एक कक्षा में 40% विद्यार्थी भारतीय हैं और 50% लड़कियाँ हैं । यदि भारतीय विद्यार्थियों का 25% लड़कियाँ हैं, तो ग़ैर-भारतीय विद्यार्थियों का कितना प्रतिशत लड़के हैं ?
- (a)33·33%
- (b)40%
- (c)25%
- (d)20%
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — A, (a) 33·33% । सबसे आसान रास्ता कक्षा में सौ विद्यार्थी मान लेने का है, क्योंकि सारे आँकड़े प्रतिशत में हैं । तब भारतीय विद्यार्थी 40 हुए और ग़ैर-भारतीय 60 । लड़कियाँ कुल 50 हुईं, इसलिए लड़के भी 50 । अब तीसरी सूचना लगाइए : भारतीय विद्यार्थियों का 25 प्रतिशत लड़कियाँ हैं, अर्थात् 40 का 25 प्रतिशत, जो 10 होता है । इसलिए भारतीय लड़कियाँ 10 और भारतीय लड़के 30 । कुल लड़कियाँ 50 हैं, इसलिए ग़ैर-भारतीय लड़कियाँ 50 घटा 10, अर्थात् 40 । और ग़ैर-भारतीय विद्यार्थी कुल 60 हैं, इसलिए ग़ैर-भारतीय लड़के 60 घटा 40, अर्थात् 20 । अब वह चरण आता है जिस पर पूरा प्रश्न टिका है । बीस वह संख्या है जो पूरी कक्षा में ग़ैर-भारतीय लड़कों की है ; पर प्रश्न ने यह नहीं पूछा कि कक्षा का कितना प्रतिशत ग़ैर-भारतीय लड़के हैं । उसने पूछा है कि ग़ैर-भारतीय विद्यार्थियों का कितना प्रतिशत लड़के हैं । अर्थात् आधार पूरी कक्षा नहीं, केवल ग़ैर-भारतीय समूह है । इसलिए हिसाब बनेगा 20 बटा 60 गुणा 100, जो 33·33 प्रतिशत है । यही उत्तर है, और यही इस प्रश्न की एकमात्र वास्तविक कठिनाई । ऐसे प्रश्नों में दो-दो पंक्ति और स्तंभ वाली एक छोटी सारणी बना लेना सबसे सुरक्षित है — पंक्तियों में भारतीय और ग़ैर-भारतीय, स्तंभों में लड़के और लड़कियाँ, और चारों कोष्ठकों के साथ पंक्ति तथा स्तंभ के योग । यहाँ वह सारणी इस प्रकार भरती है : भारतीय लड़के 30, भारतीय लड़कियाँ 10, ग़ैर-भारतीय लड़के 20, ग़ैर-भारतीय लड़कियाँ 40 ; पंक्तियों के योग 40 और 60, स्तंभों के योग 50 और 50, और कुल 100 । सारणी भर जाने के बाद केवल यह तय करना बचता है कि प्रतिशत किस योग पर लेना है, और वही प्रश्न का असली प्रश्न है ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (b)40% — चालीस का अंक इस प्रश्न में सचमुच दो बार आता है, और यही इस विकल्प को आकर्षक बनाता है । पहला, भारतीय विद्यार्थी पूरी कक्षा के चालीस प्रतिशत हैं — यह प्रश्न में दिया हुआ आँकड़ा है । दूसरा, ग़ैर-भारतीय लड़कियाँ भी सौ विद्यार्थियों में चालीस निकलती हैं । दोनों सही संख्याएँ हैं, पर दोनों में से कोई भी पूछा गया उत्तर नहीं है । प्रश्न ग़ैर-भारतीय समूह में लड़कों का प्रतिशत माँगता है, और वह उसी समूह की लड़कियों का प्रतिशत नहीं हो सकता — दोनों मिलकर सौ बनते हैं, इसलिए यदि ग़ैर-भारतीय लड़कियाँ उस समूह का लगभग 66·67 प्रतिशत हैं, तो लड़के 33·33 प्रतिशत ही होंगे । यही उलटी जाँच इस विकल्प को तुरंत हटा देती है ।
