दुर्घटना और अशक्तता हेतु ₹ 2,00,000 तक के संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) की वार्षिक बीमा-किस्त की राशि निम्नलिखित में से कौन-सी है?
- (a)₹ 100
- (b)₹ 50
- (c)₹ 20
- (d)₹ 12
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D, (d) ₹ 12। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की वार्षिक बीमा-किस्त आरंभ से ही बारह रुपये थी, और 2017 के इस प्रश्नपत्र के समय वही दर लागू थी।
योजना का पूरा ढाँचा इसी असाधारण रूप से कम राशि पर टिका है, इसलिए संख्या को अकेले रटने के बजाय ढाँचे के साथ जोड़कर देखिए। यह एक वर्ष की अवधि वाली दुर्घटना बीमा योजना है, जिसका बीमा-वर्ष 1 जून से 31 मई तक चलता है। दुर्घटना से मृत्यु अथवा पूर्ण स्थायी अशक्तता पर दो लाख रुपये मिलते हैं और आंशिक स्थायी अशक्तता पर एक लाख। बचत बैंक खाता रखने वाला 18 से 70 वर्ष तक का व्यक्ति इसमें जुड़ सकता है, और किस्त उसी खाते से स्वत: काट ली जाती है। यही स्वत: कटौती इसे इतना सस्ता बनाती है — न एजेंट का कमीशन, न वसूली का ख़र्च, न अलग से भुगतान की प्रक्रिया।
विकल्पों को देखने का ढंग भी ध्यान देने योग्य है। पुस्तिका ने चारों राशियाँ घटते क्रम में छापी हैं — 100, 50, 20 और 12 — इसलिए सबसे नीचे वाला विकल्प ही उत्तर है। ऐसे प्रश्नों में परीक्षार्थी का ध्यान प्राय: बीच की राशियों पर अटकता है, क्योंकि दो लाख के संरक्षण के सामने बारह रुपये अविश्वसनीय रूप से कम लगते हैं। यह अविश्वास ही इस प्रश्न की चाल है, और उसका इलाज एक तुलना है: उसी समय प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की किस्त 330 रुपये वार्षिक थी, क्योंकि वह जीवन बीमा है और उसमें किसी भी कारण से हुई मृत्यु पर भुगतान होता है, जबकि यह योजना केवल दुर्घटना का जोखिम उठाती है — और वह जोखिम कहीं कम है।
एक बाद का घटनाक्रम भी जान लीजिए, ताकि आगे के प्रश्नपत्रों में भ्रम न हो। यह किस्त 1 जून 2022 से बढ़ाकर बीस रुपये वार्षिक कर दी गई। यह योजना के आरंभ के बाद पहली बार हुआ, सात वर्षों में, और उसी दिन प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की किस्त भी 330 से बढ़ाकर 436 रुपये की गई। 2017 का यह प्रश्नपत्र उस बदलाव से पाँच वर्ष पहले का है, इसलिए यहाँ बारह रुपये ही सही उत्तर है; बाद के वर्षों के प्रश्नपत्रों में बीस।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)₹ 100 — सौ रुपये इन तीनों जन सुरक्षा योजनाओं में से किसी की भी किस्त नहीं है, न 2015 में, न आज। यह विकल्प इसलिए रखा गया है कि वह 'ठीक-ठाक' लगता है — दो लाख रुपये के बीमा के लिए सौ रुपये वार्षिक मन को सस्ता भी लगता है और विश्वसनीय भी, इसलिए जिसे वास्तविक संख्या याद नहीं वह यहीं रुक जाता है। संख्या को उसके ढाँचे से जोड़कर याद करने पर यह भ्रम टूट जाता है: यह योजना सामूहिक दुर्घटना बीमा है, जिसमें करोड़ों खाताधारकों का जोखिम एक साथ जुड़ता है, किस्त सीधे बैंक खाते से कटती है और मध्यस्थ पर कुछ ख़र्च नहीं होता। इसी कारण दर रुपयों में नहीं, दहाई में रखी जा सकी। ध्यान रहे कि प्रश्न वार्षिक किस्त पूछ रहा है, मासिक नहीं — मासिक और वार्षिक का भ्रम भी इसी विकल्प की ओर ले जाता है।
- (b)₹ 50 — पचास रुपये भी इन योजनाओं की कोई वास्तविक दर नहीं है। यह विकल्प उसी मनोविज्ञान पर बना है जिस पर पिछला — दो लाख के संरक्षण के सामने बारह रुपये इतने कम लगते हैं कि मन कोई 'अधिक उचित' दिखने वाली संख्या ढूँढ़ने लगता है, और सौ तथा बारह के बीच पचास सबसे संतुलित जान पड़ता है। पर बीमा की किस्त संतुलन से नहीं, जोखिम से तय होती है। इस योजना में भुगतान केवल दुर्घटना से हुई मृत्यु अथवा स्थायी अशक्तता पर होता है, और वह घटना दुर्लभ है; इसीलिए किस्त इतनी कम रह पाती है। तुलना के लिए उसी समय की दूसरी दर याद रखिए — प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की किस्त 330 रुपये वार्षिक थी, क्योंकि वहाँ किसी भी कारण से हुई मृत्यु पर भुगतान होता है।
