राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अतिरिक्त, सदस्यों की कुल संख्या कितनी है ?
- (a)1 सदस्य
- (b)2 सदस्य
- (c)3 सदस्य
- (d)4 सदस्य
सही उत्तर — (c) 3 सदस्य। संविधान का अनुच्छेद 338A (संविधान (89वां संशोधन) अधिनियम, 2003 द्वारा जोड़ा गया, जिसने पूर्ववर्ती संयुक्त राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग को दो अलग-अलग निकायों में विभाजित किया) यह प्रावधान करता है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और तीन अन्य सदस्य होते हैं, जिन सभी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा अपने हस्ताक्षर व मुहर से वारंट के द्वारा की जाती है। अतः अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को छोड़कर ठीक 3 अन्य सदस्य शेष रहते हैं — कुल मिलाकर 5।
- (a)1 सदस्य — संख्या को कम करके बताता है — अनुच्छेद 338A(2) अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अतिरिक्त 3 अन्य सदस्य निर्धारित करता है।
- (b)2 सदस्य — संख्या को कम करके बताता है — अनुच्छेद 338A(2) द्वारा निर्धारित सही आंकड़ा 3 अन्य सदस्य है।
- (d)4 सदस्य — संख्या को बढ़ाकर बताता है — अनुच्छेद 338A(2) ठीक 3 अन्य सदस्य निर्धारित करता है (अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित कुल 5)।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) अनुच्छेद 338A के अंतर्गत एक संवैधानिक निकाय है, जिसका गठन 2003 में हुआ जब संविधान (89वां संशोधन) अधिनियम ने पूर्ववर्ती संयुक्त राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग को दो अलग-अलग आयोगों — राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (अनुच्छेद 338) और NCST (अनुच्छेद 338A) — में विभाजित कर दिया। दोनों की संरचना समान है: एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और तीन अन्य सदस्य, जिन सभी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
परीक्षा में जाल प्रश्न के वाक्य-विन्यास में है: 'कुल सदस्य' का सामान्यतः अर्थ 5 होता है (अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित), जबकि 'अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अतिरिक्त सदस्य' का अर्थ 3 होता है — प्रश्न को ध्यान से पढ़ें। साथ ही NCST के अनुच्छेद 338A को NCSC के अनुच्छेद 338 या बाद में बने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (अनुच्छेद 338B, 102वां संशोधन, 2018) के साथ भ्रमित करने से बचें।
- NCST का गठन संविधान (89वां संशोधन) अधिनियम, 2003 द्वारा जोड़े गए अनुच्छेद 338A के अंतर्गत किया गया।
- संरचना: 1 अध्यक्ष + 1 उपाध्यक्ष + 3 अन्य सदस्य = कुल 5।
- सभी सदस्यों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा अपने हस्ताक्षर व मुहर से वारंट के द्वारा की जाती है।
- राष्ट्रपति आयोग की वार्षिक व विशेष रिपोर्टों को संसद के समक्ष प्रस्तुत करवाते हैं।
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को छोड़कर, NCST में 3 अन्य सदस्य होते हैं (अनुच्छेद 338A(2))।
- 'कुल सदस्य' (5) को 'अध्यक्ष/उपाध्यक्ष के अतिरिक्त सदस्य' (3) से भ्रमित करना — प्रश्न को ध्यान से पढ़ें
- NCST (अनुच्छेद 338A) को NCSC (अनुच्छेद 338) या NCBC (अनुच्छेद 338B) से मिला देना
MPPSC/UPSC प्रायः अनुच्छेद 338-परिवार के इन आयोगों की सटीक संरचना संख्या और उसे बनाने वाले संशोधन का परीक्षण करते हैं — 'कितने सदस्य' प्रश्न अध्यक्ष/उपाध्यक्ष सहित या रहित दोनों तरह से पूछे जा सकते हैं।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) का गठन भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत किया गया था?
- (a)अनुच्छेद 338
- (b)अनुच्छेद 338A
- (c)अनुच्छेद 338B
- (d)अनुच्छेद 339
उत्तर(b) अनुच्छेद 338A — संविधान (89वां संशोधन) अधिनियम, 2003 द्वारा जोड़ा गया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
89वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 ने मुख्यतः निम्नलिखित में से क्या किया?
- (a)राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया
- (b)संयुक्त राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग को दो अलग-अलग आयोगों में विभाजित किया
- (c)स्थानीय निकायों में अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटें आरक्षित कीं
- (d)अनुसूचित क्षेत्र आयुक्त के पद को समाप्त कर दिया
उत्तर(b) इसने पूर्ववर्ती संयुक्त राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग को दो अलग-अलग निकायों — NCSC (अनुच्छेद 338) और NCST (अनुच्छेद 338A) — में विभाजित कर दिया।