हाइड्रोजन परमाणु का आकार निम्नलिखित में से कौन-सा है ?
- (a)10^-10 m
- (b)10 μm
- (c)10 mm
- (d)1000 Å
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — A, (a) 10^-10 m । परमाणु का आकार भौतिकी की उन कुछ संख्याओं में है जिन्हें कोटि के रूप में याद रखना पर्याप्त होता है, और वह कोटि है दस की घात ऋण दस मीटर । हाइड्रोजन सबसे सरल और सबसे छोटा परमाणु है — उसके नाभिक में केवल एक प्रोटॉन है और उसके चारों ओर केवल एक इलेक्ट्रॉन — और उसका आकार भी इसी कोटि का निकलता है । यही लंबाई इतनी बार आती है कि उसके लिए एक अलग इकाई ही बना दी गई : एक ऐंग्स्ट्रॉम, जो ठीक दस की घात ऋण दस मीटर के बराबर होता है । इसीलिए कहा जाता है कि परमाणुओं का आकार कुछ ऐंग्स्ट्रॉम की कोटि का होता है, और हाइड्रोजन उसमें सबसे नीचे बैठता है । इस उत्तर को पैमाने के बोध से भी जाँचा जा सकता है, और परीक्षा में यही सबसे तेज़ तरीक़ा है । शेष तीन विकल्प तीन बिलकुल अलग-अलग पैमानों की लंबाइयाँ हैं — एक कोशिका के आकार की, एक रोज़मर्रा की वस्तु के आकार की, और एक उनके बीच की । इनमें से कोई भी परमाणु जितना छोटा नहीं है । एक तुलना और याद रखने योग्य है : परमाणु का नाभिक स्वयं परमाणु से लगभग एक लाख गुना छोटा होता है और उसकी कोटि दस की घात ऋण पंद्रह मीटर है । अर्थात् परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त स्थान है, और यही रदरफोर्ड के प्रयोग का सबसे बड़ा निष्कर्ष भी था । इसलिए उत्तर विकल्प (a) है । परीक्षा में इस प्रश्न को हल करने का क्रम यह होना चाहिए । पहले चारों विकल्पों को मीटर में लिख डालिए — दस की घात ऋण दस, ऋण पाँच, ऋण दो और ऋण सात । अब चारों एक ही पंक्ति पर आ गए हैं और उनका पारस्परिक अंतर दिखने लगा है । फिर पूछिए कि परमाणु किस पायदान पर बैठता है, और उत्तर सबसे छोटी संख्या पर मिल जाएगा । यह विधि किसी भी कोटि वाले प्रश्न में चलती है और उसमें कोई सूत्र याद करने की आवश्यकता नहीं पड़ती ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (b)10 μm — 10 μm कोशिका के पैमाने की लंबाई है, परमाणु के पैमाने की नहीं । यूनानी अक्षर म्यू यहाँ माइक्रो का उपसर्ग है, अर्थात् दस की घात ऋण छह ; इसलिए दस माइक्रोमीटर का अर्थ हुआ दस की घात ऋण पाँच मीटर । यह लंबाई सामान्य जंतु कोशिका के आकार के आसपास पड़ती है और सूक्ष्मदर्शी से देखी जा सकती है । परमाणु इससे लगभग एक लाख गुना छोटा है, इसलिए यह विकल्प पाँच कोटि की दूरी पर है । यह अंतर कितना बड़ा है, इसका अनुमान इस तुलना से लगाइए : यदि परमाणु को एक गोली मान लिया जाए तो इस पैमाने की लंबाई एक बड़े मैदान जितनी होगी । इसीलिए कोटि का बोध रखने वाला अभ्यर्थी इसे पढ़ते ही हटा देता है ।
- (c)10 mm — 10 mm का अर्थ है एक सेंटीमीटर, अर्थात् दस की घात ऋण दो मीटर — यह पूरी तरह रोज़मर्रा के पैमाने की लंबाई है, जिसे साधारण पैमाने से नापा जा सकता है । परमाणु से इसकी तुलना करने पर अंतर आठ कोटि का हो जाता है । यह विकल्प उस अभ्यर्थी के लिए है जो घात के चिह्न पर ध्यान नहीं देता और केवल अंकों को देखकर चुनाव कर लेता है । ऐसे प्रश्नों में सबसे पहले हर विकल्प को एक ही इकाई में बदल लीजिए — यहाँ सबको मीटर में बदल दीजिए — क्योंकि तब चारों विकल्प एक ही पंक्ति में आ जाते हैं और उनका पारस्परिक अंतर तुरंत दिखाई देने लगता है । मिलीमीटर, माइक्रोमीटर, नैनोमीटर तथा ऐंग्स्ट्रॉम के उपसर्ग इसी काम के लिए कंठस्थ रखने चाहिए ।
