यूनेस्को वर्ष 2000 से 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में मना रहा है । अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने संबंधी विचार की पहल निम्नलिखित में से किस राष्ट्र ने की थी ?
- (a)श्रीलंका
- (b)बाँग्लादेश
- (c)भारत
- (d)नेपाल
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — B, (b) बाँग्लादेश । अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने का प्रस्ताव बाँग्लादेश की पहल पर आया था और यूनेस्को के महासम्मेलन ने 1999 में उसे स्वीकार किया ; तब से 21 फरवरी को यह दिवस विश्व भर में मनाया जाता है । तिथि का चुनाव ही इस प्रश्न का उत्तर समझा देता है । 21 फरवरी 1952 को ढाका में भाषा को लेकर हुए आंदोलन में कुछ लोगों की जान गई थी । पृष्ठभूमि यह थी कि 1947 के बाद बने पाकिस्तान की जनसंख्या का बड़ा भाग पूर्वी हिस्से में था और वहाँ की भाषा बांग्ला थी, फिर भी राजभाषा के रूप में केवल उर्दू को रखने का प्रस्ताव सामने आया । इसके विरोध में जो आंदोलन उठा उसे भाषा आंदोलन कहा जाता है, और 21 फरवरी 1952 उसका सबसे मार्मिक दिन बना, जब ढाका विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और अन्य लोगों पर गोली चली । उनकी स्मृति में ढाका में शहीद मीनार बना और बाद में बांग्ला को भी राजभाषा का दर्जा मिला । यही आंदोलन आगे चलकर पूर्वी हिस्से की अलग पहचान की राजनीति का आधार बना, जिसकी परिणति 1971 में बाँग्लादेश के उदय में हुई । इसीलिए इस दिवस का प्रस्ताव उसी देश से आना स्वाभाविक था जिसके राष्ट्र-निर्माण की कथा भाषा से आरंभ होती है । दिवस का उद्देश्य केवल स्मरण नहीं है । यूनेस्को इसे भाषाई और सांस्कृतिक विविधता, बहुभाषिकता तथा मातृभाषा में शिक्षा को बढ़ावा देने के अवसर के रूप में मनाता है, और हर वर्ष उसका एक विषय रखा जाता है । संसार की हज़ारों भाषाओं में से बहुत सी लुप्त होने के संकट में हैं, और उन्हीं की ओर ध्यान खींचना इस आयोजन का मुख्य प्रयोजन है ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)श्रीलंका — श्रीलंका का भाषा-प्रश्न अपने आप में महत्वपूर्ण है और यही इस विकल्प को आकर्षक बनाता है, पर इस दिवस की पहल वहाँ से नहीं आई । स्वतंत्रता के बाद वहाँ 1956 में सिंहल को एकमात्र राजभाषा बनाने का क़ानून आया, जिससे तमिल भाषी समुदाय में गहरा असंतोष उपजा और वह असंतोष आगे के दशकों के जातीय संघर्ष का एक बड़ा कारण बना ; बहुत बाद में संविधान संशोधन के द्वारा तमिल को भी राजभाषा का दर्जा दिया गया । अर्थात् वहाँ भी भाषा राजनीति का केंद्रीय प्रश्न रही । पर प्रश्न यह पूछ रहा है कि इस दिवस का विचार किस राष्ट्र की पहल से आया, और उसका उत्तर उसी देश से जुड़ा है जिसके इतिहास में 21 फरवरी की तिथि अंकित है ।
- (c)भारत — भारत भी बहुभाषी देश है और उसकी भाषा-नीति की अपनी लंबी कथा है — संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध भाषाएँ, राजभाषा से जुड़े उपबंध, भाषा के आधार पर राज्यों का पुनर्गठन, और शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की व्यवस्था । इसीलिए यह विकल्प पढ़ने में असंगत नहीं लगता । पर इस दिवस की पहल भारत की नहीं थी । ध्यान देने योग्य बात यह है कि बांग्ला भारत और बाँग्लादेश दोनों में बोली जाती है और 21 फरवरी की स्मृति पश्चिम बंगाल में भी है, जिससे भ्रम और बढ़ जाता है । ऐसे प्रश्नों में यह पूछना उपयोगी होता है कि उस विशेष तिथि की घटना कहाँ घटी थी — तिथि प्रायः स्वयं उत्तर की ओर संकेत कर देती है ।
