भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अन्तर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का गठन किया गया है ?
- (a)अनुच्छेद 332
- (b)अनुच्छेद 338
- (c)अनुच्छेद 342
- (d)अनुच्छेद 328
सही उत्तर — (b) अनुच्छेद 338। संविधान का अनुच्छेद 338 (भाग XVI) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) का प्रावधान करता है, जो अनुसूचित जातियों के हितों की सुरक्षा करता है — शिकायतों की जाँच, संवैधानिक व विधिक सुरक्षोपायों की निगरानी, तथा राष्ट्रपति को रिपोर्ट प्रस्तुत करना।
- (a)अनुच्छेद 332 — अनुच्छेद 332 राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों व अनुसूचित जनजातियों हेतु स्थानों के आरक्षण से संबंधित है — यह एक प्रतिनिधित्व-संबंधी प्रावधान है, स्वयं आयोग नहीं।
- (c)अनुच्छेद 342 — अनुच्छेद 342 राष्ट्रपति को सार्वजनिक अधिसूचना द्वारा किसी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की अनुसूचित जनजातियों को विनिर्दिष्ट करने की शक्ति देता है — यह ST हेतु एक सूचीकरण प्रावधान है, SC आयोग नहीं।
- (d)अनुच्छेद 328 — अनुच्छेद 328 किसी राज्य विधानमंडल की अपने स्वयं के चुनावों हेतु प्रावधान बनाने की शक्ति से संबंधित है — एक असंबंधित निर्वाचन-विधि प्रावधान।
अनुच्छेद 338 संविधान के भाग XVI (कुछ वर्गों के लिए विशेष प्रावधान) में स्थित है। इसने मूलतः 1990 में (65वें संशोधन द्वारा) SC व ST हेतु एक संयुक्त राष्ट्रीय आयोग बनाया था; 89वें संशोधन (2003) ने इसे दो अलग निकायों में विभाजित कर दिया — अनुच्छेद 338 के अंतर्गत NCSC, और नवसृजित अनुच्छेद 338-क के अंतर्गत NCST।
MPPSC/UPSC अनुच्छेद-आयोग-संशोधन शृंखला की सीधे परीक्षा लेते हैं। जाल यह है कि किसी निकट-संख्या परंतु असंबंधित अनुच्छेद (332 का आरक्षित-स्थान प्रावधान, 342 की ST-अधिसूचना शक्ति, या 328 की राज्य-निर्वाचन-विधि शक्ति) को आयोग से जोड़ दिया जाए।
- अनुच्छेद 338 → राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग
- अनुच्छेद 338-क → राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (89वें संशोधन, 2003 द्वारा जोड़ा गया)
- अनुच्छेद 338-ख → राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (102वें संशोधन, 2018 द्वारा जोड़ा गया)
- अनुच्छेद 341/342 अलग हैं — ये राष्ट्रपति को अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति सूचियाँ अधिसूचित करने का अधिकार देते हैं, आयोगों का गठन नहीं करते
केवल अनुच्छेद 338 स्वयं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का गठन करता है; निकट-संख्या वाले अनुच्छेद पूर्णतः भिन्न विषयों को कवर करते हैं।
- यह मान लेना कि अनुच्छेद 338 अब भी ST को कवर करता है — इसे 2003 में अलग कर दिया गया था
- आयोग-गठक अनुच्छेदों (338/338-क/338-ख) को सूची-अधिसूचना अनुच्छेदों (341/342) अथवा स्थान-आरक्षण अनुच्छेद (332) से भ्रमित करना
MPPSC/UPSC प्रायः इसे दोनों रूपों में पूछते हैं — 'अनुच्छेद 338 किस आयोग से संबंधित है' और 'NCSC किस अनुच्छेद के अंतर्गत गठित है' — साथ ही 332/338/341/342 के मध्य सुमेलन भी।
भारत के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति का यह कर्तव्य है कि वह निम्नलिखित में से किसे संसद के समक्ष प्रस्तुत करवाए? 1. संघीय वित्त आयोग की सिफारिशें 2. लोक लेखा समिति की रिपोर्ट 3. भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की रिपोर्ट 4. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की रिपोर्ट
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2 और 4
- (c) केवल 1, 3 और 4
- (d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर(c) केवल 1, 3 और 4।
वही NCSC/अनुच्छेद 338 संस्था की परीक्षा लेता है — विशेष रूप से अनुच्छेद 338(6) की यह अपेक्षा कि इसकी रिपोर्ट राष्ट्रपति के माध्यम से संसद में प्रस्तुत हो।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 338 किससे संबंधित है?
- (a) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग
- (b) राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
- (c) राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग
- (d) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
उत्तर(a) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग।
MPPSC के अपने 2021 पेपर-I ने इसी तथ्य का उल्टा प्रारूप पूछा — अनुच्छेद 338 किससे संबंधित है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) का गठन, 89वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा जोड़े गए किस अनुच्छेद के अंतर्गत किया गया?
- (a)अनुच्छेद 338
- (b)अनुच्छेद 338-क
- (c)अनुच्छेद 338-ख
- (d)अनुच्छेद 342
उत्तर(b) अनुच्छेद 338-क।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
संविधान का कौन-सा अनुच्छेद राष्ट्रपति को किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की अनुसूचित जातियों को सार्वजनिक अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करने का अधिकार देता है?
- (a)अनुच्छेद 338
- (b)अनुच्छेद 341
- (c)अनुच्छेद 342
- (d)अनुच्छेद 332
उत्तर(b) अनुच्छेद 341 — SC-अधिसूचना शक्ति; अनुच्छेद 342 अनुसूचित जनजातियों हेतु समानांतर प्रावधान है।