- (d)1000 Å — 1000 Å इस प्रश्न का सबसे चतुर विकल्प है, क्योंकि उसमें इकाई सही है और केवल संख्या बड़ी कर दी गई है । एक ऐंग्स्ट्रॉम दस की घात ऋण दस मीटर होता है, इसलिए एक हज़ार ऐंग्स्ट्रॉम का अर्थ दस की घात ऋण सात मीटर हुआ, अर्थात् सौ नैनोमीटर । यह लंबाई परमाणु से लगभग एक हज़ार गुना बड़ी है और वह उस पैमाने पर पड़ती है जहाँ बहुत बड़े अणु तथा कुछ अति सूक्ष्म कण आते हैं । जो अभ्यर्थी यह जानता है कि परमाणु का आकार ऐंग्स्ट्रॉम में नापा जाता है पर यह भूल जाता है कि वह कुछ ही ऐंग्स्ट्रॉम का होता है, वह इसी विकल्प पर टिक जाता है । इकाई सही होने से मान सही नहीं हो जाता — संख्या भी देखिए ।
अवधारणा
भौतिकी में लंबाई का परास इतना विशाल है कि उसे कोटि के रूप में ही समझा जाता है । सबसे नीचे नाभिक है, जिसकी कोटि दस की घात ऋण पंद्रह मीटर है और जिसके लिए फर्मी नामक इकाई चलती है । उसके ऊपर परमाणु आता है, जिसकी कोटि दस की घात ऋण दस मीटर है और जिसके लिए ऐंग्स्ट्रॉम इकाई बनी । उससे ऊपर बड़े अणु और जैविक संरचनाएँ आती हैं, जिन्हें नैनोमीटर में नापा जाता है । फिर कोशिकाओं का पैमाना आता है, जो माइक्रोमीटर में है, और उसके ऊपर वह सब कुछ जो आँख से दिखाई देता है । उपसर्गों की सीढ़ी इसी को सँभालती है : मिली का अर्थ दस की घात ऋण तीन, माइक्रो का ऋण छह, नैनो का ऋण नौ, पिको का ऋण बारह, और फेम्टो का ऋण पंद्रह । ऐंग्स्ट्रॉम इस सीढ़ी के बीच में एक विशेष इकाई है, जो नैनोमीटर के दसवें भाग के बराबर होती है । एक और महत्त्वपूर्ण अनुपात यह है कि परमाणु अपने नाभिक से लगभग एक लाख गुना बड़ा होता है, इसलिए द्रव्यमान लगभग पूरा नाभिक में केंद्रित होने के बावजूद परमाणु का आयतन लगभग पूरा रिक्त रहता है ।
कोटि पर आधारित प्रश्न आयोगों में इसलिए आते हैं कि वे बिना किसी गणना के भौतिकी का बोध जाँच लेते हैं । यहाँ चारों विकल्प चार अलग-अलग पैमानों से लिए गए हैं, और तीन इकाइयाँ भी अलग-अलग हैं — मीटर, माइक्रोमीटर, मिलीमीटर तथा ऐंग्स्ट्रॉम । इसीलिए सबसे पहला काम सबको एक ही इकाई में बदलना है ; उसके बाद उत्तर लगभग स्वयं दिखने लगता है । दूसरी उपयोगी दृष्टि यह है कि परीक्षक ने एक विकल्प में सही इकाई रखकर संख्या बड़ी कर दी है, ताकि अधूरी स्मृति वाला अभ्यर्थी वहीं रुक जाए । इस प्रकार एक ही प्रश्न में दो बातें जाँची जा रही हैं — इकाइयों का ज्ञान और परिमाण का बोध । पुस्तिका के बारे में यह भी ध्यान दीजिए कि हिन्दी स्तंभ में इकाइयाँ रोमन लिपि में ही छपी हैं, देवनागरी में लिप्यंतरित नहीं ; विकल्प (a) में घातांक असली उठे हुए अंक के रूप में छपा है, जिसे यहाँ पंक्ति में ^ चिह्न के साथ लिखा गया है, और विकल्प (b) तथा (d) में यूनानी म्यू और ऐंग्स्ट्रॉम का चिह्न प्रयुक्त हुआ है ।
मुख्य तथ्य
- परमाणु का आकार दस की घात ऋण दस मीटर की कोटि का होता है, और हाइड्रोजन उनमें सबसे सरल तथा सबसे छोटा परमाणु है ।
