नीति आयोग में ‘NITI’ शब्द निम्नलिखित में से किसका परिवर्णी शब्द है ?
- (a)नेशनल इंटिग्रेशन एण्ड ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ इंडिया
- (b)नेशनल इंस्टिट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया
- (c)नेशनल इंस्टिट्यूशन फॉर टेक्नोलॉजिकल इंडिया
- (d)नेशनल इंस्टिट्यूशन फॉर ट्रस्ट इन इंडिया
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — B, (b) नेशनल इंस्टिट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया । नीति आयोग के नाम में जो ‘NITI’ छपा है, वह अंग्रेज़ी के इसी पूरे नाम का परिवर्णी शब्द है — नेशनल इंस्टिट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया, अर्थात् ‘भारत के रूपांतरण के लिए राष्ट्रीय संस्थान’ । अक्षरों को क्रम से मिलाकर देखिए तो बात तुरंत साफ़ हो जाती है : N से नेशनल, I से इंस्टिट्यूशन, T से ट्रांसफॉर्मिंग और अंतिम I से इंडिया । नाम में एक सुंदर द्वि-अर्थ भी छिपा है, जो इसे स्मृति में बाँध देता है : ‘नीति’ हिन्दी में उस शब्द का अर्थ भी रखता है जिसका काम यह संस्था करती है, और ‘आयोग’ का अर्थ आयोग या परिषद है — इस प्रकार पूरा नाम अंग्रेज़ी में परिवर्णी और हिन्दी में सार्थक शब्द, दोनों एक साथ बन जाता है । संस्था का परिचय भी यहीं जोड़ लीजिए, क्योंकि आयोग प्रायः नाम के साथ उसका स्वरूप भी पूछते हैं । नीति आयोग की स्थापना पहली जनवरी 2015 को हुई और उसने योजना आयोग का स्थान लिया, जो वर्ष 1950 से काम कर रहा था । दोनों में एक बात समान है — दोनों का गठन न संविधान से हुआ, न संसद के किसी अधिनियम से, बल्कि मंत्रिमंडल के संकल्प से । पर काम में बड़ा अंतर है : योजना आयोग राज्यों को योजना-मद में धन का आवंटन करता था, जबकि नीति आयोग आवंटन नहीं करता ; वह नीति-निर्माण में सलाह देने वाला और सहकारी संघवाद को आगे बढ़ाने वाला निकाय है । इसीलिए उत्तर विकल्प (b) है । परीक्षा में इस प्रकार के प्रश्न को हल करने का क्रम यह होना चाहिए । पहले परिवर्णी शब्द के अक्षर गिनिए और देखिए कि विस्तार में उतने ही सार्थक शब्द हैं या नहीं ; इससे वे विकल्प तुरंत हट जाते हैं जिनके शब्द अक्षरों से मेल ही नहीं खाते । फिर बचे हुए विकल्पों में केवल वह शब्द देखिए जो अलग है, और उसे संस्था के घोषित उद्देश्य से मिलाइए । यहाँ उद्देश्य रूपांतरण है, न प्रौद्योगिकी, न विश्वास — इसलिए बीच का शब्द ‘ट्रांसफॉर्मिंग’ ही होगा ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)नेशनल इंटिग्रेशन एण्ड ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ इंडिया — नेशनल इंटिग्रेशन एण्ड ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ इंडिया सुनने में विश्वसनीय लगता है, पर उससे बना परिवर्णी शब्द ही मेल नहीं खाता । उसके आरंभिक अक्षर लेने पर एन, आई, ए और ओ जैसा कुछ बनेगा, ‘NITI’ नहीं । यही इस प्रश्न की सबसे तेज़ जाँच है : विस्तार को अक्षरशः खोलकर मूल परिवर्णी शब्द से मिलाइए, और जो मेल न खाए उसे तुरंत हटा दीजिए । इस विकल्प में ‘इंटिग्रेशन’ शब्द रखा गया है, जो राष्ट्रीय एकता की परिचित शब्दावली से आता है और इसीलिए स्वाभाविक लगता है । पर संस्था के नाम में जो शब्द है वह ‘इंस्टिट्यूशन’ है, और यही अंतर उत्तर तय कर देता है । परिवर्णी शब्दों वाले प्रश्नों में अर्थ की निकटता नहीं, अक्षरों का मेल निर्णायक होता है ।
