‘‘चाय उत्पादक स्थान या तो असम में है या बंगाल में।’’ इस कथन के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा आरेख सर्वाधिक उपयुक्त है?
- (a)[आरेख] एक बड़ा दीर्घवृत्त, जिसके भीतर दो अलग-अलग आयत अगल-बगल बने हैं; दोनों आयत न आपस में छूते हैं, न दीर्घवृत्त की रेखा को।
- (b)[आरेख] अगल-बगल दो आयत, जिनके बीच स्पष्ट अंतराल है, और एक दीर्घवृत्त बाएँ आयत की दाहिनी भुजा पर बैठा है — दीर्घवृत्त का लगभग आधा भाग उस बाएँ आयत के भीतर है और आधा अंतराल में बाहर निकला है। दीर्घवृत्त दाहिने आयत तक नहीं पहुँचता, और दोनों आयत आपस में नहीं छूते।
- (c)[आरेख] अगल-बगल दो आयत, बीच में अंतराल, और एक दीर्घवृत्त ठीक उस अंतराल पर केन्द्रित है, जिससे वह दोनों आयतों को काटता है — उसका बायाँ भाग बाएँ आयत के दाहिने सिरे में और दायाँ भाग दाहिने आयत के बाएँ सिरे में घुसा है। दोनों आयत स्वयं आपस में नहीं छूते।
- (d)[आरेख] केवल एक आयत, जिसे बीच से एक ऊर्ध्वाधर रेखा दो हिस्सों में बाँटती है, और एक दीर्घवृत्त उसी बँटवारे वाली रेखा पर केन्द्रित है तथा पूरी तरह आयत के भीतर है, जिससे दीर्घवृत्त का आधा-आधा भाग आयत के दोनों हिस्सों में पड़ता है।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D, (d) — वह रेखाचित्र जिसमें एक ही आयत बीच से खिंची ऊर्ध्वाधर रेखा द्वारा दो भागों में बँटा है, और दीर्घवृत्त उसी बँटवारे वाली रेखा पर बैठकर पूरी तरह आयत के भीतर रहता है, जिससे उसका आधा-आधा भाग दोनों भागों में पड़ता है। सबसे पहले यह स्पष्ट कर लीजिए कि इस प्रश्न के चारों विकल्प रेखाचित्र हैं। पृष्ठ पर (a) से (d) तक केवल अक्षर छपे हैं और हर अक्षर के आगे एक आकृति बनी है; विकल्पों का कोई पाठ पुस्तिका में है ही नहीं, और आकृतियों में कहीं कोई नामांकन भी नहीं — न 'असम', न 'बंगाल', न 'चाय'। इसलिए उत्तर आकृतियों की ज्यामिति से निकालना पड़ता है, शब्दों से नहीं।
पढ़ने का ढंग यही बनता है कि दीर्घवृत्त को 'चाय उत्पादक स्थान' का समुच्चय माना जाए और आयत अथवा आयत के दो भागों को असम तथा बंगाल। अब कथन को तर्क की भाषा में खोलिए — 'चाय उत्पादक स्थान या तो असम में है या बंगाल में' दो बातें कहता है। पहली, कोई भी चाय उत्पादक स्थान इन दो क्षेत्रों से बाहर नहीं है, अर्थात चाय वाला समुच्चय पूरी तरह असम और बंगाल के मिले-जुले क्षेत्र के भीतर समाया हुआ है। दूसरी, 'या तो… या' दोनों शाखाएँ खुली रखता है, इसलिए कुछ स्थान असम में और कुछ बंगाल में होने चाहिए; यदि सारे स्थान केवल एक ही ओर होते तो दूसरी शाखा का कोई अर्थ नहीं रह जाता।
अब चारों आकृतियों को इन्हीं दो शर्तों पर कसिए। जिस आकृति में दीर्घवृत्त पूरी तरह भीतर हो — कहीं भी बाहर न निकले — और साथ ही दोनों भागों में फैला हो, वही कथन को ठीक-ठीक दर्शाएगी। विकल्प (d) की आकृति में यही होता है: बाहरी सीमा एक ही आयत है, उसके भीतर एक ऊर्ध्वाधर रेखा दो सटे हुए भाग बनाती है, और दीर्घवृत्त उसी रेखा पर बैठा है — न कहीं आयत से बाहर निकलता है, न किसी एक भाग तक सीमित रहता है। यही समावेशन और विभाजन दोनों शर्तों को एक साथ पूरा करता है।
