सागर के आंचलिक क्षेत्रों में दीपावली के अवसर पर कौन-सा लोकनृत्य प्रचलित है ?
- (a)मौनी नृत्य
- (b)मांडल्या नृत्य
- (c)फेफरिया नृत्य
- (d)डंडा नृत्य
सही उत्तर — (a) मौनी नृत्य (मोनिया भी कहा जाता है)। यह मध्य प्रदेश की बुंदेलखंड पेटी के अंतर्गत आने वाले सागर जिले के ग्रामीण, आंचलिक क्षेत्रों में अहीर (गोपालक) समुदाय के पुरुषों द्वारा दीपावली के आसपास किया जाता है। नर्तक लाठियाँ लिए ढोलक व नगड़िया की ताल पर सशक्त, युद्ध-शैली की संरचनाओं में चलते हैं, यह परंपरा कृष्ण द्वारा गोकुल के पशुधन की रक्षा से जुड़ी गोवर्धन-पूजा कथा से जुड़ी है।
- (b)मांडल्या नृत्य — मांडल्या महिलाओं का एक लोकनृत्य है जो जन्म और मृत्यु जैसे जीवन-चक्र अवसरों पर किया जाता है — यह सागर के आंचलिक क्षेत्रों में दीपावली से जुड़ा नृत्य नहीं है।
- (c)फेफरिया नृत्य — फेफरिया मध्य प्रदेश के निमाड़ी क्षेत्र (खंडवा–खरगौन–बड़वानी–बुरहानपुर) का लोकनृत्य है, जो होली व अक्षय तृतीया के आसपास किया जाता है — यह सागर में दीपावली से भिन्न क्षेत्र और भिन्न पर्व है।
- (d)डंडा नृत्य — डंडा भी एक दीपावली स्टिक-नृत्य है, परंतु यह छत्तीसगढ़ पेटी (बिलासपुर–रायपुर) के अहीर समुदाय का है, न कि सागर की बुंदेलखंड परंपरा का — एक निकट परंतु भौगोलिक रूप से भिन्न उत्तर।
मध्य प्रदेश के दीपावली-मौसमी लोकनृत्य प्रबल रूप से समुदाय- और क्षेत्र-विशिष्ट हैं: वही व्यापक 'दिवाली पर अहीर स्टिक-नृत्य' पैटर्न बुंदेलखंड (सागर, टीकमगढ़) में मौनी/मोनिया के रूप में और छत्तीसगढ़ पेटी में डंडा के रूप में दोहराया जाता है — MPPSC इसी अतिव्याप्ति (ओवरलैप) का लाभ उठाकर किसी भिन्न क्षेत्र के वास्तविक दिवाली नृत्य को विकर्षक के रूप में देता है।
जब कोई प्रश्न विशिष्ट पर्व (दीपावली) और विशिष्ट जिला (सागर) दोनों का नाम लेता है, तो दोनों को फ़िल्टर के रूप में लें — सही तरह का नृत्य लेकिन गलत क्षेत्र (डंडा) या गलत पर्व (फेफरिया, मांडल्या) वाले विकल्पों को हटाकर वह विकल्प चुनें जो दोनों मानदंडों पर मेल खाता हो।
- मौनी/मोनिया नृत्य — मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में सागर के आंचलिक क्षेत्रों में अहीर समुदाय द्वारा किया जाता है
- दीपावली के आसपास, लाठियों के साथ, ढोलक व नगड़िया की ताल पर किया जाता है
- कृष्ण और गोकुल के पशुधन की गोवर्धन-पूजा कथा से जुड़ा
- टीकमगढ़ (भी बुंदेलखंड) में एक मान्यता-प्राप्त मोनिया नृत्य महोत्सव आयोजित होता है
- मौनी नृत्य (सागर/बुंदेलखंड, दीपावली) को डंडा नृत्य (छत्तीसगढ़ पेटी, भी दीपावली) से गड्डमड्ड करना — एक ही अवसर, भिन्न क्षेत्र
- यह मान लेना कि मध्य प्रदेश के लिए उल्लिखित कोई भी दिवाली-मौसमी लोकनृत्य स्वतः 'मौनी' है
MPPSC किसी नामित लोकनृत्य को उसके समुदाय, उसके क्षेत्र, या उसके पर्व में से किसी एक के साथ जोड़ता है — तीन में से दो दिए जाने और तीसरे को परखे जाने की अपेक्षा करें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
डंडा लोकनृत्य, जो अहीर समुदाय द्वारा दीपावली के आसपास लाठियों के साथ किया जाता है, परंपरागत रूप से किस क्षेत्र से संबद्ध है ?
- (a)बुंदेलखंड (सागर)
- (b)छत्तीसगढ़ पेटी (बिलासपुर–रायपुर)
- (c)निमाड़ (खंडवा–बड़वानी)
- (d)मालवा (इंदौर–उज्जैन)
उत्तर(b) छत्तीसगढ़ पेटी (बिलासपुर–रायपुर) — डंडा सागर के मौनी नृत्य का छत्तीसगढ़ पेटी वाला समकक्ष है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मध्य प्रदेश के निमाड़ी क्षेत्र का फेफरिया लोकनृत्य परंपरागत रूप से किस अवसर पर किया जाता है ?
- (a)दीपावली
- (b)होली और अक्षय तृतीया
- (c)स्वतंत्रता दिवस
- (d)नवरात्रि
उत्तर(b) होली और अक्षय तृतीया — फेफरिया निमाड़ पेटी की होली-मौसमी लोक परंपराओं से संबंधित है, न कि दीपावली से।