- (c)25% — पच्चीस प्रतिशत वह आँकड़ा है जो प्रश्न ने स्वयं दिया है — भारतीय विद्यार्थियों का पच्चीस प्रतिशत लड़कियाँ हैं । दिए हुए आँकड़े को उत्तर बना देना संख्यात्मक अभियोग्यता की सबसे पुरानी चूक है, और वह प्राय: तब होती है जब अभ्यर्थी के पास समय कम हो और वह विकल्पों में कोई परिचित अंक ढूँढ़ ले । ध्यान दीजिए कि यह पच्चीस प्रतिशत भारतीय समूह पर लिया गया है, ग़ैर-भारतीय समूह पर नहीं, और वह लड़कियों का है, लड़कों का नहीं । अर्थात् इस विकल्प में समूह और लिंग दोनों बदले हुए हैं । ऐसे प्रश्नों में हर प्रतिशत के साथ यह लिख लेना चाहिए कि वह किस समूह पर लिया गया है ; यही आदत इस विकल्प को अपने आप बाहर कर देती है ।
- (d)20% — यही चारों में सबसे कठिन विकल्प है, क्योंकि इसकी संख्या ठीक है और केवल आधार ग़लत है । ग़ैर-भारतीय लड़के सचमुच बीस निकलते हैं — पर वे सौ विद्यार्थियों वाली पूरी कक्षा में बीस हैं, अर्थात् कक्षा का बीस प्रतिशत । प्रश्न ने कक्षा का प्रतिशत नहीं पूछा ; उसने पूछा है कि ग़ैर-भारतीय विद्यार्थियों का कितना प्रतिशत लड़के हैं, और ग़ैर-भारतीय विद्यार्थी साठ हैं । इसलिए हिसाब 20 बटा 60 गुणा 100 बनता है, जो 33·33 प्रतिशत है, न कि बीस । प्रतिशत के प्रश्नों में यही सबसे बड़ा जाल है — सही संख्या निकाल लेने के बाद उसे ग़लत आधार पर बाँट देना । इसलिए उत्तर लिखने से पहले एक बार यह वाक्य दोहराइए कि प्रतिशत किसका किसमें पूछा गया है ।
अवधारणा
जब किसी समूह को दो अलग-अलग कसौटियों पर बाँटा जाए — जैसे यहाँ राष्ट्रीयता और लिंग — तो सबसे साफ़ तरीक़ा दो पंक्तियों और दो स्तंभों वाली सारणी बनाना है, जिसके किनारों पर योग लिखे जाएँ । ऐसी सारणी में कुल चार भीतरी कोष्ठक, दो पंक्ति-योग, दो स्तंभ-योग और एक कुल योग होता है । उनमें से केवल तीन स्वतंत्र सूचनाएँ चाहिए, शेष सब घटाव से भर जाते हैं । इस प्रश्न में दी गई तीन सूचनाएँ हैं — भारतीय चालीस प्रतिशत, लड़कियाँ पचास प्रतिशत, और भारतीय विद्यार्थियों में लड़कियाँ पच्चीस प्रतिशत । सौ विद्यार्थी मान लेने पर सारणी इस प्रकार भरती है : भारतीय लड़कियाँ 10, भारतीय लड़के 30, ग़ैर-भारतीय लड़कियाँ 40, ग़ैर-भारतीय लड़के 20 ; पंक्ति-योग 40 और 60, स्तंभ-योग 50 और 50, कुल 100 । सारणी भर जाने के बाद उत्तर केवल इस बात पर निर्भर करता है कि प्रतिशत किस योग को आधार मानकर लिया जाए । यही प्रतिशत की मूल संकल्पना है : हर प्रतिशत किसी न किसी आधार पर लिया जाता है, और आधार बदलते ही वही संख्या दूसरा प्रतिशत बन जाती है । बीस विद्यार्थी पूरी कक्षा का बीस प्रतिशत हैं, ग़ैर-भारतीय समूह का 33·33 प्रतिशत, और लड़कों के समूह का चालीस प्रतिशत — तीनों कथन एक साथ सही हैं, क्योंकि तीनों के आधार अलग हैं । इसलिए प्रतिशत के प्रश्न पढ़ते समय आधार को रेखांकित करने की आदत डालिए ।
