नेमी अभ्यास के रूप में, ऑपरेशन ‘गरम हवा’ और ‘सर्द हवा’ का संचालन किसके द्वारा किया जाता है ?
- (a)बी.एस.एफ.
- (b)आई.टी.बी.पी.
- (c)सी.आर.पी.एफ.
- (d)सी.आई.एस.एफ.
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — A, (a) बी.एस.एफ. । ‘गरम हवा’ और ‘सर्द हवा’ सीमा सुरक्षा बल के नेमी अभ्यास हैं, जो राजस्थान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चलाए जाते हैं । दोनों के नाम स्वयं बता देते हैं कि वे किस मौसम से जुड़े हैं और वहीं इस प्रश्न की कुंजी भी है । उस क्षेत्र में वर्ष में दो अवधियाँ ऐसी आती हैं जब दृश्यता बहुत घट जाती है । सर्दियों में घना कोहरा पड़ता है और गर्मियों में धूल भरी आँधियाँ तथा तपती हवा दृष्टि को धुँधला कर देती हैं । दृश्यता घटते ही सीमा पार से घुसपैठ का ख़तरा बढ़ जाता है, इसलिए इन्हीं अवधियों में बल अपनी चौकसी बढ़ा देता है — गश्त सघन कर दी जाती है, अतिरिक्त टुकड़ियाँ लगाई जाती हैं, और निगरानी के उपकरणों का उपयोग बढ़ा दिया जाता है । सर्दियों वाले अभ्यास का नाम ‘सर्द हवा’ है और गर्मियों वाले का ‘गरम हवा’ । यह काम सीमा सुरक्षा बल के पास इसलिए है कि शांति काल में भारत-पाकिस्तान तथा भारत-बाँग्लादेश सीमाओं की रखवाली उसी को सौंपी गई है ; इसीलिए उसे देश की सीमाओं की पहली रक्षा-पंक्ति कहा जाता है । वह गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से एक है । शेष तीनों बल भी उसी परिवार के हैं, पर उनका कार्यक्षेत्र अलग है । इसीलिए उत्तर विकल्प (a) है । इस प्रश्न को हल करने का सबसे तेज़ रास्ता विकल्पों के नाम पढ़ना है, क्योंकि इन बलों के नाम में ही उनका कार्यक्षेत्र लिखा है । एक नाम में ‘सीमा’ है, एक में विशेष सीमा-क्षेत्र का उल्लेख है, एक में ‘रिज़र्व पुलिस’ है और एक में ‘औद्योगिक’ । अब पूछिए कि दो मौसमों में दृश्यता घटने पर चौकसी बढ़ाने का काम किसका होगा — वह किसी उद्योग की चारदीवारी के भीतर का काम नहीं है, न किसी राज्य के भीतर विधि-व्यवस्था का, और न ऊँचे पर्वतीय क्षेत्र का । शेष एक ही नाम बचता है, और वही खुली सीमा पर गश्त करने वाला बल है ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (b)आई.टी.बी.पी. — आई.टी.बी.पी. का कार्यक्षेत्र राजस्थान की रेगिस्तानी सीमा नहीं, हिमालय की ऊँचाइयाँ हैं । यह बल भारत-चीन सीमा पर तैनात रहता है और उसकी चौकियाँ अत्यधिक ऊँचाई तथा अत्यधिक ठंड वाले क्षेत्रों में होती हैं । इसी कारण उसका प्रशिक्षण पर्वतारोहण, हिम-क्षेत्र में गश्त तथा ऊँचाई पर जीवित रहने की तकनीकों पर केंद्रित रहता है, और आपदा के समय पर्वतीय क्षेत्रों में राहत कार्यों में भी उसकी भूमिका रहती है । यह विकल्प इसलिए आकर्षक है कि ‘सर्द हवा’ नाम सुनते ही मन ठंडे पर्वतीय क्षेत्र की ओर चला जाता है । पर नाम मौसम बता रहा है, भूगोल नहीं — और उस मौसम का संबंध रेगिस्तानी सीमा के कोहरे से है ।
- (c)सी.आर.पी.एफ. — सी.आर.पी.एफ. का काम मुख्यतः आंतरिक सुरक्षा है, अंतरराष्ट्रीय सीमा की नियमित रखवाली नहीं । वह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सबसे बड़ा है और उसकी टुकड़ियाँ राज्यों की माँग पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने, चुनाव के समय सुरक्षा देने, उग्रवाद तथा वामपंथी हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाने और दंगा-नियंत्रण में लगाई जाती हैं । उसकी विशेषीकृत इकाइयाँ भी इसी दिशा की हैं । अर्थात् उसका कार्यक्षेत्र देश के भीतर है, सीमा-रेखा पर नहीं । यह भेद परीक्षा में बार-बार काम आता है : सीमा की रखवाली करने वाले बल अलग हैं और आंतरिक सुरक्षा वाले अलग, यद्यपि दोनों गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं ।
