यदि ‘a’, ‘b’ के साथ परिवर्तित होता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं ? 1. a^2b का nवाँ मूल, a^4b^2 के (2n)वें मूल के साथ परिवर्तित होता है । 2. a/b^2 , b के साथ व्युत्क्रमानुपाती रूप से परिवर्तित होता है । नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)1 और 2 दोनों
- (d)न तो 1, न ही 2
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, (c) 1 और 2 दोनों । पहले यह तय कीजिए कि दिया क्या गया है । a, b के साथ परिवर्तित होता है, अर्थात् a और b में सीधा समानुपात है और कोई अचर k ऐसा है कि a बराबर k गुणा b । अब दोनों कथन अलग-अलग जाँचिए । कथन 1 कहता है कि a के वर्ग और b के गुणनफल का n-वाँ मूल, a की चौथी घात और b के वर्ग के गुणनफल के 2n-वें मूल के साथ परिवर्तित होता है । सबसे सीधा रास्ता यह देखना है कि a की चौथी घात गुणा b का वर्ग वस्तुतः a के वर्ग गुणा b का ही वर्ग है । अर्थात् दूसरी राशि पहली राशि का वर्ग है । और किसी राशि के वर्ग का 2n-वाँ मूल उसी राशि का n-वाँ मूल होता है, क्योंकि घातांक 2 को 2n से भाग देने पर 1 बटा n ही बचता है । इसलिए दोनों राशियाँ केवल समानुपाती नहीं, आपस में बराबर हैं — और बराबर राशियाँ स्पष्ट रूप से एक-दूसरे के साथ परिवर्तित होती हैं । यही बात प्रतिस्थापन से भी देखी जा सकती है : a की जगह k गुणा b रखने पर पहली राशि k के वर्ग गुणा b के घन का n-वाँ मूल बनती है और दूसरी राशि k की चौथी घात गुणा b की छठी घात का 2n-वाँ मूल — दोनों में b की घात 3 बटा n ही आती है, केवल अचर अलग-अलग दिखते हैं, और अचर से समानुपात नहीं टूटता । अतः कथन 1 सही है । कथन 2 कहता है कि a बटा b का वर्ग, b के साथ व्युत्क्रमानुपाती रूप से परिवर्तित होता है । यहाँ भी प्रतिस्थापन से बात खुल जाती है : a की जगह k गुणा b रखिए तो राशि k गुणा b बटा b का वर्ग बनती है, अर्थात् k बटा b । और k बटा b स्पष्ट रूप से b के व्युत्क्रम के समानुपाती है । इसलिए कथन 2 भी सही है, और दोनों कथनों को लेने वाला विकल्प ही उत्तर है ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)केवल 1 — यह विकल्प दूसरे कथन को ग़लत मानता है, जबकि वह सही है । भूल प्रायः यहाँ होती है कि अभ्यर्थी a और b को स्वतंत्र चर मान लेता है और a बटा b का वर्ग देखकर सोचता है कि यह तो b के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती है, b के नहीं । पर प्रश्न की शर्त यही है कि a स्वतंत्र नहीं है — वह b के साथ बदलता है । इसलिए हर के b के वर्ग में से एक b, अंश के a के भीतर छिपे b से कट जाता है और शेष रहता है k बटा b । यही इस प्रश्न का पूरा कौशल है : दी गई शर्त को हर राशि में प्रतिस्थापित कीजिए, तब देखिए कि क्या बचता है । जहाँ किसी प्रश्न में एक चर दूसरे पर निर्भर बताया गया हो, वहाँ उसे स्वतंत्र मानकर की गई कोई भी गणना ग़लत दिशा में ले जाएगी ।
- (b)केवल 2 — यह विकल्प पहले कथन को ग़लत मानता है, जबकि वहाँ दोनों राशियाँ वस्तुतः बराबर हैं । कथन 1 पढ़ने में जटिल लगता है, क्योंकि उसमें दो मूल और चार घातें एक साथ हैं ; इसी कारण अनेक अभ्यर्थी उसे बिना जाँचे ग़लत मान लेते हैं । पर जाँच बहुत छोटी है — केवल यह देखना है कि a की चौथी घात गुणा b का वर्ग, a के वर्ग गुणा b का वर्ग है, और किसी राशि के वर्ग का 2n-वाँ मूल उसी राशि का n-वाँ मूल होता है । घातांक की भाषा में कहें तो पहली राशि की घात 1 बटा n है और दूसरी की 2 बटा 2n, और ये दोनों एक ही संख्या हैं । लंबा दिखने वाला कथन कठिन हो, यह आवश्यक नहीं ; प्रायः लंबाई ही उसका छद्म होती है ।
