जल में मिलाए जाने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ pH को परिवर्तित नहीं करेगा ?
- (a)NaHCO3
- (b)NH4Cl
- (c)Na2CO3
- (d)NaCl
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D, (d) NaCl । यहाँ ‘नहीं’ मोटे तिरछे अक्षरों में छपा है, इसलिए उत्तर वही पदार्थ है जो जल में मिलाए जाने पर pH को नहीं बदलेगा । चारों विकल्प लवण हैं, और किसी लवण को जल में घोलने पर pH बदलेगा या नहीं, यह इस बात से तय होता है कि वह लवण किस अम्ल और किस क्षार से बना है । नियम सीधा है : प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार से बना लवण जल-अपघटन नहीं करता, इसलिए विलयन उदासीन रहता है और pH वहीं टिका रहता है जहाँ शुद्ध जल का होता है । यदि लवण का एक पक्ष दुर्बल हो तो वही पक्ष जल के साथ अभिक्रिया करके संतुलन बिगाड़ देता है, और तब विलयन अम्लीय या क्षारीय हो जाता है । अब NaCl को देखिए । वह प्रबल अम्ल हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और प्रबल क्षार सोडियम हाइड्रॉक्साइड से बना लवण है, अर्थात् उसके दोनों पक्ष प्रबल हैं । जल में घुलने पर वह पूरी तरह अपने आयनों में बँट जाता है, पर उनमें से कोई भी जल से अभिक्रिया करके अतिरिक्त हाइड्रोजन आयन या हाइड्रॉक्साइड आयन नहीं बनाता । इसलिए विलयन उदासीन रहता है और pH नहीं बदलता । शेष तीनों लवणों में एक-न-एक पक्ष दुर्बल है, इसलिए तीनों pH बदल देते हैं — दो उसे बढ़ाते हैं और एक घटाता है । अतः उत्तर विकल्प (d) है । इस प्रश्न को हल करने की सबसे विश्वसनीय आदत यह है कि प्रत्येक सूत्र के सामने उसके दो जनक लिख दिए जाएँ । सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट के जनक हैं दुर्बल कार्बोनिक अम्ल और प्रबल सोडियम हाइड्रॉक्साइड ; सोडियम कार्बोनेट के भी वही ; अमोनियम क्लोराइड के जनक हैं प्रबल हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और दुर्बल अमोनिया ; और सोडियम क्लोराइड के दोनों जनक प्रबल हैं । अब केवल यह देखना बचता है कि किस पंक्ति में ‘दुर्बल’ शब्द एक बार भी नहीं आया — वही उत्तर है । यह विधि किसी भी लवण पर लगाई जा सकती है और उसमें कोई अभिक्रिया लिखने की आवश्यकता नहीं पड़ती ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)NaHCO3 — NaHCO3, अर्थात् सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट, जल में घुलने पर विलयन को हल्का क्षारीय बना देता है, इसलिए वह pH बदल देता है और यह विकल्प उत्तर नहीं है । कारण वही जल-अपघटन का नियम है : यह लवण दुर्बल अम्ल कार्बोनिक अम्ल और प्रबल क्षार सोडियम हाइड्रॉक्साइड से बना है, इसलिए दुर्बल अम्ल वाला पक्ष जल से अभिक्रिया करता है और विलयन में हाइड्रॉक्साइड आयनों की अधिकता हो जाती है । यही पदार्थ रसोई में खाने का सोडा कहलाता है और उसका उपयोग बेकिंग में तथा अम्लता कम करने वाली दवाओं में होता है । अम्ल से मिलने पर यह कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है, और यही गुण उसे आग बुझाने वाले उपकरणों में भी उपयोगी बनाता है ।
- (b)NH4Cl — NH4Cl, अर्थात् अमोनियम क्लोराइड, जल में घुलने पर विलयन को अम्लीय बना देता है, इसलिए वह भी pH बदलता है और उत्तर नहीं हो सकता । यह लवण प्रबल अम्ल हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और दुर्बल क्षार अमोनिया से बना है ; यहाँ दुर्बल पक्ष क्षार वाला है, इसलिए अमोनियम आयन जल से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन आयन छोड़ता है और विलयन का pH सात से नीचे चला जाता है । ध्यान दीजिए कि यह विकल्प शेष दोनों ग़लत विकल्पों से उलटी दिशा में जाता है — दो लवण pH बढ़ाते हैं और यह घटाता है । अर्थात् प्रश्न में दिशा देखकर छाँटना काम नहीं आएगा ; देखना यह पड़ेगा कि किसका कोई पक्ष दुर्बल है और किसका कोई नहीं ।