- (c)नेशनल इंस्टिट्यूशन फॉर टेक्नोलॉजिकल इंडिया — नेशनल इंस्टिट्यूशन फॉर टेक्नोलॉजिकल इंडिया में पहले दो शब्द तो सही हैं, पर तीसरा नहीं । यहाँ ‘ट्रांसफॉर्मिंग’ के स्थान पर ‘टेक्नोलॉजिकल’ रख दिया गया है, और दोनों अंग्रेज़ी में एक ही अक्षर से आरंभ होते हैं — यही इस विकल्प को कठिन बनाता है, क्योंकि अक्षरों का मेल यहाँ टूटता नहीं । अर्थात् इस विकल्प को केवल परिवर्णी मिलाकर नहीं हटाया जा सकता ; उसके लिए संस्था का वास्तविक नाम याद होना चाहिए । यह याद रखने का सूत्र यह है कि संस्था का घोषित उद्देश्य किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है — वह प्रौद्योगिकी का नहीं, समग्र रूपांतरण का संस्थान है, और उसका कार्यक्षेत्र कृषि से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा तथा शासन तक फैला है ।
- (d)नेशनल इंस्टिट्यूशन फॉर ट्रस्ट इन इंडिया — नेशनल इंस्टिट्यूशन फॉर ट्रस्ट इन इंडिया में भी पहले दो शब्द सही हैं और तीसरा शब्द उसी अक्षर से आरंभ होता है, इसलिए यह विकल्प भी केवल अक्षर-मिलान से नहीं हटता । पर ‘ट्रस्ट’ शब्द संस्था के नाम में नहीं आता । यह विकल्प उस अभ्यर्थी के लिए है जो परिवर्णी शब्द का ढाँचा तो जानता है पर बीच का शब्द भूल गया है, और दबाव में किसी भी उपयुक्त-सी लगने वाली संज्ञा पर टिक जाता है । ऐसे प्रश्नों में सबसे भरोसेमंद तरीक़ा यह है कि संस्था के नाम को उसके घोषित उद्देश्य से जोड़कर याद रखा जाए — यहाँ उद्देश्य ‘रूपांतरण’ है, और यही शब्द नाम में भी है ।
अवधारणा
नीति आयोग को समझने के लिए उसकी तुलना उस निकाय से करनी चाहिए जिसकी जगह उसने ली । योजना आयोग की स्थापना वर्ष 1950 में मंत्रिमंडल के संकल्प से हुई थी और उसने पंचवर्षीय योजनाओं की व्यवस्था चलाई, जिसमें केंद्र से राज्यों को योजना-मद में धन आवंटित किया जाता था । उसकी सबसे बड़ी आलोचना यही थी कि आवंटन की शक्ति ने केंद्र-राज्य संबंधों को ऊपर से नीचे की दिशा दे दी और सभी राज्यों पर एक ही साँचा थोप दिया । नीति आयोग की स्थापना पहली जनवरी 2015 को इसी सोच के साथ हुई कि नियोजन ऊपर से थोपा न जाए, बल्कि राज्यों की भागीदारी से बने — इसे ही सहकारी संघवाद कहा गया । उसकी संरचना इस प्रकार है : अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं ; उपाध्यक्ष तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति प्रधानमंत्री करते हैं ; और शासी परिषद में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री तथा संघ राज्यक्षेत्रों के उपराज्यपाल सम्मिलित होते हैं । उसमें पूर्णकालिक सदस्य, अंशकालिक सदस्य तथा पदेन सदस्य भी होते हैं । सबसे महत्त्वपूर्ण भेद यह है कि नीति आयोग धन का आवंटन नहीं करता ; वह सलाह देने वाला और विचार-केंद्र की भूमिका निभाने वाला निकाय है, और बारहवीं योजना की समाप्ति के बाद पंचवर्षीय योजनाओं की परंपरा भी समाप्त हो गई ।
परिवर्णी शब्दों का पूरा रूप पूछने वाले प्रश्न EPFO तथा अन्य आयोगों में नियमित रूप से आते हैं, और उनकी रचना लगभग सदा एक जैसी होती है : चारों विकल्पों में एक-दो शब्द सही रखे जाते हैं और केवल एक शब्द बदल दिया जाता है । यहाँ भी तीन विकल्पों में ‘नेशनल इंस्टिट्यूशन फॉर’ तक सब कुछ समान है और अंतर केवल आगे के शब्द में है । इसीलिए इस प्रश्न में सरसरी नज़र काम नहीं आती — पूरा विकल्प अंत तक पढ़ना पड़ता है । एक और बात ध्यान देने योग्य है : हिन्दी स्तंभ में चारों विकल्प अंग्रेज़ी वाक्यांशों का देवनागरी लिप्यंतरण हैं, अनुवाद नहीं, जबकि अंग्रेज़ी स्तंभ में वही वाक्यांश रोमन लिपि में छपे हैं । स्वयं परिवर्णी शब्द ‘NITI’ दोनों स्तंभों में रोमन बड़े अक्षरों में और एकल उद्धरण-चिह्नों के भीतर छपा है । लिप्यंतरण से अर्थ नहीं बदलता, पर पढ़ते समय शब्द-सीमा पहचानने में थोड़ी सावधानी रखनी पड़ती है ।
