निम्नांकित में से कौन-सा कथन असत्य है ?
- (a)अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अन्तर्गत अपराध ऐसे व्यक्ति द्वारा कारित किया जाता है जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है
- (b)अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 14(1) में स्थापित “अनन्य विशेष न्यायालय” धारा 2 (घ) में परिभाषित है
- (c)“पीड़ित” अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 2 (ङग) में परिभाषित है
- (d)“आश्रित” अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 2 (खख) में परिभाषित है
सही उत्तर (असत्य कथन) — (b)। यह कथन दावा करता है कि धारा 14(1) के अंतर्गत स्थापित "अनन्य विशेष न्यायालय" धारा 2(घ) में परिभाषित है। किंतु अधिनियम की धारा 2(ग) 'अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति' को परिभाषित करती है। 'अनन्य विशेष न्यायालय' की परिभाषा 2015 के संशोधन द्वारा धारा 2 के एक पृथक उपखंड — धारा 2(खघ) — के रूप में जोड़ी गई थी, साथ ही 'पीड़ित' (2(ङग)) और 'साक्षी' की परिभाषा भी। अतः कथन b उस शब्द को गलत उपखंड के साथ जोड़ता है, जिससे यह असत्य कथन बन जाता है।
- (a)अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अन्तर्गत अपराध ऐसे व्यक्ति द्वारा कारित किया जाता है जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है — यह एक सत्य कथन है, इसलिए यह उत्तर नहीं है: अधिनियम के अंतर्गत 'अत्याचार' की परिभाषा के अनुसार ही यह ऐसा अपराध है जो किसी SC/ST सदस्य के विरुद्ध ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाता है जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है।
- (c)"पीड़ित" अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 2 (ङग) में परिभाषित है — यह एक सत्य कथन है — 'पीड़ित' वास्तव में धारा 2(ङग) में परिभाषित है, जो 2015 के संशोधन द्वारा जोड़ा गया उपखंड है — इसलिए यह असत्य कथन नहीं है।
- (d)"आश्रित" अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 2 (खख) में परिभाषित है — यह एक सत्य कथन है — 'आश्रित' धारा 2(खख) में परिभाषित है, जो यह भी 2015 के संशोधन द्वारा जोड़ा गया था — इसलिए यह असत्य कथन नहीं है।
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम, 2015 (26 जनवरी 2016 से प्रवृत्त) ने अधिनियम की परिभाषाओं का विस्तार किया — 'आश्रित' (2(खख)), 'आर्थिक बहिष्कार' (2(खग)), 'विशेष न्यायालय', 'अनन्य विशेष न्यायालय' (2(खघ)), 'पीड़ित' (2(ङग)) और 'साक्षी' जोड़े गए। पुरानी धारा 2(ग) अनुच्छेद 366(24) और (25) के संदर्भ से 'अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति' को परिभाषित करती है।
जाल यह है कि चारों कथन प्रशंसनीय धारा-मिलान जैसे प्रतीत होते हैं। यह याद रखना आवश्यक है कि 2(ग) SC/ST की परिभाषा है और 2(घ) 'विशेष न्यायालय' है — 'अनन्य विशेष न्यायालय' एक पृथक उपखंड, 2(खघ), है। अन्य कथनों में 'पीड़ित' (2(ङग)) और 'आश्रित' (2(खख)) का मिलान सही है, यही कारण है कि कथन b असामान्य/विषम प्रतीत होता है।
- धारा 2(ग): 'अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति' (अर्थ अनुच्छेद 366(24) और (25) से लिए गए)।
- 'आश्रित' — धारा 2(खख); 'पीड़ित' — धारा 2(ङग); दोनों 2015 के संशोधन द्वारा जोड़े गए।
- 'अनन्य विशेष न्यायालय' धारा 2(खघ) में परिभाषित है और शीघ्र विचारण हेतु धारा 14(1) के अंतर्गत स्थापित की जाती है।
- 'अत्याचार' वह अपराध है जो किसी SC/ST सदस्य के विरुद्ध ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाता है जो SC/ST से नहीं है।
धारा 2(ग) 'अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति' को परिभाषित करती है; 'अनन्य विशेष न्यायालय' धारा 2(खघ) में परिभाषित है।
- यह मान लेना कि धारा 2(ग) किसी न्यायालय को परिभाषित करती है — यह 'अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति' को परिभाषित करती है।
- 'विशेष न्यायालय' और 'अनन्य विशेष न्यायालय' को गड्डमड्ड करना, जबकि दोनों धारा 14 के अंतर्गत आते हैं।
MPPSC ऐसे 'कौन-सा कथन असत्य है' प्रश्न पसंद करता है जो एक गलत धारा-से-शब्द मिलान पर आधारित हों; समग्र रूप देखकर भरोसा करने के बजाय प्रत्येक मिलान की पुष्टि करें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत, 'पीड़ित' शब्द को विधि में किस परिवर्तन द्वारा औपचारिक रूप से परिभाषित किया गया ?
- (a)मूल 1989 अधिनियम द्वारा
- (b)2015 के संशोधन (2016 से प्रवृत्त) द्वारा
- (c)दण्ड प्रक्रिया संहिता द्वारा
- (d)यह कहीं भी परिभाषित नहीं है
उत्तर(b) 2015 के संशोधन ने 'पीड़ित' (धारा 2(ङग)) की परिभाषा जोड़ी।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत 'अत्याचार' किसके द्वारा किया जा सकता है :
- (a)SC/ST सदस्यों सहित कोई भी व्यक्ति
- (b)केवल एक लोक सेवक
- (c)ऐसा व्यक्ति जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है
- (d)केवल राज्य सरकार
उत्तर(c) ऐसा व्यक्ति जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है।