निम्नलिखित में से कौन-सा कथन एक प्रवासी भारतीय नागरिक (OCI) के बारे में सही नहीं है?
- (a)एक OCI किसी दूसरे देश का नागरिक होता है।
- (b)एक OCI के पास भारत आने के लिए एकाधिक प्रवेश दीर्घकालिक वीज़ा होता है।
- (c)एक OCI सभी मामलों में NRI के बराबर होता है।
- (d)एक OCI सार्वजनिक रोज़गार में अवसर की समानता के मौलिक अधिकार का हकदार नहीं है।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, (c) एक OCI सभी मामलों में NRI के बराबर होता है। यह निषेधात्मक प्रश्न है और हिन्दी स्तंभ में प्रश्न-वाक्य का 'नहीं' मोटे टाइप में छपा है; ध्यान रहे कि विकल्प (d) में भी 'नहीं' आता है, पर वह सामान्य टाइप में है — अर्थात् इस प्रश्न के भीतर दोहरा निषेध है और उभारा केवल प्रश्न-वाक्य वाला है। प्रवासी भारतीय नागरिक (Overseas Citizen of India, OCI) की व्यवस्था नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7A से 7D में है। धारा 7B(1) कहती है कि OCI कार्डधारक को वे ही अधिकार प्राप्त होंगे जिन्हें केंद्र सरकार राजपत्र में अधिसूचित करे, सिवाय उन अधिकारों के जो उपधारा (2) में वर्जित हैं। यही 'अधिसूचित अधिकार' वाली रचना पूरे प्रश्न की कुंजी है: OCI को समानता किसी सामान्य सिद्धांत से नहीं, बल्कि सरकार की अधिसूचना से मिलती है, और वह अधिसूचना केवल कुछ आर्थिक, वित्तीय तथा शैक्षिक क्षेत्रों तक सीमित है — और उसमें भी कृषि-भूमि तथा बागान-संपत्ति के अर्जन का अधिकार शामिल नहीं है। इसलिए 'सभी मामलों में NRI के बराबर' कहना ग़लत है, और कुंजी इसी कथन को अपवाद के रूप में चुनती है। धारा 7B(2) उन अधिकारों की सूची भी देती है जो OCI को नहीं मिलते — अनुच्छेद 16 (लोक नियोजन में अवसर की समानता), अनुच्छेद 58 (राष्ट्रपति पद), अनुच्छेद 66 (उपराष्ट्रपति पद), अनुच्छेद 124 (उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश), अनुच्छेद 217 (उच्च न्यायालय का न्यायाधीश), लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 16 के अंतर्गत मतदाता के रूप में पंजीकरण, तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धाराएँ 3, 4, 5, 5A और 6 के अंतर्गत संसद तथा राज्य विधानमंडल की सदस्यता; लोक सेवाओं और पदों में नियुक्ति भी केवल विशेष आदेश से ही संभव है। अतः विकल्प (c) ही उत्तर है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)एक OCI किसी दूसरे देश का नागरिक होता है। — यह कथन सही है, इसलिए यह उत्तर नहीं हो सकता। OCI कार्डधारक भारत का नागरिक नहीं होता — वह किसी दूसरे देश का नागरिक होता है, जिसका भारत से मूल-संबंध रहा है। भारत में दोहरी नागरिकता की व्यवस्था नहीं है, इसलिए 'ओवरसीज़ सिटिज़न ऑफ़ इंडिया' नाम में आया 'सिटिज़न' शब्द भ्रम पैदा कर सकता है, पर विधिक स्थिति स्पष्ट है: यह एक विशेष दर्जा है, नागरिकता नहीं। इसी कारण OCI को मताधिकार नहीं है, वह संसद या विधानमंडल का सदस्य नहीं बन सकता, और संवैधानिक पदों पर नहीं आ सकता। यह विकल्प वस्तुतः पूरे प्रश्न की बुनियाद रखता है, क्योंकि यही बताता है कि OCI का दर्जा किस श्रेणी का है — और उसी बुनियाद से यह भी निकलता है कि विकल्प (c) क्यों ग़लत है।
