यदि 1/2 मीटर और 1/3 मीटर की त्रिज्याओं वाले लोहे के दो ठोस गोलों के वज़न क्रमश: W1 और W2 हैं, तो W1 : W2 निम्नलिखित में से किसके बराबर है ?
- (a)8 : 27
- (b)27 : 8
- (c)4 : 16
- (d)16 : 4
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — B, (b) 27 : 8 । यह प्रश्न पूरी तरह एक ही सिद्धांत पर टिका है — एक ही पदार्थ के दो ठोस गोलों के वज़न का अनुपात उनकी त्रिज्याओं के घन के अनुपात के बराबर होता है । कारण सीधा है । दोनों गोले लोहे के हैं, इसलिए उनका घनत्व एक ही है ; और वज़न बराबर होता है घनत्व गुणा आयतन गुणा गुरुत्वीय त्वरण । अनुपात लेते ही घनत्व और गुरुत्वीय त्वरण दोनों कट जाते हैं और केवल आयतन का अनुपात बचता है । गोले का आयतन होता है चार बटा तीन गुणा पाई गुणा त्रिज्या का घन, और इसमें भी चार बटा तीन तथा पाई अनुपात में कट जाते हैं । इसलिए W1 : W2 बराबर r1 का घन : r2 का घन । अब संख्याएँ रखिए, और यहीं वह चरण आता है जो अधिकांश अभ्यर्थियों से छूटता है । त्रिज्याएँ आधा मीटर और एक-तिहाई मीटर हैं । इनका अनुपात आधा बटा एक-तिहाई है, अर्थात् 3 : 2 — न कि 2 : 3, जैसा हर पर छपे अंकों को देखकर लग सकता है । छोटे हर वाली भिन्न बड़ी होती है, इसलिए आधा मीटर वाला गोला बड़ा है और उसी का वज़न अधिक होगा । अब घन लीजिए : 3 का घन 27 और 2 का घन 8, इसलिए W1 : W2 बराबर 27 : 8 । यही उत्तर है । सीधे भिन्नों से भी वही निकलता है : आधे का घन एक बटा आठ, एक-तिहाई का घन एक बटा सत्ताईस, और इन दोनों का अनुपात सत्ताईस बटा आठ । एक जाँच भी कर लीजिए, क्योंकि वह अनुमान की दिशा पक्की कर देती है — बड़ा गोला पहला है, इसलिए अनुपात का पहला पद बड़ा होना चाहिए । केवल विकल्प (b) और विकल्प (d) में पहला पद बड़ा है, और उनमें से घन वाले संबंध पर केवल विकल्प (b) खरा उतरता है । ध्यान दीजिए कि छपाई में दोनों त्रिज्याएँ दुमंज़िला भिन्नों के रूप में और दोनों वज़न सबस्क्रिप्ट अंकों के साथ छपे हैं ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)8 : 27 — यह ठीक उलटा अनुपात है, और वह उसी एक चूक से निकलता है जिसकी ओर ऊपर संकेत किया गया — त्रिज्याओं का अनुपात 3 : 2 के बजाय 2 : 3 मान लेना । अभ्यर्थी भिन्नों के हर पर छपे अंक देखता है, दो और तीन, और उन्हीं को अनुपात मान लेता है ; फिर उनका घन लेकर 8 : 27 पर पहुँच जाता है । भिन्नों का नियम याद रखिए : अंश समान हो तो जिसका हर छोटा है वह भिन्न बड़ी है, इसलिए आधा मीटर एक-तिहाई मीटर से बड़ा है और पहला गोला बड़ा है । जब भी अनुपात का प्रश्न भिन्नों में दिया गया हो, पहले भिन्नों को समान हर पर लाकर देख लीजिए — यहाँ आधा बराबर तीन बटा छह और एक-तिहाई बराबर दो बटा छह, अर्थात् अनुपात 3 : 2 । यह एक क़दम पूरी दिशा तय कर देता है ।
- (c)4 : 16 — इस विकल्प में न घन का संबंध है और न सही दिशा का । पहला पद दूसरे से छोटा है, जबकि पहला गोला बड़ा है, इसलिए यह विकल्प दिशा की जाँच में ही बाहर हो जाता है । दूसरी बात यह कि 4 : 16 अपने न्यूनतम रूप में लिखा ही नहीं है — वह 1 : 4 के बराबर है । किसी भी अनुपात-प्रश्न में विकल्प प्राय: न्यूनतम रूप में दिए जाते हैं, इसलिए बिना घटाया हुआ अनुपात स्वयं एक संकेत होता है । तीसरी बात, चार और सोलह जैसे वर्गों वाले अंक तब निकलते हैं जब कोई त्रिज्या के वर्ग पर काम करे, अर्थात् क्षेत्रफल के संबंध पर । ठोस गोले का वज़न आयतन से जुड़ा है और आयतन त्रिज्या के घन से, वर्ग से नहीं । यही भेद इस प्रश्न का पूरा विषय है ।
