निम्नलिखित में से कौन-सा नमामि गंगे कार्यक्रम का सही वर्णन नहीं है ?
- (a)यह जल शक्ति मंत्रालय की एक पहल है ।
- (b)इसमें मुख्यत: उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा राज्यों के गाँव सम्मिलित हैं ।
- (c)इसका उद्देश्य गंगा नदी के किनारे बसे गाँवों को खुले में शौच से मुक्त करना है ।
- (d)इसका उद्देश्य गंगा नदी के किनारे बसे कुछ गाँवों को गंगा ग्राम के रूप में रूपांतरित करना है ।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — B, (b) इसमें मुख्यत: उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा राज्यों के गाँव सम्मिलित हैं । यहाँ ‘नहीं’ मोटे तिरछे अक्षरों में छपा है, अर्थात् उत्तर वह कथन है जो नमामि गंगे कार्यक्रम का सही वर्णन नहीं करता — और वही यह कथन है । इसमें भूगोल की एक स्पष्ट भूल है : ओडिशा से गंगा नहीं बहती । गंगा की मुख्य धारा गंगोत्री हिमनद से भागीरथी के रूप में निकलती है, देवप्रयाग में अलकनंदा से मिलकर गंगा कहलाती है, और फिर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड तथा पश्चिम बंगाल से होकर बहती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती है । ओडिशा की अपनी बड़ी नदियाँ महानदी, ब्राह्मणी और वैतरणी हैं, और उनका गंगा तंत्र से कोई संबंध नहीं है । चूँकि यह कार्यक्रम गंगा के किनारे बसे गाँवों पर केंद्रित है, इसलिए उसमें ओडिशा के गाँव आ ही नहीं सकते । इस कथन में जिन दो राज्यों के नाम सही हैं — उत्तर प्रदेश और बिहार — वे इसी भूल को छिपाने के लिए रखे गए हैं, क्योंकि दो सही नाम पढ़ लेने के बाद तीसरे पर ध्यान कम जाता है । ऐसे प्रश्नों में सूची का हर नाम अलग-अलग जाँचिए, यह मानकर मत चलिए कि यदि आरंभ सही है तो पूरा कथन सही होगा । शेष तीनों कथन कार्यक्रम का सही वर्णन करते हैं — वह जल शक्ति मंत्रालय की पहल है, उसका उद्देश्य गंगा-तट के गाँवों को खुले में शौच से मुक्त करना है, और कुछ गाँवों को गंगा ग्राम के रूप में विकसित करना भी उसमें सम्मिलित है । इसलिए उत्तर विकल्प (b) है । भूगोल की यह जाँच लगाने से पहले एक और सरल कसौटी भी काम करती है । योजना का नाम स्वयं उसका दायरा बता देता है : जो कार्यक्रम एक नदी के नाम पर बना है, उसका विस्तार उसी नदी के मार्ग तक रहेगा । इसलिए विकल्पों में जहाँ भी राज्यों की सूची दिखे, वहाँ पहले यह पूछिए कि क्या वह नदी उन सब राज्यों से होकर बहती है । यही एक प्रश्न इस कथन को तुरंत गिरा देता है ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)यह जल शक्ति मंत्रालय की एक पहल है । — यह कथन सही है, इसलिए ‘नहीं’ वाले प्रश्न का उत्तर नहीं बन सकता । नमामि गंगे जल शक्ति मंत्रालय की पहल है, और उसका क्रियान्वयन राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन तथा राज्यों में उसके समकक्ष निकायों के माध्यम से होता है । जल शक्ति मंत्रालय स्वयं वर्ष 2019 में बना, जब जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा संरक्षण से जुड़े विभाग और पेयजल तथा स्वच्छता से जुड़े विभाग एक ही मंत्रालय के अंतर्गत लाए गए । यही विलय इस प्रश्न के अन्य कथनों को भी समझने में सहायक है, क्योंकि गंगा-तट के गाँवों को खुले में शौच से मुक्त करने का काम स्वच्छता वाले पक्ष से आता है और नदी की निर्मलता वाला काम जल संसाधन वाले पक्ष से । दोनों एक ही छत के नीचे आने से कार्यक्रम का दायरा नदी से गाँव तक फैला ।
- (c)इसका उद्देश्य गंगा नदी के किनारे बसे गाँवों को खुले में शौच से मुक्त करना है । — यह कथन भी सही है । कार्यक्रम का एक घोषित लक्ष्य गंगा के किनारे बसे गाँवों को खुले में शौच से मुक्त करना है, और इसका तर्क सीधा है : नदी में गंदगी केवल कारख़ानों के बहाव से नहीं आती, तट पर बसी बस्तियों के मल-जल और खुले में शौच से भी आती है । इसीलिए नमामि गंगे को केवल जल-शोधन संयंत्र लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक समेकित मिशन के रूप में रखा गया, जिसमें मल-जल शोधन, घाटों और शवदाह-गृहों का सुधार, नदी-तट का विकास, जैव-विविधता का संरक्षण, वनरोपण तथा जन-सहभागिता सभी सम्मिलित हैं । ग्रामीण स्वच्छता वाला यह घटक स्वच्छ भारत मिशन के साथ जुड़कर चला, इसलिए वह कार्यक्रम के वर्णन में ठीक बैठता है ।