- (d)न तो 1, न ही 2 — यह विकल्प तभी सही होता जब दोनों कथन ग़लत होते, पर दोनों सही हैं । ऐसे विकल्प उन अभ्यर्थियों के लिए रखे जाते हैं जिन्हें समानुपात की भाषा असुविधाजनक लगती है और जो घबराकर सबसे सुरक्षित दिखने वाला उत्तर चुन लेते हैं । यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस प्रश्न में कोई संख्या ही नहीं है — केवल अक्षर और घातें — इसलिए गणना का कोई ख़तरा नहीं, सारा काम परिभाषा लागू करने का है । समानुपात के प्रश्नों में सबसे भरोसेमंद विधि प्रतिस्थापन की है : सीधा समानुपात दिया हो तो एक चर को दूसरे के k गुना लिखकर हर राशि में रख दीजिए, और फिर देखिए कि शेष राशि में कौन-सा चर किस घात में बचा है । यह विधि हर बार काम करती है ।
अवधारणा
परिवर्तन अथवा समानुपात के तीन रूप याद रखने चाहिए । सीधा समानुपात — यदि a, b के साथ परिवर्तित होता है तो a बराबर k गुणा b, और a बटा b सदा अचर रहता है ; एक बढ़ने पर दूसरा उसी अनुपात में बढ़ता है । व्युत्क्रमानुपात — यदि a, b के व्युत्क्रमानुपाती है तो a गुणा b अचर रहता है, अर्थात् एक बढ़ने पर दूसरा उसी अनुपात में घटता है । संयुक्त समानुपात — जब कोई राशि एक साथ कई राशियों पर निर्भर हो, जैसे a, b के सीधे और c के व्युत्क्रमानुपाती हो तो a बराबर k गुणा b बटा c । इनसे कुछ उपयोगी नियम निकलते हैं । यदि a, b के समानुपाती है तो a की कोई भी घात b की उसी घात के समानुपाती होगी, और a का कोई भी मूल b के उसी मूल के समानुपाती । यदि a, b के समानुपाती है और b, c के, तो a भी c के समानुपाती होगा । किसी राशि को उसके अचर गुणक से गुणा करने पर समानुपात नहीं टूटता, इसलिए अचर की उपस्थिति से कभी घबराना नहीं चाहिए । घातांक के दो नियम भी यहाँ आवश्यक हैं — किसी राशि का n-वाँ मूल उसकी 1 बटा n घात है, और घात की घात में घातांक गुणा हो जाते हैं ।
इस प्रश्न में गणना कुछ भी नहीं है ; कठिनाई केवल भाषा और छपाई की है । मूल पुस्तिका में घातें ऊपर उठी हुई छपी हैं और भिन्न दो मंज़िलों में, जबकि यहाँ वे एक ही पंक्ति में लिखी गई हैं — इसलिए पढ़ते समय पहले यह तय कीजिए कि कौन-सा अंक घात है और कौन-सा भाजक । उसके बाद प्रतिस्थापन की विधि लगाइए और शेष अपने आप खुल जाएगा । इस प्रकार के प्रश्न इसलिए भी उपयोगी हैं कि वे यह सिखाते हैं कि कथन की लंबाई और उसकी कठिनाई में कोई संबंध नहीं होता । यहाँ पहला कथन दो मूलों और चार घातों के साथ आता है, फिर भी वह केवल इस एक तथ्य पर टिका है कि दूसरी राशि पहली का वर्ग है ; और दूसरा कथन छोटा है, फिर भी उसमें वह शर्त लगानी पड़ती है जो स्टेम में दी गई है ।
मुख्य तथ्य
- यदि a, b के साथ परिवर्तित होता है तो कोई अचर k ऐसा है कि a बराबर k गुणा b, और a बटा b सदा अचर रहता है ।
- व्युत्क्रमानुपात में दो राशियों का गुणनफल अचर रहता है, अर्थात् एक बढ़ने पर दूसरी उसी अनुपात में घटती है ।
- किसी राशि का n-वाँ मूल उसकी 1 बटा n घात है, और घात की घात लेने पर घातांक आपस में गुणा हो जाते हैं ।
- a की चौथी घात गुणा b का वर्ग वस्तुतः a के वर्ग गुणा b का वर्ग है, इसलिए उसका 2n-वाँ मूल पहली राशि का n-वाँ मूल ही है ।
- a की जगह k गुणा b रखने पर a बटा b का वर्ग सरल होकर k बटा b रह जाता है, जो b के व्युत्क्रमानुपाती है ।
