कुछ ऐतिहासिक स्मारकों की सुंदरता, कुछ सक्रिय जीवों की वृद्धि के कारण बहुत प्रभावित हो रही है। ये सक्रिय जीव निम्नलिखित में से किस समूह से संबंध रखते हैं?
- (a)जलस्थली पादप
- (b)शैक (लाइकेन)
- (c)जीवाणु
- (d)विषाणु
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — B, (b) शैक (लाइकेन)। शैक अथवा लाइकेन कोई एक जीव नहीं, बल्कि दो जीवों का स्थायी सहजीवी संघ है — एक कवक (माइकोबायोन्ट), जो शरीर की रचना बनाता है और नमी तथा खनिज पकड़कर रखता है, और उसके भीतर बसा एक शैवाल अथवा नील-हरित जीवाणु (फोटोबायोन्ट), जो प्रकाश-संश्लेषण से भोजन बनाता है। इस जोड़ी की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि उसे मिट्टी की आवश्यकता नहीं होती। वह नंगे पत्थर पर, जहाँ न मृदा है न जड़ जमाने की जगह, सीधे उग आती है — इसीलिए पारिस्थितिकी में लाइकेन को चट्टान पर अनुक्रमण का अग्रगामी (pioneer) जीव कहा जाता है।
स्मारकों पर हानि दो प्रकार से होती है। पहली, यांत्रिक — कवक-तंतु पत्थर की सूक्ष्म दरारों में घुसते हैं, नमी सोखने-सूखने पर फैलते-सिकुड़ते हैं और सतह की परत को ढीला कर देते हैं। दूसरी, रासायनिक — लाइकेन ऑक्सैलिक अम्ल जैसे कार्बनिक अम्ल स्रावित करते हैं, जो चूना-पत्थर और संगमरमर जैसे कार्बोनेट पत्थरों को घोलकर सतह को खुरदरा कर देते हैं। इन सबके ऊपर वह बात है जिसका प्रश्न सीधे उल्लेख करता है — सुंदरता। लाइकेन का शरीर (थैलस) आँखों से दिखने वाला होता है और हरे, धूसर, पीले अथवा नारंगी धब्बों के रूप में पत्थर पर फैल जाता है, जिससे स्मारक का मूल रंग और नक़्क़ाशी की बारीकी दोनों ढँक जाती हैं। यही कारण है कि पत्थर के स्मारकों के जैव-क्षरण की चर्चा में लाइकेन सबसे पहले आते हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)जलस्थली पादप — जलस्थली अथवा उभयचर पादप वे हैं जो जल और स्थल दोनों में जीवित रह सकते हैं — इनका एक भाग जल में डूबा रहता है और शेष बाहर। इनके लिए दो चीज़ें अनिवार्य हैं: जड़ जमाने के लिए मृदा अथवा कीचड़, और लगातार उपलब्ध जल। ऐतिहासिक स्मारक की खड़ी दीवार, गुंबद अथवा शिखर पर इनमें से कुछ भी नहीं होता, इसलिए ये वहाँ उग ही नहीं सकते। स्मारकों के जैव-क्षरण की चर्चा में इस समूह का नाम नहीं आता।
- (c)जीवाणु — जीवाणु पत्थर की सतह पर उपस्थित रहते हैं और जैव-क्षरण की प्रक्रिया में उनकी भूमिका भी होती है — कुछ जीवाणु अम्ल बनाते हैं और नील-हरित जीवाणु नम सतहों पर परत जमा सकते हैं। पर प्रश्न जिस बात पर टिका है वह है 'सुंदरता का प्रभावित होना', यानी दिखाई देने वाली वृद्धि। जीवाणु एककोशिकीय और सूक्ष्मदर्शीय होते हैं; नंगी आँख से पत्थर पर जो रंगीन, फैले हुए धब्बे दिखते हैं वे लाइकेन का थैलस होते हैं, जीवाणुओं की कोशिकाएँ नहीं। इसीलिए आयोग की कुंजी इस विकल्प को नहीं लेती।
- (d)विषाणु — विषाणु अविकल्पी अंतःकोशिकीय परजीवी हैं — उनके पास न अपनी उपापचयी मशीनरी है, न कोशिका। वे केवल किसी जीवित परपोषी कोशिका के भीतर पहुँचकर ही गुणन कर सकते हैं। पत्थर की निर्जीव सतह पर विषाणु न उग सकते हैं, न कोई वृद्धि-रचना बना सकते हैं, इसलिए 'वृद्धि के कारण सुंदरता प्रभावित होना' उन पर लागू ही नहीं होता।
अवधारणा
लाइकेन (शैक) कवक और प्रकाश-संश्लेषी साथी — शैवाल अथवा नील-हरित जीवाणु — का सहजीवी संघ है। कवक जल, खनिज तथा आश्रय देता है; प्रकाश-संश्लेषी साथी कार्बनिक भोजन बनाता है। इस मिली-जुली देह को थैलस कहते हैं और उसके रूप के आधार पर लाइकेन तीन प्रकार के होते हैं — क्रस्टोज़ (पत्थर से चिपकी पपड़ी जैसे), फोलिओज़ (पत्ती जैसे) और फ्रुटिकोज़ (झाड़ी जैसे)। मृदा की आवश्यकता न होने के कारण ये नंगी चट्टान, पेड़ की छाल और पत्थर के भवनों पर बस जाते हैं, और चट्टान पर होने वाले पारिस्थितिक अनुक्रमण के अग्रगामी जीव माने जाते हैं। जैव-क्षरण (biodeterioration) उसी क्रिया का दूसरा नाम है जब वह किसी मानव-निर्मित संरचना पर होती है।