- (d)इसका उद्देश्य गंगा नदी के किनारे बसे कुछ गाँवों को गंगा ग्राम के रूप में रूपांतरित करना है । — यह कथन भी सही है और वह उसी स्वच्छता वाले घटक का अगला चरण है । गंगा ग्राम की परिकल्पना यह थी कि गंगा के तट पर बसी ग्राम पंचायतों में केवल खुले में शौच से मुक्ति तक न रुका जाए, बल्कि चुने हुए गाँवों को समग्र रूप से विकसित किया जाए — ठोस तथा तरल अपशिष्ट का प्रबंधन, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, जैविक खेती और घाटों का सुधार सब एक साथ । अर्थात् गंगा ग्राम नदी की सफ़ाई को गाँव के विकास के मॉडल से जोड़ने का प्रयास है । यह विकल्प इसलिए भी उपयोगी है कि वह कार्यक्रम का वह पक्ष दिखाता है जो प्रायः चर्चा से बाहर रह जाता है : नदी का पुनरुद्धार केवल अभियांत्रिकी का काम नहीं, तट पर बसे समाज के व्यवहार का भी प्रश्न है ।
अवधारणा
गंगा का भूगोल इस प्रश्न की धुरी है, इसलिए उसे क्रम से देखिए । गंगा की मुख्य धारा गंगोत्री हिमनद के गोमुख से भागीरथी के रूप में निकलती है और देवप्रयाग में अलकनंदा से मिलकर गंगा कहलाती है । वहाँ से वह उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड तथा पश्चिम बंगाल से होकर बहती है और अंततः बंगाल की खाड़ी में गिरती है ; बांग्लादेश में उसे पद्मा कहा जाता है और सुंदरवन का विशाल डेल्टा उसी तंत्र से बनता है । उसकी प्रमुख सहायक नदियाँ पश्चिम से पूर्व की ओर यमुना, घाघरा, सोन, गंडक और कोसी हैं । ध्यान दीजिए कि गंगा का अपवाह-क्षेत्र मुख्य धारा वाले पाँच राज्यों से बड़ा है और उसमें मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा दिल्ली भी आते हैं, क्योंकि सहायक नदियाँ वहाँ से आती हैं — पर तट पर बसे गाँवों वाला कार्यक्रम मुख्य धारा के राज्यों पर केंद्रित रहता है । नमामि गंगे स्वयं एक समेकित संरक्षण मिशन है, जिसे राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन क्रियान्वित करता है, और उसके घटकों में मल-जल शोधन, घाटों का सुधार, नदी-तट का विकास, जैव-विविधता संरक्षण, वनरोपण तथा जन-सहभागिता सम्मिलित हैं ।
सरकारी योजनाओं पर बनने वाले प्रश्न प्रायः दो प्रकार की भूलें छिपाकर पूछे जाते हैं — मंत्रालय की भूल और भूगोल की भूल । यहाँ भूगोल की भूल रखी गई है, और वही सबसे आसानी से पकड़ी भी जा सकती है, बशर्ते अभ्यर्थी सूची के हर नाम को अलग से जाँचे । परीक्षक की चाल यह है कि तीन नामों की सूची में पहले दो सही रखे जाएँ और तीसरा ग़लत, क्योंकि पढ़ते समय ध्यान आरंभ पर सबसे अधिक और अंत पर सबसे कम रहता है । ऐसे कथनों में एक-एक नाम पर उँगली रखकर पूछिए कि क्या यह यहाँ बैठता है । दूसरी उपयोगी दृष्टि यह है कि योजना का नाम ही उसका दायरा बता देता है : जो कार्यक्रम एक विशेष नदी के नाम पर है, उसका विस्तार उसी नदी के मार्ग तक सीमित रहेगा । हिन्दी स्तंभ में कार्यक्रम का नाम तिरछे अक्षरों में छपा है और विकल्प (b) में ‘मुख्यत:’ विसर्ग के स्थान पर कोलन के साथ छपा है — यह इसी पुस्तिका की छपाई की शैली है और उसे वैसा ही रखा गया है ।
मुख्य तथ्य
- गंगा की मुख्य धारा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड तथा पश्चिम बंगाल से होकर बहती है ; ओडिशा इस मार्ग में नहीं आता ।
- गंगा गंगोत्री हिमनद से भागीरथी के रूप में निकलती है और देवप्रयाग में अलकनंदा से मिलकर गंगा कहलाती है ; बांग्लादेश में उसे पद्मा कहा जाता है ।
- नमामि गंगे जल शक्ति मंत्रालय की पहल है और उसका क्रियान्वयन राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन तथा राज्यों में उसके समकक्ष निकायों द्वारा किया जाता है ।
