धर्म राजेश्वर स्मारक निम्नलिखित में से किस प्राचीन नगर से संबंधित है ?
- (a)दशपुर
- (b)बेसनगर
- (c)माहिष्मती
- (d)अवन्ति
सही उत्तर — (A) दशपुर। धर्मराजेश्वर शैलकृत गुफा-मंदिर (गरोठ तहसील, मंदसौर ज़िला) दशपुर (दशापुर) से संबद्ध है — यह वर्तमान मंदसौर का प्राचीन नाम है, जो औलिकर-कालीन सोंधनी स्तंभ अभिलेखों तथा 5वीं सदी के रेशम-बुनकर संघ अभिलेख के लिए भी जाना जाता है।
- (b)बेसनगर — यह विदिशा के निकट का एक प्राचीन नगर है, जो हेलियोडोरस स्तंभ के लिए प्रसिद्ध है — एक भिन्न प्राचीन नगर, जिसका धर्मराजेश्वर मंदिर से कोई संबंध नहीं है।
- (c)माहिष्मती — यह नर्मदा तट पर स्थित एक प्राचीन नगर है, जिसे प्रायः वर्तमान महेश्वर से पहचाना जाता है — एक भिन्न प्राचीन केंद्र, इस स्मारक से असंबद्ध।
- (d)अवन्ति — यह वह महाजनपद है जिसकी राजधानी उज्जैनी (उज्जैन) थी — एक भिन्न प्राचीन राज्य, दशापुर/मंदसौर नहीं।
धर्मराजेश्वर मध्य प्रदेश के मंदसौर ज़िले की गरोठ तहसील में स्थित एक शैलकृत गुफा-मंदिर है, जिसे एक ही चट्टान से तराशा गया है और जो स्थापत्य की दृष्टि से एलोरा के कैलासनाथ मंदिर से तुलनीय है। यह प्राचीन नगर दशापुर (दशपुर) से संबद्ध है, जो मंदसौर का पुराना नाम है।
परीक्षा बार-बार प्राचीन-नाम-से-आधुनिक-नगर के संबंध (दशापुर = मंदसौर) की परीक्षा लेती है, जो इसी नगर से जुड़े दो अन्य MPPSC-पसंदीदा तथ्यों — औलिकर शासक यशोधर्मन के सोंधनी स्तंभ अभिलेख तथा 5वीं सदी के मंदसौर रेशम-बुनकर संघ अभिलेख — को भी सुदृढ़ करता है।
- दशापुर वर्तमान मंदसौर, मध्य प्रदेश का प्राचीन नाम है।
- धर्मराजेश्वर गुफा-मंदिर, जो शिव को समर्पित है, शैलकृत है और स्थापत्य की दृष्टि से एलोरा के कैलासनाथ मंदिर से मिलता-जुलता है।
- मंदसौर/दशापुर औलिकर शासक यशोधर्मन (छठी सदी) के सोंधनी स्तंभ अभिलेखों के लिए भी जाना जाता है, जिनकी रचना दरबारी कवि वसुल ने की थी।
- मंदसौर का एक 5वीं सदी का अभिलेख प्रवासी रेशम-बुनकरों के एक संघ द्वारा बनवाए गए सूर्य मंदिर का उल्लेख करता है, जो गुप्त सम्राट कुमारगुप्त तथा स्थानीय शासक बंधुवर्मन के शासनकाल में बना।
- दशापुर (मंदसौर) को अवन्ति (उज्जैन) से भ्रमित करना — दोनों प्राचीन मालवा-क्षेत्र के नगर हैं परंतु भिन्न हैं
- यशोधर्मन के छठी सदी के सोंधनी अभिलेख को पूर्ववर्ती 5वीं सदी के कुमारगुप्त–बंधुवर्मन रेशम-बुनकर अभिलेख से भ्रमित करना — भिन्न शताब्दियाँ, भिन्न कवि
MPPSC बार-बार मंदसौर की प्राचीन पहचान (दशापुर) तथा उससे जुड़े अभिलेखों/स्मारकों की परीक्षा लेता है — प्राचीन-नाम-से-आधुनिक-नगर तथा अभिलेख-से-राजवंश के युग्मों को दृढ़ता से याद रखें।
कुमारगुप्त एवं बंधुवर्मन के दशपुर अभिलेख के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है ?
- (a) इस अभिलेख में रेशम-बुनकरों के एक समूह द्वारा सूर्य मंदिर के निर्माण का उल्लेख है।
- (b) यह भारत में विज्ञापन-परंपरा का सबसे प्राचीन उदाहरण है।
- (c) इस अभिलेख में दशपुर को पश्चिमपुर भी कहा गया है।
- (d) इस अभिलेख की रचना भवभूति ने की थी।
उत्तर(d) 'इस अभिलेख की रचना भवभूति ने की थी' असत्य है — यह अभिलेख वास्तव में कवि वत्सभट्टि द्वारा रचा गया था, 8वीं सदी के नाटककार भवभूति द्वारा नहीं।
वही प्राचीन नगर, दशापुर/दशपुर (मंदसौर) — यहाँ इसके 5वीं सदी के रेशम-बुनकर संघ अभिलेख के माध्यम से परखा गया।
यशोधर्मन के सोंधनी अभिलेख के रचयिता कौन हैं ?
- (a) कवि मदन
- (b) वसुल कवि
- (c) कक्क
- (d) रविकीर्ति
उत्तर(b) वसुल कवि — दरबारी कवि (कक्क का पुत्र), जिसने मंदसौर में यशोधर्मन के सोंधनी स्तंभ अभिलेख की रचना की।
वही प्राचीन नगर, दशापुर/मंदसौर — यहाँ सोंधनी स्तंभ अभिलेख (यशोधर्मन) के माध्यम से परखा गया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
दशापुर, मंदसौर का प्राचीन नाम, किस औलिकर शासक के स्तंभ अभिलेखों से प्रमुखता से जुड़ा है, जिसने हूण शासक मिहिरकुल पर विजय का दावा किया था ?
- (a)यशोधर्मन
- (b)कुमारगुप्त
- (c)बंधुवर्मन
- (d)प्रकाशधर्मा
उत्तर(A) यशोधर्मन — जिसके मंदसौर के सोंधनी स्तंभ अभिलेख मिहिरकुल की दावा की गई पराजय को दर्ज करते हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मंदसौर ज़िले का धर्मराजेश्वर गुफा-मंदिर स्थापत्य की दृष्टि से एलोरा के किस शैलकृत मंदिर से तुलना किया जाता है ?
- (a)कैलासनाथ मंदिर
- (b)इंद्र सभा
- (c)दशावतार गुफा
- (d)विश्वकर्मा गुफा
उत्तर(A) कैलासनाथ मंदिर — एलोरा का वह एकाश्म मंदिर जिससे धर्मराजेश्वर की सबसे अधिक तुलना की जाती है।