निम्नलिखित सूचना पर विचार कीजिए : सकल लाभ की दर— बेची गई वस्तुओं की लागत पर 25% बिक्री—₹ 20,00,000 सकल लाभ की राशि निम्नलिखित में से कौन-सी है?
- (a)₹ 5,00,000
- (b)₹ 6,25,000
- (c)₹ 3,75,000
- (d)₹ 4,00,000
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D, (d) ₹ 4,00,000। इस प्रश्न की पूरी कठिनाई एक ही शब्द में है — दर ‘बेची गई वस्तुओं की लागत पर’ 25% है, बिक्री पर नहीं। जब दर लागत पर दी जाती है, तब लागत को 100 मानकर चलिए: सकल लाभ 25 हुआ और बिक्री 125। इससे तीनों राशियों का अनुपात मिल जाता है — लागत : सकल लाभ : बिक्री = 100 : 25 : 125। अब बिक्री ₹ 20,00,000 दी है, इसलिए सकल लाभ = 20,00,000 × 25 ÷ 125 = ₹ 4,00,000, और बेची गई वस्तुओं की लागत = ₹ 16,00,000। जाँच सीधी है: ₹ 16,00,000 का 25% ठीक ₹ 4,00,000 होता है, और लागत में सकल लाभ जोड़ने पर ₹ 20,00,000 की बिक्री वापस आ जाती है। इसी से वह सामान्य नियम भी निकलता है जिसे याद रखना चाहिए — लागत पर 25% का अर्थ है बिक्री पर 20%, क्योंकि 25 ÷ 125 = 1 ÷ 5। बिक्री का 20% भी ₹ 4,00,000 ही होता है, इसलिए दोनों रास्ते एक ही उत्तर पर मिलते हैं। इस प्रकार के हर विकल्प को परखने का एक अचूक तरीका भी है: कोई भी राशि सकल लाभ तभी हो सकती है जब वह बिक्री में से स्वयं को घटाने पर बची राशि का ठीक चौथाई हो। यहाँ ₹ 20,00,000 में से ₹ 4,00,000 घटाने पर ₹ 16,00,000 बचता है और उसका चौथाई ₹ 4,00,000 है — शर्त पूरी हुई। यही जाँच शेष तीनों विकल्पों पर लगाइए तो कोई भी खरा नहीं उतरता, इसलिए उत्तर विकल्प (d) है। इस प्रश्न से एक सामान्य पाठ भी निकलता है, जो सकल लाभ वाले हर प्रश्न में काम आता है। दर सदा किसी आधार पर दी जाती है, और वह आधार या तो लागत होता है या बिक्री; इसलिए गणना आरंभ करने से पहले आधार को पहचानकर अलग लिख लीजिए, क्योंकि उसी एक शब्द पर दोनों उत्तर बदल जाते हैं। यहाँ आधार लागत है, इसलिए 25 को 125 पर बाँटा गया, 100 पर नहीं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)₹ 5,00,000 — यह ठीक बिक्री का 25% है, अर्थात् इसमें लागत पर दी गई दर को बिक्री पर लगा दिया गया है — इसी एक भूल के लिए यह प्रश्न बनाया गया है। भूल पकड़ने की जाँच वही है: यदि सकल लाभ ₹ 5,00,000 होता तो लागत ₹ 15,00,000 रहती, और ₹ 15,00,000 का 25% ₹ 3,75,000 होता, ₹ 5,00,000 नहीं; इसलिए यह राशि प्रश्न की अपनी शर्त तोड़ देती है। एक और तर्क से भी यह कट जाती है: लागत सदा बिक्री से कम होती है, इसलिए लागत का 25% बिक्री के 25% से कम ही होगा; अतः सही उत्तर ₹ 5,00,000 से कम होना ही चाहिए। यह विकल्प इसीलिए सबसे पहले आँख में आता है और सबसे अधिक अभ्यर्थियों को ले डूबता है।
- (b)₹ 6,25,000 — यह राशि सही उत्तर से भी और बिक्री के 25% से भी ऊपर है, इसलिए इसे केवल आकार देखकर काटा जा सकता है। जैसा ऊपर कहा गया, लागत बिक्री से कम होती है, इसलिए लागत पर लगाया गया 25% किसी भी दशा में बिक्री के 25% यानी ₹ 5,00,000 से अधिक नहीं हो सकता; ₹ 6,25,000 उससे ऊपर है, अतः असंभव है। जाँच वाली कसौटी भी इसे नहीं छोड़ती — ₹ 20,00,000 में से ₹ 6,25,000 घटाने पर ₹ 13,75,000 बचता है, जिसका चौथाई ₹ 3,43,750 है, ₹ 6,25,000 नहीं। संख्यात्मक प्रश्नों में यह ऊपरी सीमा वाला तर्क बहुत काम आता है, क्योंकि वह बिना पूरी गणना किए ही असंभव विकल्प हटा देता है।
