‘वैक्सीन’ शब्द की व्युत्पत्ति एक लैटिन शब्द से हुई है, जिसका अर्थ क्या है ?
- (a)प्रतिरक्षी (ऐंटिबॉडी)
- (b)प्रतिरक्षा (इम्यूनिटी)
- (c)गाय
- (d)गिनी पिग
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, (c) गाय । ‘वैक्सीन’ शब्द लैटिन के उस शब्द से बना है जिसका अर्थ गाय होता है । इसका कारण चिकित्सा के इतिहास की एक प्रसिद्ध घटना है । अठारहवीं शताब्दी के अंत में अंग्रेज़ चिकित्सक एडवर्ड जेनर ने यह देखा कि जो स्त्रियाँ गायों का दूध निकालने का काम करती थीं और जिन्हें गोमाता से फैलने वाला हल्का रोग — गो-चेचक — हो चुका था, उन्हें चेचक प्रायः नहीं होता था । चेचक उस समय का सबसे भयानक रोग था, जिसमें मृत्यु दर बहुत ऊँची थी और जीवित बच जाने वालों के शरीर पर स्थायी दाग़ रह जाते थे । जेनर ने वर्ष 1796 में इस निरीक्षण को प्रयोग में बदला : उन्होंने गो-चेचक के घाव से लिया गया पदार्थ एक बालक को लगाया और बाद में पाया कि वह चेचक से सुरक्षित रहा । उन्होंने इस प्रक्रिया को गाय के लिए प्रयुक्त लैटिन शब्द से नाम दिया, और वहीं से ‘वैक्सीन’ तथा ‘वैक्सीनेशन’ शब्द चिकित्सा की भाषा में आए । आगे चलकर लुई पाश्चर ने, जब उन्होंने अन्य रोगों के लिए ऐसी ही तैयारियाँ बनाईं, जेनर के सम्मान में उन सबके लिए भी यही शब्द अपनाया — यद्यपि उनका गाय से कोई संबंध नहीं था । इस तरह एक विशिष्ट पशु का नाम पूरी चिकित्सा-पद्धति का नाम बन गया । इसीलिए इस प्रश्न का उत्तर विकल्प (c) है । इस उत्तर को अलग ढंग से भी जाँचा जा सकता है । प्रश्न कहता है कि मूल शब्द लैटिन का है, इसलिए पहले यह पूछिए कि विकल्पों में कौन-सा ऐसा है जिसका लैटिन नाम चिकित्सा की भाषा में सचमुच चला हो । प्रतिरक्षी और गिनी पिग दोनों बहुत बाद के पद हैं और उनके नाम लैटिन से नहीं आते । प्रतिरक्षा का अंग्रेज़ी पद अवश्य लैटिन से आता है, पर वह एक भिन्न मूल शब्द है और उसका अर्थ गाय नहीं, किसी भार से मुक्ति है । शेष एक ही विकल्प बचता है, और वही वह पशु है जिसके रोग से पहला टीका बना ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)प्रतिरक्षी (ऐंटिबॉडी) — प्रतिरक्षी शब्द उस प्रोटीन के लिए है जिसे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली किसी बाहरी पदार्थ के उत्तर में बनाती है, पर ‘वैक्सीन’ की व्युत्पत्ति उससे नहीं जुड़ी । यह विकल्प इसलिए आकर्षक है कि प्रतिरक्षी और टीका एक ही विषय के दो पद हैं और उन्हें साथ-साथ पढ़ा जाता है । पर व्युत्पत्ति का प्रश्न अर्थ की निकटता से नहीं, शब्द के मूल से तय होता है । यहाँ एक बात और ध्यान देने योग्य है : प्रतिरक्षी की खोज और उनकी भूमिका की समझ जेनर के प्रयोग से बहुत बाद की है । अर्थात् जब यह शब्द गढ़ा गया तब यह ज्ञात ही नहीं था कि शरीर के भीतर होता क्या है ; ज्ञात केवल यह था कि गो-चेचक से गुज़र चुके लोग चेचक से बच जाते हैं ।
- (b)प्रतिरक्षा (इम्यूनिटी) — प्रतिरक्षा वाला विकल्प इस प्रश्न में सबसे कठिन है, क्योंकि उसमें आधी बात सही है । अंग्रेज़ी का ‘इम्यूनिटी’ शब्द सचमुच लैटिन से आया है — उस लैटिन शब्द से जिसका अर्थ किसी सार्वजनिक भार या कर से मुक्त होना था, और वहीं से आगे चलकर उसका अर्थ रोग से मुक्ति के रूप में विकसित हुआ । पर वह लैटिन शब्द अलग है, और प्रश्न ‘वैक्सीन’ की व्युत्पत्ति पूछ रहा है, ‘इम्यूनिटी’ की नहीं । दो पद एक ही विषय के हो सकते हैं और फिर भी उनकी जड़ें अलग हो सकती हैं । इसीलिए व्युत्पत्ति वाले प्रश्नों में यह पूछना आवश्यक है कि मूल शब्द किसका माँगा जा रहा है, न कि यह कि विषय कौन-सा है ।
