निम्नलिखित में से भारत के कौन-से दो राज्यों से देश के कुल कोयला निक्षेप का 50 प्रतिशत से अधिक प्राप्त होता है ? i. झारखण्ड, ii. मध्यप्रदेश, iii. ओडिशा, iv. छत्तीसगढ़
- (a)(i) और (ii)
- (b)(i) और (iii)
- (c)(iii) और (iv)
- (d)(ii) और (iii)
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — (b) (i) और (iii): झारखण्ड तथा ओडिशा। भूवैज्ञानिक निक्षेपों की दृष्टि से ये भारत के दो सबसे बड़े कोयला-धारक राज्य हैं — झारखण्ड के कोयला क्षेत्र (झरिया, बोकारो, उत्तरी करनपुरा) देश के कोयला निक्षेप का सबसे बड़ा एकल हिस्सा रखते हैं, तथा ओडिशा के कोयला क्षेत्र (तालचेर, आई.बी. वैली) अगला सबसे बड़ा हिस्सा रखते हैं। झारखण्ड तथा ओडिशा मिलकर भारत के कुल कोयला निक्षेप का आधे से कुछ अधिक भाग रखते हैं — जो मध्यप्रदेश या छत्तीसगढ़ के साथ किसी भी अन्य दो-राज्य संयोजन से अधिक है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)(i) और (ii) — मध्यप्रदेश (सिंगरौली कोयला क्षेत्र) वास्तव में एक कोयला-निक्षेप राज्य है, परन्तु इसका हिस्सा ओडिशा से काफी पीछे है — इसे झारखण्ड के साथ जोड़ने पर झारखण्ड-ओडिशा के संयुक्त निक्षेप हिस्से तक नहीं पहुँचा जा सकता।
- (c)(iii) और (iv) — छत्तीसगढ़ (कोरबा कोयला क्षेत्र) में पर्याप्त कोयला निक्षेप हैं, परन्तु झारखण्ड से कम — यह जोड़ी झारखण्ड को छोड़ देती है, जो सबसे बड़ा एकल निक्षेप-धारक राज्य है, तथा वास्तविक शीर्ष जोड़ी को कमतर बताती है।
- (d)(ii) और (iii) — यह ओडिशा को, जो सही ढंग से शीर्ष दो में से एक है, झारखण्ड के बजाय मध्यप्रदेश के साथ जोड़ती है — झारखण्ड का निक्षेप हिस्सा मध्यप्रदेश से काफी अधिक है।
अवधारणा
भारत के कोयला निक्षेप छोटा नागपुर पठार पट्टी के गोंडवाना कोयला क्षेत्रों में केंद्रित हैं, जो झारखण्ड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल तथा मध्यप्रदेश में फैले हैं। भूवैज्ञानिक कोयला निक्षेप की दृष्टि से झारखण्ड तथा ओडिशा लगातार दो सबसे बड़े राज्य हैं, जो मिलकर देश के कुल निक्षेप का आधे से कुछ अधिक भाग रखते हैं।
MPPSC किसी छोटे कोयला-निक्षेप राज्य (मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़) को जोड़ी में अदल-बदल करना पसन्द करता है, यह परखने के लिए कि क्या आपको वास्तविक शीर्ष दो निक्षेप-धारक राज्य — झारखण्ड तथा ओडिशा — पता हैं, न कि केवल सामान्य रूप से 'कोयला राज्यों' को पहचानना। ध्यान दें कि यह प्रश्न विशेष रूप से निक्षेप के बारे में पूछता है, उत्पादन या निर्यात के बारे में नहीं, जो राज्यों को थोड़ा भिन्न क्रम में रख सकते हैं।
मुख्य तथ्य
- झारखण्ड भारत के कोयला निक्षेप का सबसे बड़ा एकल हिस्सा रखता है (प्रमुख क्षेत्र: झरिया, बोकारो, उत्तरी करनपुरा)।
- ओडिशा भारत के कोयला निक्षेप का दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा रखता है (प्रमुख क्षेत्र: तालचेर, आई.बी. वैली)।
- झारखण्ड तथा ओडिशा मिलकर भारत के कुल कोयला निक्षेप का आधे से कुछ अधिक भाग रखते हैं।
- मध्यप्रदेश (सिंगरौली) तथा छत्तीसगढ़ (कोरबा) महत्त्वपूर्ण कोयला-निक्षेप राज्य हैं, परन्तु झारखण्ड तथा ओडिशा से नीचे आते हैं।

आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- यह मान लेना कि छत्तीसगढ़ या मध्यप्रदेश कोयला निक्षेप में ओडिशा से आगे हैं — ओडिशा लगातार झारखण्ड के बाद दूसरा सबसे बड़ा निक्षेप-धारक राज्य है।
- निक्षेप-क्रम को उत्पादन या निर्यात-क्रम के साथ भ्रमित कर देना — यहाँ परखा गया तथ्य निक्षेप के अनुसार शीर्ष-2 (झारखण्ड, ओडिशा) है।
MPPSC/UPSC खनिज-निक्षेप राज्यों (कोयला, बॉक्साइट, लौह अयस्क) की सटीक शीर्ष-2/शीर्ष-3 रैंकिंग परखते हैं — केवल 'किन राज्यों में यह खनिज है' नहीं, बल्कि क्रमबद्ध सूची याद रखें।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कौन-सा भारतीय राज्य देश के कोयला निक्षेप का सबसे बड़ा एकल हिस्सा रखता है ?
- (a)ओडिशा
- (b)झारखण्ड
- (c)छत्तीसगढ़
- (d)पश्चिम बंगाल
उत्तर(b) झारखण्ड — इसके कोयला क्षेत्र (झरिया, बोकारो, उत्तरी करनपुरा) इसे सबसे बड़ा निक्षेप हिस्सा देते हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत के प्रमुख कोयला क्षेत्रों में से तालचेर तथा आई.बी. वैली किस राज्य में स्थित हैं ?
- (a)झारखण्ड
- (b)छत्तीसगढ़
- (c)ओडिशा
- (d)पश्चिम बंगाल
उत्तर(c) ओडिशा।