अटल प्रगति पथ संबंधित है
- (a)मन्दसौर - नीमच क्षेत्र
- (b)धार - झाबुआ क्षेत्र
- (c)मण्डला - जबलपुर क्षेत्र
- (d)ग्वालियर - चम्बल क्षेत्र
सही उत्तर — (d) ग्वालियर - चम्बल क्षेत्र। अटल प्रगति पथ (जिसे अटल प्रोग्रेस-वे या चम्बल एक्सप्रेसवे भी कहा जाता है) भारतमाला परियोजना के अंतर्गत निर्मित लगभग 404 किमी लंबा चार-लेन एक्सप्रेसवे है, जो मध्यप्रदेश के श्योपुर, मुरैना व भिण्ड जिलों — अर्थात ग्वालियर - चम्बल क्षेत्र — की चम्बल बीहड़ों से होकर गुजरता है तथा राजस्थान के कोटा को मध्यप्रदेश होते हुए उत्तर प्रदेश के इटावा से जोड़ता है, जिससे यह लम्बे समय से अविकसित व बीहड़ों से क्षत-विक्षत क्षेत्र विकास हेतु खुल रहा है।
- (a)मन्दसौर - नीमच क्षेत्र — यह पश्चिमी मध्यप्रदेश की मालवा पठार पट्टी (सोयाबीन/अफीम खेती क्षेत्र) है — चम्बल बीहड़ एक्सप्रेसवे से असंबद्ध, एक भिन्न क्षेत्र।
- (b)धार - झाबुआ क्षेत्र — यह गुजरात सीमा के निकट दक्षिण-पश्चिमी मध्यप्रदेश की जनजातीय पट्टी है — चम्बल बीहड़ों से पूर्णतः भिन्न क्षेत्र।
- (c)मण्डला - जबलपुर क्षेत्र — यह ऊपरी नर्मदा के किनारे स्थित महाकौशल क्षेत्र है — ग्वालियर-चम्बल बीहड़-सुधार परियोजना से असंबंधित।
अटल प्रगति पथ भारतमाला परियोजना के अंतर्गत निर्मित लगभग 404 किमी लंबा चार-लेन एक्सप्रेसवे है, जो मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चम्बल पट्टी के श्योपुर, मुरैना व भिण्ड जिलों से होकर गुजरता है — यह देश का सबसे कुख्यात बीहड़ (बैडलैंड) भू-भाग है, जो ऐतिहासिक रूप से डकैती से जुड़ा रहा है। यह परियोजना राजस्थान के कोटा को उत्तर प्रदेश के इटावा से मध्यप्रदेश होते हुए जोड़ते हुए इस भू-भाग में सड़क संपर्क का निर्माण करती है।
MPPSC मध्यप्रदेश की अपनी अवसंरचना योजनाओं के लिए क्षेत्र-परियोजना मिलान बार-बार परखता है — समाधान यह याद रखना है कि नामित परियोजना मध्यप्रदेश के किस विशिष्ट उप-क्षेत्र (मालवा, निमाड़, महाकौशल, बुंदेलखंड, ग्वालियर-चम्बल, जनजातीय दक्षिण-पश्चिम) से संबंधित है, न कि परियोजना के नाम से अंदाज़ा लगाना।
- अटल प्रगति पथ = अटल प्रोग्रेस-वे = चम्बल एक्सप्रेसवे — लगभग 404 किमी लंबी चार-लेन सड़क
- श्योपुर, मुरैना व भिण्ड जिलों से होकर गुजरता है — ग्वालियर-चम्बल बीहड़ पट्टी
- भारतमाला परियोजना के अंतर्गत निर्मित; मध्यप्रदेश होते हुए राजस्थान के कोटा को उत्तर प्रदेश के इटावा से जोड़ता है
- ऐतिहासिक रूप से डकैती-प्रभावित चम्बल बीहड़ों को विकास हेतु खोलने का उद्देश्य

- अटल प्रगति पथ को (अलग, बाद की) नर्मदा एक्सप्रेसवे परियोजना से गड्डमड्ड करना
- परियोजना को क्षेत्र से मिलाते समय मध्यप्रदेश के नामित उप-क्षेत्रों में उलझ जाना
MPPSC मध्यप्रदेश की अवसंरचना समाचार हेतु अक्सर 'X योजना/परियोजना मध्यप्रदेश के किस क्षेत्र से संबंधित है' पूछता है — परियोजना के नाम को केवल राज्य से नहीं, बल्कि उसके जिला-समूह से जोड़कर याद रखें।
निम्नलिखित में से किस नदी की घाटी गहरी बीहड़ों (ravines) के लिए जानी जाती है ?
- (a) नर्मदा
- (b) सोन
- (c) चम्बल
- (d) ताप्ती
उत्तर(c) चम्बल
वही अंतर्निहित भूगोल — चम्बल घाटी की विशिष्ट बीहड़ भू-आकृति ही वह कारण है जिसके चलते ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र को इस प्रश्न में परखी गई अटल प्रगति पथ संपर्क परियोजना की आवश्यकता पड़ी।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मध्यप्रदेश में अटल प्रगति पथ (चम्बल एक्सप्रेसवे) किस केंद्रीय सड़क कार्यक्रम के अंतर्गत बनाया जा रहा है ?
- (a)भारतमाला परियोजना
- (b)सागरमाला
- (c)PMGSY
- (d)NH विकास परियोजना चरण III
उत्तर(a) भारतमाला परियोजना।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अटल प्रगति पथ एक्सप्रेसवे मध्यप्रदेश के किन जिलों से होकर गुजरता है ?
- (a)श्योपुर, मुरैना, भिण्ड
- (b)इंदौर, धार, झाबुआ
- (c)जबलपुर, मण्डला, बालाघाट
- (d)रीवा, सतना, सीधी
उत्तर(a) श्योपुर, मुरैना, भिण्ड — ग्वालियर-चम्बल बीहड़ जिले।