- (d)नेपाल — नेपाल में भी अनेक भाषाएँ बोली जाती हैं और वहाँ भी भाषा तथा पहचान से जुड़े प्रश्न सार्वजनिक बहस का विषय रहे हैं, पर इस दिवस से उसका कोई संबंध नहीं । यह विकल्प केवल इसलिए रखा गया है कि सूची में चारों नाम दक्षिण एशिया के हों और चुनाव क्षेत्र के आधार पर न किया जा सके । ऐसे प्रश्नों में सबसे भरोसेमंद कड़ी तिथि है : यदि यह याद हो कि 21 फरवरी 1952 की घटना ढाका की है, तो शेष तीनों विकल्प एक साथ कट जाते हैं । इसीलिए अंतरराष्ट्रीय दिवसों की तैयारी करते समय केवल तिथि और नाम मत याद कीजिए, उसके पीछे की घटना भी लिखिए — वही घटना प्रश्न के हर रूप का उत्तर दे देती है ।
अवधारणा
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस प्रत्येक वर्ष 21 फरवरी को मनाया जाता है । यूनेस्को के महासम्मेलन ने 1999 में इसकी घोषणा की और सन 2000 से इसका आयोजन आरंभ हुआ ; इसका प्रस्ताव बाँग्लादेश की पहल पर आया था । तिथि का आधार 21 फरवरी 1952 की वह घटना है जब ढाका में बांग्ला को राजभाषा का दर्जा देने की माँग करते हुए विद्यार्थियों और अन्य लोगों पर गोली चली । उस आंदोलन को भाषा आंदोलन कहा जाता है और ढाका का शहीद मीनार उसी की स्मृति में बना है ; कुछ वर्ष बाद बांग्ला को भी राजभाषा का दर्जा मिला । दिवस का उद्देश्य भाषाई तथा सांस्कृतिक विविधता, बहुभाषिकता और मातृभाषा में शिक्षा को बढ़ावा देना है । यूनेस्को का यह आग्रह शिक्षा-शास्त्र के उस निष्कर्ष पर टिका है कि आरंभिक वर्षों में बालक अपनी मातृभाषा में सबसे अच्छी तरह सीखता है, और आगे की भाषाएँ भी उसी नींव पर अधिक सरलता से आती हैं । यूनेस्को स्वयं संयुक्त राष्ट्र की वह विशेष एजेंसी है जिसकी स्थापना 1945 में हुई और जिसका मुख्यालय पेरिस में है ; शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति उसके कार्यक्षेत्र हैं ।
अंतरराष्ट्रीय दिवसों पर प्रश्न लगभग हर परीक्षा में आते हैं और वे तीन रूप लेते हैं — तिथि पूछना, आयोजक संस्था पूछना, या उस दिवस की पृष्ठभूमि पूछना । यह प्रश्न तीसरा रूप है और वही सबसे अच्छा प्रश्न भी है, क्योंकि उसमें केवल तिथि रटने से काम नहीं चलता । तैयारी की दृष्टि से सबसे उपयोगी विधि यह है कि हर दिवस के सामने चार बातें लिखी जाएँ — तिथि, घोषित करने वाली संस्था, आरंभ का वर्ष और उसके पीछे की घटना । जहाँ कोई ऐतिहासिक घटना जुड़ी हो, वहाँ तिथि स्वयं याद रह जाती है, क्योंकि उसका कोई कारण होता है । भाषा से जुड़े इस दिवस के साथ भारत के अपने भाषा-प्रश्न भी पढ़ लीजिए — आठवीं अनुसूची, राजभाषा संबंधी उपबंध और भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन — क्योंकि प्रश्न इनमें से किसी भी दिशा से आ सकता है ।
मुख्य तथ्य
- अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस प्रत्येक वर्ष 21 फरवरी को मनाया जाता है और यूनेस्को ने 1999 में इसकी घोषणा की ।
