सूची I को सूची II के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए : सूची I (शब्द) A. बंदी B. कर्मकार C. हड़ताल D. तालाबंदी सूची II (व्याख्या) 1. किसी नियोजन स्थान का स्थायी रूप से बंद कर दिया जाना 2. कुशल, अकुशल अथवा शारीरिक कार्य करने के लिए किसी उद्योग में नियोजित कोई व्यक्ति 3. प्रबंधन द्वारा घोषित कार्यस्थल की अस्थायी बंदी 4. कर्मचारियों द्वारा काम बंद कर दिया जाना कूट :
- (a)A-1, B-2, C-4, D-3
- (b)A-3, B-4, C-2, D-1
- (c)A-1, B-4, C-2, D-3
- (d)A-3, B-2, C-4, D-1
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — A, (a) A-1, B-2, C-4, D-3 । सूची I के चारों शब्द औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की परिभाषित शब्दावली से आते हैं और सूची II उन्हीं वैधानिक परिभाषाओं का संक्षिप्त रूप है । इसलिए यह प्रश्न सामान्य समझ से नहीं, अधिनियम की धारा 2 पढ़कर तय होता है । बंदी (closure) की परिभाषा धारा 2(cc) में है — किसी नियोजन स्थान का या उसके किसी भाग का स्थायी रूप से बंद कर दिया जाना । यही सूची II की प्रविष्टि 1 है, अतः A-1 । कर्मकार (workman) धारा 2(s) में परिभाषित है — किसी उद्योग में शारीरिक, अकुशल, कुशल, तकनीकी, प्रचालनात्मक, लिपिकीय या पर्यवेक्षी कार्य करने के लिए भाड़े या प्रतिफल पर नियोजित कोई व्यक्ति । सूची II की चार प्रविष्टियों में केवल प्रविष्टि 2 ही किसी व्यक्ति का वर्णन करती है, शेष तीनों किसी कार्य या स्थिति का — इसलिए B-2 बिना अधिनियम खोले भी तय हो जाता है । हड़ताल (strike) धारा 2(q) में है — किसी उद्योग में नियोजित व्यक्तियों के समूह द्वारा मिलकर काम बंद कर देना, या सामान्य सहमति से काम करते रहने से इनकार कर देना । यह प्रविष्टि 4 है, अतः C-4 । तालाबंदी (lock-out) धारा 2(l) में है — किसी नियोजन स्थान का अस्थायी रूप से बंद किया जाना, काम का निलंबन, या नियोजक द्वारा अपने यहाँ नियोजित किसी भी संख्या में व्यक्तियों को काम पर रखे रहने से इनकार कर देना । यह प्रविष्टि 3 है, अतः D-3 । पूरा प्रश्न वास्तव में एक ही विशेषण पर टिका है । बंदी और तालाबंदी दोनों में कार्यस्थल नियोजक की ओर से बंद होता है ; अंतर केवल इतना है कि बंदी स्थायी होती है और तालाबंदी अस्थायी । जिसने यह एक रेखा पकड़ ली, उसके लिए A-1 और D-3 एक साथ तय हो जाते हैं, और बचे हुए दो जोड़े अपने आप बैठ जाते हैं । ध्यान रहे कि हड़ताल कर्मचारियों का हथियार है और तालाबंदी नियोजक का — यही दोनों के बीच की असली विभाजक रेखा है ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (b)A-3, B-4, C-2, D-1 — यह विकल्प चारों जोड़े उलट देता है और वस्तुतः दो अलग-अलग अदला-बदली एक साथ करता है । पहली — बंदी को प्रविष्टि 3 (अस्थायी बंदी) और तालाबंदी को प्रविष्टि 1 (स्थायी बंदी) से जोड़ना, जो अधिनियम की सबसे स्पष्ट रेखा को ही पलट देता है : धारा 2(cc) में बंदी स्थायी है और धारा 2(l) में तालाबंदी अस्थायी । दूसरी — कर्मकार को प्रविष्टि 4 (काम बंद कर देना) और हड़ताल को प्रविष्टि 2 (कोई नियोजित व्यक्ति) से जोड़ना, जिसमें एक व्यक्ति की परिभाषा एक क्रिया को और एक क्रिया की परिभाषा एक व्यक्ति को दे दी गई है । कर्मकार कोई घटना नहीं, कोई व्यक्ति है — यह सुमेलन कर्मकार को घटना बना देता है । यही कारण है कि सूची II पढ़ते ही यह विकल्प सबसे पहले कटता है ।
