भीमबेठका को किसने खोजा था ?
- (a)डॉ. एच. डी. सांखलिया
- (b)डॉ. श्याम सुंदर निगम
- (c)डॉ. विष्णुधर वाकणकर
- (d)डॉ. राजबली पाण्डेय
सही उत्तर — (c) डॉ. विष्णुधर वाकणकर (विष्णु श्रीधर वाकणकर)। उज्जैन-निवासी इस पुरातत्वविद् को 1957 में भीमबेटका के शैलाश्रयों का पता चला — प्रसिद्ध रूप से भोपाल के निकट से गुज़रती रेलगाड़ी से विंध्यन शैल-संरचनाओं को देखते हुए — और आगे चलकर उन्होंने इनके प्रागैतिहासिक शैलचित्रों का अध्ययन किया। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित भीमबेटका एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है (2003 में सूचीबद्ध), जहाँ पाषाण-युग (पुरापाषाण से मध्यपाषाण) के शैलचित्र मिलते हैं।
- (a)डॉ. एच. डी. सांखलिया — एच. डी. सांखलिया (डेक्कन कॉलेज, पुणे) एक प्रतिष्ठित भारतीय पुरातत्वविद् थे, जो लांघणज, आहाड़ व नवदाटोली की खुदाइयों के लिए जाने जाते हैं — लेकिन उन्होंने भीमबेटका की खोज नहीं की।
- (b)डॉ. श्याम सुंदर निगम — भीमबेटका शैलाश्रयों की खोज का श्रेय इन्हें नहीं दिया जाता, यह श्रेय वाकणकर की खोज को है।
- (d)डॉ. राजबली पाण्डेय — राजबली पाण्डेय प्राचीन भारत के इतिहासकार थे (हिन्दू संस्कारों पर कार्य के लिए विख्यात), न कि वह पुरातत्वविद् जिन्होंने भीमबेटका का पता लगाया।
भीमबेटका मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में विंध्यन बलुआ पत्थर की पहाड़ियों में प्राकृतिक शैलाश्रयों का समूह है। इसकी दीवारों पर प्रागैतिहासिक शैलचित्रों की लम्बी शृंखला है — शिकार के दृश्य, पशु व नृत्य करती आकृतियाँ — जो इसे उपमहाद्वीप में मानव जीवन के सबसे प्राचीन अभिलेखों में से एक बनाती है। इसे विद्वत जगत के सामने वी. एस. वाकणकर ने 1957 में लाया।
सभी चार विकल्प 'डॉ.' शैक्षणिक हैं, अतः याद रखना सटीक होना चाहिए: स्थल को उसके खोजकर्ता से जोड़ें। भीमबेटका <-> वी. एस. वाकणकर ही याद रखने का एकमात्र संबंध है; सांखलिया अधिक प्रसिद्ध पुरातत्वविद् होने के कारण आकर्षक भ्रामक विकल्प हैं।
- डॉ. वी. एस. वाकणकर (विष्णु श्रीधर वाकणकर) ने 1957 में इसकी खोज की।
- यह मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में, भोपाल के निकट विंध्यन पहाड़ियों में स्थित है।
- पुरापाषाण से मध्यपाषाण व उसके बाद के प्रागैतिहासिक शैलचित्र।
- यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (2003 में सूचीबद्ध)।
- वास्तविक खोजकर्ता वाकणकर के स्थान पर अधिक प्रसिद्ध एच. डी. सांखलिया को चुनना।
- खोजकर्ता (एक व्यक्ति) को यूनेस्को सूचीकरण के वर्ष (2003) से भ्रमित करना।
MPPSC 'भीमबेटका की खोज किसने की' या 'इसकी खोज कब हुई' पूछता है; भीमबेटका -> वी. एस. वाकणकर (1957), यूनेस्को सूचीकरण 2003 को जोड़कर रखें।
डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर ने भीमबेटका के शैलाश्रयों की खोज कब की?
- (a) 1951-1952
- (b) 1954-1955
- (c) 1960-1961
- (d) 1957-1958
उत्तर(d) 1957-1958 — वाकणकर ने 1957 में भीमबेटका शैलाश्रयों का पता लगाया।
वही तथ्य दूसरे कोण से — MPPSC 2025 वाकणकर की खोज का वर्ष पूछता है; यह 2020 का पत्र खोजकर्ता पूछता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भीमबेटका शैलाश्रय मध्य प्रदेश के किस जिले में स्थित हैं?
- (a)रायसेन
- (b)विदिशा
- (c)सीहोर
- (d)होशंगाबाद
उत्तर(a) रायसेन जिला।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भीमबेटका के शैलचित्र मुख्यतः किस प्रागैतिहासिक काल से आरंभ होते हैं?
- (a)पुरापाषाण-मध्यपाषाण
- (b)केवल ताम्रपाषाण
- (c)केवल लौह युग
- (d)प्रारंभिक मध्यकाल
उत्तर(a) पुरापाषाण-मध्यपाषाण (और उसके बाद के) काल।