प्रश्न विज्ञान खंड का है, पर उसका ढाँचा सामान्य अध्ययन का है — एक परिघटना दी गई है (स्मारकों की सुंदरता प्रभावित होना) और उसका कारक जीव-समूह पूछा गया है। ऐसे प्रश्नों में चारों विकल्प अलग-अलग वर्गीकरण-समूहों से आते हैं, इसलिए उत्तर याद रखने से नहीं, समूहों के मूल लक्षणों से निकलता है — कौन-सा समूह बिना मृदा के पत्थर पर उग सकता है और नंगी आँख से दिखने लायक वृद्धि बना सकता है। भारत में पत्थर के स्मारकों का संरक्षण एक स्थायी विषय है और उसमें वायु प्रदूषण, अम्ल वर्षा तथा जैव-क्षरण तीनों की चर्चा साथ-साथ आती है।
मुख्य तथ्य
- लाइकेन एक जीव नहीं, कवक तथा शैवाल अथवा नील-हरित जीवाणु का सहजीवी संघ है।
- कवक भाग को माइकोबायोन्ट और प्रकाश-संश्लेषी भाग को फोटोबायोन्ट कहते हैं।
- लाइकेन को मृदा की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए वे नंगी चट्टान और पत्थर के भवनों पर उग जाते हैं।
- थैलस के रूप के आधार पर तीन प्रकार — क्रस्टोज़, फोलिओज़ और फ्रुटिकोज़।
- लाइकेन ऑक्सैलिक अम्ल जैसे कार्बनिक अम्ल स्रावित करते हैं, जो कार्बोनेट पत्थर को घोलते हैं।
- कवक-तंतु पत्थर की सूक्ष्म दरारों में घुसकर सतह की परत को यांत्रिक रूप से ढीला करते हैं।
- पारिस्थितिक अनुक्रमण में लाइकेन चट्टान पर बसने वाले अग्रगामी जीव माने जाते हैं।
- लाइकेन सल्फर डाइऑक्साइड के प्रति अत्यंत संवेदनशील होते हैं, इसलिए उन्हें वायु प्रदूषण का जैविक सूचक कहा जाता है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- लाइकेन को केवल कवक अथवा केवल शैवाल मान लेना; वह दोनों का संघ है।
- यह मान लेना कि जीवाणु पत्थर पर बिल्कुल नहीं होते; वे होते हैं, पर सूक्ष्मदर्शीय होने के कारण सुंदरता पर पड़ने वाला दृश्य प्रभाव उनका नहीं होता।
- विषाणु को किसी भी सतह पर 'उगने' वाला जीव मान लेना; वे केवल जीवित कोशिका के भीतर गुणन करते हैं।
- लाइकेन के प्रदूषण-सूचक होने और स्मारकों को क्षति पहुँचाने — इन दो अलग तथ्यों को आपस में मिला देना।
- जलस्थली पादप और जलीय पादप को एक मान लेना।
इस विषय पर प्रश्न प्रायः तीन रूपों में आते हैं। पहला, सीधे परिभाषा का — 'लाइकेन किन दो जीवों का संघ है'। दूसरा, इसी प्रश्न जैसा प्रयुक्ति का — कोई परिघटना बताकर उसका कारक समूह पूछना, जैसे स्मारकों का क्षरण अथवा नंगी चट्टान पर पहली वनस्पति। तीसरा, पर्यावरण की ओर से — 'वायु प्रदूषण का सर्वोत्तम जैविक सूचक कौन है'। तीनों के लिए एक ही आधार पर्याप्त है: लाइकेन क्या है, वह कहाँ उग सकता है, और वह किसके प्रति संवेदनशील है। परीक्षा में जीव-समूहों के विकल्प मिलाकर दिए जाते हैं, इसलिए हर समूह का एक निर्णायक लक्षण याद रखिए — जीवाणु सूक्ष्मदर्शीय, विषाणु परजीवी, लाइकेन बिना मृदा के दिखने वाली वृद्धि।
संबंधित PYQ
EPFO_EOAO_2017_Q99खोलें व हल करें →Which one of the following has the characteristics of both an animal as well as a plant?
- (a) Fern
- (b) Moss
- (c) Earthworm
- (d) Euglena
उत्तर(d) Euglena
इसी प्रश्नपत्र का अगला प्रश्न — किस जीव में जंतु और पादप दोनों के लक्षण हैं; वही वर्गीकरण-आधारित तर्क, दूसरे समूह पर।
EPFO_EOAO_2020_Q42Which one of the following cannot be called “Amphibian of the Plant Kingdom” ?
- (a) Spirogyra
- (b) Riccia
- (c) Funaria
- (d) Marchantia
उत्तर(a) Spirogyra
EPFO EO/AO 2020 — किसे 'पादप जगत का उभयचर' नहीं कहा जा सकता; समूहों के निर्णायक लक्षण पहचानने का वही ढाँचा।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
लाइकेन निम्नलिखित में से किन दो जीवों का सहजीवी संघ है?
- (a)दो भिन्न कवकों का
- (b)एक कवक तथा एक शैवाल अथवा नील-हरित जीवाणु का
- (c)एक पुष्पी पादप तथा एक जीवाणु का
- (d)दो भिन्न शैवालों का
उत्तर(b) एक कवक तथा एक शैवाल अथवा नील-हरित जीवाणु का
- practice — not a real PYQ
लाइकेन को वायु प्रदूषण का उत्तम जैविक सूचक किस गैस के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होने के कारण माना जाता है?
- (a)सल्फर डाइऑक्साइड
- (b)नाइट्रोजन
- (c)ऑक्सीजन
- (d)आर्गन
उत्तर(a) सल्फर डाइऑक्साइड