मंदिर
- (b)एक ही चट्टान-राशि को ऊपर से नीचे तराशकर बनाया गया एकाश्मक मंदिर
- (c)ईंट और लकड़ी से बना मंदिर
- (d)बिना किसी मूर्तिकला वाली चित्रित दीवारों की एक गुफा
उत्तर(b) एक ही चट्टान-राशि को ऊपर से नीचे तराशकर बनाया गया एकाश्मक मंदिर — राष्ट्रकूट शासक कृष्ण प्रथम के काल में उत्खनित।