- (c)₹ 3,75,000 — यह अधूरे सुधार का परिणाम है। जो अभ्यर्थी पहले बिक्री पर 25% लगाकर ₹ 5,00,000 निकालता है, फिर सोचता है कि दर तो लागत पर थी, और ₹ 20,00,000 में से ₹ 5,00,000 घटाकर ₹ 15,00,000 को लागत मान लेता है तथा उस पर फिर 25% लगा देता है, उसे ठीक ₹ 3,75,000 मिलता है। भूल यह है कि लागत ₹ 15,00,000 नहीं है — लागत वही होगी जो सही सकल लाभ घटाने पर बचे, और वह ₹ 16,00,000 है। कसौटी पर लगाइए: ₹ 20,00,000 में से ₹ 3,75,000 घटाने पर ₹ 16,25,000 बचता है, जिसका चौथाई ₹ 4,06,250 है, ₹ 3,75,000 नहीं। इसलिए यह भी प्रश्न की शर्त पूरी नहीं करता।
अवधारणा
सकल लाभ बिक्री में से बेची गई वस्तुओं की लागत घटाने पर बचता है, और बेची गई वस्तुओं की लागत निकालने का सूत्र है — प्रारंभिक स्टॉक जोड़ शुद्ध क्रय जोड़ प्रत्यक्ष व्यय घटा अंतिम स्टॉक। इस अध्याय में सबसे अधिक भूल दर के आधार को लेकर होती है, इसलिए वही सबसे पहले साधना चाहिए। दर दो आधारों पर दी जा सकती है। यदि सकल लाभ लागत का x प्रतिशत है, तो लागत को 100 मानिए, सकल लाभ x होगा और बिक्री (100 + x); तब बिक्री पर वही दर x ÷ (100 + x) प्रतिशत बैठती है। और यदि सकल लाभ बिक्री का y प्रतिशत है, तो बिक्री को 100 मानिए, सकल लाभ y होगा और लागत (100 − y); तब लागत पर दर y ÷ (100 − y) प्रतिशत बैठती है। इन्हीं से वे जोड़े बनते हैं जो बार-बार काम आते हैं — लागत पर 25% बराबर बिक्री पर 20%, लागत पर 33⅓% बराबर बिक्री पर 25%, लागत पर 20% बराबर बिक्री पर 16⅔%, और लागत पर 50% बराबर बिक्री पर 33⅓%। इन चार जोड़ों को कंठस्थ कर लेने से इस प्रकार के अधिकांश प्रश्न बिना गणना के ही निकल आते हैं।
सकल लाभ की दर केवल अंतिम खाते बनाने के काम नहीं आती; वह लेखांकन के कई और स्थानों पर लौटकर आती है। सबसे परिचित प्रयोग अग्नि बीमा के दावे में है, जहाँ आग में नष्ट स्टॉक का अनुमान लगाने के लिए यही दर काम आती है और लाभ-हानि पॉलिसी की बीमा योग्य राशि भी इसी दर से निकाली जाती है — इसी पेपर के प्रश्न 61 में वही गणना पूछी गई है। दूसरा प्रयोग अनुपात-विश्लेषण में है, जहाँ सकल लाभ अनुपात लाभप्रदता का पहला संकेतक माना जाता है और उसका गिरना या बढ़ना क्रय-मूल्य, विक्रय-मूल्य या स्टॉक-मूल्यांकन में हुए परिवर्तन की ओर संकेत करता है। तीसरा प्रयोग शाखा तथा विभागीय लेखों में है, जहाँ मुख्यालय शाखा को लागत पर एक निश्चित प्रतिशत जोड़कर माल भेजता है और उसी दर से शाखा के स्टॉक का मूल्यांकन होता है। इन तीनों स्थानों पर यही प्रश्न लौटता है कि दर किस आधार पर दी गई है, इसलिए आधार पहचानने की आदत बहुत दूर तक काम आती है।
मुख्य तथ्य
- सकल लाभ बिक्री में से बेची गई वस्तुओं की लागत घटाने पर बचता है, और वही किसी व्यापारिक इकाई की लाभप्रदता का पहला संकेतक माना जाता है।
- जब दर लागत पर दी गई हो, तो लागत को 100 मानकर चलिए; तब सकल लाभ 25 होगा और बिक्री 125, अर्थात् लागत : सकल लाभ : बिक्री = 100 : 25 : 125।
- इस प्रश्न में सकल लाभ = 20,00,000 × 25 ÷ 125 = ₹ 4,00,000 आता है, और बेची गई वस्तुओं की लागत ₹ 16,00,000 रह जाती है।
- लागत पर 25% का अर्थ बिक्री पर 20% है, क्योंकि 25 को 125 पर बाँटने से एक-पाँचवाँ भाग निकलता है; दोनों रास्तों से उत्तर एक ही आता है।
- लागत पर x% को बिक्री पर बदलने का सूत्र है x ÷ (100 + x); बिक्री पर y% को लागत पर बदलने का सूत्र है y ÷ (100 − y)।