- (b)एक OCI के पास भारत आने के लिए एकाधिक प्रवेश दीर्घकालिक वीज़ा होता है। — यह भी सही है, इसलिए अपवाद नहीं। OCI कार्ड का सबसे व्यावहारिक लाभ यही है कि उसके धारक को भारत आने के लिए आजीवन, बहु-प्रवेश (multiple-entry) वीज़ा प्राप्त होता है, और उसे हर यात्रा पर नया वीज़ा नहीं लेना पड़ता। इसके साथ यह सुविधा भी है कि उसे भारत में कितने भी समय रुकने पर स्थानीय पुलिस के पास पंजीकरण नहीं कराना पड़ता, जो सामान्य दीर्घकालिक वीज़ाधारी विदेशी नागरिक के लिए आवश्यक होता है। यही दो सुविधाएँ इस दर्जे का व्यावहारिक सार हैं। इसलिए यह कथन OCI की सही विशेषता है और निषेधात्मक प्रश्न में इसे छोड़ देना चाहिए। यह ध्यान रखने योग्य है कि सुविधा वीज़ा की है, नागरिकता की नहीं — दोनों को एक मान लेना ही इस विषय की सबसे आम भूल है।
- (d)एक OCI सार्वजनिक रोज़गार में अवसर की समानता के मौलिक अधिकार का हकदार नहीं है। — यह कथन भी सही है, इसलिए यह उत्तर नहीं है — और यहीं इस प्रश्न का दोहरा निषेध छिपा है। नागरिकता अधिनियम की धारा 7B(2) स्पष्ट रूप से यह कहती है कि OCI कार्डधारक को अनुच्छेद 16 के अंतर्गत लोक नियोजन में अवसर की समानता का अधिकार प्राप्त नहीं होगा। अनुच्छेद 16 वैसे भी 'राज्य के अधीन किसी पद पर नियोजन' के मामले में केवल नागरिकों को अधिकार देता है, और OCI नागरिक नहीं है — इसलिए यह वर्जन संविधान की योजना के अनुरूप ही है। कठिनाई केवल पढ़ने की है: प्रश्न 'कौन-सा कथन सही नहीं है' पूछ रहा है और यह कथन स्वयं 'हकदार नहीं है' कहता है, जिससे दो निषेध टकराते दिखते हैं। ऐसे में सबसे सुरक्षित तरीक़ा यह है कि पहले कथन का सत्य-असत्य अलग से तय कीजिए और उसके बाद प्रश्न का निषेध लगाइए।
अवधारणा
भारत की नागरिकता-व्यवस्था में विदेश में बसे भारतीयों के लिए तीन अलग-अलग श्रेणियाँ चलती रही हैं, और उन्हें अलग-अलग पहचानना इस प्रकार के प्रश्नों के लिए आवश्यक है। पहली श्रेणी अनिवासी भारतीय (NRI) की है — यह व्यक्ति भारत का नागरिक है, केवल विदेश में निवास करता है; उसकी नागरिकता अक्षुण्ण रहती है, इसलिए उसे मताधिकार सहित नागरिक के सभी अधिकार प्राप्त हैं। दूसरी श्रेणी भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) की थी, जिसका कार्ड-कार्यक्रम 2015 में OCI में समाहित कर दिया गया। तीसरी श्रेणी OCI की है — यह व्यक्ति विदेशी नागरिक है, जिसे भारत ने एक विशेष दर्जा दिया है; उसे नागरिकता नहीं मिलती, केवल अधिसूचित अधिकार मिलते हैं। इसलिए NRI और OCI के बीच का अंतर मूलभूत है, अंश-मात्र का नहीं: एक नागरिक है, दूसरा नहीं। जहाँ समानता दी भी गई है, वह चुने हुए आर्थिक तथा शैक्षिक क्षेत्रों तक सीमित है और कृषि तथा बागान भूमि के अर्जन को उससे बाहर रखा गया है। यही भेद परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है।
OCI की व्यवस्था नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2005 से लागू हुई, और 2015 के संशोधन से PIO कार्ड योजना को इसी में मिला दिया गया, जिससे अब एक ही कार्ड-व्यवस्था बची है। इसके साथ यह भी ध्यान रखने योग्य है कि केंद्र सरकार धारा 7D के अंतर्गत OCI पंजीकरण रद्द भी कर सकती है — उदाहरण के लिए, यदि पंजीकरण छल से प्राप्त किया गया हो, या कार्डधारक ने भारत के संविधान के प्रति अनादर दिखाया हो, या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े आधार हों। इस प्रश्न के हिन्दी और अंग्रेज़ी स्तंभों में एक छोटा-सा अंतर भी है: अंग्रेज़ी स्तंभ के विकल्प (c) में 'NRIs' बहुवचन में छपा है, जबकि हिन्दी स्तंभ में 'NRI' एकवचन में — अर्थ पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता, पर यह दिखाता है कि दोनों स्तंभ स्वतंत्र रूप से संयोजित किए गए थे। दोनों स्तंभों में संक्षेपाक्षर OCI और NRI रोमन लिपि में ही छपे हैं, देवनागरी में नहीं।
