उच्चतम न्यायालय के किस मामले के निर्णय के कारण संविधान के अनुच्छेद 21 के कार्यक्षेत्र का विस्तार कर, शिक्षा के अधिकार को उसमें शामिल किया गया था ?
- (a)उन्निकृष्णन बनाम आंध्रप्रदेश
- (b)गोविन्द बनाम मध्यप्रदेश राज्य
- (c)परमानन्द कटारा बनाम भारत संघ
- (d)चमेली सिंह बनाम उत्तरप्रदेश राज्य
सही उत्तर — (a) उन्निकृष्णन बनाम आंध्रप्रदेश। इस मामले (उन्नीकृष्णन, जे.पी. बनाम आंध्रप्रदेश राज्य, 1993) में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि बच्चों के शिक्षा के अधिकार का उद्गम सीधे अनुच्छेद 21 के जीवन व वैयक्तिक स्वतंत्रता के अधिकार से होता है, जिसे अनुच्छेद 45 के नीति-निदेशक तत्व के साथ पढ़ा जाए। यह व्याख्या — कि शिक्षा अनुच्छेद 21 में अंतर्निहित है — ही ठीक वह है जिसने 'अनुच्छेद 21 के कार्यक्षेत्र का विस्तार' किया। इसने बाद में संसद को 86वें संशोधन, 2002 के माध्यम से अनुच्छेद 21ए (6-14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा) जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
- (b)गोविन्द बनाम मध्यप्रदेश राज्य — गोविन्द बनाम मध्यप्रदेश राज्य (1975) ने निजता के अधिकार (right to privacy) को अनुच्छेद 21 के एक पहलू के रूप में विकसित किया — शिक्षा के अधिकार के रूप में नहीं।
- (c)परमानन्द कटारा बनाम भारत संघ — परमानन्द कटारा बनाम भारत संघ (1989) ने अनुच्छेद 21 के अंतर्गत आपातकालीन चिकित्सा देखभाल के अधिकार को स्थापित किया — कि किसी चिकित्सक को दुर्घटना/आपातकालीन पीड़ित का उपचार करना ही होगा — यह शिक्षा से संबंधित नहीं है।
- (d)चमेली सिंह बनाम उत्तरप्रदेश राज्य — चमेली सिंह बनाम उत्तरप्रदेश राज्य (1996) ने आश्रय/आवास के अधिकार (right to shelter) को अनुच्छेद 21 में पढ़ा; यह भी शिक्षा के अधिकार से संबंधित नहीं है।
अनुच्छेद 21 ('जीवन व वैयक्तिक स्वतंत्रता का संरक्षण') की उच्चतम न्यायालय ने विस्तृत व्याख्या करते हुए इसमें कई अलिखित अधिकार शामिल किए हैं — निजता, आश्रय, स्वास्थ्य, आजीविका, स्वच्छ पर्यावरण तथा शिक्षा। उन्नीकृष्णन (1993) का निर्णय वह ऐतिहासिक निर्णय है जिसने पूर्ववर्ती मोहिनी जैन मामले पर आधार बनाते हुए शिक्षा के अधिकार को अनुच्छेद 21 के भीतर स्थापित किया। 86वें संशोधन (2002) ने बाद में अनुच्छेद 21ए के माध्यम से इसे एक स्पष्ट मौलिक अधिकार बना दिया।
चारों विकल्प वास्तविक अनुच्छेद-21 'विस्तार' मामले हैं, इसलिए प्रश्न यह परखता है कि प्रत्येक मामले ने कौन-सा अधिकार सृजित किया। मामले को अधिकार से मिलाएँ: उन्नीकृष्णन → शिक्षा, गोविन्द → निजता, परमानन्द कटारा → आपातकालीन चिकित्सा सहायता, चमेली सिंह → आश्रय।
- उन्नीकृष्णन बनाम आंध्रप्रदेश राज्य (1993): शिक्षा का अधिकार अनुच्छेद 21 से, अनुच्छेद 45 के साथ पढ़े जाने पर, प्रवाहित होता है
- 86वें संशोधन अधिनियम, 2002 ने अनुच्छेद 21ए जोड़ा — 6-14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा
- इसके परिणामस्वरूप शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 बना
- अनुच्छेद 21 ने न्यायिक रूप से निजता, आश्रय, स्वास्थ्य व स्वच्छ पर्यावरण के अधिकारों को आत्मसात किया है
