अटल पेंशन योजना के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही नहीं है?
- (a)इसके अभिदाताओं को ₹ 1,000 से ₹ 5,000 प्रति माह तक एक न्यूनतम मासिक पेंशन गारन्टित है।
- (b)न्यूनतम पेंशन का लाभ भारत सरकार द्वारा गारन्टित होगा।
- (c)भारत सरकार अभिदाता के अंशदान का 50% अथवा ₹ 1,000 प्रति वर्ष, जो भी कम हो, का अंशदान करेगी।
- (d)यह 40 वर्ष से अधिक आयु के भारत के सभी नागरिकों पर लागू है।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D, (d) यह 40 वर्ष से अधिक आयु के भारत के सभी नागरिकों पर लागू है। सबसे पहले प्रश्न का रूप देख लीजिए — यह निषेधात्मक है और वही कथन ढूँढ़ना है जो अटल पेंशन योजना के बारे में सही नहीं है। पुस्तिका ने 'नहीं' को मोटे टाइप में छापकर यह चेतावनी स्वयं दे दी है, और इस प्रश्नपत्र में हर निषेधात्मक प्रश्न में यही किया गया है।
योजना की आयु-शर्त ठीक उलटी है। अटल पेंशन योजना में प्रवेश की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच है, यानी 40 वर्ष वह ऊपरी सीमा है जिसके बाद कोई जुड़ नहीं सकता। विकल्प (d) उसे निचली सीमा बनाकर पढ़ता है और कहता है कि योजना 40 वर्ष से अधिक आयु वालों पर लागू है, जो कथन को उलट देता है। इसके अलावा वह 'सभी नागरिकों' कहता है, जबकि जुड़ने के लिए बचत बैंक खाता होना आवश्यक है, क्योंकि अंशदान उसी से काटा जाता है।
यह ऊपरी सीमा मनमानी नहीं, योजना के अपने अंकगणित से निकलती है, और यही याद रखने का सबसे अच्छा तरीक़ा भी है। पेंशन 60 वर्ष की आयु से मिलनी शुरू होती है। यदि प्रवेश 40 वर्ष तक ही संभव है, तो हर अभिदाता कम से कम बीस वर्ष तक अंशदान करेगा। बीस वर्ष का यह न्यूनतम कालखंड ही वह आधार है जिस पर गारंटीशुदा पेंशन की गणना टिकती है; यदि कोई 50 वर्ष की आयु में जुड़ पाता तो केवल दस वर्ष का अंशदान होता और वही गणना टूट जाती।
शेष तीनों कथन योजना का सही वर्णन करते हैं, इसलिए उनमें से कोई उत्तर नहीं बनता। योजना 9 मई 2015 को आरंभ हुई, स्वावलंबन योजना का स्थान लेकर, और पेंशन निधि विनियामक तथा विकास प्राधिकरण इसे राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के ढाँचे पर चलाता है। अभिदाता की मृत्यु पर पेंशन जीवनसाथी को मिलती है और जीवनसाथी की मृत्यु पर संचित राशि नामिती को।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)इसके अभिदाताओं को ₹ 1,000 से ₹ 5,000 प्रति माह तक एक न्यूनतम मासिक पेंशन गारन्टित है। — यह कथन योजना का सही वर्णन करता है, इसलिए यह उत्तर नहीं बनता — और निषेधात्मक प्रश्न में यही तय करना होता है। अटल पेंशन योजना 60 वर्ष की आयु से पाँच निश्चित स्तरों पर मासिक पेंशन की गारंटी देती है — ₹ 1,000, ₹ 2,000, ₹ 3,000, ₹ 4,000 और ₹ 5,000। अभिदाता जुड़ते समय स्वयं यह चुनता है कि उसे किस स्तर की पेंशन चाहिए, और उसी चुनाव तथा प्रवेश की आयु से उसका मासिक अंशदान तय होता है — जितनी कम आयु में जुड़िए, उतना कम अंशदान, क्योंकि अंशदान के वर्ष अधिक मिलते हैं। ध्यान रखने योग्य बात यही है कि ये पाँच स्तर हैं, कोई निरंतर परास नहीं; इनके बीच की कोई राशि नहीं चुनी जा सकती। कथन में दी गई सीमाएँ, ₹ 1,000 और ₹ 5,000, इन्हीं पाँच स्तरों की सबसे निचली और सबसे ऊपरी हैं।
- (b)न्यूनतम पेंशन का लाभ भारत सरकार द्वारा गारन्टित होगा। — यह कथन भी योजना का सही वर्णन करता है, इसलिए यह उत्तर नहीं बनता। न्यूनतम पेंशन की गारंटी भारत सरकार देती है, और यही वह विशेषता है जो अटल पेंशन योजना को साधारण अंशदायी पेंशन उत्पादों से अलग करती है। अर्थ इसका यह है कि यदि संचित राशि पर वास्तविक प्रतिफल उस अनुमान से कम रह जाए जिस पर पेंशन की गणना की गई थी, तो अंतर सरकार भरेगी और अभिदाता को वादा की गई राशि पूरी मिलेगी। इसका उलटा भी योजना में लिखा है — यदि प्रतिफल अनुमान से अधिक रहे, तो अतिरिक्त लाभ अभिदाता को मिलता है। इसी गारंटी के कारण योजना का प्रशासन पेंशन निधि विनियामक तथा विकास प्राधिकरण के पास रखा गया और उसे राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के ढाँचे पर चलाया गया।
