1-bit सूचना के संचयन के लिए प्रयुक्त किसी अनुक्रमिक इलेक्ट्रॉनिक परिपथ को निम्नलिखित में से किस रूप में निर्दिष्ट किया जाता है ?
- (a)रजिस्टर
- (b)ट्रांज़िस्टर
- (c)फ्लिप-फ्लॉप
- (d)कैपेसिटर
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, (c) फ्लिप-फ्लॉप । स्टेम में तीन शर्तें एक साथ रखी गई हैं और तीनों को पूरा करने वाली वस्तु केवल एक है : यह अनुक्रमिक परिपथ हो, इलेक्ट्रॉनिक परिपथ हो, और ठीक एक बिट सूचना संचित करता हो । अंकीय परिपथ दो प्रकार के होते हैं । संयोजनात्मक परिपथ का निर्गम केवल उसी क्षण के निवेश पर निर्भर करता है — जोड़ने वाला परिपथ, बहुसंकेतक, कूटक, विकूटक इसी श्रेणी में हैं । अनुक्रमिक परिपथ का निर्गम वर्तमान निवेश के साथ-साथ पिछली अवस्था पर भी निर्भर करता है, अर्थात् उसमें स्मृति होती है । स्मृति की यह सबसे छोटी इकाई फ्लिप-फ्लॉप है । फ्लिप-फ्लॉप द्विस्थायी परिपथ है : उसकी दो स्थिर अवस्थाएँ होती हैं, 0 और 1, और वह किसी बाहरी संकेत तक अपनी अवस्था बनाए रखता है । इसे तर्क द्वारों से — प्रायः दो नॉर या दो नैंड द्वारों को आपस में पृष्ठ-पोषित करके — बनाया जाता है, इसलिए यह सचमुच एक परिपथ है, कोई अकेला अवयव नहीं । इसके प्रचलित प्रकार हैं एस-आर, जे-के, डी और टी ; जे-के फ्लिप-फ्लॉप एस-आर की उस कमी को दूर करता है जिसमें दोनों निवेश एक साथ 1 होने पर अवस्था अनिश्चित हो जाती थी । घड़ी संकेत से चलने वाले फ्लिप-फ्लॉप को कालबद्ध कहा जाता है, और जो केवल स्तर से चले उसे लैच । यही एक बिट की इकाई जुड़-जुड़कर बड़ी संरचनाएँ बनाती है : आठ फ्लिप-फ्लॉप का समूह एक बाइट का रजिस्टर बनता है, फ्लिप-फ्लॉपों की शृंखला शिफ़्ट रजिस्टर और गिनक बनाती है, और स्थैतिक रैम की हर कोशिका भी इसी सिद्धांत पर टिकी है । इसलिए 1-bit सूचना संचित करने वाला अनुक्रमिक परिपथ फ्लिप-फ्लॉप ही है ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)रजिस्टर — रजिस्टर भी अनुक्रमिक परिपथ है और सूचना भी संचित करता है, पर एक बिट नहीं — वह बिटों का समूह रखता है । रजिस्टर वस्तुतः कई फ्लिप-फ्लॉपों को साथ जोड़कर बनाया जाता है : आठ फ्लिप-फ्लॉप मिलकर एक बाइट का रजिस्टर बनाते हैं, बत्तीस मिलकर बत्तीस बिट का । प्रश्न में संख्या स्पष्ट रूप से दी गई है — 1-bit — और वही इस विकल्प को काटती है, क्योंकि प्रश्न भंडारण की सबसे छोटी इकाई पूछ रहा है, उससे बनी संरचना नहीं । इसे इस तरह याद रखिए : फ्लिप-फ्लॉप ईंट है और रजिस्टर उससे बनी दीवार । जहाँ प्रश्न में संख्या या इकाई दी हो, वहाँ वही संख्या विकल्पों में निर्णायक होती है, इसलिए स्टेम की संख्या कभी हल्के में मत लीजिए ।
- (b)ट्रांज़िस्टर — ट्रांज़िस्टर परिपथ नहीं, एक अर्धचालक अवयव है — वह स्विच या प्रवर्धक की तरह काम करता है और उसी से तर्क द्वार बनते हैं, तर्क द्वारों से फ्लिप-फ्लॉप और फ्लिप-फ्लॉप से रजिस्टर । अर्थात् वह इस श्रृंखला में सबसे नीचे की सीढ़ी है, स्मृति की इकाई नहीं । अकेला ट्रांज़िस्टर स्वयं कोई अवस्था याद नहीं रखता ; निवेश हटते ही उसकी दशा बदल जाती है । स्मृति तब बनती है जब दो द्वारों को इस प्रकार पृष्ठ-पोषित किया जाए कि एक का निर्गम दूसरे का निवेश बने और दोनों मिलकर अवस्था को स्वयं थामे रखें । यही फ्लिप-फ्लॉप है । इसलिए ट्रांज़िस्टर को उत्तर मानना सामग्री और संरचना का भेद मिटा देना है ।