- उपयोगी जोड़े — लागत पर 33⅓% बराबर बिक्री पर 25%; लागत पर 20% बराबर बिक्री पर 16⅔%; लागत पर 50% बराबर बिक्री पर 33⅓%।
- लागत सदा बिक्री से कम होती है, इसलिए लागत पर लगाया गया कोई भी प्रतिशत बिक्री पर लगाए गए उसी प्रतिशत से कम ही निकलेगा — यह सीमा-जाँच बहुत तेज़ है।
- बेची गई वस्तुओं की लागत निकालने का सूत्र है — प्रारंभिक स्टॉक जोड़ शुद्ध क्रय जोड़ प्रत्यक्ष व्यय घटा अंतिम स्टॉक।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- लागत पर दी गई दर को सीधे बिक्री पर लगा देना; इसी भूल से यहाँ ₹ 5,00,000 निकलता है, जो विकल्पों में जान-बूझकर रखा गया है।
- आधा सुधार करके रुक जाना — बिक्री में से ग़लत सकल लाभ घटाकर उसे लागत मान लेना, जिससे ₹ 3,75,000 निकलता है।
- यह भूल जाना कि लागत बिक्री से कम होती है, इसलिए सही उत्तर बिक्री के 25% अर्थात् ₹ 5,00,000 से अधिक हो ही नहीं सकता।
- उत्तर की उलटी जाँच न करना; सही सकल लाभ वही है जो बिक्री में से घटाने पर बची राशि का ठीक चौथाई निकले।
इस भर्ती के लेखांकन खंड में दो-तीन प्रश्न सदा छोटी गणना के होते हैं और उनकी बनावट यही रहती है — दो या तीन पंक्तियों में आँकड़े, और एक ही अवधारणा की जाँच। यहाँ जाँच दर के आधार की है, और उसी पर पूरा प्रश्न टिका है। ऐसे प्रश्न में सबसे पहले वह वाक्यांश रेखांकित कीजिए जो आधार बताता है — ‘लागत पर’, ‘बिक्री पर’, ‘क्रय-मूल्य पर’, ‘विक्रय-मूल्य पर’ — क्योंकि विकल्प ठीक इसी अंतर पर बनाए जाते हैं और प्रायः दोनों आधारों के उत्तर एक साथ रखे जाते हैं। दूसरी उपयोगी आदत उत्तर की उलटी जाँच है: निकाली हुई राशि को बिक्री में से घटाइए और देखिए कि दी गई दर उस पर सचमुच लागू होती है या नहीं। यह जाँच दस सेकंड लेती है और आधार वाली भूल को तुरंत पकड़ लेती है, इसलिए परीक्षा-कक्ष में उसे नियम बना लेना चाहिए।
संबंधित PYQ
EPFO_EOAO_2020_Q106Which one of the following denotes Gross Profit ?
- (a) Cost of goods sold + Opening stock
- (b) Sales less Cost of goods sold
- (c) Sales less Purchases
- (d) Net profit less Expenses of the period
उत्तर(b) Sales less Cost of goods sold
EPFO EO/AO 2020 में सकल लाभ की परिभाषा ही पूछी गई — बिक्री में से बेची गई वस्तुओं की लागत घटाना, जो इस गणना का आधार है।
EPFO_EOAO_2017_Q61खोलें व हल करें →From the information given below, calculate the sum insurable : Date of fire—01.03.2016 Turnover from 01.03.2015 to 29.02.2016—₹ 88,00,000 Agreed GP ratio—20% Special circumstances clause provided for the increase of turnover by 10%
- (a) ₹ 19,36,000
- (b) ₹ 48,40,000
- (c) ₹ 10,32,000
- (d) ₹ 24,20,000
उत्तर(a) ₹ 19,36,000
इसी पेपर का प्रश्न 61 सकल लाभ अनुपात का प्रयोग बीमा योग्य राशि निकालने में करवाता है — वही अनुपात, दूसरा प्रयोग।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
यदि किसी व्यापारी के लिए सकल लाभ की दर बेची गई वस्तुओं की लागत पर 33⅓% है, तो वही दर बिक्री पर कितनी होगी?
- (a)20%
- (b)25%
- (c)30%
- (d)33⅓%
उत्तर(b) 25%
- practice — not a real PYQ
किसी व्यापारी की बिक्री ₹ 6,00,000 है और सकल लाभ की दर बेची गई वस्तुओं की लागत पर 20% है। सकल लाभ की राशि निम्नलिखित में से कौन-सी है?
- (a)₹ 1,00,000
- (b)₹ 1,20,000
- (c)₹ 96,000
- (d)₹ 1,50,000
उत्तर(a) ₹ 1,00,000