प्रतिशत पर बने प्रश्न इस प्रश्नपत्र के संख्यात्मक खंड की रीढ़ हैं, और उनमें आयोग की सबसे सामान्य युक्ति यही है कि सही संख्या निकालने के बाद उसे ग़लत आधार पर बाँटने का अवसर दिया जाए । यही कारण है कि यहाँ बीस भी विकल्प में है और 33·33 भी । ऐसे प्रश्नों में गति से अधिक मूल्य सावधानी का होता है, और सौ मान लेने की सरल युक्ति अधिकांश भ्रम समाप्त कर देती है, क्योंकि तब हर प्रतिशत सीधे एक संख्या बन जाता है और सारणी भरना आसान हो जाता है । इस प्रश्न में विकल्पों की सजावट भी ध्यान देने योग्य है । वे बढ़ते या घटते क्रम में नहीं छपे — क्रम है 33·33, 40, 25, 20 । यह आयोग की अपनी सजावट है, कोई छपाई की चूक नहीं, और इसका असर यह होता है कि जो अभ्यर्थी विकल्पों को क्रम में मानकर पढ़ता है वह भ्रमित हो सकता है । दशमलव भी इस पुस्तिका में उभरे मध्य-बिंदु के रूप में छपा है, इसलिए पहला विकल्प देखने में कुछ असामान्य लगता है । दोनों बातें केवल पढ़ने की हैं ; गणित उनसे नहीं बदलता ।
मुख्य तथ्य
- प्रतिशत सदा किसी आधार पर लिया जाता है ; आधार बदलते ही वही संख्या दूसरा प्रतिशत बन जाती है, और यही इस प्रश्न का पूरा विषय है ।
- सौ विद्यार्थी मान लेने पर भारतीय 40 और ग़ैर-भारतीय 60 होते हैं, तथा लड़कियाँ 50 और लड़के भी 50 — हर प्रतिशत सीधे एक संख्या बन जाता है ।
- भारतीय विद्यार्थियों का पच्चीस प्रतिशत लड़कियाँ हैं, अर्थात् 40 का 25 प्रतिशत बराबर 10 भारतीय लड़कियाँ, और शेष 30 भारतीय लड़के ।
- कुल लड़कियाँ 50 हैं, इसलिए ग़ैर-भारतीय लड़कियाँ 50 घटा 10 बराबर 40, और ग़ैर-भारतीय लड़के 60 घटा 40 बराबर 20 ।
- प्रश्न ग़ैर-भारतीय समूह में लड़कों का प्रतिशत माँगता है, इसलिए आधार साठ है — 20 बटा 60 गुणा 100 बराबर 33·33 प्रतिशत, न कि बीस प्रतिशत ।
- यही बीस विद्यार्थी पूरी कक्षा का बीस प्रतिशत भी हैं और लड़कों के समूह का चालीस प्रतिशत भी ; तीनों कथन एक साथ सही हैं क्योंकि आधार अलग हैं ।
- दो कसौटियों पर बँटे समूह की समस्याएँ दो पंक्तियों और दो स्तंभों वाली सारणी से हल होती हैं, जिसमें केवल तीन स्वतंत्र सूचनाएँ चाहिए ।
- उस सारणी में चार भीतरी कोष्ठक, दो पंक्ति-योग, दो स्तंभ-योग और एक कुल योग होता है ; शेष सब घटाव से भर जाते हैं ।
- इस प्रश्न के विकल्प बढ़ते क्रम में नहीं छपे — क्रम 33·33, 40, 25, 20 है, और दशमलव उभरे मध्य-बिंदु के रूप में छपा है ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- सही संख्या निकालकर उसे ग़लत आधार पर बाँट देना । बीस ग़ैर-भारतीय लड़के हैं, पर वे कक्षा का बीस प्रतिशत हैं, ग़ैर-भारतीय समूह का नहीं ।
- प्रश्न में दिए हुए आँकड़े को ही उत्तर बना देना । पच्चीस प्रतिशत भारतीय समूह में लड़कियों का है, ग़ैर-भारतीय समूह में लड़कों का नहीं ।
- एक ही समूह में लड़कों और लड़कियों के प्रतिशत को गड्डमड्ड कर देना । दोनों मिलकर सौ बनते हैं, इसलिए एक से दूसरा जाँचा जा सकता है ।
