हरे पौधों द्वारा प्रकाश-संश्लेषण प्रक्रिया में प्रयुक्त सौर ऊर्जा का रूपान्तरण किस रूप में होता है?
- (a)रासायनिक ऊर्जा
- (b)भौतिक ऊर्जा
- (c)(A) और (B) दोनों
- (d)उपर्युक्त में से कोई नहीं
सही उत्तर — (a) रासायनिक ऊर्जा। प्रकाश-संश्लेषण में, पर्णहरित (क्लोरोफिल) सूर्य से प्राप्त विकिरण (प्रकाश) ऊर्जा को ग्रहण करता है और इसका उपयोग कार्बन डाइऑक्साइड व जल से ग्लूकोज बनाने में करता है। प्रकाश ऊर्जा अंततः उस ग्लूकोज के रासायनिक बंधों में संचित हो जाती है — अर्थात यह रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। पौधे (और बाद में उन्हें खाने वाले जंतु) श्वसन के दौरान इस संचित रासायनिक ऊर्जा को मुक्त करते हैं।
- (b)भौतिक ऊर्जा — प्रकाश-संश्लेषण कार्बोहाइड्रेट के रासायनिक बंधों में ऊर्जा संचित करता है, किसी अस्पष्ट 'भौतिक ऊर्जा' के रूप में नहीं। 'भौतिक ऊर्जा' प्रकाश अभिक्रियाओं का मान्य उत्पाद नहीं है।
- (c)(A) और (B) दोनों — चूँकि रूपान्तरण केवल रासायनिक ऊर्जा में होता है, इसलिए 'दोनों' गलत है — भौतिक ऊर्जा उत्पन्न नहीं होती।
- (d)उपर्युक्त में से कोई नहीं — गलत — एक निश्चित उत्पाद, रासायनिक ऊर्जा, बनता है, इसलिए 'कोई नहीं' सही नहीं हो सकता।
प्रकाश-संश्लेषण एक ऊर्जा-रूपांतरण प्रक्रिया है: प्रकाश ऊर्जा को हरे वर्णक क्लोरोफिल द्वारा ग्रहण किया जाता है और ग्लूकोज (C6H12O6) में संचित रासायनिक ऊर्जा में रूपांतरित किया जाता है। समग्र अभिक्रिया है: 6CO2 + 6H2O + प्रकाश ऊर्जा -> C6H12O6 + 6O2। श्वसन बाद में इसे उलट देता है, कोशिका के उपयोग हेतु संचित रासायनिक ऊर्जा को मुक्त करता है।
जाल 'भौतिक' शब्द में है। परीक्षाएँ यह परखती हैं कि क्या आप संचित ऊर्जा के सटीक रूप को जानते हैं — यह रासायनिक (बंध) ऊर्जा है, ऊष्मा, प्रकाश या 'भौतिक' ऊर्जा नहीं। श्रृंखला याद रखें: प्रकाश ऊर्जा -> क्लोरोफिल -> ग्लूकोज में रासायनिक ऊर्जा।
- प्रकाश-संश्लेषण प्रकाश (सौर) ऊर्जा को ग्लूकोज में संचित रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
- क्लोरोफिल वह वर्णक है जो इस प्रक्रिया को संचालित करने हेतु प्रकाश अवशोषित करता है।
- प्रकाश-संश्लेषण का स्थल: हरित पादप कोशिकाओं में हरितलवक (क्लोरोप्लास्ट)।
- समग्र अभिक्रिया: 6CO2 + 6H2O + प्रकाश -> ग्लूकोज + 6O2; ऑक्सीजन उपोत्पाद के रूप में मुक्त होती है।
- रासायनिक ऊर्जा के स्थान पर 'भौतिक ऊर्जा' या 'दोनों' चुनना
- प्रकाश-संश्लेषण (ऊर्जा संचित करता है) को श्वसन (ऊर्जा मुक्त करता है) से गड्डमड्ड करना
MPPSC और UPSC इसे एक-पंक्ति ऊर्जा-रूपांतरण तथ्य के रूप में, या प्रक्रिया को उसकी कोशिकांग/उत्पाद से मिलाकर पूछते हैं। स्थिर करें: प्रकाश ऊर्जा -> रासायनिक ऊर्जा (ग्लूकोज), हरितलवक में।
निम्नलिखित में से कौन-सी प्रक्रिया प्रकाश-संश्लेषण में सम्मिलित है?
- (a) स्थितिज ऊर्जा मुक्त होकर मुक्त ऊर्जा बनाती है
- (b) मुक्त ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तित होकर संचित होती है
- (c) भोजन का ऑक्सीकरण होकर कार्बन डाइऑक्साइड व जल मुक्त होता है
- (d) ऑक्सीजन ग्रहण की जाती है, तथा कार्बन डाइऑक्साइड व जलवाष्प बाहर निकाली जाती है
उत्तर(b) मुक्त ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तित होकर संचित होती है
वही विचार — प्रकाश-संश्लेषण सूर्य की विकिरित (मुक्त) ऊर्जा को कार्बोहाइड्रेट में संचित रासायनिक/स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
हरे पौधों में, प्रकाश-संश्लेषण मुख्यतः किस कोशिकांग में होता है?
- (a)सूत्रकणिका
- (b)हरितलवक
- (c)राइबोसोम
- (d)केंद्रक
उत्तर(b) हरितलवक — इसमें क्लोरोफिल होता है और यह प्रकाश-संश्लेषण का स्थल है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
प्रकाश-संश्लेषण के दौरान, ग्रहण की गई प्रकाश ऊर्जा अंततः किसमें रासायनिक ऊर्जा के रूप में संचित होती है?
- (a)जल के अणुओं में
- (b)ऑक्सीजन गैस में
- (c)ग्लूकोज (कार्बोहाइड्रेट) में
- (d)मृदा के खनिजों में
उत्तर(c) ग्लूकोज (कार्बोहाइड्रेट) में — इसके रासायनिक बंधों में संचित ऊर्जा होती है।