- (c)भारत सरकार अभिदाता के अंशदान का 50% अथवा ₹ 1,000 प्रति वर्ष, जो भी कम हो, का अंशदान करेगी। — यह कथन भी सही है, इसलिए यह उत्तर नहीं बनता, यद्यपि यह चारों में सबसे अधिक ध्यान माँगता है। सरकार का सह-अंशदान का सूत्र ठीक वही है जो यहाँ लिखा है — अभिदाता के अंशदान का 50 प्रतिशत अथवा ₹ 1,000 प्रति वर्ष, इनमें से जो भी कम हो। 'जो भी कम हो' वाला अंश छोड़ देना सबसे आम भूल है, क्योंकि उसी से सरकार का भार सीमित होता है। साथ ही यह सह-अंशदान सबके लिए और सदा के लिए नहीं था: यह पाँच वर्ष तक देय था और केवल उन अभिदाताओं को मिला जो 1 जून 2015 से 31 मार्च 2016 के बीच जुड़े, जो आयकरदाता नहीं थे और जो किसी सांविधिक सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत नहीं आते थे। कथन योजना का सूत्र बताता है और वह सूत्र यही है।
अवधारणा
अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के लिए बनी अंशदायी पेंशन योजना है, और उसकी पूरी बनावट पाँच संख्याओं में समा जाती है। प्रवेश की आयु 18 से 40 वर्ष। पेंशन मिलने की आयु 60 वर्ष। पेंशन के पाँच स्तर — ₹ 1,000 से ₹ 5,000 तक। न्यूनतम अंशदान अवधि बीस वर्ष, जो पहली दो संख्याओं से स्वतः निकलती है। और सरकार का सह-अंशदान, अभिदाता के अंशदान का 50 प्रतिशत अथवा ₹ 1,000 प्रति वर्ष, जो भी कम हो। योजना 9 मई 2015 को आरंभ हुई, उसने स्वावलंबन योजना का स्थान लिया, और पेंशन निधि विनियामक तथा विकास प्राधिकरण उसे राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के ढाँचे पर चलाता है। जुड़ने के लिए बचत बैंक खाता आवश्यक है, क्योंकि अंशदान उसी से स्वत: काटा जाता है। मृत्यु के बाद का क्रम भी तय है — अभिदाता की मृत्यु पर वही पेंशन जीवनसाथी को, और जीवनसाथी की मृत्यु पर संचित राशि नामिती को। इन संख्याओं को अलग-अलग रटने के बजाय आपस में जोड़कर याद कीजिए, क्योंकि प्रश्न प्राय: उन्हीं जोड़ों को तोड़कर बनाए जाते हैं।
यह प्रश्न श्रम-विधि खंड के अंतिम भाग में है, जहाँ सिद्धांत से निकलकर वर्तमान भारतीय योजनाओं पर आया जाता है — इसके ठीक बाद प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का प्रश्न है। दोनों योजनाएँ मई 2015 में एक साथ आरंभ हुई तीन जन सुरक्षा योजनाओं में से हैं, तीसरी प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना है, इसलिए इन्हें एक इकाई मानकर पढ़ना ही उपयोगी है। आयु से जुड़ी संख्याएँ इस विषय में विशेष रूप से गड़बड़ाती हैं, क्योंकि आसपास के कानूनों में अलग-अलग आयु आती है — कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 में अधिवर्षता पेंशन 58 वर्ष पर मिलती है और 50 से 58 के बीच घटी हुई दर पर पूर्व पेंशन ली जा सकती है, जबकि अटल पेंशन योजना में पेंशन 60 वर्ष से मिलती है और प्रवेश 40 वर्ष तक होता है। परीक्षा इन्हीं संख्याओं की अदला-बदली से विकल्प बनाती है।
मुख्य तथ्य
- अटल पेंशन योजना में प्रवेश की आयु 18 से 40 वर्ष है; 40 वर्ष ऊपरी सीमा है, निचली नहीं।
- पेंशन 60 वर्ष की आयु से मिलती है, इसलिए हर अभिदाता कम से कम बीस वर्ष अंशदान करता है।
- गारंटीशुदा मासिक पेंशन के पाँच स्तर हैं — ₹ 1,000, ₹ 2,000, ₹ 3,000, ₹ 4,000 और ₹ 5,000।
- न्यूनतम पेंशन की गारंटी भारत सरकार देती है; प्रतिफल कम रहने पर अंतर सरकार भरती है।
- सरकार का सह-अंशदान अभिदाता के अंशदान का 50 प्रतिशत अथवा ₹ 1,000 प्रति वर्ष है, जो भी कम हो।
- सह-अंशदान पाँच वर्ष तक देय था और केवल 1 जून 2015 से 31 मार्च 2016 के बीच जुड़े पात्र अभिदाताओं को मिला।