- (c)Na2CO3 — Na2CO3, अर्थात् सोडियम कार्बोनेट, जल में घुलने पर विलयन को स्पष्ट रूप से क्षारीय बना देता है, इसलिए वह भी उत्तर नहीं है । वह भी दुर्बल अम्ल कार्बोनिक अम्ल और प्रबल क्षार सोडियम हाइड्रॉक्साइड से बना लवण है, और उसका क्षारीय प्रभाव सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट से अधिक प्रबल होता है । इसी का दस अणु जल वाला रूप धोने का सोडा कहलाता है, जिसका उपयोग सफ़ाई, जल की कठोरता दूर करने तथा काँच और साबुन उद्योग में होता है । इस विकल्प और पहले विकल्प को साथ रखकर एक उपयोगी बात याद रखी जा सकती है : कार्बोनेट और हाइड्रोजनकार्बोनेट दोनों क्षारीय विलयन देते हैं, केवल प्रबलता में अंतर होता है ।
अवधारणा
pH किसी विलयन में हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता का सुविधाजनक मापक है । उदासीन विलयन का pH सात होता है, उससे कम अम्लीय और उससे अधिक क्षारीय । यह पैमाना लघुगणकीय है, अर्थात् pH में एक इकाई का अंतर सांद्रता में दस गुना अंतर बताता है । लवण के जल-अपघटन का नियम चार स्थितियों में बँटता है और उसे एक बार तालिका के रूप में याद कर लेना पूरे विषय को खोल देता है । प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार से बना लवण जल-अपघटन नहीं करता, इसलिए उसका विलयन उदासीन रहता है ; सोडियम क्लोराइड इसका उदाहरण है । दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से बना लवण क्षारीय विलयन देता है ; सोडियम कार्बोनेट तथा सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट इसके उदाहरण हैं । प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार से बना लवण अम्लीय विलयन देता है ; अमोनियम क्लोराइड इसका उदाहरण है । और दुर्बल अम्ल तथा दुर्बल क्षार से बने लवण का व्यवहार दोनों की सापेक्ष प्रबलता पर निर्भर करता है । इसके साथ बफ़र विलयन की अवधारणा भी जुड़ती है, जिसमें दुर्बल अम्ल और उसका लवण साथ रहकर pH को अपेक्षाकृत स्थिर बनाए रखते हैं — रक्त में यही काम कार्बोनेट तंत्र करता है ।
रसायन विज्ञान वाले इस खंड में लवणों और pH पर प्रश्न लगभग हर बार आते हैं, और उनकी बनावट प्रायः यही होती है — चार लवण देकर पूछना कि कौन-सा विलयन को अम्लीय, क्षारीय या उदासीन बनाएगा । ऐसे प्रश्न में सूत्र देखते ही यह पूछने की आदत डालिए कि यह लवण किस अम्ल और किस क्षार से बना होगा, क्योंकि उत्तर वहीं छिपा है । यहाँ परीक्षक ने तीन ऐसे लवण रखे हैं जिनके एक-न-एक पक्ष दुर्बल हैं और एक ऐसा जिसके दोनों पक्ष प्रबल हैं । यह भी ध्यान दीजिए कि तीनों ग़लत विकल्प एक ही दिशा में नहीं जाते — दो क्षारीय हैं और एक अम्लीय — इसलिए दिशा के आधार पर छाँटना यहाँ काम नहीं करता । पुस्तिका के बारे में दो बातें : हिन्दी स्तंभ में भी सूत्र रोमन लिपि में ही छपे हैं और उनके अंक असली निचले अंकों के रूप में हैं, जिन्हें यहाँ पंक्ति में लिखा गया है ; ‘pH’ भी देवनागरी के बीच रोमन लिपि में ही छपा है ।
मुख्य तथ्य
- प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार से बना लवण जल-अपघटन नहीं करता, इसलिए उसका विलयन उदासीन रहता है ; NaCl इसी श्रेणी का है और वह pH नहीं बदलता ।
- दुर्बल अम्ल तथा प्रबल क्षार से बना लवण क्षारीय विलयन देता है ; NaHCO3 और Na2CO3 दोनों इसी श्रेणी में आते हैं ।
