1842 के बुन्देला विद्रोह में प्रमुख भागीदारी देने वाले राजा हिरदेशाह किस स्थान के जमींदार थे ?
- (a)चाँवरपाठा
- (b)देवरी
- (c)सुआतला
- (d)हीरापुर
सही उत्तर — (d), हीरापुर। हिरदेशाह (पत्र में 'हिरदेशाह' छपा है) हीरापुर के जमींदार थे और 1842 के बुन्देला विद्रोह के सक्रिय नेताओं में से एक थे, जो वर्तमान मध्यप्रदेश के सागर-नर्मदा (बुन्देलखण्ड) क्षेत्रों में ब्रिटिश भू-राजस्व एवं बंदोबस्त नीतियों के विरुद्ध एक सशस्त्र विद्रोह था। इसे मध्य भारत के महत्वपूर्ण 1857-पूर्व ब्रिटिश-विरोधी विद्रोहों में से एक माना जाता है।
- (a)चाँवरपाठा — सागर-नर्मदा क्षेत्र की एक बस्ती है, किंतु यह हिरदेशाह की जमींदारी नहीं थी — प्रश्न में उल्लिखित विद्रोही नेता हीरापुर में स्थित थे, यहाँ नहीं।
- (b)देवरी — उसी बुन्देलखण्ड पट्टी की एक अन्य बस्ती है; यह हिरदेशाह की जागीर नहीं थी। प्रश्न विशेष रूप से हिरदेशाह को हीरापुर से जोड़ता है।
- (c)सुआतला — क्षेत्र की एक अलग बस्ती है और हिरदेशाह की सीट नहीं है; यह 'किस स्थान के जमींदार' का उत्तर नहीं देती।
1842 का बुन्देला विद्रोह वर्तमान मध्यप्रदेश के सागर-दमोह-नर्मदा क्षेत्र में जमींदारों व किसानों का ब्रिटिश द्वारा लागू नए भू-राजस्व मांगों, भूमि-बंदोबस्त नियमों तथा पुराने सरदारों के अधिकार के क्षरण के विरुद्ध विद्रोह था। इसे ब्रिटिश ने दबा दिया, किंतु इसे मध्य भारत में औपनिवेशिक-विरोधी प्रतिरोध की एक प्रारंभिक अभिव्यक्ति माना जाता है — 1857 से लगभग पंद्रह वर्ष पहले।
MPPSC क्षेत्रीय स्वतंत्रता-संग्रामों के लिए बार-बार 'कौन-सा नेता किस स्थान से संबंधित था' पूछता है। यहाँ जाल यह है कि चारों विकल्प मध्य-भारत के वास्तविक स्थान-नाम हैं; निर्णायक तत्व विशिष्ट जोड़ी हिरदेशाह ↔ हीरापुर है।
- 1842 का बुन्देला विद्रोह : वर्तमान MP के सागर-नर्मदा (बुन्देलखण्ड) क्षेत्रों में ब्रिटिश राजस्व/भूमि-नीति के विरुद्ध एक विद्रोह।
- हिरदेशाह, हीरापुर के जमींदार, इसके सक्रिय नेताओं में से थे।
- इसे मध्य भारत का एक 1857-पूर्व ब्रिटिश-विरोधी विद्रोह माना जाता है।
- बुन्देले बुन्देलखण्ड क्षेत्र का शासक राजपूत वंश थे।
प्रश्न विद्रोही नेता हिरदेशाह को उनकी जमींदारी, हीरापुर, से जोड़ता है।
- 1842 के बुन्देला विद्रोह को बुन्देलखण्ड में व्यापक 1857 के विद्रोह के साथ भ्रमित करना।
- नेता-स्थान मिलान में समान-दिखने वाले मध्य-भारतीय स्थान-नामों को गड्डमड्ड करना।
MPPSC इसे 'नेता X किस स्थान से संबंधित था / किस स्थान का जमींदार था' के रूप में MP के क्षेत्रीय विद्रोहों हेतु प्रस्तुत करता है; जोड़ी हिरदेशाह ↔ हीरापुर (1842 का बुन्देला विद्रोह) स्थिर कर लें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
1842 का बुन्देला विद्रोह वर्तमान मध्यप्रदेश के मुख्यतः किस क्षेत्र में भड़का ?
- (a)मालवा पठार
- (b)सागर-नर्मदा (बुन्देलखण्ड) क्षेत्र
- (c)बघेलखण्ड
- (d)निमाड़
उत्तर(b) सागर-नर्मदा (बुन्देलखण्ड) क्षेत्र — 1842 के विद्रोह का मुख्य क्षेत्र।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
1842 का बुन्देला विद्रोह ऐतिहासिक दृष्टि से मुख्यतः इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह था :
- (a)एक धार्मिक सुधार आंदोलन
- (b)1857 के विद्रोह से पहले का एक प्रारंभिक ब्रिटिश-विरोधी सशस्त्र विद्रोह
- (c)एक व्यापारिक संघ का आंदोलन
- (d)किसी रियासत के भीतर महल-तख्तापलट
उत्तर(b) 1857 से पहले का एक प्रारंभिक ब्रिटिश-विरोधी सशस्त्र विद्रोह।