- (c)A-1, B-4, C-2, D-3 — यह विकल्प पहली परीक्षा पास कर लेता है और दूसरी में गिरता है, इसीलिए यह सबसे भ्रामक विकल्प है । इसमें बंदी सही ढंग से प्रविष्टि 1 (स्थायी बंदी) से और तालाबंदी सही ढंग से प्रविष्टि 3 (प्रबंधन द्वारा घोषित अस्थायी बंदी) से जुड़ी है, इसलिए स्थायी-अस्थायी वाली रेखा से इसे नहीं काटा जा सकता । पर बीच के दो जोड़े आपस में बदल गए हैं : कर्मकार को प्रविष्टि 4 यानी काम बंद कर देना दे दिया गया है और हड़ताल को प्रविष्टि 2 यानी किसी नियोजित व्यक्ति की परिभाषा । प्रविष्टि 2 एकमात्र ऐसी प्रविष्टि है जो किसी व्यक्ति का वर्णन करती है, और सूची I में केवल कर्मकार ही व्यक्ति है ; इसलिए 2 का जोड़ा सदा B के साथ बनेगा, C के साथ कभी नहीं ।
- (d)A-3, B-2, C-4, D-1 — इस विकल्प में कर्मकार और हड़ताल दोनों ठीक बैठे हैं — B-2 और C-4 — पर बंदी और तालाबंदी आपस में बदल गई हैं । यहाँ बंदी को प्रविष्टि 3 (प्रबंधन द्वारा घोषित अस्थायी बंदी) और तालाबंदी को प्रविष्टि 1 (स्थायी रूप से बंद कर दिया जाना) दिया गया है, जबकि अधिनियम ठीक इसका उलटा कहता है । धारा 2(cc) की बंदी में नियोजन स्थान हमेशा के लिए बंद होता है — कारखाना उठ जाता है, नियोजन समाप्त हो जाता है, और धारा 25-ओ तथा 25-एफएफएफ जैसे उपबंध पूर्व अनुमति और मुआवज़े की माँग करते हैं । धारा 2(l) की तालाबंदी में नियोजक विवाद के दौरान दबाव बनाने के लिए कार्यस्थल कुछ समय के लिए बंद करता है और विवाद निपटने पर उसे फिर खोल देता है । दोनों को बदल देना इस प्रश्न की मूल परीक्षा में ही विफल हो जाना है ।
अवधारणा
औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1948 नहीं, 1947 — यह वही अधिनियम है जो भारत के औद्योगिक संबंधों की पूरी शब्दावली गढ़ता है, और उसकी धारा 2 एक लंबी परिभाषा-सूची है जिससे परीक्षाएँ सीधे प्रश्न बनाती हैं । इस प्रश्न से जुड़ी चार परिभाषाएँ इस प्रकार हैं । बंदी, धारा 2(cc) : किसी नियोजन स्थान का या उसके भाग का स्थायी रूप से बंद कर दिया जाना । तालाबंदी, धारा 2(l) : नियोजन स्थान का अस्थायी रूप से बंद किया जाना, काम का निलंबन, या नियोजक द्वारा कर्मकारों को काम पर रखे रहने से इनकार । हड़ताल, धारा 2(q) : किसी उद्योग में नियोजित व्यक्तियों के समूह द्वारा मिलकर काम बंद कर देना या सामान्य सहमति से काम करने से इनकार । कर्मकार, धारा 2(s) : शारीरिक, अकुशल, कुशल, तकनीकी, प्रचालनात्मक, लिपिकीय या पर्यवेक्षी कार्य के लिए नियोजित व्यक्ति, जिसमें शिक्षु भी सम्मिलित है, पर सेना-नौसेना-वायुसेना के सदस्य, पुलिस और मुख्यतः प्रबंधकीय या प्रशासनिक कार्य करने वाले व्यक्ति सम्मिलित नहीं । इन चार शब्दों को साथ रखकर देखिए तो एक साफ़ ढाँचा दिखता है : दो शब्द कार्यस्थल बंद होने के हैं और उनमें अंतर अवधि का है, एक शब्द कर्मचारियों की सामूहिक कार्रवाई का है, और एक शब्द उस व्यक्ति का है जिस पर पूरा अधिनियम लागू होता है ।