- (c)₹ 20 — बीस रुपये इस प्रश्नपत्र के लिए ग़लत है, यद्यपि यह संख्या स्वयं झूठी नहीं — बस वह दूसरे समय की है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की वार्षिक किस्त 1 जून 2022 से बढ़ाकर बीस रुपये कर दी गई थी। 2017 का यह प्रश्नपत्र उससे पाँच वर्ष पहले का है, और उस समय आरंभ से चली आ रही दर बारह रुपये ही थी; बीस रुपये वाली दर 31 मई 2022 तक कहीं लागू नहीं थी। यही इस विकल्प को सबसे शिक्षाप्रद बनाता है, क्योंकि यह उस आदत की जाँच करता है जो योजनाओं से जुड़े प्रश्नों में सबसे अधिक अंक गँवाती है — आज की संख्या को उस प्रश्नपत्र पर लगा देना जो कई वर्ष पुराना है। नियम सरल है: योजना से जुड़ी हर संख्या के साथ उसकी तिथि याद रखिए और उत्तर देते समय प्रश्नपत्र का वर्ष देखिए।
अवधारणा
मई 2015 में आरंभ हुई तीन जन सुरक्षा योजनाओं को एक इकाई मानकर पढ़ना ही सबसे उपयोगी है, क्योंकि प्रश्न प्राय: उन्हीं की संख्याओं की अदला-बदली से बनते हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना दुर्घटना बीमा है — दुर्घटना से मृत्यु अथवा पूर्ण स्थायी अशक्तता पर दो लाख रुपये, आंशिक स्थायी अशक्तता पर एक लाख, प्रवेश की आयु 18 से 70 वर्ष, और किस्त आरंभ में बारह रुपये वार्षिक। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जीवन बीमा है — किसी भी कारण से मृत्यु पर दो लाख रुपये, प्रवेश की आयु 18 से 50 वर्ष, और किस्त आरंभ में 330 रुपये वार्षिक। अटल पेंशन योजना पेंशन योजना है — 60 वर्ष की आयु से ₹ 1,000 से ₹ 5,000 तक की गारंटीशुदा मासिक पेंशन, प्रवेश की आयु 18 से 40 वर्ष। तीनों में एक बात साझा है: बचत बैंक खाता आवश्यक है और अंशदान उसी से स्वत: कटता है। दोनों बीमा योजनाओं का बीमा-वर्ष 1 जून से 31 मई तक चलता है, इसलिए दरों में परिवर्तन भी उसी तिथि से लागू होते हैं।
यह प्रश्न श्रम-विधि और सामाजिक सुरक्षा खंड का अंतिम प्रश्न है, और वह खंड बीस प्रश्नों के साथ इस प्रश्नपत्र का सबसे बड़ा खंड है। अंत की चार कड़ियाँ एक क्रम बनाती हैं — सामाजिक सुरक्षा का अंतर्राष्ट्रीय आधार-वाक्य, भारत का पहला सामाजिक बीमा कानून, बेवेरिज की योजना, और फिर दो वर्तमान योजनाएँ, जिनमें से यह दूसरी है। योजनाओं से जुड़ी संख्याएँ समय के साथ बदलती हैं, और यही उन्हें पुराने प्रश्नपत्रों में ख़तरनाक बनाता है। इस योजना की किस्त सात वर्ष तक बारह रुपये रही और 1 जून 2022 से बीस रुपये हुई, जो आरंभ के बाद पहला परिवर्तन था और दावों के अनुभव को देखते हुए किया गया; उसी दिन प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की किस्त भी 330 से 436 रुपये हुई। इसलिए इन दोनों योजनाओं की दरें तिथि के साथ याद रखिए — 2017 के प्रश्नपत्र का उत्तर बारह है, 2023 के प्रश्नपत्र का बीस होगा।
मुख्य तथ्य
- प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की वार्षिक बीमा-किस्त आरंभ से 31 मई 2022 तक बारह रुपये थी।
- 1 जून 2022 से यह किस्त बढ़ाकर बीस रुपये वार्षिक कर दी गई, जो योजना के आरंभ के बाद पहला परिवर्तन था।
- उसी तिथि से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की किस्त 330 रुपये से बढ़ाकर 436 रुपये कर दी गई।
- योजना में दुर्घटना से मृत्यु अथवा पूर्ण स्थायी अशक्तता पर दो लाख रुपये और आंशिक स्थायी अशक्तता पर एक लाख रुपये मिलते हैं।
- प्रवेश की आयु 18 से 70 वर्ष है और बचत बैंक खाता होना आवश्यक है, जिससे किस्त स्वत: काट ली जाती है।
- योजना का बीमा-वर्ष 1 जून से 31 मई तक चलता है, इसलिए दरों के परिवर्तन भी 1 जून से लागू होते हैं।