मुख्य तथ्य
- ‘NITI’ का पूरा रूप नेशनल इंस्टिट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया है, अर्थात् भारत के रूपांतरण के लिए राष्ट्रीय संस्थान ।
- नीति आयोग की स्थापना पहली जनवरी 2015 को हुई और उसने वर्ष 1950 से चले आ रहे योजना आयोग का स्थान लिया ।
- योजना आयोग और नीति आयोग दोनों का गठन मंत्रिमंडल के संकल्प से हुआ ; न तो कोई संवैधानिक निकाय है और न संसद के अधिनियम से बना निकाय ।
- नीति आयोग के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं ; उपाध्यक्ष तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति प्रधानमंत्री करते हैं और शासी परिषद में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री सम्मिलित रहते हैं ।
- सबसे बड़ा कार्यात्मक भेद यह है कि योजना आयोग राज्यों को योजना-मद में धन आवंटित करता था, जबकि नीति आयोग आवंटन नहीं करता — वह नीति-सलाह और सहकारी संघवाद का निकाय है ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- अर्थ की निकटता से विकल्प चुन लेना । ‘इंटिग्रेशन’ सुनने में उपयुक्त लगता है, पर उससे बना परिवर्णी शब्द ही मेल नहीं खाता ।
- विकल्प अधूरा पढ़ना । तीन विकल्पों में आरंभ के दो शब्द समान हैं और अंतर केवल तीसरे शब्द में है, इसलिए अंत तक पढ़ना अनिवार्य है ।
- नीति आयोग को संवैधानिक या वैधानिक निकाय मान लेना । उसका गठन मंत्रिमंडल के संकल्प से हुआ है, संविधान या अधिनियम से नहीं ।
नीति आयोग पर प्रश्न चार रूपों में आते हैं । पहला रूप नाम का है, जैसा यहाँ है — परिवर्णी शब्द का पूरा रूप, जहाँ विकल्प एक-दूसरे से केवल एक शब्द में भिन्न होते हैं । दूसरा रूप स्वरूप का है : यह संवैधानिक निकाय है या नहीं, इसका गठन किससे हुआ, और इसके अध्यक्ष कौन होते हैं । तीसरा रूप तुलना का है — योजना आयोग और नीति आयोग में क्या अंतर है, विशेषकर धन के आवंटन की शक्ति के संबंध में । चौथा रूप समसामयिक होता है, जिसमें आयोग द्वारा जारी किसी सूचकांक या प्रतिवेदन के बारे में पूछा जाता है । चारों की तैयारी के लिए एक ही पृष्ठ पर्याप्त है, जिसमें स्थापना की तिथि, गठन का आधार, संरचना, दो-तीन प्रमुख कार्य और योजना आयोग से मुख्य अंतर लिखा हो । ध्यान रखिए कि आयोगों को नाम रटाने में नहीं, स्वरूप और शक्तियों के भेद में रुचि रहती है ।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
नीति आयोग की स्थापना किस तिथि को हुई थी तथा उसने निम्नलिखित में से किस निकाय का स्थान लिया था ? (गठन का आधार भी याद रखिए)
- (a)पहली जनवरी 2015 — योजना आयोग
- (b)पंद्रह अगस्त 2014 — राष्ट्रीय विकास परिषद
- (c)पहली अप्रैल 2015 — वित्त आयोग
- (d)छब्बीस जनवरी 2015 — योजना आयोग
उत्तर(a) पहली जनवरी 2015 — योजना आयोग ; वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है और उसका स्थान किसी ने नहीं लिया, तथा राष्ट्रीय विकास परिषद अलग निकाय है ।
- practice — not a real PYQ
नीति आयोग के गठन तथा स्वरूप के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन सही है ?
- (a)यह संविधान द्वारा स्थापित एक संवैधानिक निकाय है
- (b)इसका गठन संसद के एक अधिनियम द्वारा किया गया है
- (c)इसका गठन मंत्रिमंडल के संकल्प से हुआ है और इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं
- (d)इसके पदेन अध्यक्ष राष्ट्रपति होते हैं
उत्तर(c) इसका गठन मंत्रिमंडल के संकल्प से हुआ है और इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं — यही व्यवस्था योजना आयोग की भी थी, इसलिए दोनों में से कोई संवैधानिक या वैधानिक निकाय नहीं है ।