- (d)कैपेसिटर — कैपेसिटर आवेश संचित करता है और यही इस विकल्प को आकर्षक बनाता है — गतिक रैम की हर कोशिका में सचमुच एक कैपेसिटर और एक ट्रांज़िस्टर होते हैं, और आवेश की उपस्थिति या अनुपस्थिति ही वहाँ एक बिट का अर्थ रखती है । फिर भी कैपेसिटर अनुक्रमिक परिपथ नहीं है । वह एक निष्क्रिय अवयव है, तर्क द्वारों से बनी कोई संरचना नहीं, और उसमें रखा आवेश धीरे-धीरे रिस जाता है — इसीलिए गतिक रैम को हर कुछ मिलीसेकंड में ताज़ा करना पड़ता है, जबकि फ्लिप-फ्लॉप बिजली रहने तक अपनी अवस्था स्वयं थामे रहता है और स्थैतिक रैम को ताज़ा करने की आवश्यकता नहीं होती । प्रश्न ने अनुक्रमिक इलेक्ट्रॉनिक परिपथ शब्द जानबूझकर रखा है, और वही इस विकल्प को बाहर कर देता है ।
अवधारणा
अंकीय परिपथ दो वर्गों में बाँटे जाते हैं । संयोजनात्मक परिपथ में निर्गम केवल वर्तमान निवेश से तय होता है और उसमें स्मृति नहीं होती — योजक, बहुसंकेतक, कूटक, विकूटक और तुलनित्र इसी वर्ग में हैं । अनुक्रमिक परिपथ में निर्गम वर्तमान निवेश और पिछली अवस्था दोनों से तय होता है, इसलिए उसमें स्मृति तत्व अनिवार्य है, और वह तत्व फ्लिप-फ्लॉप है । फ्लिप-फ्लॉप द्विस्थायी परिपथ है जो एक बिट धारण करता है और उसे बदलने का संकेत मिलने तक बनाए रखता है । उसके प्रमुख प्रकार हैं — एस-आर, जिसमें दोनों निवेश एक साथ सक्रिय होने पर अवस्था अनिश्चित हो जाती है ; जे-के, जो उस दशा में अवस्था पलट देता है ; डी, जो निवेश को ज्यों का त्यों संचित करता है और इसीलिए आँकड़ा भंडारण में सबसे प्रचलित है ; और टी, जो प्रत्येक संकेत पर अवस्था पलटता है तथा गिनक बनाने में काम आता है । लैच और फ्लिप-फ्लॉप का अंतर यह है कि लैच स्तर से चलता है और फ्लिप-फ्लॉप प्रायः घड़ी संकेत के किनारे से । फ्लिप-फ्लॉपों को जोड़कर रजिस्टर, शिफ़्ट रजिस्टर, गिनक और स्थैतिक रैम की कोशिकाएँ बनाई जाती हैं ।
इस प्रश्न में चारों विकल्प इलेक्ट्रॉनिकी की एक ही श्रृंखला के अलग-अलग स्तर हैं, और यही इसका ढाँचा है : ट्रांज़िस्टर सबसे नीचे का अवयव, कैपेसिटर उसके साथ काम आने वाला निष्क्रिय अवयव, फ्लिप-फ्लॉप उनसे बना एक-बिट का परिपथ, और रजिस्टर उससे बनी बड़ी इकाई । ऐसे प्रश्न में उत्तर वही होता है जो स्टेम की सबसे विशिष्ट शर्त पर खरा उतरे — यहाँ 1-bit और अनुक्रमिक परिपथ । कंप्यूटर के प्रश्नों में स्मृति की यह सीढ़ी अन्य रूपों में भी लौटती है : बिट से बाइट, बाइट से शब्द, रजिस्टर से कैश, कैश से मुख्य स्मृति, मुख्य स्मृति से द्वितीयक भंडारण । हिन्दी स्तंभ में यहाँ 1-bit रोमन लिपि में छपा है, शेष स्टेम देवनागरी में — यह इस पुस्तिका की सामान्य शैली है ।
मुख्य तथ्य
- फ्लिप-फ्लॉप द्विस्थायी अनुक्रमिक परिपथ है जो एक बिट सूचना संचित करता है और संकेत मिलने तक अपनी अवस्था बनाए रखता है ।
- संयोजनात्मक परिपथ का निर्गम केवल वर्तमान निवेश पर निर्भर करता है ; अनुक्रमिक परिपथ का निर्गम पिछली अवस्था पर भी ।
- फ्लिप-फ्लॉप प्रायः दो नॉर या दो नैंड द्वारों को पृष्ठ-पोषित करके बनाया जाता है, इसलिए वह अवयव नहीं, परिपथ है ।
- प्रमुख प्रकार हैं एस-आर, जे-के, डी और टी ; जे-के एस-आर की अनिश्चित अवस्था वाली कमी दूर करता है ।
- लैच स्तर से चलता है और कालबद्ध फ्लिप-फ्लॉप प्रायः घड़ी संकेत के किनारे पर अवस्था बदलता है ।
- रजिस्टर कई फ्लिप-फ्लॉपों का समूह है ; आठ फ्लिप-फ्लॉप मिलकर एक बाइट का रजिस्टर बनाते हैं ।
- स्थैतिक रैम की कोशिका फ्लिप-फ्लॉप पर टिकी है, इसलिए उसे ताज़ा करने की आवश्यकता नहीं होती ।