हड़ताल और तालाबंदी को अधिनियम जानबूझकर आमने-सामने रखता है — एक कर्मचारियों का दबाव-साधन है और दूसरा नियोजक का, और धारा 22 तथा 23 दोनों पर एक जैसे प्रतिबंध लगाती हैं । लोक उपयोगिता सेवा में हड़ताल या तालाबंदी से पहले छह सप्ताह की सूचना देनी होती है, सूचना के बाद चौदह दिन के भीतर वह नहीं की जा सकती, और सुलह कार्यवाही के लंबित रहते तथा उसके समाप्त होने के सात दिन बाद तक भी नहीं । बंदी अलग श्रेणी है : वहाँ प्रश्न दबाव का नहीं, प्रतिष्ठान के सदा के लिए बंद होने का है, इसलिए धारा 25-एफएफएफ के अंतर्गत कर्मकारों को छँटनी जैसा मुआवज़ा मिलता है और बड़े प्रतिष्ठानों के लिए धारा 25-ओ में सरकार की पूर्व अनुमति अपेक्षित है । यही कारण है कि परीक्षा में इन चारों शब्दों की अदला-बदली इतनी बार पूछी जाती है — कानूनी परिणाम हर शब्द के लिए अलग हैं, और शब्द ग़लत पहचानने का अर्थ है पूरी प्रक्रिया ग़लत पहचानना ।
मुख्य तथ्य
- बंदी, धारा 2(cc) : किसी नियोजन स्थान का या उसके किसी भाग का स्थायी रूप से बंद कर दिया जाना । यह परिभाषा 1982 के संशोधन से अधिनियम में जोड़ी गई थी ।
- तालाबंदी, धारा 2(l) : नियोजन स्थान का अस्थायी रूप से बंद किया जाना, काम का निलंबन, या नियोजक द्वारा किसी भी संख्या में नियोजित व्यक्तियों को काम पर रखे रहने से इनकार कर देना ।
- हड़ताल, धारा 2(q) : किसी उद्योग में नियोजित व्यक्तियों के समूह द्वारा मिलकर काम बंद कर देना, या सामान्य सहमति के अधीन काम करते रहने से इनकार कर देना ।
- कर्मकार, धारा 2(s) : शारीरिक, अकुशल, कुशल, तकनीकी, प्रचालनात्मक, लिपिकीय या पर्यवेक्षी कार्य के लिए नियोजित व्यक्ति ; शिक्षु सम्मिलित हैं, सेना, पुलिस और मुख्यतः प्रबंधकीय कार्य करने वाले नहीं ।
- बंदी और तालाबंदी दोनों नियोजक की ओर से कार्यस्थल बंद होना है ; भेद केवल अवधि का है — बंदी स्थायी, तालाबंदी अस्थायी ।
- हड़ताल कर्मचारियों की सामूहिक कार्रवाई है और तालाबंदी नियोजक की — अधिनियम की धारा 22 और 23 दोनों पर लगभग एक जैसे प्रतिबंध लगाती हैं ।
- लोक उपयोगिता सेवा में हड़ताल या तालाबंदी से पहले छह सप्ताह की सूचना अनिवार्य है, और सूचना के चौदह दिन के भीतर वह नहीं की जा सकती ।
- औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 ने ट्रेड यूनियन अधिनियम 1926, औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम 1946 और औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 को एक जगह समेटा है और ये परिभाषाएँ लगभग इन्हीं शब्दों में आगे ले जाती है ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- बंदी और तालाबंदी को एक मान लेना । दोनों में कार्यस्थल बंद होता है, पर बंदी स्थायी है और तालाबंदी अस्थायी — यही एक शब्द पूरा उत्तर तय करता है ।