- अनुच्छेद 45 (नीति-निदेशक तत्व): राज्य निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा प्रदान करे
- मोहिनी जैन बनाम कर्नाटक राज्य (1992): शिक्षा जीवन के अधिकार का भाग है
- उन्नीकृष्णन बनाम आंध्रप्रदेश राज्य (1993): शिक्षा के अधिकार को अनुच्छेद 21 में पढ़ा गया
- 86वाँ संशोधन, 2002: अनुच्छेद 21ए जोड़ता है (6-14 वर्ष)
- शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009
उन्नीकृष्णन (1993) के निर्णय ने शिक्षा के अधिकार को अनुच्छेद 21 में पढ़ा; 86वें संशोधन ने बाद में इसे अनुच्छेद 21ए के रूप में स्पष्ट कर दिया।
- गलत ऐतिहासिक मामले को अधिकार से जोड़ना (शिक्षा के बजाय निजता/आश्रय/चिकित्सा सहायता)
- न्यायिक व्याख्या (उन्नीकृष्णन, 1993) को संवैधानिक संशोधन (86वाँ, 2002) के साथ भ्रमित करना
MPPSC व UPSC दोनों 'मामला ↔ अधिकार' तथा 'किस संशोधन ने अनुच्छेद 21ए बनाया' परखते हैं; उन्नीकृष्णन → शिक्षा, तथा 86वाँ संशोधन → अनुच्छेद 21ए को याद रखें।
93वाँ संवैधानिक संशोधन विधेयक संबंधित है
- (a) सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की निरंतरता से
- (b) 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा से
- (c) सरकारी भर्तियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत पदों के आरक्षण से
- (d) हाल में बनाए गए राज्यों के लिए अधिक संसदीय सीटों के आवंटन से
उत्तर(b) 6-14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा — यह विधेयक 86वाँ संशोधन (अनुच्छेद 21ए) बना।
वही अवधारणा — शिक्षा के अधिकार तक पहुँचने का संवैधानिक मार्ग। यहाँ का विधेयक 86वाँ संशोधन (अनुच्छेद 21ए) बना, जो उस अनुच्छेद-21 अधिकार का स्पष्ट उत्तराधिकारी है जिसे उन्नीकृष्णन ने पहली बार मान्यता दी थी।
शिक्षा के अधिकार को किस संवैधानिक संशोधन द्वारा मौलिक अधिकारों की सूची में शामिल किया गया ?
- (a) प्रथम संवैधानिक संशोधन
- (b) बयालीसवाँ संवैधानिक संशोधन
- (c) चवालीसवाँ संवैधानिक संशोधन
- (d) छियासीवाँ संवैधानिक संशोधन
उत्तर(d) छियासीवाँ संवैधानिक संशोधन — इसने अनुच्छेद 21ए जोड़ा।
MPPSC का सीधा साथी प्रश्न — वह संशोधन (86वाँ) जिसने अनुच्छेद-21 के शिक्षा के अधिकार को, जिसे उन्नीकृष्णन में पहली बार मान्यता मिली थी, एक स्पष्ट मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 21ए) में बदल दिया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
प्राथमिक शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाने वाला अनुच्छेद 21ए किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया था ?
- (a)42वाँ संशोधन
- (b)44वाँ संशोधन
- (c)86वाँ संशोधन
- (d)93वाँ संशोधन
उत्तर(c) 86वाँ संशोधन, 2002।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
चमेली सिंह बनाम उत्तरप्रदेश राज्य मामले में उच्चतम न्यायालय ने कौन-सा अधिकार अनुच्छेद 21 में पढ़ा ?
- (a)शिक्षा का अधिकार
- (b)आश्रय का अधिकार
- (c)निजता का अधिकार
- (d)आपातकालीन चिकित्सा देखभाल का अधिकार
उत्तर(b) आश्रय का अधिकार।