मुख्य तथ्य
- OCI की व्यवस्था नागरिकता अधिनियम, 1955 की धाराओं 7A से 7D में है और यह नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2005 से लागू हुई।
- धारा 7B(1) के अनुसार OCI कार्डधारक को केवल वे अधिकार मिलते हैं जिन्हें केंद्र सरकार राजपत्र में अधिसूचित करे — अर्थात् समानता सामान्य नियम से नहीं, अधिसूचना से आती है।
- NRI से समानता कुछ अधिसूचित आर्थिक, वित्तीय तथा शैक्षिक क्षेत्रों तक सीमित है, और कृषि-भूमि तथा बागान-संपत्ति के अर्जन का अधिकार उसमें शामिल नहीं है।
- धारा 7B(2) OCI को अनुच्छेद 16 (लोक नियोजन), 58 (राष्ट्रपति), 66 (उपराष्ट्रपति), 124 (उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश) तथा 217 (उच्च न्यायालय के न्यायाधीश) के अधिकारों से वंचित करती है।
- उसे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 16 के अंतर्गत मतदाता के रूप में पंजीकरण तथा 1951 के अधिनियम की धाराओं 3, 4, 5, 5A और 6 के अंतर्गत सदस्यता का अधिकार भी नहीं है।
- OCI कार्ड का व्यावहारिक लाभ आजीवन बहु-प्रवेश वीज़ा और स्थानीय पुलिस पंजीकरण से छूट है; OCI भारत का नागरिक नहीं होता।
- 2015 में PIO कार्ड योजना को OCI में समाहित कर दिया गया; धारा 7D के अंतर्गत केंद्र सरकार OCI पंजीकरण रद्द भी कर सकती है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- दोहरे निषेध में उलझ जाना; विकल्प (d) में भी 'नहीं' है, पर वह कथन सत्य है — पहले कथन का सत्य-असत्य तय कीजिए, फिर प्रश्न का निषेध लगाइए।
- 'ओवरसीज़ सिटिज़न' नाम में आए 'सिटिज़न' शब्द से यह मान लेना कि OCI भारत का नागरिक है; भारत में दोहरी नागरिकता की व्यवस्था नहीं है।
- NRI और OCI को एक श्रेणी मान लेना; NRI भारत का नागरिक है और OCI विदेशी नागरिक — यह अंतर मूलभूत है, मात्रा का नहीं।
- यह भूल जाना कि OCI को दी गई समानता में कृषि-भूमि तथा बागान-संपत्ति का अर्जन शामिल नहीं है; यही अपवाद 'सभी मामलों में' वाले दावे को गिरा देता है।
नागरिकता से जुड़े प्रश्न इस परीक्षा में प्रायः 'कौन-सा कथन सही नहीं है' के रूप में आते हैं, और उनमें एक विकल्प ऐसा रखा जाता है जिसमें 'सभी', 'पूर्णतः', 'हर मामले में' जैसा निरपेक्ष शब्द हो। ऐसे निरपेक्ष शब्द विधिक विषयों में लगभग सदा संदेहास्पद होते हैं, क्योंकि क़ानून प्रायः शर्तों और अपवादों से चलता है — और यहाँ भी 'सभी मामलों में' ही वह शब्द है जो कथन को ग़लत बनाता है। इसलिए दो पद्धतियाँ काम आती हैं: पहली, निरपेक्ष शब्दों को रेखांकित कीजिए और पूछिए कि क्या इस नियम का कोई अपवाद है; दूसरी, विधिक विषयों में जहाँ संभव हो धारा का नाम याद रखिए, क्योंकि परीक्षा उसी धारा को दूसरे रूप में लौटाकर पूछती है। यहाँ धारा 7B(1) की 'अधिसूचित अधिकार' वाली रचना और 7B(2) की वर्जन-सूची — दोनों अलग-अलग प्रश्नों के आधार बन सकती हैं।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7B(2) के अनुसार OCI कार्डधारक को निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद के अंतर्गत प्राप्त अधिकार नहीं मिलता?
- (a)अनुच्छेद 14
- (b)अनुच्छेद 16
- (c)अनुच्छेद 21
- (d)अनुच्छेद 25
उत्तर(b) अनुच्छेद 16
- practice — not a real PYQ
भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) कार्ड योजना को प्रवासी भारतीय नागरिक (OCI) योजना में किस वर्ष समाहित कर दिया गया था?
- (a)2005
- (b)2011
- (c)2015
- (d)2019
उत्तर(c) 2015