- (d)16 : 4 — यह विकल्प दिशा की जाँच पार कर जाता है — इसमें पहला पद दूसरे से बड़ा है, जैसा होना चाहिए — और इसीलिए यह पिछले विकल्प से अधिक ख़तरनाक है । किंतु मान ग़लत है । 16 : 4 अपने न्यूनतम रूप में 4 : 1 है, और त्रिज्याओं के अनुपात 3 : 2 का घन कभी 4 : 1 नहीं देता ; वह 27 : 8 ही देता है । सोलह और चार वर्गों की जोड़ी है, घनों की नहीं । यहाँ एक उपयोगी परख यह भी है कि 3 : 2 का घन लगभग तीन-चौथाई तिगुना, अर्थात् 3·375 गुना बनता है, जबकि 4 : 1 चार गुना है — अर्थात् यह विकल्प वास्तविक अनुपात से स्पष्ट रूप से बड़ा है । अनुपात के प्रश्नों में इस प्रकार का मोटा अनुमान अंतिम दो विकल्पों में से चुनने में बहुत काम आता है ।
अवधारणा
समरूप ठोसों के लिए एक सामान्य नियम है जिसे याद रखने पर इस प्रकार के सारे प्रश्न एक ही सूत्र से हल हो जाते हैं । यदि दो समरूप ठोसों की संगत लंबाइयों का अनुपात a : b हो, तो उनके पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात a का वर्ग : b का वर्ग होता है और उनके आयतनों का अनुपात a का घन : b का घन । गोले की दशा में संगत लंबाई त्रिज्या है, पृष्ठीय क्षेत्रफल चार गुणा पाई गुणा त्रिज्या का वर्ग है, और आयतन चार बटा तीन गुणा पाई गुणा त्रिज्या का घन । अब वज़न का प्रश्न इसी से जुड़ता है । वज़न बराबर होता है द्रव्यमान गुणा गुरुत्वीय त्वरण, और द्रव्यमान बराबर घनत्व गुणा आयतन । जब दोनों वस्तुएँ एक ही पदार्थ की हों, तब घनत्व समान होता है और अनुपात लेते ही वह कट जाता है ; गुरुत्वीय त्वरण भी कट जाता है । इसलिए एक ही पदार्थ के दो ठोसों के वज़न का अनुपात उनके आयतनों के अनुपात के बराबर होता है, और गोलों की दशा में वह त्रिज्याओं के घन का अनुपात है । यही कारण है कि इस प्रश्न में लोहे का उल्लेख महत्वपूर्ण है — वह बताता है कि दोनों गोले एक ही पदार्थ के हैं । यदि दोनों अलग-अलग धातुओं के होते, तो घनत्व न कटता और केवल त्रिज्याओं से उत्तर नहीं निकलता । इसी नियम का दूसरा सिरा यह भी है कि पिघलाकर नई आकृति बनाने वाले प्रश्नों में आयतन अपरिवर्तित रहता है ।
क्षेत्रमिति और अनुपात के मेल से बने प्रश्न इस प्रश्नपत्र के संख्यात्मक खंड में बार-बार आते हैं, और उनमें कठिनाई गणना की नहीं, यह पहचानने की होती है कि कौन-सी घात लगेगी — पहली, दूसरी या तीसरी । लंबाई पहली घात है, क्षेत्रफल दूसरी, आयतन और उसी से जुड़ा द्रव्यमान अथवा वज़न तीसरी । यह एक पंक्ति याद रहने पर इस उपखंड के अधिकांश प्रश्न कुछ सेकंड में हल हो जाते हैं । इसी प्रश्नपत्र के अंतिम प्रश्न में यही खेल दूसरी घात के साथ खेला गया है, जहाँ उत्तर पृष्ठीय क्षेत्रफल पर टिकता है । दोनों को साथ पढ़ने से घातों का भेद स्पष्ट हो जाता है । छपाई की दृष्टि से भी यह प्रश्न ध्यान देने योग्य है । दोनों त्रिज्याएँ दुमंज़िला भिन्नों के रूप में छपी हैं, जिनमें एक क्षैतिज रेखा के ऊपर और नीचे अंक हैं, और दोनों वज़न सबस्क्रिप्ट अंकों के साथ । ऐसी छपाई सादे पाठ में नहीं बचती, इसलिए यहाँ उन्हें तिरछी रेखा और साधारण अंकों के साथ लिखा गया है । अर्थ वही है ।
मुख्य तथ्य
- समरूप ठोसों में लंबाइयों का अनुपात a : b हो तो पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात a का वर्ग : b का वर्ग और आयतनों का अनुपात a का घन : b का घन होता है ।
- गोले का आयतन चार बटा तीन गुणा पाई गुणा त्रिज्या का घन होता है, और उसका पृष्ठीय क्षेत्रफल चार गुणा पाई गुणा त्रिज्या का वर्ग ।
- एक ही पदार्थ के दो ठोसों के वज़न का अनुपात उनके आयतनों के अनुपात के बराबर होता है, क्योंकि अनुपात लेने पर घनत्व कट जाता है ।
- आधा मीटर और एक-तिहाई मीटर की त्रिज्याओं का अनुपात 3 : 2 है, 2 : 3 नहीं — अंश समान हो तो छोटे हर वाली भिन्न बड़ी होती है ।