- (d)गिनी पिग — गिनी पिग का इस व्युत्पत्ति से कोई संबंध नहीं है । यह विकल्प इसलिए रखा गया है कि प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए प्रयुक्त होने वाले जीव के रूप में यह नाम बहुत परिचित है, और टीके के परीक्षण की कल्पना करते ही मन उसी ओर चला जाता है । पर परिचितता व्युत्पत्ति नहीं होती । यह भी ध्यान रखने योग्य है कि इस जीव का नाम ही भ्रामक है — वह न सूअर है और न उसका मूल स्थान गिनी है ; वह दक्षिण अमेरिका का एक कृंतक है । अर्थात् यह विकल्प उन नामों का उदाहरण है जो अपने अर्थ के बारे में स्वयं ग़लत संकेत देते हैं, और परीक्षा में ऐसे नाम प्रायः भटकाने के लिए ही रखे जाते हैं ।
अवधारणा
टीकाकरण का मूल विचार यह है कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को किसी रोगकारक का ऐसा रूप दिखा दिया जाए जो रोग न फैलाए, पर जिसे पहचानकर शरीर अपनी स्मृति बना ले । इसके बाद यदि असली रोगकारक शरीर में प्रवेश करे तो प्रतिरक्षा प्रणाली उसे तुरंत पहचानकर तेज़ी से प्रतिक्रिया करती है । इसे सक्रिय प्रतिरक्षा कहा जाता है, क्योंकि इसमें प्रतिरक्षी शरीर स्वयं बनाता है और सुरक्षा दीर्घकालिक होती है । इसके विपरीत निष्क्रिय प्रतिरक्षा में बने-बनाए प्रतिरक्षी बाहर से दिए जाते हैं ; उसका लाभ तुरंत मिलता है पर वह अल्पकालिक होता है, और माता से शिशु को मिलने वाली सुरक्षा इसी प्रकार की है । टीकों के कई रूप होते हैं — निष्क्रिय किए गए रोगकारक से बने, दुर्बल किए गए जीवित रोगकारक से बने, तथा रोगकारक के किसी एक भाग या प्रोटीन से बने । इतिहास की दृष्टि से जेनर का प्रयोग आरंभ-बिंदु है, पाश्चर ने उसे अन्य रोगों तक बढ़ाया, और बीसवीं शताब्दी में यह पूरी दुनिया का सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम बन गया । चेचक ऐसा पहला रोग है जिसे व्यापक टीकाकरण के बल पर पूरी तरह समाप्त घोषित किया गया ।
व्युत्पत्ति पर आधारित प्रश्न सामान्य विज्ञान में कम आते हैं, पर जब आते हैं तो प्रायः किसी ऐसे शब्द पर होते हैं जिसके पीछे कोई कहानी हो — और यहाँ कहानी जेनर के प्रयोग की है । ऐसे प्रश्नों में परीक्षक की चाल यह होती है कि विकल्पों में उसी विषय के पड़ोसी पद रख दिए जाएँ, ताकि अभ्यर्थी विषय की परिचितता के आधार पर उत्तर चुन ले । यहाँ दो विकल्प प्रतिरक्षा-विज्ञान के पद हैं और एक प्रयोगशाला के जीव का नाम ; तीनों विषय से जुड़े हैं और तीनों ग़लत हैं । उत्तर वही है जो शब्द के मूल से जुड़ता है । एक बात पुस्तिका के बारे में भी : हिन्दी स्तंभ में यह प्रश्न एक पूरा प्रश्न है और प्रश्नवाचक चिह्न पर समाप्त होता है, जबकि अंग्रेज़ी स्तंभ में उसे वाक्य-पूर्ति की तरह रखा गया है । दोनों का अर्थ एक ही है, केवल वाक्य का ढाँचा भिन्न है । विकल्प (a) और (b) में हिन्दी पद के साथ उसका अंग्रेज़ी पर्याय भी कोष्ठक में देवनागरी लिप्यंतरण के रूप में छपा है, जबकि (c) और (d) में नहीं ।
मुख्य तथ्य