- (d)सी.आई.एस.एफ. — सी.आई.एस.एफ. का काम प्रतिष्ठानों की सुरक्षा है, सीमा की रखवाली नहीं । वह बड़े औद्योगिक संस्थानों, विद्युत् संयंत्रों, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, दिल्ली की मेट्रो जैसी प्रणालियों तथा कुछ महत्त्वपूर्ण सरकारी भवनों की सुरक्षा सँभालता है, और उसकी एक अलग शाखा निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठानों को भी परामर्श तथा सुरक्षा उपलब्ध कराती है । उसका काम स्थिर स्थानों की रक्षा और प्रवेश-नियंत्रण है, न कि खुली सीमा पर गश्त । इस विकल्प को हटाने का सबसे सरल तरीक़ा यही है कि बल के नाम का अर्थ पढ़ लिया जाए — उसमें ‘औद्योगिक’ शब्द ही उसका कार्यक्षेत्र बता देता है । यही युक्ति इस परिवार के अन्य बलों पर भी लागू होती है ।
अवधारणा
गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को उनके कार्यक्षेत्र से पहचानना सबसे व्यावहारिक तरीक़ा है । सीमा सुरक्षा बल शांति काल में भारत-पाकिस्तान तथा भारत-बाँग्लादेश सीमाओं की रखवाली करता है और उसे सीमाओं की पहली रक्षा-पंक्ति कहा जाता है । भारत-तिब्बत सीमा पुलिस भारत-चीन सीमा पर, ऊँचाई वाले क्षेत्रों में तैनात रहती है । सशस्त्र सीमा बल भारत-नेपाल तथा भारत-भूटान सीमाओं पर है, और असम राइफल्स पूर्वोत्तर में भारत-म्याँमार सीमा तथा आंतरिक सुरक्षा दोनों में भूमिका निभाती है । दूसरी ओर केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल का काम आंतरिक सुरक्षा है और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल का काम प्रतिष्ठानों की सुरक्षा । इनके अतिरिक्त राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड एक विशेषीकृत बल है, जो आतंकवाद-रोधी अभियानों तथा बंधक-मुक्ति जैसे कार्यों के लिए है । सीमा पर तैनात बल समय-समय पर विशेष चौकसी अभियान चलाते हैं, और उनके नाम प्रायः मौसम, दिशा या स्थानीय परिस्थिति से लिए जाते हैं — इसी कारण वे नाम समसामयिकी के प्रश्नों में आते हैं ।
सुरक्षा बलों पर प्रश्न प्रायः दो रूपों में आते हैं — बल और उसका कार्यक्षेत्र जोड़ना, या किसी अभियान का नाम देकर बल पूछना । यह प्रश्न दूसरे रूप का है, और उसमें सहायता नाम के अर्थ से मिलती है : ‘गरम हवा’ तथा ‘सर्द हवा’ दोनों नाम मौसम की ओर संकेत करते हैं, और मौसम का संबंध दृश्यता से है, तथा दृश्यता का संबंध सीमा पर घुसपैठ से । यह शृंखला जोड़ते ही उत्तर सीमा की रखवाली करने वाले बल पर आ टिकता है । शेष तीन विकल्पों को उनके नाम के अर्थ से ही हटाया जा सकता है, क्योंकि एक का संबंध विशेष सीमा-क्षेत्र से है और दो का सीमा से है ही नहीं । यह भी ध्यान दीजिए कि हिन्दी स्तंभ में यह प्रश्न एक पूरा प्रश्न है और प्रश्नवाचक चिह्न पर समाप्त होता है, जबकि अंग्रेज़ी स्तंभ में उसे वाक्य-पूर्ति की तरह रखा गया है ; अर्थ दोनों का एक ही है । चारों बलों के नाम हिन्दी स्तंभ में देवनागरी अक्षरों में, प्रत्येक अक्षर के बाद पूर्ण विराम के साथ छपे हैं ।
मुख्य तथ्य
- ‘गरम हवा’ तथा ‘सर्द हवा’ सीमा सुरक्षा बल के नेमी अभ्यास हैं, जो राजस्थान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चलाए जाते हैं ।