- एक ऐंग्स्ट्रॉम ठीक दस की घात ऋण दस मीटर के बराबर होता है, अर्थात् वह नैनोमीटर का दसवाँ भाग है ; इसी कारण परमाणुओं का आकार ऐंग्स्ट्रॉम में नापा जाता है ।
- परमाणु का नाभिक लगभग दस की घात ऋण पंद्रह मीटर की कोटि का होता है, अर्थात् वह परमाणु से लगभग एक लाख गुना छोटा होता है ।
- उपसर्गों की सीढ़ी इस प्रकार चलती है — मिली दस की घात ऋण तीन, माइक्रो ऋण छह, नैनो ऋण नौ, पिको ऋण बारह तथा फेम्टो ऋण पंद्रह ।
- एक हज़ार ऐंग्स्ट्रॉम का अर्थ दस की घात ऋण सात मीटर होता है, जो परमाणु से लगभग एक हज़ार गुना बड़ी लंबाई है और बहुत बड़े अणुओं के पैमाने पर पड़ती है ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- इकाई सही देखकर मान सही मान लेना । ऐंग्स्ट्रॉम परमाणु की इकाई अवश्य है, पर परमाणु कुछ ही ऐंग्स्ट्रॉम का होता है, एक हज़ार का नहीं ।
- उपसर्ग की घात भूल जाना । माइक्रो का अर्थ दस की घात ऋण छह है, इसलिए दस माइक्रोमीटर का अर्थ दस की घात ऋण पाँच मीटर होता है ।
- सभी विकल्पों को एक ही इकाई में बदले बिना तुलना करना । जब तक चारों मीटर में न लिखे जाएँ, उनका पारस्परिक अंतर दिखता ही नहीं ।
कोटि और मात्रक पर प्रश्न तीन रूपों में लौटते हैं । पहला रूप यही है — किसी भौतिक वस्तु का आकार या कोई राशि किस कोटि की होती है, जहाँ विकल्प अलग-अलग पैमानों से लिए जाते हैं । दूसरा रूप इकाइयों का है : एक ऐंग्स्ट्रॉम कितने मीटर के बराबर है, एक नैनोमीटर में कितने ऐंग्स्ट्रॉम होते हैं, या कौन-सा उपसर्ग किस घात का है । तीसरा रूप तुलना का है — दो राशियों में कितने गुना अंतर है, जैसे परमाणु और नाभिक के बीच । तीनों की तैयारी के लिए एक ही सीढ़ी काग़ज़ पर उतार लीजिए, जिसमें नीचे नाभिक से लेकर ऊपर रोज़मर्रा की वस्तुओं तक हर पैमाना दस की घात के साथ लिखा हो, और हर पायदान पर एक परिचित उदाहरण रखिए — नाभिक, परमाणु, अणु, विषाणु, कोशिका, बाल की मोटाई । यह एक चित्र इस पूरे परिवार के प्रश्नों को बिना गणना के हल कर देता है ।
संबंधित PYQ
EPFO_EOAO_2020_Q54खोलें व हल करें →Who among the following discovered Proton ?
- (a) J.J. Thomson
- (b) E. Goldstein
- (c) E. Rutherford
- (d) J. Chadwick
उत्तर(b) E. Goldstein
इसी प्रश्नपत्र का परमाणु-संरचना वाला प्रश्न, जो नाभिक में उपस्थित धनावेशित कण की खोज से जुड़ा है — वही नाभिक, जिसका आकार परमाणु से लगभग एक लाख गुना छोटा होता है ।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
परमाणु के पैमाने पर प्रयुक्त होने वाली लंबाई की इकाई एक ऐंग्स्ट्रॉम निम्नलिखित में से कितने मीटर के बराबर होता है ?
- (a)दस की घात ऋण छह मीटर
- (b)दस की घात ऋण नौ मीटर
- (c)दस की घात ऋण दस मीटर
- (d)दस की घात ऋण बारह मीटर
उत्तर(c) दस की घात ऋण दस मीटर — अर्थात् एक नैनोमीटर का दसवाँ भाग ; इसीलिए परमाणुओं का आकार ऐंग्स्ट्रॉम में सुविधापूर्वक नापा जाता है ।
- practice — not a real PYQ
किसी परमाणु के नाभिक का आकार लगभग किस कोटि का होता है ? (परमाणु के आकार से तुलना कीजिए)
- (a)दस की घात ऋण दस मीटर
- (b)दस की घात ऋण पंद्रह मीटर
- (c)दस की घात ऋण छह मीटर
- (d)दस की घात ऋण तीन मीटर
उत्तर(b) दस की घात ऋण पंद्रह मीटर — यह परमाणु से लगभग एक लाख गुना छोटा है, इसीलिए परमाणु का अधिकांश आयतन रिक्त रहता है ।