पहला साइबरलॉ जो भारत में ई-कॉमर्स के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है
- (a)सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 1996
- (b)सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
- (c)सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 1998
- (d)सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 1990
सही उत्तर — (b) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000। यह भारत का पहला साइबर कानून है। इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य पर UNCITRAL आदर्श विधि (1996) पर आधारित, इसने इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों, डिजिटल हस्ताक्षरों व ऑनलाइन लेनदेन को कानूनी मान्यता दी — वह कानूनी ढाँचा जो ई-कॉमर्स को प्रवर्तनीय बनाता है। इसे जून 2000 में राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली और यह 17 अक्टूबर 2000 को प्रवृत्त हुआ।
- (a)सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 1996 — जाल — 1996 इलेक्ट्रॉनिक-वाणिज्य पर UNCITRAL आदर्श विधि का वर्ष है जिस पर भारत का अधिनियम आधारित है, परन्तु कोई भारतीय 'IT अधिनियम 1996' अस्तित्व में नहीं है।
- (c)सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 1998 — ऐसा कोई भारतीय अधिनियम अस्तित्व में नहीं है; भारत का IT अधिनियम वर्ष 2000 का है।
- (d)सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 1990 — ऐसा कोई भारतीय अधिनियम अस्तित्व में नहीं है; इंटरनेट-युग का IT अधिनियम केवल 2000 में आया।
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 भारतीय साइबर कानून का आधारभूत अधिनियम है। यह इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों व डिजिटल हस्ताक्षरों को कानूनी मान्यता देता है, प्रमाणन प्राधिकरणों (Certifying Authorities) का प्रावधान करता है, साइबर अपराधों व दंडों को परिभाषित करता है, और इस प्रकार वह कानूनी ढाँचा बनाता है जिसके भीतर ई-कॉमर्स व ई-गवर्नेंस संचालित होते हैं। इसमें 2008 में महत्वपूर्ण संशोधन कर डाटा-सुरक्षा, साइबर-आतंकवाद व मध्यस्थ-दायित्व से सम्बंधित प्रावधान जोड़े गए।
चारों विकल्प भिन्न-भिन्न वर्षों के साथ एक ही अधिनियम का नाम लेते हैं, इसलिए प्रश्न विशुद्ध रूप से तिथि के बारे में है। लुभावना गलत उत्तर 1996 है — वह वर्ष जब UN आदर्श विधि बनी जिस पर भारतीय अधिनियम आधारित है — परन्तु भारतीय अधिनियम स्वयं IT अधिनियम, 2000 है।
- IT अधिनियम, 2000 भारत का पहला साइबर कानून है
- यह इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य पर UNCITRAL आदर्श विधि, 1996 पर आधारित है
- यह 17 अक्टूबर 2000 को प्रवृत्त हुआ
- यह इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों व डिजिटल हस्ताक्षरों को कानूनी मान्यता देता है; इसे 2008 में संशोधित किया गया
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (17 अक्टूबर 2000 से प्रवृत्त) भारत का पहला साइबर कानून है; 1996 केवल उस UN आदर्श विधि को इंगित करता है जिस पर यह आधारित था।
- UN आदर्श विधि के वर्ष को भारतीय अधिनियम के वर्ष से भ्रमित करते हुए 1996 चुनना
- यह मान लेना कि अधिनियम के 'पारित' होने का वर्ष 'प्रवृत्त' होने के वर्ष से भिन्न नहीं है (स्वीकृति 2000; प्रवृत्ति 17 अक्टूबर 2000)
MPPSC व UPSC या तो भारत के पहले साइबर कानून का वर्ष/नाम पूछते हैं या इसके द्वारा प्रस्तुत विशिष्ट प्रावधानों (डिजिटल हस्ताक्षर, प्रमाणन प्राधिकरण, CERT-In) के बारे में पूछते हैं; 'पहला साइबर कानून = IT अधिनियम, 2000' याद रखें।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। डिजिटल हस्ताक्षर है 1. एक इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख जो इसे जारी करने वाले प्रमाणन प्राधिकरण की पहचान करता है 2. इंटरनेट पर किसी सूचना या सर्वर तक पहुँच हेतु किसी व्यक्ति की पहचान के प्रमाण के रूप में प्रयुक्त 3. किसी इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने व यह सुनिश्चित करने की एक इलेक्ट्रॉनिक विधि कि मूल विषय-वस्तु अपरिवर्तित है उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2 और 3
- (c) केवल 3
- (d) 1, 2 और 3
उत्तर(c) केवल 3
समान अधिनियम — यह IT अधिनियम, 2000 ही था जिसने डिजिटल हस्ताक्षरों को कानूनी मान्यता दी, वही ई-कॉमर्स अवसंरचना जिससे यह प्रश्न सम्बंधित है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 मुख्यतः किस अंतर्राष्ट्रीय दस्तावेज़ पर आधारित था?
- (a)इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य पर UNCITRAL आदर्श विधि
- (b)GATT समझौता
- (c)बर्न अभिसमय
- (d)TRIPS समझौता
उत्तर(a) इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य पर UNCITRAL आदर्श विधि (1996) — भारत के IT अधिनियम, 2000 का आधार।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 में डाटा संरक्षण व साइबर-आतंकवाद पर प्रावधान जोड़ने हेतु किस वर्ष महत्वपूर्ण संशोधन किया गया?
- (a)2005
- (b)2008
- (c)2011
- (d)2015
उत्तर(b) 2008 — IT (संशोधन) अधिनियम, 2008 ने ये प्रावधान प्रस्तुत किए।