निम्नांकित में से कौन मध्यप्रदेश विधानसभा के सामयिक अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर), अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के पद पर रहे हैं ?
- (a)रामकिशोर शुक्ला
- (b)कुंजीलाल दुबे
- (c)काशीप्रसाद पाण्डे
- (d)तेजलाल टेंभरे
सही उत्तर — (a) रामकिशोर शुक्ला। मध्यप्रदेश विधानसभा के अभिलेख दिखाते हैं कि शुक्ला दो अलग-अलग अवसरों पर (1968 व 1984 के बीच फैले कार्यकालों में) उपाध्यक्ष रहे, और बाद में अध्यक्ष (1984-85) भी रहे, साथ ही सामयिक अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) भी रहे — जिससे वे इन चारों में एकमात्र ऐसे व्यक्ति बनते हैं जिनका तीनों पदों पर रहना दस्तावेज़ित है। उन्होंने वित्त और विधि व विधायी कार्य सहित मंत्रिमंडल विभाग भी संभाले।
- (b)कुंजीलाल दुबे — कुंजी लाल दुबे मध्यप्रदेश के पहले व सबसे लंबे समय तक कार्य करने वाले अध्यक्ष (1956-1967) थे — राज्य के संस्थापक अध्यक्ष — लेकिन उनके उपाध्यक्ष या सामयिक अध्यक्ष पद पर भी रहने का कोई दस्तावेज़ नहीं है।
- (c)काशीप्रसाद पाण्डे — काशी प्रसाद पाण्डे विधानसभा के दूसरे अध्यक्ष (1967-1972) रहे, लेकिन उनके उपाध्यक्ष या सामयिक अध्यक्ष पद पर भी रहने का कोई दस्तावेज़ नहीं है।
- (d)तेजलाल टेंभरे — तेजलाल टेंभरे विधानसभा के तीसरे अध्यक्ष रहे, 1972 में पाँच महीने से भी कम के संक्षिप्त कार्यकाल हेतु, लेकिन उनके उपाध्यक्ष या सामयिक अध्यक्ष पद पर भी रहने का कोई दस्तावेज़ नहीं है।
अन्य राज्य सदनों की तरह मध्यप्रदेश विधानसभा में भी तीन संबंधित किंतु भिन्न पीठासीन पद हैं: सामयिक अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर — एक अस्थायी पीठासीन अधिकारी जो नई निर्वाचित विधानसभा गठित होने के तुरंत बाद नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाता है और नियमित अध्यक्ष के चुनाव की निगरानी करता है), अध्यक्ष (सदन का स्थायी पीठासीन अधिकारी, जो उसके सदस्यों द्वारा निर्वाचित होता है), और उपाध्यक्ष (जो अध्यक्ष की अनुपस्थिति में पीठासीन होता है)। बहुत कम व्यक्ति अपने करियर में इन तीनों को हासिल कर पाते हैं — अधिकांश विधायक जो अध्यक्ष पद तक पहुँचते हैं वे सीधे उसी पद पर निर्वाचित होते हैं, या केवल उपाध्यक्ष के रूप में सेवा करते हैं।
MPPSC यह परखना पसंद करती है कि किस एक मध्यप्रदेश राजनेता ने अपने करियर में तीनों संबंधित पीठासीन पद अर्जित किए, बनाम अन्य जो केवल एक (आमतौर पर अध्यक्ष) तक पहुँचे — यह एक 'अधिक भरपूर CV खोजो' पैटर्न है।
- कुंजीलाल दुबे — मध्यप्रदेश के पहले अध्यक्ष (1956-1967), राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले अध्यक्ष
- काशीप्रसाद पाण्डे — मध्यप्रदेश के दूसरे अध्यक्ष (1967-1972)
- तेजलाल टेंभरे — मध्यप्रदेश के तीसरे अध्यक्ष, 1972 में पाँच महीने से भी कम के संक्षिप्त कार्यकाल हेतु
- रामकिशोर शुक्ला — उपाध्यक्ष (दो बार) और अध्यक्ष (1984-85); इन चारों में एकमात्र, जो सामयिक अध्यक्ष के रूप में भी दस्तावेज़ित हैं
- यह मान लेना कि पहले/सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले अध्यक्ष (कुंजीलाल दुबे) को ही 'सबसे अधिक पद धारण करने वाला' उत्तर होना चाहिए — किसी एक पद पर लंबा कार्यकाल तीनों को धारण करने के समान नहीं है
- सामयिक अध्यक्ष (नई विधानसभा शुरू होने पर एक अस्थायी भूमिका) को नियमित अध्यक्ष के साथ भ्रमित करना
MPPSC अक्सर मध्यप्रदेश विधानसभा के सटीक पदाधिकारी तथ्यों को परखती है (कौन X, Y और Z पद पर रहा) — नाम-पहचान पर भरोसा करने के बजाय अध्यक्षों व उपाध्यक्षों की एक त्वरित मानसिक तालिका बनाएँ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
किसी राज्य विधानसभा के सामयिक अध्यक्ष की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है ?
- (a)राज्यपाल
- (b)निवर्तमान अध्यक्ष
- (c)मुख्यमंत्री
- (d)राष्ट्रपति
उत्तर(a) राज्यपाल।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
नियमित अध्यक्ष के निर्वाचित होने से पहले राज्य विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ कौन दिलाता है ?
- (a)राज्यपाल
- (b)सामयिक अध्यक्ष
- (c)मुख्य सचिव
- (d)उपाध्यक्ष
उत्तर(b) सामयिक अध्यक्ष।