_____ वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा रिसीवर संदेश के स्रोत के द्वारा प्रयोग किए गए संकेतों की व्याख्या करता है ।
- (a)सूचीकरण
- (b)विसंकेतन
- (c)संकेतीकरण
- (d)ध्यान से सुनना
सही उत्तर — (B) विसंकेतन (Decoding)। संचार के मानक मॉडल में (प्रेषक → संकेतीकरण करता है → माध्यम → संदेश → रिसीवर → विसंकेतन करता है), विसंकेतन वह चरण है जिसमें रिसीवर प्रेषक द्वारा चुने गए संकेतों, शब्दों या सिग्नलों की व्याख्या करता है और उन्हें पुनः अर्थ में परिवर्तित करता है।
- (a)सूचीकरण — संचार-प्रक्रिया मॉडल में यह कोई मान्यता प्राप्त शब्द नहीं है; रिसीवर द्वारा प्रेषक के संकेतों की व्याख्या करने में इसकी कोई भूमिका नहीं है।
- (c)संकेतीकरण — यह विपरीत चरण है — संकेतीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा प्रेषक किसी विचार को संकेतों/शब्दों में बदलकर संदेश बनाता है, न कि रिसीवर उसकी व्याख्या कैसे करता है।
- (d)ध्यान से सुनना — यह रिसीवर द्वारा किसी श्रव्य संदेश को भौतिक रूप से प्राप्त करने की क्रिया को दर्शाता है; यह एक माध्यम-विशिष्ट इनपुट गतिविधि है, न कि संकेतों को अर्थ में बदलने की सामान्य प्रक्रिया।
संचार प्रक्रिया इस प्रकार चलती है: प्रेषक एक विचार बनाता है → उसे संकेतों/शब्दों (संदेश) में संकेतीकृत करता है → उसे किसी माध्यम से भेजता है → रिसीवर अर्थ निकालने हेतु उन संकेतों का विसंकेतन करता है → फीडबैक वापस प्रेषक की ओर प्रवाहित होता है, तथा शोर (Noise) किसी भी चरण में संदेश को विकृत कर सकता है।
संकेतीकरण और विसंकेतन एक-दूसरे के दर्पण-प्रतिबिंब जैसे चरण हैं, इसलिए परीक्षाएँ अक्सर यह परखती हैं कि क्या विद्यार्थी बता सकता है कि प्रत्येक शब्द आदान-प्रदान के किस छोर से संबंधित है — विसंकेतन सदैव रिसीवर के पक्ष में होता है।
- संकेतीकरण: प्रेषक किसी विचार को संकेतों, शब्दों या सिग्नलों में बदलता है
- विसंकेतन: रिसीवर उन संकेतों की व्याख्या करता है और अर्थ निकालता है
- माध्यम (चैनल): वह माध्यम (मौखिक, लिखित, डिजिटल आदि) जिससे होकर संदेश यात्रा करता है
- फीडबैक: रिसीवर की वह प्रतिक्रिया जो प्रेषक को बताती है कि संदेश समझा गया या नहीं
- शोर (Noise): प्रसारण के दौरान संदेश को विकृत करने वाला कोई भी व्यवधान
- प्रेषक विचार बनाता है
- संकेतीकरण (संकेतों/शब्दों में)
- माध्यम संदेश ले जाता है
- रिसीवर विसंकेतन करता है
विसंकेतन रिसीवर का चरण है — इच्छित अर्थ पुनः प्राप्त करने हेतु प्रेषक के संकेतीकृत संकेतों की व्याख्या करना।
- संकेतीकरण और विसंकेतन को अदल-बदल देना — याद रखें कि विसंकेतन सदैव रिसीवर के पक्ष में होता है
- 'ध्यान से सुनना' को 'विसंकेतन' का पर्याय मान लेना
CSAT/MPPSC अभियोग्यता खंड नियमित रूप से संचार-प्रक्रिया के किसी शब्द (संकेतीकरण, विसंकेतन, फीडबैक, शोर, माध्यम) की एक-पंक्ति परिभाषा देकर विद्यार्थियों से उसका नाम पूछते हैं, या चरणों को सही क्रम में लगाने को कहते हैं।
संचार मॉडल में, विचारों को संदेश में ढालने की प्रक्रिया कहलाती है –
- (a) अनुनय
- (b) संकेतीकरण
- (c) विसंकेतन
- (d) हस्तक्षेप
उत्तर(b) संकेतीकरण — विचारों को प्रसारण-योग्य संदेश में बदलने की मानक परिभाषा; ध्यान दें कि स्टोर में इस स्टेट-पीसीएस प्रश्न के लिए कोई सत्यापित correct_answer उपलब्ध नहीं है, इसलिए यह एक स्टोर-पुष्ट कुंजी नहीं बल्कि सुस्थापित संचार-मॉडल तथ्य को दर्शाता है।
समान संचार-मॉडल जोड़ी (संकेतीकरण बनाम विसंकेतन), रिसीवर के बजाय प्रेषक के पक्ष से परखी गई।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
वह प्रक्रिया जिसके द्वारा प्रेषक प्रसारण हेतु किसी विचार को शब्दों, संकेतों या भाव-भंगिमाओं में बदलता है, कहलाती है:
- (a)विसंकेतन
- (b)संकेतीकरण
- (c)फीडबैक
- (d)शोर
उत्तर(b) संकेतीकरण — प्रेषक का वह चरण जिसमें विचार को प्रसारण-योग्य संदेश में बदला जाता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
संचार प्रक्रिया में, रिसीवर की वह प्रतिक्रिया जो प्रेषक को बताती है कि संदेश समझा गया या नहीं, कहलाती है:
- (a)शोर
- (b)माध्यम
- (c)फीडबैक
- (d)संकेतीकरण
उत्तर(c) फीडबैक — यह संचार चक्र को पूर्ण करता है।