- प्रबल अम्ल तथा दुर्बल क्षार से बना लवण अम्लीय विलयन देता है ; NH4Cl इसी श्रेणी का उदाहरण है और वह pH को सात से नीचे ले जाता है ।
- pH का पैमाना लघुगणकीय है — उसमें एक इकाई का अंतर हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता में दस गुना अंतर दर्शाता है ; उदासीन विलयन का pH सात होता है ।
- NaHCO3 खाने का सोडा कहलाता है और Na2CO3 का दस अणु जल वाला रूप धोने का सोडा ; दोनों क्षारीय विलयन देते हैं, केवल प्रबलता में अंतर है ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- लवण को सदा उदासीन मान लेना । लवण उदासीनीकरण से बनते अवश्य हैं, पर उनका विलयन तभी उदासीन रहता है जब दोनों पक्ष प्रबल हों ।
- दिशा देखकर छाँटना । यहाँ दो ग़लत विकल्प pH बढ़ाते हैं और एक घटाता है, इसलिए केवल अम्लीय या केवल क्षारीय खोजने से काम नहीं चलता ।
- कार्बोनेट और हाइड्रोजनकार्बोनेट को अलग-अलग प्रकृति का मान लेना । दोनों क्षारीय विलयन देते हैं, अंतर केवल प्रबलता का है ।
लवणों और pH पर प्रश्न चार साँचों में आते हैं । पहला साँचा यही है — चार लवण देकर पूछना कि कौन-सा विलयन को उदासीन रखेगा, या कौन-सा अम्लीय अथवा क्षारीय बनाएगा । दूसरा साँचा नाम और सूत्र का है : खाने का सोडा, धोने का सोडा, विरंजक चूर्ण तथा प्लास्टर ऑफ़ पेरिस के सूत्र और उपयोग । तीसरा साँचा pH के अनुप्रयोग का है — मिट्टी की अम्लता, वर्षा-जल का pH, आमाशय का अम्ल, या दंत-क्षय की व्याख्या । चौथा साँचा अभिक्रिया का है, जिसमें किसी लवण को अम्ल या क्षार से मिलाने पर बनने वाले उत्पाद पूछे जाते हैं । चारों की तैयारी के लिए एक तालिका पर्याप्त है जिसमें दस-बारह सामान्य लवणों के सूत्र, उनके स्रोत अम्ल-क्षार, विलयन की प्रकृति और एक उपयोग लिखा हो । सूत्र देखकर स्रोत पहचानने का अभ्यास ही इस पूरे परिवार की कुंजी है ।
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EPFO_EOAO_2020_Q52खोलें व हल करें →Which one of the following, on adding to water, will not scatter a beam of light ?
- (a) Copper sulphate
- (b) Chalk powder
- (c) Milk
- (d) Ink
उत्तर(a) Copper sulphate
इसी प्रश्नपत्र का पड़ोसी रसायन-प्रश्न, जो जल में मिलाए गए पदार्थ के व्यवहार पर ही टिका है — पर वहाँ कसौटी pH नहीं, यह है कि पदार्थ जल में सही विलयन बनाता है या निलंबन ।
EPFO_EOAO_2020_Q53खोलें व हल करें →Which one of the following will not be reduced by metallic zinc ?
- (a) Cu^2+
- (b) H^+
- (c) Ag^+
- (d) Al^3+
उत्तर(d) Al^3+
उसी खंड का एक और प्रश्न, जो धातुओं की सक्रियता और अपचयन पर आधारित है — वही आयन जो यहाँ लवणों के रूप में सामने आते हैं, वहाँ अपचयन की कसौटी पर परखे जाते हैं ।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
जल में घोलने पर निम्नलिखित लवणों में से कौन-सा लवण अम्लीय विलयन देता है ? (जनक अम्ल-क्षार देखिए)
- (a)NaCl
- (b)NH4Cl
- (c)Na2CO3
- (d)NaHCO3
उत्तर(b) NH4Cl — यह प्रबल अम्ल तथा दुर्बल क्षार से बना लवण है, इसलिए अमोनियम आयन जल से अभिक्रिया करके विलयन को अम्लीय बना देता है ।
- practice — not a real PYQ
धोने का सोडा नाम से जाना जाने वाला पदार्थ निम्नलिखित में से किस रासायनिक सूत्र से दर्शाया जाता है ?
- (a)NaHCO3
- (b)Na2CO3 का दस अणु जल वाला रूप
- (c)NaCl
- (d)NaOH
उत्तर(b) Na2CO3 का दस अणु जल वाला रूप — यही धोने का सोडा है ; NaHCO3 खाने का सोडा कहलाता है और NaOH एक प्रबल क्षार है ।