- योजना 9 मई 2015 को आरंभ हुई और उसने स्वावलंबन योजना का स्थान लिया।
- इसे पेंशन निधि विनियामक तथा विकास प्राधिकरण राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के ढाँचे पर चलाता है; जुड़ने के लिए बचत बैंक खाता आवश्यक है।
- अभिदाता की मृत्यु पर पेंशन जीवनसाथी को और जीवनसाथी की मृत्यु पर संचित राशि नामिती को मिलती है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- आयु-सीमा को उलट देना — 40 वर्ष तक प्रवेश की अनुमति है, 40 वर्ष के बाद नहीं।
- पेंशन की आयु 58 वर्ष मान लेना, जो कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 की संख्या है, इस योजना की नहीं।
- सह-अंशदान के सूत्र से 'जो भी कम हो' वाला अंश छोड़ देना, जिससे सरकार का भार अनंत लगने लगता है।
- पेंशन के पाँच निश्चित स्तरों को एक निरंतर परास मान लेना, जिससे बीच की कोई राशि चुनने योग्य लगने लगे।
- निषेधात्मक प्रश्न में पहला सही दिखने वाला कथन चुन लेना, जबकि ढूँढ़ना उलटा है।
अटल पेंशन योजना पर प्रश्न लगभग सदा संख्याओं पर आते हैं, और चार संख्याएँ बार-बार लौटती हैं — प्रवेश की आयु, पेंशन की आयु, पेंशन के स्तर और सह-अंशदान का सूत्र। पहला रूप यही है, निषेधात्मक कथन वाला, जिसमें तीन कथन ठीक होते हैं और एक में कोई संख्या उलटी या बदली रहती है। दूसरा रूप सीधा होता है — 'अटल पेंशन योजना में प्रवेश की आयु क्या है' — जहाँ विकल्पों में 18 और 40 के आसपास की जोड़ियाँ रखी जाती हैं और 58 वाला विकल्प इसलिए आता है कि वह कर्मचारी पेंशन योजना की आयु है। तीसरा रूप जोड़ी मिलाने का होता है, जिसमें तीनों जन सुरक्षा योजनाएँ एक स्तंभ में और उनका प्रीमियम अथवा लाभ दूसरे में रहता है। चौथा रूप संस्थागत होता है — योजना कौन चलाता है, किस प्राधिकरण के अधीन है, और किस पुरानी योजना का स्थान उसने लिया। तैयारी का सबसे कारगर तरीक़ा यह है कि तीनों जन सुरक्षा योजनाओं की संख्याएँ एक ही पन्ने पर आमने-सामने लिख ली जाएँ।
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EPFO_EOAO_2017_Q90खोलें व हल करें →Which one of the following is the amount of annual premium of the Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana (PMSBY) for accident and disability cover up to ₹ 2,00,000?
- (a) ₹ 100
- (b) ₹ 50
- (c) ₹ 20
- (d) ₹ 12
उत्तर(d) ₹ 12
इसी प्रश्नपत्र का अगला प्रश्न — प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का वार्षिक प्रीमियम; मई 2015 की तीन जन सुरक्षा योजनाओं की दूसरी कड़ी।
EPFO_EOAO_2020_Q105What is the minimum and maximum age at which a subscriber can join the Atal Pension Yojana ?
- (a) 21 years and 58 years respectively
- (b) 18 years and 40 years respectively
- (c) 18 years and 50 years respectively
- (d) 21 years and 60 years respectively
उत्तर(b) 18 years and 40 years respectively
EPFO EO/AO 2020 का प्रश्न — अटल पेंशन योजना में प्रवेश की आयु; वहाँ भी 58 वाला विकल्प इसलिए रखा गया है कि वह कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 की संख्या है।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
अटल पेंशन योजना में जुड़ने के लिए अभिदाता की आयु निम्नलिखित में से किस परास में होनी चाहिए?
- (a)18 से 40 वर्ष
- (b)21 से 58 वर्ष
- (c)18 से 60 वर्ष
- (d)40 से 60 वर्ष
उत्तर(a) 18 से 40 वर्ष — पेंशन 60 वर्ष से मिलती है, इसलिए यह सीमा हर अभिदाता को कम से कम बीस वर्ष का अंशदान सुनिश्चित करती है।
- practice — not a real PYQ
अटल पेंशन योजना के अंतर्गत गारंटीशुदा मासिक पेंशन के कितने स्तर उपलब्ध हैं?
- (a)तीन
- (b)चार
- (c)पाँच
- (d)छह
उत्तर(c) पाँच — ₹ 1,000, ₹ 2,000, ₹ 3,000, ₹ 4,000 और ₹ 5,000 प्रति माह; इनके बीच की कोई राशि नहीं चुनी जा सकती।