- इन अभ्यासों का उद्देश्य उन अवधियों में चौकसी बढ़ाना है जब कोहरे या धूल भरी आँधियों के कारण दृश्यता घट जाती है और घुसपैठ का ख़तरा बढ़ जाता है ।
- सीमा सुरक्षा बल शांति काल में भारत-पाकिस्तान तथा भारत-बाँग्लादेश सीमाओं की रखवाली करता है और उसे सीमाओं की पहली रक्षा-पंक्ति कहा जाता है ।
- भारत-तिब्बत सीमा पुलिस भारत-चीन सीमा पर ऊँचाई वाले क्षेत्रों में तैनात रहती है, जबकि सशस्त्र सीमा बल भारत-नेपाल तथा भारत-भूटान सीमाओं पर है ।
- केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल का कार्यक्षेत्र आंतरिक सुरक्षा है और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल का कार्यक्षेत्र प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों तथा मेट्रो जैसी प्रणालियों की सुरक्षा है ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- नाम को भूगोल का संकेत मान लेना । ‘सर्द हवा’ मौसम बता रहा है, पर्वतीय क्षेत्र नहीं ; वह अभ्यास रेगिस्तानी सीमा पर चलता है ।
- सीमा की रखवाली और आंतरिक सुरक्षा को एक मान लेना । दोनों काम अलग बलों के पास हैं, यद्यपि सभी गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं ।
- बल के नाम का अर्थ न पढ़ना । नाम में ही कार्यक्षेत्र का संकेत होता है, और यही सबसे तेज़ छँटनी का आधार बनता है ।
सुरक्षा बलों पर प्रश्न चार साँचों में आते हैं । पहला साँचा कार्यक्षेत्र का है — कौन-सा बल किस सीमा या किस काम के लिए है, जो सबसे सामान्य रूप है । दूसरा साँचा अभियान का है, जैसा यहाँ है : किसी अभियान का नाम देकर पूछना कि उसे कौन चलाता है । तीसरा साँचा गठन का है — कोई बल कब बना और किस घटना के बाद बना, क्योंकि कई बलों का गठन किसी युद्ध या संकट के तुरंत बाद हुआ । चौथा साँचा संरचना का है, जिसमें बल का नियंत्रक मंत्रालय, उसका प्रमुख या उसकी विशेष इकाइयाँ पूछी जाती हैं । चारों की तैयारी के लिए एक तालिका बनाइए जिसमें बल का नाम, गठन का वर्ष, कार्यक्षेत्र और एक विशेष बात लिखी हो । अभियानों के नाम अलग सूची में रखिए, क्योंकि वे समसामयिकी से आते हैं और हर वर्ष उनमें कुछ नए नाम जुड़ते रहते हैं ।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
भारत-चीन सीमा की रखवाली का दायित्व मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस बल के पास है ?
- (a)सीमा सुरक्षा बल
- (b)भारत-तिब्बत सीमा पुलिस
- (c)केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल
- (d)सशस्त्र सीमा बल
उत्तर(b) भारत-तिब्बत सीमा पुलिस — वह ऊँचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में तैनात रहती है ; सशस्त्र सीमा बल भारत-नेपाल तथा भारत-भूटान सीमाओं पर है ।
- practice — not a real PYQ
हवाई अड्डों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों तथा मेट्रो प्रणालियों की सुरक्षा का दायित्व मुख्यतः किस बल के पास है ?
- (a)केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल
- (b)केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल
- (c)राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड
- (d)असम राइफल्स
उत्तर(b) केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल — उसका काम स्थिर प्रतिष्ठानों की रक्षा तथा प्रवेश-नियंत्रण है ; राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड एक विशेषीकृत आतंकवाद-रोधी बल है ।