- गतिक रैम की कोशिका में एक कैपेसिटर और एक ट्रांज़िस्टर होते हैं ; आवेश रिसने के कारण उसे बार-बार ताज़ा करना पड़ता है ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- रजिस्टर और फ्लिप-फ्लॉप को एक मान लेना । फ्लिप-फ्लॉप एक बिट रखता है और रजिस्टर बिटों का समूह ।
- ट्रांज़िस्टर को स्मृति की इकाई समझ लेना । वह अवयव है, जिससे तर्क द्वार और फिर परिपथ बनते हैं ।
- कैपेसिटर को अनुक्रमिक परिपथ मान लेना क्योंकि गतिक रैम में वह बिट रखता है । वह निष्क्रिय अवयव है, परिपथ नहीं ।
- स्टेम में दी गई संख्या को अनदेखा कर देना । यहाँ 1-bit ही रजिस्टर और फ्लिप-फ्लॉप के बीच निर्णय करता है ।
- लैच और फ्लिप-फ्लॉप को पर्याय मान लेना । अंतर स्तर से चलने और घड़ी के किनारे से चलने का है ।
इस पेपर के कंप्यूटर खंड में आधारभूत इलेक्ट्रॉनिकी से एक-दो प्रश्न आ जाते हैं और उनका स्तर स्नातक स्तर की पहली पुस्तक से आगे नहीं जाता । इस प्रश्न की चाल विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है : चारों विकल्प एक ही श्रृंखला के अलग-अलग स्तर हैं, इसलिए उत्तर स्टेम की सबसे विशिष्ट शर्त से तय होता है । पढ़ते ही स्टेम की शर्तें अलग कीजिए — यहाँ तीन थीं : अनुक्रमिक, इलेक्ट्रॉनिक परिपथ, और ठीक एक बिट । फिर हर विकल्प को इन तीनों पर तौलिए । यही आदत उन प्रश्नों में भी काम आती है जहाँ विकल्प एक ही परिवार के सदस्य हों, जैसे स्मृति के प्रकार या इनपुट-आउटपुट युक्तियाँ । एक और बात, इस खंड की संख्याएँ याद रखिए — एक बाइट में आठ बिट, एक निबल में चार, और स्मृति की इकाइयों का क्रम — क्योंकि प्रश्न प्रायः संख्या के सहारे ही विकल्प काटते हैं ।
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EPFO_EOAO_2020_Q68खोलें व हल करें →Which one of the following registers is used to keep track of the next instruction to be executed ?
- (a) Memory address register
- (b) Memory buffer register
- (c) Program counter
- (d) Memory data register
उत्तर(c) Program counter
इसी खंड का रजिस्टर संबंधी प्रश्न — अगले अनुदेश का पता रखने वाला रजिस्टर ।
EPFO_EOAO_2020_Q67खोलें व हल करें →Which one of the following statements is correct ? A device driver of output devices
- (a) interprets input provided by users into computer usable form.
- (b) interprets computer output into user understandable form.
- (c) translates user inputs into output device.
- (d) facilitates user to communicate with output device.
उत्तर(b) interprets computer output into user understandable form.
कंप्यूटर खंड का दूसरा प्रश्न — आउटपुट युक्तियों के डिवाइस परिचालक का काम ।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
निम्नलिखित में से कौन-सा परिपथ संयोजनात्मक है, अर्थात् जिसका निर्गम केवल वर्तमान निवेश पर निर्भर करता है ?
- (a)जे-के फ्लिप-फ्लॉप
- (b)शिफ़्ट रजिस्टर
- (c)पूर्ण योजक
- (d)अनुक्रमिक गिनक
उत्तर(c) पूर्ण योजक — उसमें कोई स्मृति तत्व नहीं होता, इसलिए निर्गम केवल वर्तमान निवेश से तय होता है ।
- practice — not a real PYQ
गतिक रैम की प्रत्येक कोशिका में एक बिट संचित करने के लिए निम्नलिखित में से किस अवयव का उपयोग किया जाता है ?
- (a)कैपेसिटर
- (b)प्रेरक
- (c)प्रतिरोधक
- (d)डायोड
उत्तर(a) कैपेसिटर — आवेश रिसने के कारण गतिक रैम को बार-बार ताज़ा करना पड़ता है ।