- 3 : 2 का घन 27 : 8 होता है, इसलिए दोनों गोलों के वज़न का अनुपात 27 : 8 है ।
- यही उत्तर सीधे भिन्नों से भी निकलता है — आधे का घन एक बटा आठ, एक-तिहाई का घन एक बटा सत्ताईस, और उनका अनुपात सत्ताईस बटा आठ ।
- प्रश्न में लोहे का उल्लेख निर्णायक है : वह बताता है कि दोनों गोले एक ही पदार्थ के हैं, इसलिए घनत्व अनुपात में कट जाता है ।
- यदि दोनों गोले अलग-अलग धातुओं के होते तो केवल त्रिज्याओं से वज़न का अनुपात नहीं निकाला जा सकता था ।
- दिशा की जाँच : बड़ा गोला पहला है, इसलिए अनुपात का पहला पद दूसरे से बड़ा होना चाहिए — इससे दो विकल्प तुरंत हट जाते हैं ।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- भिन्नों के हर देखकर अनुपात 2 : 3 मान लेना । आधा और एक-तिहाई का अनुपात 3 : 2 है, क्योंकि छोटे हर वाली भिन्न बड़ी होती है ।
- त्रिज्या के वर्ग पर काम करना । वज़न आयतन से जुड़ा है और आयतन त्रिज्या के घन से, इसलिए यहाँ तीसरी घात लगती है ।
- अनुपात को उलटी दिशा में लिख देना । बड़ा गोला पहला है, इसलिए पहला पद बड़ा होना चाहिए ।
- बिना घटाए हुए अनुपात को न पहचानना । दो विकल्प न्यूनतम रूप में हैं ही नहीं, और यह स्वयं एक संकेत है ।
- एक ही पदार्थ होने की शर्त की उपेक्षा करना । अलग-अलग धातुओं के गोलों में घनत्व नहीं कटता और उत्तर त्रिज्याओं से नहीं निकलता ।
क्षेत्रमिति के अनुपात-प्रश्नों में आयोग प्राय: दो जाल एक साथ बिछाता है । पहला जाल घात का है — प्रश्न पढ़ते ही यह तय करना पड़ता है कि जिस राशि का अनुपात पूछा गया है वह लंबाई के साथ पहली, दूसरी या तीसरी घात में बदलती है । दूसरा जाल दिशा का है — विकल्पों में सही मान और उसका उलटा दोनों रख दिए जाते हैं, इसलिए मान निकाल लेने के बाद भी यह जाँचना पड़ता है कि कौन-सा पद पहले आएगा । इस प्रश्न में दोनों जाल मौजूद हैं : सही अनुपात 27 : 8 है और उसका उलटा 8 : 27 भी विकल्पों में है । बचाव का तरीक़ा दो-चरणीय है । पहले यह देखिए कि कौन-सी वस्तु बड़ी है और तय कर लीजिए कि अनुपात का पहला पद बड़ा होगा या छोटा ; इससे आधे विकल्प तुरंत हट जाते हैं । फिर घात लगाकर मान निकालिए । यहाँ भिन्नों में दी गई त्रिज्याएँ पहले चरण को थोड़ा कठिन बना देती हैं, इसलिए उन्हें समान हर पर लाकर देख लेना सबसे सुरक्षित है । यह भी ध्यान रखिए कि विकल्प प्राय: न्यूनतम रूप में दिए जाते हैं, इसलिए बिना घटाया हुआ अनुपात संदेह का कारण होना चाहिए ।
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- (a) 1 only
- (b) 2 only
- (c) Both 1 and 2
- (d) Neither 1 nor 2
उत्तर(c) Both 1 and 2
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उत्तर(c) ‘B’ wins by 130 m.
चाल के अनुपात पर बना दौड़ का प्रश्न — अनुपात की संकल्पना का दूसरा प्रयोग ।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
एक ही धातु के दो ठोस गोलों की त्रिज्याओं का अनुपात 2 : 5 है । उनके वज़न का अनुपात निम्नलिखित में से क्या होगा ?
- (a)2 : 5
- (b)4 : 25
- (c)8 : 125
- (d)125 : 8
उत्तर(c) 8 : 125 — एक ही धातु होने से वज़न आयतन के अनुपात में होता है, और आयतन त्रिज्या के घन के अनुपात में ।
- practice — not a real PYQ
दो गोलों की त्रिज्याओं का अनुपात 3 : 4 है । उनके पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात निम्नलिखित में से क्या होगा ?
- (a)3 : 4
- (b)9 : 16
- (c)27 : 64
- (d)16 : 9
उत्तर(b) 9 : 16 — पृष्ठीय क्षेत्रफल त्रिज्या के वर्ग के अनुपात में होता है, घन के नहीं ।