- हड़ताल और तालाबंदी में कर्ता उलट देना । हड़ताल कर्मचारी करते हैं, तालाबंदी नियोजक करता है ; परीक्षा प्रायः यही अदला-बदली परोसती है ।
- सुमेलित सूची में केवल एक जोड़ा जाँचकर विकल्प चुन लेना । यहाँ दो विकल्प पहला जोड़ा सही रखते हैं और बीच के दो जोड़े बदल देते हैं ।
- यह भूल जाना कि सूची II की केवल एक प्रविष्टि किसी व्यक्ति का वर्णन करती है — वही अकेली प्रविष्टि कर्मकार से जुड़ सकती है ।
- अधिनियम का वर्ष ग़लत लिख देना । औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 का है ; 1948 कारखाना अधिनियम और न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम का वर्ष है ।
श्रम विधि इस प्रश्नपत्र के दो पूरे खंडों में आती है और उसका सबसे सामान्य रूप यही है — किसी अधिनियम की एक परिभाषा उठाकर उसे शब्द से मिलाना, या पूछ लेना कि अमुक शब्द का अर्थ क्या है । इस पेपर में सुमेलित सूची केवल यही एक है, पर उसका पदार्थ वही है जो शेष विधिक प्रश्नों का है : परिभाषा खंड । तैयारी का ढंग इससे तय होता है — अधिनियम पढ़ते समय धारा 2 को छोड़कर आगे मत बढ़िए, क्योंकि पूछे जाने वाले प्रश्नों का बड़ा भाग वहीं से आता है । दो-दो के जोड़ों में याद रखिए : बंदी के सामने तालाबंदी, हड़ताल के सामने तालाबंदी, छँटनी के सामने प्रतिकर्षण । जहाँ अधिनियम स्वयं दो शब्दों को आमने-सामने रखता है, वहीं से प्रश्न बनता है, और वहीं विकल्पों में अदला-बदली की जाती है । सुमेलित सूची हल करते समय पहले वह जोड़ा पकड़िए जिसके बारे में आप पूर्णतः निश्चित हैं, उससे विकल्प काटिए, फिर बचे विकल्पों में केवल भिन्न पड़ने वाला जोड़ा जाँचिए ।
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EPFO_EOAO_2020_Q63खोलें व हल करें →What is a controlled industry ?
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उत्तर(a) Any industry the control of which by the Union has been declared by any Central Act to be expedient in the public interest
इसी अधिनियम की एक और परिभाषा — नियंत्रित उद्योग — जो धारा 2(ee) से आती है ।
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- (a) 1 only
- (b) 2 and 3 only
- (c) 1, 2 and 3
- (d) 1 and 3 only
उत्तर(c) 1, 2 and 3
ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926 की व्यवसाय-विवाद की परिभाषा, जो नियोजन, अनियोजन और श्रम परिस्थितियों तीनों को समेटती है ।
अभ्यास
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औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के अनुसार किसी नियोजन स्थान का स्थायी रूप से बंद कर दिया जाना निम्नलिखित में से किसे कहा जाता है ?
- (a)तालाबंदी
- (b)बंदी
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औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के अंतर्गत लोक उपयोगिता सेवा में हड़ताल करने से पहले कितने समय की सूचना देना अनिवार्य है ?
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