9 मई के दिन को कांग्रेस ने ‘इथियोपिया दिवस’ क्यों घोषित किया?
- (a)क्योंकि इथियोपियावासियों ने ब्रिटिश शासन से भारतीय स्वतंत्रता के पक्ष में अपने समर्थन की घोषणा की थी।
- (b)क्योंकि इथियोपिया उस दिन ब्रिटेन से स्वतंत्र हुआ था।
- (c)क्योंकि 1936 के आरंभ में इटली ने इथियोपिया पर आक्रमण किया था और उनके विरोध को स्वतंत्रता के लिए संघर्ष माना गया था।
- (d)क्योंकि इथियोपिया के नेताओं ने मुसोलिनी की निन्दा की थी।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, (c) क्योंकि 1936 के आरंभ में इटली ने इथियोपिया पर आक्रमण किया था और उनके विरोध को स्वतंत्रता के लिए संघर्ष माना गया था। इस प्रश्न की जड़ 1930 के दशक की कांग्रेस की अंतर्राष्ट्रीय दृष्टि में है। उस दशक में राष्ट्रीय आंदोलन ने भारत की स्वतंत्रता की माँग को दुनिया भर में फ़ासीवाद के विरोध से जोड़कर देखना शुरू किया, और यही जोड़ इथियोपिया दिवस का कारण बना। मुसोलिनी के फ़ासीवादी इटली ने इथियोपिया (तत्कालीन अबीसीनिया) पर आक्रमण किया और उसे अपने अधीन कर लिया; इथियोपियावासियों का प्रतिरोध कांग्रेस की दृष्टि में एक उपनिवेश-विरोधी स्वतंत्रता-संघर्ष था, ठीक वैसा ही जैसा भारत स्वयं लड़ रहा था। इसी एकजुटता को व्यक्त करने के लिए कांग्रेस ने 9 मई को 'इथियोपिया दिवस' घोषित किया, और उस दिन देश भर में सभाएँ तथा प्रदर्शन हुए — यह वर्णन बिपन चंद्र की 'इंडियाज़ स्ट्रगल फ़ॉर इंडिपेंडेंस' में दर्ज है। ध्यान दीजिए कि यह प्रतीकात्मक दिवस भारत की अपनी किसी घटना की स्मृति में नहीं था, बल्कि एक दूसरे देश के साथ एकजुटता का दिन था — और यही इस प्रश्न को हल करने की कुंजी है। जो अभ्यर्थी विकल्पों को इस कसौटी पर रखता है कि 'क्या यह कारण भारत को इथियोपिया के साथ खड़ा करता है', उसे उत्तर तुरंत मिल जाता है: केवल विकल्प (c) ही एकजुटता का कारण बताता है, शेष तीन या तो तथ्यतः असंभव हैं या इतने गौण हैं कि उन पर एक अखिल भारतीय दिवस नहीं टिकाया जा सकता। यह भी स्मरणीय है कि उसी दौर में कांग्रेस ने स्पेन के गणतंत्र और जापानी आक्रमण के विरुद्ध चीन के प्रति भी खुला समर्थन व्यक्त किया, और 1938 में चीन को एक चिकित्सा-दल भेजा। अतः विकल्प (c) ही सही है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)क्योंकि इथियोपियावासियों ने ब्रिटिश शासन से भारतीय स्वतंत्रता के पक्ष में अपने समर्थन की घोषणा की थी। — यह विकल्प कारण-कार्य को उलट देता है। 'इथियोपिया दिवस' भारतीयों की ओर से इथियोपिया के प्रति एकजुटता का दिन था, इथियोपियावासियों की ओर से भारत के प्रति समर्थन की स्वीकृति नहीं। 1936 में इथियोपिया स्वयं आक्रमण झेल रहा था और उसका सम्राट देश छोड़कर निर्वासन में जा चुका था; ऐसी स्थिति में उससे भारत की स्वतंत्रता के पक्ष में औपचारिक घोषणा की अपेक्षा करना परिस्थिति के विरुद्ध है। साथ ही, यदि यही कारण होता तो दिवस का नाम और उसका स्वर आभार का होता, प्रतिरोध का नहीं — जबकि उस दिन देश भर में जो सभाएँ हुईं वे आक्रमण के विरोध की थीं। ऐसे प्रश्नों में यह जाँचना उपयोगी होता है कि दिशा किस ओर है: सहानुभूति भारत से बाहर की ओर जा रही है या बाहर से भारत की ओर आ रही है।
