निम्नलिखित में से कौन-सा भारत का विश्व स्तर पर स्वीकृत राष्ट्रीय ‘हॉटस्पाट’ नहीं है ?
- (a)हिमालय
- (b)नारो हिल्स
- (c)सुंडालैंड
- (d)पश्चिमी घाट
सही उत्तर — (b) नारो हिल्स। भारत का भू-भाग चार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता-प्राप्त जैव-विविधता हॉटस्पॉट (कंज़र्वेशन इंटरनेशनल द्वारा परिभाषित) के अंतर्गत आता है: हिमालय, इंडो-बर्मा, सुंडालैंड (जो निकोबार द्वीप समूह तक विस्तृत है), और पश्चिमी घाट–श्रीलंका। 'नारो हिल्स' इन चार नामित हॉटस्पॉट में से किसी से मेल नहीं खाता, जिससे यह विकल्पों में विषम (odd one out) बन जाता है।
- (a)हिमालय — भारत के लिए मान्यता-प्राप्त चार जैव-विविधता हॉटस्पॉट में से एक, जो अपनी असाधारण पादप स्थानिकता (endemism) और ऊँचाई-आधारित आवास विविधता के लिए मूल्यवान है।
- (c)सुंडालैंड — भारत को स्पर्श करने वाले चार मान्यता-प्राप्त हॉटस्पॉट में से एक — इसका भारतीय भाग निकोबार द्वीप समूह द्वारा प्रदर्शित होता है।
- (d)पश्चिमी घाट — पश्चिमी घाट (श्रीलंका के साथ युग्मित) चार मान्यता-प्राप्त हॉटस्पॉट में से एक है, जो अपने स्थानिक उभयचरों, सरीसृपों और पुष्पीय पौधों के लिए जाना जाता है।
'जैव-विविधता हॉटस्पॉट' (कंज़र्वेशन इंटरनेशनल की परिभाषा के अनुसार) वह क्षेत्र है जिसमें कम-से-कम 1,500 स्थानिक (endemic) संवहनी पादप प्रजातियाँ हों और जो अपने मूल आवास का 70% या अधिक पहले ही खो चुका हो। विश्व के लगभग तीन दर्जन हॉटस्पॉट में से चार भारतीय भू-भाग को स्पर्श करते हैं: हिमालय, इंडो-बर्मा, सुंडालैंड, और पश्चिमी घाट–श्रीलंका।
'कौन-सा हॉटस्पॉट नहीं है' जैसे प्रश्नों में आमतौर पर वास्तविक, सुपरिचित क्षेत्रों के साथ एक अपरिचित या गढ़ा हुआ-सा नाम रखा जाता है। सबसे तेज़ तरीका है भारत के चार निश्चित हॉटस्पॉट की सूची याद करना और देखना कि कौन-सा विकल्प उनमें से किसी से मेल नहीं खाता, बजाय इसके कि अपरिचित नाम को अकेले उसकी योग्यता पर परखा जाए।
- भारत के चार मान्यता-प्राप्त जैव-विविधता हॉटस्पॉट: हिमालय, इंडो-बर्मा, सुंडालैंड, पश्चिमी घाट–श्रीलंका
- हॉटस्पॉट के लिए कम-से-कम 1,500 स्थानिक पादप प्रजातियाँ और कम-से-कम 70% आवास हानि आवश्यक है
- सुंडालैंड का भारतीय भाग निकोबार द्वीप समूह है
- हॉटस्पॉट अवधारणा व वैश्विक सूची कंज़र्वेशन इंटरनेशनल से उत्पन्न होती है
भारत चार वैश्विक हॉटस्पॉट को स्पर्श करता है — हिमालय, इंडो-बर्मा, सुंडालैंड, पश्चिमी घाट–श्रीलंका; यहाँ चौथा नाम इनमें से एक नहीं है।
- 'जैव-विविधता हॉटस्पॉट' (एक वैश्विक वैज्ञानिक वर्गीकरण) को सामान्य रूप से किसी भी जैव-विविधता-समृद्ध भारतीय क्षेत्र से भ्रमित करना
- हिमालय को 'पूर्वी' और 'पश्चिमी' दो अलग-अलग हॉटस्पॉट में बाँट देना — इसे एक ही माना जाता है
लगभग हमेशा 'इनमें से कौन-सा मान्यता-प्राप्त हॉटस्पॉट है/नहीं है' या चार हॉटस्पॉट व एक डिकॉय क्षेत्र नाम देते हुए सूची-मिलान प्रश्न।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जैव-विविधता हॉटस्पॉट केवल उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में स्थित होते हैं। 2. भारत में चार जैव-विविधता हॉटस्पॉट हैं, अर्थात् पूर्वी हिमालय, पश्चिमी हिमालय, पश्चिमी घाट और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर(d) न तो 1 और न ही 2
यही मूल तथ्य — भारत के जैव-विविधता हॉटस्पॉट की वास्तविक सूची — परखता है, एक गलत सूची (पूर्वी/पश्चिमी हिमालय + अंडमान-निकोबार) को वास्तविक सूची (हिमालय, इंडो-बर्मा, सुंडालैंड, पश्चिमी घाट) के स्थान पर रखकर।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत का भू-भाग कितने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता-प्राप्त जैव-विविधता हॉटस्पॉट के अंतर्गत आता है?
- (a)2
- (b)3
- (c)4
- (d)5
उत्तर(c) 4 — हिमालय, इंडो-बर्मा, सुंडालैंड, और पश्चिमी घाट–श्रीलंका।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
'सुंडालैंड' जैव-विविधता हॉटस्पॉट का भारतीय भाग किसके द्वारा प्रदर्शित होता है?
- (a)अंडमान द्वीप समूह
- (b)निकोबार द्वीप समूह
- (c)लक्षद्वीप
- (d)पश्चिमी घाट
उत्तर(b) निकोबार द्वीप समूह — सुंडालैंड हॉटस्पॉट का भारतीय विस्तार।