''माण्डु विजय, दक्षिण विजय की कुंजी था'' यह किसने कहा था ?
- (a)मलिक काफूर
- (b)सीतल देव
- (c)एनुलमुल्क मुल्तानी
- (d)अमीर खुसरो
सही उत्तर — (d) अमीर खुसरो। अमीर खुसरो (1253-1325), दिल्ली सल्तनत दरबार के प्रसिद्ध फारसी भाषा के कवि, संगीतज्ञ व विद्वान तथा निज़ामुद्दीन औलिया के शिष्य, ने अपनी रचना ख़ज़ाइन-उल-फ़ुतूह (तारीख़-ए-अलाई) में अलाउद्दीन खिलजी के अभियानों का विवरण दिया। माण्डु के पहाड़ी दुर्ग पर विजय ने मालवा का मार्ग खोला और दक्षिण की ओर का रास्ता साफ किया, यही कारण है कि माण्डु के पतन को दक्षिण (दक्कन) की विजय की 'कुंजी' कहा गया।
- (a)मलिक काफूर — वे अलाउद्दीन खिलजी के दास-सेनापति थे जिन्होंने वास्तव में दक्कन (देवगिरि, वारंगल, द्वारसमुद्र, मदुरई) के महान अभियानों का नेतृत्व किया — वे एक सेनापति थे, न कि यह टिप्पणी लिखने वाले कवि-इतिहासकार।
- (b)सीतल देव — एक भ्रामक नाम के रूप में दिया गया विकल्प; यह टिप्पणी दरबारी कवि-इतिहासकार अमीर खुसरो से आती है, इनसे नहीं।
- (c)एनुलमुल्क मुल्तानी — ऐनुलमुल्क मुल्तानी अलाउद्दीन खिलजी के एक सरदार थे, जिन्हें मालवा विजय के बाद उसका राज्यपाल बनाया गया — वे एक सैनिक-प्रशासक थे, यह पंक्ति लिखने वाले नहीं।
अमीर खुसरो खिलजी काल का एक केंद्रीय स्रोत हैं: उन्होंने सल्तनत की सेनाओं के साथ यात्रा की और उनके अभियानों को फारसी पद्य-इतिहास में बदला। माण्डु (मांडवगढ़), मालवा का एक प्राकृतिक रूप से सुरक्षित पठार जो विंध्य व नर्मदा से घिरा है, उत्तर भारत व दक्कन के बीच का रणनीतिक प्रवेश-द्वार था।
विकल्पों में एक सेनापति (मलिक काफूर), एक प्रशासक (ऐनुलमुल्क मुल्तानी) और एक अनजान नाम मिले हैं — सभी खिलजी की मालवा/दक्कन कथा से जुड़े हैं। लेकिन प्रश्न पूछता है कि यह किसने 'कहा', अर्थात् इतिहासकार कौन था: यह इतिहासकार-कवि अमीर खुसरो की ओर इशारा करता है, न कि उन लोगों की ओर जिन्होंने लड़ाई लड़ी या शासन किया।
- अमीर खुसरो (1253-1325): दिल्ली सल्तनत दरबार के कवि-संगीतज्ञ, निज़ामुद्दीन औलिया के शिष्य।
- उन्होंने अलाउद्दीन खिलजी की विजयों का वर्णन ख़ज़ाइन-उल-फ़ुतूह (तारीख़-ए-अलाई) में किया।
- माण्डु (मालवा) दक्कन का मार्ग खोलने की रणनीतिक कुंजी थी।
- मलिक काफूर ने वास्तविक दक्कन अभियानों का नेतृत्व किया; ऐनुलमुल्क मुल्तानी ने मालवा पर शासन किया।
- 'किसने कहा/लिखा' पूछे जाने पर सेनापति मलिक काफूर को चुन लेना।
- इतिहासकार अमीर खुसरो को सरदार ऐनुलमुल्क मुल्तानी से भ्रमित करना।
MPPSC 'खिलजी के अभियानों का विवरण किसने दिया' या 'माण्डु के बारे में यह किसने कहा' पूछता है; UPSC अमीर खुसरो की रचनाओं व मलिक काफूर के आक्रमणों की परीक्षा लेता है। याद रखें: ये शब्द अमीर खुसरो के हैं।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किताब-ए-नौरस, जो हिन्दू देवताओं और मुस्लिम संतों की स्तुति में गीतों का संग्रह है, इब्राहीम आदिल शाह द्वितीय द्वारा रचित थी। 2. अमीर खुसरो भारत में कव्वाली नामक संगीत शैली के प्रारंभिक रूप के प्रवर्तक थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर(c) 1 और 2 दोनों
दोनों कथन अमीर खुसरो — दिल्ली सल्तनत दरबार के फारसी कवि-संगीतज्ञ (यहाँ शुरुआती क़व्वाली के श्रेय के साथ) — की पहचान पर निर्भर हैं, वही दरबारी इतिहासकार जिन्हें माण्डु पर उद्धृत किया गया है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अमीर खुसरो की ख़ज़ाइन-उल-फ़ुतूह (तारीख़-ए-अलाई) मुख्यतः किसके शासनकाल व अभियानों का वर्णन करती है?
- (a)अलाउद्दीन खिलजी
- (b)बलबन
- (c)इल्तुतमिश
- (d)मुहम्मद बिन तुगलक
उत्तर(a) अलाउद्दीन खिलजी।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अलाउद्दीन खिलजी के दक्कन अभियानों (देवगिरि, वारंगल, मदुरई) का नेतृत्व किस सेनापति ने किया?
- (a)मलिक काफूर
- (b)उलुग खान
- (c)ज़फर खान
- (d)नुसरत खान
उत्तर(a) मलिक काफूर।