- (b)क्योंकि इथियोपिया उस दिन ब्रिटेन से स्वतंत्र हुआ था। — यह कथन इतिहास से ही टकराता है। इथियोपिया कभी ब्रिटेन का उपनिवेश नहीं रहा; अफ़्रीका में वह उन गिने-चुने राज्यों में था जो यूरोपीय उपनिवेशीकरण से बचे रहे, और उसने 1896 में अडवा के युद्ध में इटली को पराजित भी किया था। इसलिए 'उस दिन इथियोपिया ब्रिटेन से स्वतंत्र हुआ' जैसी कोई घटना है ही नहीं, और जिस पर दिवस टिकाया जाता वह आधार भी नहीं। 1936 का संकट ठीक विपरीत दिशा का था — एक ऐसा देश, जो स्वतंत्र था, विदेशी आक्रमण से अपनी स्वतंत्रता खो रहा था, और यही बात भारतीय जनमत को उद्वेलित कर रही थी। यह विकल्प उस अभ्यर्थी के लिए बना है जो 'ब्रिटेन' शब्द देखते ही उसे भारत के संदर्भ से जोड़ लेता है; बचाव यह है कि उस देश का अपना औपनिवेशिक इतिहास याद रखा जाए।
- (d)क्योंकि इथियोपिया के नेताओं ने मुसोलिनी की निन्दा की थी। — इथियोपिया के नेताओं ने मुसोलिनी की आलोचना अवश्य की — सम्राट हैले सेलासी ने 30 जून 1936 को राष्ट्र संघ (League of Nations) के मंच से आक्रमण के विरुद्ध ऐतिहासिक भाषण दिया — पर यह भाषण उस दिवस की घोषणा का कारण नहीं है, और तिथि भी बाद की है। किसी अखिल भारतीय दिवस की घोषणा किसी एक भाषण पर नहीं, बल्कि उस बड़ी घटना पर टिकती है जिसने जनमत को झकझोरा हो — यहाँ वह घटना आक्रमण और उसके विरुद्ध प्रतिरोध थी। यह विकल्प इसलिए फुसलाता है कि उसमें कहा गया तथ्य अपने आप में ग़लत नहीं है; ग़लत यह है कि उसे कारण बना दिया गया है। ऐसे विकल्पों को पहचानने का तरीक़ा यह है कि पूछा जाए — क्या यह घटना इतनी बड़ी थी कि उस पर एक पूरा दिवस घोषित हो?
अवधारणा
1930 का दशक भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण के परिपक्व होने का दशक है। जवाहरलाल नेहरू के प्रभाव में कांग्रेस ने यह स्थिति ली कि साम्राज्यवाद और फ़ासीवाद एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, और इसलिए दुनिया में कहीं भी आक्रमण के विरुद्ध लड़ रहे लोग भारत के स्वाभाविक सहयोगी हैं। इसी दृष्टि से कांग्रेस ने इटली के इथियोपिया-आक्रमण, स्पेन के गृहयुद्ध में गणतंत्रवादियों के पक्ष, और जापान के आक्रमण के विरुद्ध चीन के संघर्ष — तीनों पर खुली स्थिति ली; 1938 में चीन को भेजा गया चिकित्सा-दल इसी नीति का मूर्त रूप था। प्रतीकात्मक 'दिवस' घोषित करना इस दौर की राजनीतिक तकनीक थी: सभाएँ, जुलूस, प्रस्ताव और चंदा — इन सबके ज़रिए एक दूर की घटना को भारत के गाँव-क़स्बे तक पहुँचाया जाता था और साथ ही अपने आंदोलन को संगठित रखा जाता था। इसीलिए इस प्रकार के प्रश्न में यह याद रखना पर्याप्त नहीं कि दिवस कब था; यह समझना ज़रूरी है कि वह किस विचार का प्रतीक था।
इथियोपिया संकट का कालक्रम अलग से जान लेना उपयोगी है, क्योंकि पाठ्यपुस्तकों की भाषा और घटनाओं की तिथियाँ यहाँ पूरी तरह एक जैसी नहीं हैं। इतालवी आक्रमण 3 अक्टूबर 1935 को आरंभ हुआ; इतालवी सेना 5 मई 1936 को अदिस अबाबा में प्रवेश कर गई; और 9 मई 1936 को मुसोलिनी ने इथियोपिया के विलय की घोषणा की। भारत में जवाहरलाल नेहरू ने 5 मई 1936 को इलाहाबाद से 'अबीसीनिया दिवस' की अपील की थी और उसके बाद के दिनों में प्रदर्शन हुए। बिपन चंद्र का विवरण इस पूरे प्रसंग को '1936 के आरंभ में फ़ासीवादी इटली द्वारा इथियोपिया पर आक्रमण' के रूप में संक्षेप में रखता है, और प्रश्न का विकल्प (c) उसी पाठ्यपुस्तकीय वाक्य का अनुसरण करता है। परीक्षा की दृष्टि से इसका अर्थ यह है कि उत्तर पहचानने के लिए कारण देखा जाए, तिथि की सूक्ष्मता नहीं; और पृष्ठभूमि के लिए यह कालक्रम अलग से याद रखा जाए।
मुख्य तथ्य