- इसका आयोजन सन 2000 से आरंभ हुआ और इसका प्रस्ताव बाँग्लादेश की पहल पर आया था ।
- तिथि का आधार 21 फरवरी 1952 की वह घटना है जब ढाका में बांग्ला को राजभाषा बनाने की माँग करते लोगों पर गोली चली ।
- उस आंदोलन को भाषा आंदोलन कहा जाता है और ढाका का शहीद मीनार उसी की स्मृति में बना है ।
- दिवस का उद्देश्य भाषाई तथा सांस्कृतिक विविधता, बहुभाषिकता और मातृभाषा में शिक्षा को बढ़ावा देना है ।
- यूनेस्को संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी है, जिसकी स्थापना 1945 में हुई और जिसका मुख्यालय पेरिस में है ।
- श्रीलंका में 1956 में सिंहल को एकमात्र राजभाषा बनाने का क़ानून आया, और बहुत बाद में संविधान संशोधन से तमिल को भी वह दर्जा मिला ।
- भारत में भाषा से जुड़े प्रमुख संवैधानिक प्रावधान आठवीं अनुसूची तथा राजभाषा संबंधी उपबंध हैं ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- दिवस की तिथि याद रखना पर उसकी पृष्ठभूमि न जानना ; प्रश्न प्रायः पृष्ठभूमि से ही आता है ।
- घोषणा के वर्ष और आयोजन के आरंभ वर्ष को एक मान लेना ; घोषणा 1999 में हुई और आयोजन 2000 से ।
- बांग्ला भाषा के भारत में भी बोले जाने के कारण पहल का श्रेय भारत को दे देना ।
- यूनेस्को और संयुक्त राष्ट्र की अन्य एजेंसियों के कार्यक्षेत्र गड्डमड्ड कर देना ।
- क्षेत्र के आधार पर विकल्प चुन लेना ; यहाँ चारों विकल्प दक्षिण एशिया के हैं ।
सामान्य ज्ञान और समसामयिकी के खंड में अंतरराष्ट्रीय दिवस, संगठन और सम्मेलन एक स्थायी विषय हैं । इस प्रश्न की बनावट यह दिखाती है कि केवल सूची रटना पर्याप्त नहीं : यहाँ तिथि पहले ही स्टेम में दे दी गई है और पूछा यह गया है कि इसकी पहल किसने की, अर्थात् उत्तर घटना की जानकारी से आएगा, तिथि की स्मृति से नहीं । इसलिए तैयारी में हर दिवस के साथ उसका कारण अवश्य लिखिए । दूसरी उपयोगी आदत यह है कि प्रश्न में दिए गए संकेतों को जोड़कर देखिए — यहाँ तिथि, दिवस का विषय और विकल्पों का दक्षिण एशियाई होना तीनों एक ही दिशा में इशारा करते हैं । तीसरी बात, ऐसे प्रश्नों में विकल्प प्रायः एक ही क्षेत्र या एक ही श्रेणी के होते हैं, इसलिए भूगोल या परिचितता से चुनाव नहीं हो सकता ; निर्णय उसी एक तथ्य से होगा जो प्रश्न की धुरी है ।
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अभ्यास
- practice — not a real PYQ
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की घोषणा निम्नलिखित में से किस संस्था ने की थी ?
- (a)संयुक्त राष्ट्र बाल कोष
- (b)यूनेस्को
- (c)विश्व स्वास्थ्य संगठन
- (d)अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन
उत्तर(b) यूनेस्को — उसके महासम्मेलन ने 1999 में इसकी घोषणा की और आयोजन सन 2000 से आरंभ हुआ ।
- practice — not a real PYQ
ढाका का शहीद मीनार निम्नलिखित में से किस घटना की स्मृति में बनाया गया है ?
- (a)1971 के मुक्ति संग्राम
- (b)1952 के भाषा आंदोलन
- (c)1947 के विभाजन
- (d)1970 के चक्रवात
उत्तर(b) 1952 के भाषा आंदोलन — 21 फरवरी 1952 को बांग्ला को राजभाषा बनाने की माँग करते लोगों पर गोली चली थी ।