- योजना की घोषणा फरवरी 2015 के बजट में हुई और यह मई 2015 में जन सुरक्षा की दो अन्य योजनाओं के साथ आरंभ हुई।
- इस पुस्तिका ने चारों राशियाँ घटते क्रम में छापी हैं — 100, 50, 20 और 12।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- आज की किस्त बीस रुपये याद रखकर उसे 2017 के प्रश्नपत्र पर लगा देना, जबकि तब दर बारह रुपये थी।
- बारह रुपये को अविश्वसनीय मानकर कोई अधिक 'उचित' दिखने वाली राशि चुन लेना।
- वार्षिक और मासिक किस्त का भ्रम, जिससे बड़ी राशियाँ सही लगने लगती हैं।
- इस योजना की किस्त को जीवन ज्योति बीमा योजना की किस्त से मिला देना, जो उस समय 330 रुपये थी।
- विकल्पों के घटते क्रम को बढ़ता मानकर जल्दबाज़ी में पहला विकल्प भर देना।
योजनाओं की संख्याओं पर प्रश्न चार दिशाओं से आते हैं। पहली दिशा किस्त की है, जैसा यहाँ है — वार्षिक किस्त पूछना और विकल्पों में मिलती-जुलती राशियाँ रखना। दूसरी दिशा संरक्षण की है — दो लाख और एक लाख की राशियाँ किस स्थिति में मिलती हैं, तथा दुर्घटना से मृत्यु, पूर्ण स्थायी अशक्तता और आंशिक स्थायी अशक्तता में क्या भेद है। तीसरी दिशा पात्रता की है — प्रवेश की आयु, बैंक खाते की शर्त और यह कि योजना किसके माध्यम से चलाई जाती है। चौथी दिशा तुलनात्मक है, जिसमें तीनों जन सुरक्षा योजनाओं को एक साथ रखकर जोड़ी मिलाने को कहा जाता है अथवा पूछा जाता है कि कौन-सा कथन सही नहीं है। इन सब में एक ही सावधानी सबसे अधिक अंक बचाती है — हर संख्या के साथ उसकी तिथि याद रखिए, क्योंकि योजनाओं की दरें बदलती रहती हैं और पुराने प्रश्नपत्र अपने समय की दर पर ही अंक देते हैं।
संबंधित PYQ
EPFO_EOAO_2017_Q89खोलें व हल करें →Which one of the following statements is not correct for Atal Pension Yojana?
- (a) There is guaranteed minimum monthly pension for the subscribers ranging between ₹ 1,000 and ₹ 5,000 per month.
- (b) The benefit of minimum pension would be guaranteed by the Government of India.
- (c) Government of India co-contributes 50% of the subscriber’s contribution or ₹ 1,000 per annum, whichever is lower.
- (d) It is applicable to all citizens of India aged above 40 years.
उत्तर(d) It is applicable to all citizens of India aged above 40 years.
इसी प्रश्नपत्र का पिछला प्रश्न — अटल पेंशन योजना के बारे में कौन-सा कथन सही नहीं है; मई 2015 की तीन जन सुरक्षा योजनाओं की तीसरी कड़ी।
EPFO_EOAO_2017_Q87खोलें व हल करें →For the first time in India, medical benefit as a non-cash benefit was provided under
- (a) the Employees’ State Insurance Act, 1948
- (b) the Factories Act, 1948
- (c) the Maternity Benefit Act, 1961
- (d) the Mines Act, 1952
उत्तर(a) the Employees’ State Insurance Act, 1948
इसी प्रश्नपत्र का प्रश्न — भारत में पहली बार ग़ैर-नक़द चिकित्सा प्रसुविधा किस अधिनियम से मिली; अंशदायी सामाजिक बीमा का वही तर्क, कानून की ओर से।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत दुर्घटना से मृत्यु अथवा पूर्ण स्थायी अशक्तता पर कितनी राशि देय है?
- (a)₹ 50,000
- (b)₹ 1,00,000
- (c)₹ 2,00,000
- (d)₹ 5,00,000
उत्तर(c) ₹ 2,00,000 — आंशिक स्थायी अशक्तता की दशा में यह राशि एक लाख रुपये रह जाती है।
- practice — not a real PYQ
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का बीमा-वर्ष प्रत्येक वर्ष किस तिथि से आरंभ होता है?
- (a)1 अप्रैल
- (b)1 जून
- (c)1 जुलाई
- (d)1 जनवरी
उत्तर(b) 1 जून — बीमा-वर्ष 1 जून से 31 मई तक चलता है, इसीलिए किस्त में हुआ परिवर्तन भी 1 जून से लागू हुआ।