- कांग्रेस ने 9 मई को 'इथियोपिया दिवस' घोषित किया और उस दिन देश भर में सभाएँ तथा प्रदर्शन हुए — इसका उल्लेख बिपन चंद्र की 'इंडियाज़ स्ट्रगल फ़ॉर इंडिपेंडेंस' में है।
- कारण यह था कि फ़ासीवादी इटली ने इथियोपिया पर आक्रमण किया और इथियोपियावासियों के प्रतिरोध को स्वतंत्रता का संघर्ष माना गया।
- इतालवी आक्रमण 3 अक्टूबर 1935 को आरंभ हुआ; इतालवी सेना 5 मई 1936 को अदिस अबाबा पहुँची और 9 मई 1936 को मुसोलिनी ने विलय की घोषणा की।
- जवाहरलाल नेहरू ने 5 मई 1936 को इलाहाबाद से 'अबीसीनिया दिवस' की अपील की थी, जिसके बाद के दिनों में प्रदर्शन हुए।
- सम्राट हैले सेलासी ने 30 जून 1936 को राष्ट्र संघ के मंच से आक्रमण के विरुद्ध ऐतिहासिक भाषण दिया।
- इथियोपिया कभी ब्रिटिश उपनिवेश नहीं रहा; उसने 1896 में अडवा के युद्ध में इटली को पराजित किया था।
- उसी दौर में कांग्रेस ने स्पेन के गणतंत्र और जापानी आक्रमण के विरुद्ध चीन का समर्थन किया, और 1938 में चीन को चिकित्सा-दल भेजा।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- एकजुटता की दिशा उलट देना — दिवस भारत की ओर से इथियोपिया के लिए था, इथियोपिया की ओर से भारत के लिए नहीं।
- इथियोपिया को कभी ब्रिटिश उपनिवेश मान लेना; वह अफ़्रीका के उन गिने-चुने राज्यों में था जो उपनिवेशीकरण से बचे रहे।
- हैले सेलासी के 30 जून 1936 के भाषण को दिवस की घोषणा का कारण मान लेना; वह भाषण बाद का है और अपने आप में कारण नहीं।
- आक्रमण की वास्तविक तिथि (3 अक्टूबर 1935) और पाठ्यपुस्तक के '1936 के आरंभ' वाले वाक्य को एक-दूसरे का खंडन मान लेना; दोनों एक ही प्रसंग के दो स्तर हैं।
राष्ट्रीय आंदोलन के प्रतीकात्मक दिवसों और अंतर्राष्ट्रीय प्रसंगों पर प्रश्न प्रायः 'क्यों' के रूप में पूछे जाते हैं, न कि 'कब' के रूप में — और यही उन्हें कठिन बनाता है, क्योंकि रटी हुई तिथि यहाँ काम नहीं आती। ऐसे प्रश्न में चारों विकल्प व्याकरण की दृष्टि से एक जैसे बनते हैं, प्रत्येक 'क्योंकि' से आरंभ होता है, और उनमें से दो-तीन में कोई न कोई सच्चा तथ्य छिपा होता है जिसे कारण की जगह रख दिया गया है। सुरक्षित पद्धति दो चरणों की है: पहले यह तय कीजिए कि घटना का स्वरूप क्या था — एकजुटता, स्मृति, विरोध या उत्सव; फिर देखिए कि कौन-सा विकल्प उसी स्वरूप का कारण देता है। जो विकल्प तथ्यतः सही तो हो पर घटना के स्वरूप से मेल न खाए, वह उत्तर नहीं है। यही जाँच 1930 के दशक के अन्य दिवसों और प्रस्तावों पर भी लागू होती है।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
1930 के दशक में कांग्रेस द्वारा 9 मई को 'इथियोपिया दिवस' घोषित किए जाने का तात्कालिक कारण निम्नलिखित में से क्या था?
- (a)इथियोपिया का ब्रिटेन से स्वतंत्र होना
- (b)फ़ासीवादी इटली द्वारा इथियोपिया पर आक्रमण और इथियोपियावासियों का प्रतिरोध
- (c)इथियोपिया का राष्ट्र संघ में प्रवेश
- (d)इथियोपिया द्वारा भारतीय प्रवासियों को नागरिकता दिया जाना
उत्तर(b) फ़ासीवादी इटली द्वारा इथियोपिया पर आक्रमण और इथियोपियावासियों का प्रतिरोध
- practice — not a real PYQ
इथियोपिया के सम्राट हैले सेलासी ने इतालवी आक्रमण के विरुद्ध 30 जून 1936 को किस अंतर्राष्ट्रीय मंच से अपना ऐतिहासिक भाषण दिया था?
- (a)संयुक्त राष्ट्र महासभा
- (b)राष्ट्र संघ (League of Nations)
- (c)अफ़्रीकी एकता संगठन
- (d)अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन
उत्तर(b) राष्ट्र संघ (League of Nations)