- सारणी बनाए बिना सीधे गणना में उतर जाना । दो कसौटियों वाली समस्या में सारणी बनाने में आधा मिनट लगता है और वह लगभग हमेशा वसूल हो जाता है ।
- विकल्पों को क्रम में मान लेना । इस प्रश्न में वे न बढ़ते क्रम में हैं और न घटते, और यह आयोग की अपनी सजावट है ।
प्रतिशत के प्रश्नों में आयोग की कसौटी गणना नहीं, यह होती है कि अभ्यर्थी आधार पहचानता है या नहीं । इसीलिए इस प्रकार के प्रश्नों में विकल्पों में प्राय: वे सारी संख्याएँ रख दी जाती हैं जो हल के रास्ते में निकलती हैं — यहाँ प्रश्न में दिया गया पच्चीस भी है, भारतीय हिस्सा चालीस भी, और सही संख्या का ग़लत आधार वाला रूप बीस भी । अर्थात् जो अभ्यर्थी हल तो ठीक करता है पर अंतिम वाक्य ध्यान से नहीं पढ़ता, उसके लिए उसका अपना निकाला हुआ अंक विकल्प में मौजूद है और वह उसे चुन लेता है । बचाव का एक ही तरीक़ा है : उत्तर लिखने से पहले प्रश्न का अंतिम वाक्य दोबारा पढ़िए और यह वाक्य मन में दोहराइए कि प्रतिशत किसका किसमें पूछा गया है । दूसरी उपयोगी आदत सौ मान लेने की है, क्योंकि उससे हर प्रतिशत सीधे संख्या बन जाता है और सारणी भरना सरल हो जाता है । और तीसरी बात, अंतिम उत्तर की एक उलटी जाँच कर लीजिए : यदि ग़ैर-भारतीय समूह में लड़के 33·33 प्रतिशत हैं तो लड़कियाँ 66·67 प्रतिशत होनी चाहिए, और सारणी से वे चालीस बटा साठ निकलती हैं, जो वही है ।
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- (a) 30
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- (c) ‘B’ wins by 130 m.
- (d) The race finishes in a dead heat.
उत्तर(c) ‘B’ wins by 130 m.
चाल के अनुपात पर बना दौड़ का प्रश्न — इसी प्रश्नपत्र के पहले संख्यात्मक खंड से ।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
किसी कक्षा में 60 प्रतिशत विद्यार्थी लड़के हैं और 30 प्रतिशत विद्यार्थी छात्रावास में रहते हैं । यदि लड़कों का 25 प्रतिशत छात्रावास में रहता है, तो लड़कियों का कितना प्रतिशत छात्रावास में रहता है ?
- (a)15%
- (b)25%
- (c)37·5%
- (d)40%
उत्तर(c) 37·5% — सौ विद्यार्थी मानिए : लड़के 60, छात्रावासी 30, छात्रावासी लड़के 15, इसलिए छात्रावासी लड़कियाँ 15 और लड़कियाँ कुल 40 ; 15 बटा 40 गुणा 100 बराबर 37·5 प्रतिशत ।
- practice — not a real PYQ
किसी कार्यालय में 40 प्रतिशत कर्मचारी स्नातकोत्तर हैं और 70 प्रतिशत कर्मचारी पुरुष हैं । यदि स्नातकोत्तर कर्मचारियों का 50 प्रतिशत पुरुष हैं, तो स्त्री कर्मचारियों का कितना प्रतिशत स्नातकोत्तर है ?
- (a)20%
- (b)33·33%
- (c)50%
- (d)66·67%
उत्तर(d) 66·67% — सौ कर्मचारी मानिए : स्नातकोत्तर 40, उनमें पुरुष 20 और स्त्रियाँ 20 ; कुल स्त्रियाँ 30, इसलिए 20 बटा 30 गुणा 100 बराबर 66·67 प्रतिशत ।