- कार्यक्रम के घटकों में मल-जल शोधन, घाटों तथा शवदाह-गृहों का सुधार, नदी-तट का विकास, जैव-विविधता संरक्षण, वनरोपण और जन-सहभागिता सम्मिलित हैं ।
- गंगा ग्राम की परिकल्पना यह है कि तट पर बसी चुनी हुई ग्राम पंचायतों को केवल खुले में शौच से मुक्त ही न किया जाए, बल्कि अपशिष्ट प्रबंधन तथा जल संरक्षण सहित समग्र रूप से विकसित किया जाए ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- सूची का आरंभ सही देखकर पूरा कथन सही मान लेना । यहाँ पहले दो राज्य ठीक हैं और भूल केवल तीसरे नाम में है ।
- अपवाह-क्षेत्र और मुख्य धारा को एक मान लेना । गंगा का अपवाह-क्षेत्र कई और राज्यों तक फैला है, पर मुख्य धारा पाँच राज्यों से बहती है ।
- मंत्रालय का नाम पुराना याद रखना । यह कार्यक्रम जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत आता है, जो वर्ष 2019 में दो विभागों के विलय से बना ।
सरकारी योजनाओं पर प्रश्न तीन साँचों में आते हैं । पहला साँचा यही है — चार कथन देकर पूछना कि कौन-सा वर्णन सही नहीं है, जहाँ ग़लत कथन में प्रायः राज्य, मंत्रालय या वर्ष बदल दिया जाता है । दूसरा साँचा क्रियान्वयन का है : कौन-सी संस्था कार्यक्रम चलाती है और वह किस मंत्रालय के अधीन है । तीसरा साँचा उद्देश्य और घटक का है — योजना के अंतर्गत क्या-क्या काम आते हैं । तीनों की तैयारी के लिए हर बड़ी योजना के बारे में चार पंक्तियाँ लिख लीजिए : आरंभ का वर्ष, संबंधित मंत्रालय, क्रियान्वयन करने वाली संस्था, और दो-तीन मुख्य घटक । इसके साथ भूगोल की एक जाँच सदा जोड़िए — यदि योजना किसी नदी, तट या क्षेत्र से जुड़ी है तो यह देखिए कि प्रश्न में गिनाए गए राज्य वास्तव में उस भूगोल में आते हैं या नहीं । यही जाँच इस प्रश्न को दस सेकंड का प्रश्न बना देती है ।
संबंधित PYQ
EPFO_APFC_2016_Q35What is the correct sequence of tributaries of the river Ganga from West to East ?
- (a) Yamuna, Ghaghara, Son, Gandak and Kosi
- (b) Ghaghara, Yamuna, Gandak, Kosi and Son
- (c) Yamuna, Ghaghara, Gandak, Son, and Kosi
- (d) Ghaghara, Yamuna, Kosi, Gandak and Son
उत्तर(a) Yamuna, Ghaghara, Son, Gandak and Kosi
उसी नदी-तंत्र का भूगोल दूसरी दिशा से — गंगा की प्रमुख सहायक नदियों को पश्चिम से पूर्व के क्रम में रखना, जो मुख्य धारा के मार्ग का ही दूसरा रूप है ।
EPFO_EOAO_2020_Q77खोलें व हल करें →Which of the following statements is/are correct ? 1. India is a signatory to the Ramsar Convention. 2. The Ramsar Convention is about wetland conservation. 3. At present there are 76 Ramsar Sites in India. Select the correct answer using the code given below :
- (a) 2 and 3 only
- (b) 1, 2 and 3
- (c) 1 only
- (d) 1 and 2 only
उत्तर(d) 1 and 2 only
इसी प्रश्नपत्र का दूसरा पर्यावरण-प्रश्न, जो आर्द्रभूमि संरक्षण की अंतरराष्ट्रीय संधि और भारत की उसमें भागीदारी पर कथन रखकर पूछा गया है ।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
गंगा नदी की मुख्य धारा निम्नलिखित में से किस राज्य से होकर नहीं बहती है ? (अपवाह-क्षेत्र नहीं, मुख्य धारा देखिए)
- (a)उत्तराखंड
- (b)झारखंड
- (c)ओडिशा
- (d)पश्चिम बंगाल
उत्तर(c) ओडिशा — गंगा की मुख्य धारा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड तथा पश्चिम बंगाल से होकर बहती है ; ओडिशा की प्रमुख नदियाँ महानदी, ब्राह्मणी तथा वैतरणी हैं ।
- practice — not a real PYQ
नमामि गंगे कार्यक्रम का क्रियान्वयन करने वाली नोडल संस्था निम्नलिखित में से कौन-सी है ?
- (a)केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
- (b)राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन
- (c)राष्ट्रीय हरित अधिकरण
- (d)केंद्रीय जल आयोग
उत्तर(b) राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन — वही जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत इस कार्यक्रम को राज्यों की समकक्ष इकाइयों के साथ मिलकर लागू करता है ।