- ‘वैक्सीन’ शब्द लैटिन के उस शब्द से बना है जिसका अर्थ गाय होता है ; उसका स्रोत गो-चेचक नामक रोग है, जो गायों से दूध निकालने वालों को होता था ।
- एडवर्ड जेनर ने वर्ष 1796 में यह दिखाया कि गो-चेचक के घाव से लिया गया पदार्थ लगाने पर व्यक्ति चेचक से सुरक्षित रहता है ।
- लुई पाश्चर ने अन्य रोगों के लिए बनाई गई ऐसी ही तैयारियों को भी जेनर के सम्मान में यही नाम दिया, यद्यपि उनका गाय से कोई संबंध नहीं था ।
- सक्रिय प्रतिरक्षा में शरीर स्वयं प्रतिरक्षी बनाता है और सुरक्षा दीर्घकालिक होती है ; निष्क्रिय प्रतिरक्षा में बने-बनाए प्रतिरक्षी बाहर से दिए जाते हैं और सुरक्षा अल्पकालिक रहती है ।
- चेचक ऐसा पहला रोग है जिसे व्यापक टीकाकरण के बल पर पूरी दुनिया से समाप्त घोषित किया गया ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- विषय की निकटता को व्युत्पत्ति मान लेना । प्रतिरक्षी और प्रतिरक्षा दोनों इसी विषय के पद हैं, पर प्रश्न ‘वैक्सीन’ शब्द का मूल पूछ रहा है ।
- ‘इम्यूनिटी’ की लैटिन जड़ को ‘वैक्सीन’ की जड़ मान लेना । दोनों लैटिन से आते हैं, पर दो अलग-अलग शब्दों से ।
- नाम को उसका अर्थ मान लेना । गिनी पिग न सूअर है और न गिनी का, इसलिए नाम से निष्कर्ष निकालना यहाँ भ्रामक है ।
इस विषय पर प्रश्न तीन रूपों में आते हैं । पहला रूप व्युत्पत्ति या नामकरण का है, जैसा यहाँ है — कोई पद कहाँ से बना और क्यों, जहाँ उत्तर प्रायः किसी ऐतिहासिक प्रयोग या घटना से जुड़ा होता है । दूसरा रूप व्यक्ति और खोज को जोड़ने का है : चेचक का टीका किसने बनाया, रेबीज़ का किसने, और किस वैज्ञानिक ने किस सूक्ष्मजीव को पहचाना । तीसरा रूप अवधारणा का है — सक्रिय और निष्क्रिय प्रतिरक्षा में अंतर, टीके के प्रकार, या किसी टीकाकरण कार्यक्रम में सम्मिलित रोग । तीनों की तैयारी के लिए एक छोटी सूची बनाइए जिसमें वैज्ञानिक, उनकी खोज और उससे जुड़ा वर्ष एक पंक्ति में हों, और उसके साथ प्रतिरक्षा के दो-तीन मूल भेद लिख लीजिए । व्युत्पत्ति वाले प्रश्न कम आते हैं, पर जब आते हैं तब उनका उत्तर प्रायः उसी कहानी में छिपा होता है जो खोज के साथ पढ़ी जाती है ।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
चेचक के विरुद्ध पहला प्रभावी टीका विकसित करने का श्रेय निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक को दिया जाता है ?
- (a)लुई पाश्चर
- (b)एडवर्ड जेनर
- (c)रॉबर्ट कोख
- (d)एलेक्ज़ेंडर फ्लेमिंग
उत्तर(b) एडवर्ड जेनर — उन्होंने गो-चेचक के घाव से लिया गया पदार्थ लगाकर चेचक से सुरक्षा दिखाई ; पाश्चर ने बाद में अन्य रोगों के लिए ऐसी तैयारियाँ बनाईं ।
- practice — not a real PYQ
सक्रिय प्रतिरक्षा तथा निष्क्रिय प्रतिरक्षा के बीच मुख्य अंतर निम्नलिखित में से कौन-सा है ?
- (a)सक्रिय में शरीर स्वयं प्रतिरक्षी बनाता है, जबकि निष्क्रिय में बने-बनाए प्रतिरक्षी बाहर से दिए जाते हैं
- (b)सक्रिय प्रतिरक्षा तुरंत काम करती है, जबकि निष्क्रिय में महीनों लगते हैं
- (c)सक्रिय प्रतिरक्षा केवल शिशुओं में विकसित होती है
- (d)निष्क्रिय प्रतिरक्षा जीवन भर बनी रहती है
उत्तर(a) सक्रिय में शरीर स्वयं प्रतिरक्षी बनाता है, जबकि निष्क्रिय में बने-बनाए प्रतिरक्षी बाहर से दिए जाते हैं — इसीलिए सक्रिय की सुरक्षा दीर्घकालिक और निष्क्रिय की अल्पकालिक होती है ।