मनुष्य की श्रव्यता की सीमा क्या है?
- (a)20 हर्ट्ज–20000 हर्ट्ज
- (b)80 हर्ट्ज–100 हर्ट्ज
- (c)2 लाख हर्ट्ज–4 लाख हर्ट्ज
- (d)0 हर्ट्ज–20 हर्ट्ज
सही उत्तर — (a) 20 हर्ट्ज–20000 हर्ट्ज। एक स्वस्थ युवा मानव कान लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज (20 किलोहर्ट्ज़) के बीच आवृत्ति वाली ध्वनि सुन सकता है। 20 हर्ट्ज से नीचे की ध्वनि अवश्रव्य (इन्फ्रासोनिक) होती है और 20,000 हर्ट्ज से ऊपर की ध्वनि पराश्रव्य (अल्ट्रासोनिक) होती है — दोनों ही हमें सुनाई नहीं देतीं। (यह ऊपरी सीमा आयु के साथ घटती जाती है।)
- (b)80 हर्ट्ज–100 हर्ट्ज — बहुत संकीर्ण — मनुष्य 80 हर्ट्ज से बहुत नीचे और 100 हर्ट्ज से बहुत ऊपर की आवृत्तियाँ सहज ही सुन लेते हैं। यह वास्तविक सीमा का केवल एक छोटा-सा टुकड़ा है।
- (c)2 लाख हर्ट्ज–4 लाख हर्ट्ज — '2 लाख से 4 लाख हर्ट्ज' (200,000–400,000 हर्ट्ज) चमगादड़ों व डॉल्फिनों द्वारा प्रयुक्त पराश्रव्य सीमा में गहराई तक है — मानव श्रवण से बहुत आगे।
- (d)0 हर्ट्ज–20 हर्ट्ज — यह अवश्रव्य (20 हर्ट्ज से नीचे) सीमा है, जिसे मानव कान ध्वनि के रूप में अनुभव नहीं कर सकता।
ध्वनि को आवृत्ति के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। अवश्रव्य: 20 हर्ट्ज से नीचे (महसूस होती है, सुनाई नहीं देती — जैसे भूकंप)। श्रव्य: लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज — मानव श्रवण सीमा। पराश्रव्य: 20,000 हर्ट्ज से ऊपर — चमगादड़ व डॉल्फिन प्रतिध्वनि-स्थान (echolocation) के लिए तथा चिकित्सा अल्ट्रासाउंड में प्रयुक्त। आवृत्ति हर्ट्ज (Hz) में मापी जाती है, जहाँ 1 हर्ट्ज = प्रति सेकंड एक कंपन।
प्रश्न में इकाइयों में जाल छिपा है। विकल्प C में 'लाख' (भारतीय प्रणाली में 100,000) प्रयुक्त है, इसलिए '2 लाख–4 लाख हर्ट्ज' पराश्रव्य है। मनुष्यों के लिए सुस्पष्ट बैंड 20 हर्ट्ज से 20 किलोहर्ट्ज़ याद रखें, और इससे नीचे सब कुछ अवश्रव्य, इससे ऊपर सब कुछ पराश्रव्य है।
- मानव श्रव्य सीमा: लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज (20 किलोहर्ट्ज़)।
- 20 हर्ट्ज से नीचे = अवश्रव्य; 20,000 हर्ट्ज से ऊपर = पराश्रव्य।
- आवृत्ति की इकाई हर्ट्ज (Hz) = प्रति सेकंड कंपन; 1 लाख = 100,000।
- आयु और शोर-अनावरण के साथ ऊपरी श्रवण सीमा घटती जाती है।
मनुष्य केवल मध्य बैंड, 20 हर्ट्ज से 20 किलोहर्ट्ज़, ही सुनते हैं।
- 'लाख' को गलत पढ़कर पराश्रव्य 2–4 लाख हर्ट्ज विकल्प चुन लेना
- श्रव्य बैंड को अवश्रव्य (0–20 हर्ट्ज) सीमा से गड्डमड्ड करना
इसे सीधे ('मनुष्य की श्रव्यता सीमा') या अवश्रव्य/पराश्रव्य सीमाओं के माध्यम से पूछा जाता है। संख्याएँ स्थिर करें: 20 हर्ट्ज और 20,000 हर्ट्ज।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
20,000 हर्ट्ज से ऊपर की आवृत्ति वाली, मनुष्यों को सुनाई न देने वाली ध्वनि क्या कहलाती है?
- (a)अवश्रव्य
- (b)पराश्रव्य
- (c)सुपरसोनिक
- (d)श्रव्य
उत्तर(b) पराश्रव्य — 'सुपरसोनिक' ध्वनि से तेज़ चाल को संदर्भित करता है, आवृत्ति को नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मानव श्रवण सीमा से परे पराश्रव्य ध्वनि (प्रतिध्वनि-स्थान) के प्रयोग के लिए कौन-सा जंतु प्रसिद्ध है?
- (a)हाथी
- (b)चमगादड़
- (c)गाय
- (d)गौरैया
उत्तर(b) चमगादड़ — यह पराश्रव्य प्रतिध्वनि-स्थान का उपयोग करके दिशा-ज्ञान व शिकार करता है।