निम्नलिखित में से कौन-सा एक साइबर अपराध नहीं है ?
- (a)फिशिंग
- (b)साइबर स्टॉकिंग
- (c)आईडेंटिटी थेफ्ट
- (d)ऑनलाइन चैटिंग
सही उत्तर — (d) ऑनलाइन चैटिंग। ऑनलाइन चैटिंग एक सामान्य, वैध गतिविधि है, इसलिए यह साइबर अपराध नहीं है। शेष तीनों — फिशिंग, साइबर-स्टॉकिंग व आईडेंटिटी थेफ्ट — कम्प्यूटर/इंटरनेट का उपयोग करके किए जाने वाले मान्यता-प्राप्त अपराध हैं। (चैटिंग ग्रूमिंग या धोखाधड़ी जैसे अपराधों का माध्यम बन सकती है, परन्तु चैटिंग की क्रिया स्वयं वैध है।)
- (a)फिशिंग — एक साइबर अपराध — उपयोगकर्ताओं को (नकली ई-मेल/वेबसाइटों के माध्यम से) धोखे से पासवर्ड, कार्ड नंबर व अन्य संवेदनशील डाटा प्रकट करने हेतु फुसलाना।
- (b)साइबर स्टॉकिंग — एक साइबर अपराध — किसी लक्ष्य को बार-बार परेशान करने, धमकाने या पीछा करने हेतु इंटरनेट का प्रयोग करना।
- (c)आईडेंटिटी थेफ्ट — एक साइबर अपराध — किसी अन्य व्यक्ति के व्यक्तिगत या वित्तीय पहचान डाटा को चुराना व दुरुपयोग करना।
साइबर अपराध एक ऐसा अपराध है जिसमें कम्प्यूटर या नेटवर्क साधन या लक्ष्य होता है — उदाहरणार्थ ऑनलाइन की गई धोखाधड़ी, उत्पीड़न या चोरी। परीक्षा यह है कि क्या वह क्रिया गैरकानूनी है, न कि केवल यह कि वह कम्प्यूटर का उपयोग करती है। रोज़मर्रा की ऑनलाइन गतिविधियाँ (चैटिंग, ब्राउज़िंग, ई-मेलिंग) वैध हैं, भले ही वे उन्हीं नेटवर्कों पर चलती हैं जिनका अपराधी दुरुपयोग करते हैं।
तीन विकल्प स्पष्ट रूप से गलत कृत्य हैं; केवल 'ऑनलाइन चैटिंग' तकनीक का सामान्य उपयोग है। यह प्रश्न अपराधों की सूची में एकमात्र वैध गतिविधि पहचानने का पुरस्कार देता है।
- फिशिंग = भ्रामक संदेशों के माध्यम से क्रेडेंशियल/संवेदनशील डाटा चुराने की धोखाधड़ी
- साइबर-स्टॉकिंग = किसी व्यक्ति के विरुद्ध ऑनलाइन उत्पीड़न/धमकी
- आईडेंटिटी थेफ्ट = किसी की पहचान सम्बंधी जानकारी चुराना व उसका दुरुपयोग करना
- ये अपराध सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (व IPC/BNS) के अन्तर्गत दण्डनीय हैं; ऑनलाइन चैटिंग स्वयं वैध है
फिशिंग, साइबर-स्टॉकिंग व आईडेंटिटी थेफ्ट अपराध हैं; ऑनलाइन चैटिंग स्वयं वैध है, यद्यपि इसका दुरुपयोग किया जा सकता है।
- यह मान लेना कि कम्प्यूटर/इंटरनेट पर की गई कोई भी क्रिया स्वतः 'साइबर अपराध' है
- यह भूल जाना कि एक वैध गतिविधि स्वयं अपराध हुए बिना अपराध का माध्यम हो सकती है
स्टेट PCS व UPSC यह पहचानने को कहते हैं कि कौन-सी वस्तु साइबर अपराध है/नहीं है, या किसी विशिष्ट आक्रमण (फिशिंग, आईडेंटिटी थेफ्ट) को परिभाषित करने को कहते हैं; आधार बनाएँ 'अपराध गैरकानूनी क्रिया में है, कम्प्यूटर के उपयोग में नहीं।'
निम्नलिखित में से कौन-सा साइबर-आक्रमण का एक प्रकार है जिसमें उपयोगकर्ताओं को संवेदनशील जानकारी प्रकट करने हेतु छला जाता है?
- (a) फिशिंग आक्रमण
- (b) SQL इंजेक्शन आक्रमण
- (c) DOS आक्रमण
- (d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर(a) फिशिंग आक्रमण — उपयोगकर्ताओं को संवेदनशील जानकारी प्रकट करने हेतु छलना।
समान अवधारणा — साइबर अपराधों की पहचान; यह परवर्ती MPPSC प्रश्न फिशिंग का परीक्षण करता है, जो इस सूची के अपराधों में से एक है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा एक साइबर अपराध है?
- (a)एक ई-मेल भेजना
- (b)फिशिंग
- (c)वीडियो कॉलिंग
- (d)ऑनलाइन बैंकिंग में लॉग-इन करना
उत्तर(b) फिशिंग — संवेदनशील डाटा धोखे से प्राप्त करना; अन्य सामान्य वैध गतिविधियाँ हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
किसी इलेक्ट्रॉनिक संचार में विश्वसनीय संस्था का वेश धारण कर संवेदनशील डाटा प्राप्त करने का धोखापूर्ण प्रयास कहलाता है:
- (a)फिशिंग
- (b)स्पैमिंग
- (c)कैशिंग
- (d)बफरिंग
उत्तर(a) फिशिंग — क्रेडेंशियल या वित्तीय डाटा चुराने हेतु छल।