- यदि a, b के समानुपाती है तो a की कोई भी घात या मूल b की उसी घात या मूल के समानुपाती होगा ।
- किसी राशि को अचर से गुणा करने पर समानुपात का संबंध नहीं टूटता ; अचर केवल अनुपात का मान बदलता है ।
- समानुपात के प्रश्नों की सबसे भरोसेमंद विधि प्रतिस्थापन है — एक चर को दूसरे के k गुना लिखकर हर राशि में रख दीजिए ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- दी गई शर्त भूलकर दोनों चरों को स्वतंत्र मान लेना । यहाँ a स्वतंत्र नहीं है, वह b के साथ बदलता है ।
- लंबे और जटिल दिखने वाले कथन को बिना जाँचे ग़लत मान लेना ; लंबाई कठिनाई का प्रमाण नहीं ।
- अचर को अनुपात तोड़ने वाला मान लेना । अचर से गुणा करने पर समानुपात बना रहता है ।
- मूल और घात के संबंध में भूल कर देना । किसी राशि के वर्ग का 2n-वाँ मूल उसी राशि का n-वाँ मूल है ।
- एक पंक्ति में लिखी भिन्न और घातों को पढ़ने में गड़बड़ी । पहले यह तय कीजिए कि कौन-सा अंक घात है और कौन-सा भाजक ।
संख्यात्मक अभियोग्यता के खंड में अनुपात और समानुपात नियमित विषय हैं, और कभी-कभी वे इस प्रश्न की तरह कथन-आधारित रूप में आते हैं । ऐसे प्रश्नों में तीन बातें ध्यान रखिए । पहली, कूट देखने से पहले हर कथन को अलग-अलग सही या ग़लत ठहराइए ; कूट पहले पढ़ लेने पर मन किसी एक विकल्प की ओर झुक जाता है । दूसरी, स्टेम में दी गई शर्त को हर कथन पर लागू कीजिए — यहाँ वह शर्त यही है कि a, b के साथ परिवर्तित होता है, और उसे भुला देने पर दूसरा कथन ग़लत दिखने लगता है । तीसरी, गणितीय कथनों में प्रतिस्थापन से बड़ा कोई औज़ार नहीं । अक्षरों की जगह सरलतम रूप रखकर देख लेना — या आवश्यकता हो तो कोई छोटी संख्या रखकर जाँच लेना — प्रायः कुछ सेकंड में निर्णय दे देता है । यह भी ध्यान रखिए कि इस प्रकार के प्रश्नों में कोई गणना नहीं होती, इसलिए यहाँ समय बचाने की गुंजाइश सबसे अधिक है ।
संबंधित PYQ
EPFO_EOAO_2020_Q82खोलें व हल करें →If the ratio of speeds of ‘A’ and ‘B’ is 5 : 6 and ‘B’ allows ‘A’ a start of 70 metres in a 1·2 km race, who will win the race and by what distance ?
- (a) ‘A’ wins by 30 m.
- (b) ‘B’ wins by 200 m.
- (c) ‘B’ wins by 130 m.
- (d) The race finishes in a dead heat.
उत्तर(c) ‘B’ wins by 130 m.
इसी खंड का दौड़ संबंधी प्रश्न, जिसमें चालों का अनुपात सीधे लागू होता है ।
EPFO_EOAO_2020_Q81खोलें व हल करें →Which one of the following is the average of all prime numbers between 21 and 55 ?
- (a) 35·85
- (b) 36·71
- (c) 38·00
- (d) 39·00
उत्तर(c) 38·00
संख्यात्मक खंड का औसत संबंधी प्रश्न — अभाज्य संख्याओं का औसत ।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
यदि कोई राशि a, b के व्युत्क्रमानुपाती है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा सदा अचर रहेगा ?
- (a)a और b का योग
- (b)a और b का गुणनफल
- (c)a बटा b
- (d)a और b का अंतर
उत्तर(b) a और b का गुणनफल — व्युत्क्रमानुपात की परिभाषा यही है कि दोनों का गुणनफल अचर रहे ।
- practice — not a real PYQ
यदि a, b के साथ सीधे परिवर्तित होता है, तो a का वर्ग निम्नलिखित में से किसके साथ परिवर्तित होगा ?
- (a)b के साथ
- (b)b के वर्ग के साथ
- (c)b के व्युत्क्रम के साथ
- (d)b के घन के साथ
उत्तर(b) b के वर्ग के साथ — a बराबर k गुणा b रखने पर a का वर्ग k के वर्ग गुणा b का वर्ग बनता है ।