एक बात और ध्यान देने योग्य है — दोनों क्षेत्रों का सटा होना। असम और बंगाल दो अलग-अलग, पर सटे हुए क्षेत्र हैं, और उनके बीच कोई तीसरा क्षेत्र इस कथन में नहीं आता। जिन आकृतियों में दो आयत अलग-अलग खींचकर उनके बीच अंतराल छोड़ा गया है, वहाँ वह अंतराल स्वयं एक तीसरा क्षेत्र बन जाता है — 'न असम, न बंगाल' — और दीर्घवृत्त का जो भाग उसमें पड़ेगा वह कथन का खंडन कर देगा।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)[आरेख] एक बड़ा दीर्घवृत्त, जिसके भीतर दो अलग-अलग आयत अगल-बगल बने हैं; दोनों आयत न आपस में छूते हैं, न दीर्घवृत्त की रेखा को। — इस आकृति में एक बड़ा दीर्घवृत्त है और उसके भीतर दो अलग-अलग आयत रखे हैं, जो न आपस में छूते हैं, न दीर्घवृत्त की रेखा को। यहाँ समावेशन की दिशा उलटी हो गई है: भीतर असम और बंगाल पड़ रहे हैं और बाहर चाय उत्पादक स्थानों का समुच्चय। इसका अर्थ यह निकलेगा कि असम और बंगाल का हर स्थान चाय उत्पादक है और उनके बाहर भी बहुत-से चाय उत्पादक स्थान हैं — कथन ठीक इसका उलटा कहता है। समुच्चय के प्रश्नों में यह सबसे आम भूल है: 'A सब B में हैं' और 'B सब A में हैं' को एक मान लेना।
- (b)[आरेख] अगल-बगल दो आयत, जिनके बीच स्पष्ट अंतराल है, और एक दीर्घवृत्त बाएँ आयत की दाहिनी भुजा पर बैठा है — दीर्घवृत्त का लगभग आधा भाग उस बाएँ आयत के भीतर है और आधा अंतराल में बाहर निकला है। दीर्घवृत्त दाहिने आयत तक नहीं पहुँचता, और दोनों आयत आपस में नहीं छूते। — इस आकृति में दो आयत अगल-बगल हैं, उनके बीच अंतराल है, और दीर्घवृत्त बाएँ आयत की दाहिनी भुजा पर बैठा है — उसका आधा भाग उस आयत के भीतर है और आधा अंतराल में बाहर। यहाँ दोनों शर्तें टूटती हैं। पहली, दीर्घवृत्त का एक भाग दोनों आयतों से बाहर है, यानी कुछ चाय उत्पादक स्थान न असम में हैं, न बंगाल में — कथन का सीधा खंडन। दूसरी, दीर्घवृत्त दाहिने आयत तक पहुँचता ही नहीं, इसलिए 'या बंगाल में' वाली शाखा खाली रह जाती है।
- (c)[आरेख] अगल-बगल दो आयत, बीच में अंतराल, और एक दीर्घवृत्त ठीक उस अंतराल पर केन्द्रित है, जिससे वह दोनों आयतों को काटता है — उसका बायाँ भाग बाएँ आयत के दाहिने सिरे में और दायाँ भाग दाहिने आयत के बाएँ सिरे में घुसा है। दोनों आयत स्वयं आपस में नहीं छूते। — यह आकृति सही उत्तर के सबसे निकट है और इसीलिए सबसे भ्रामक है। इसमें भी दो आयत अगल-बगल हैं और दीर्घवृत्त दोनों को काटता है, जिससे 'कुछ इधर, कुछ उधर' वाली शर्त तो पूरी होती दिखती है। पर दोनों आयतों के बीच अंतराल छोड़ा गया है और दीर्घवृत्त ठीक उसी अंतराल पर केन्द्रित है, इसलिए उसका बीच वाला भाग किसी भी आयत के भीतर नहीं पड़ता। वह भाग ऐसे चाय उत्पादक स्थानों को दर्शाएगा जो न असम में हैं, न बंगाल में — और कथन ऐसा कोई स्थान होने ही नहीं देता। विकल्प (d) यही दोष दूर करता है, क्योंकि वहाँ दोनों भाग सटे हुए हैं और बीच में कोई ख़ाली जगह नहीं बचती।
अवधारणा
न्याय-निगमन तथा समुच्चय आरेख के प्रश्नों में कथन को दो प्रश्नों में तोड़कर देखिए — क्या किसी समुच्चय का हर सदस्य दूसरे के भीतर है, और क्या दोनों समुच्चयों में कोई साझा भाग है। 'सभी A, B हैं' का अर्थ है A पूरी तरह B के भीतर। 'कुछ A, B हैं' का अर्थ है दोनों आंशिक रूप से एक-दूसरे को काटते हैं। 'कोई A, B नहीं है' का अर्थ है दोनों पूरी तरह अलग। और 'A या तो B में है या C में' का अर्थ है A पूरी तरह B तथा C के संघ (union) के भीतर है। साधारण भाषा में 'या तो… या' कभी-कभी अनन्य (exclusive) अर्थ में भी लिया जाता है, पर इस प्रकार के आरेख-प्रश्नों में उसका काम यही होता है कि दोनों शाखाएँ मिलकर पूरा क्षेत्र घेर लें और उनसे बाहर कुछ न बचे।
यह प्रश्नपत्र के उन दो प्रश्नों में पहला है जिनके विकल्प स्वयं रेखाचित्र हैं; दूसरा दर्पण-प्रतिबिम्ब का प्रश्न है, जो इसी खंड में आगे आता है। ऐसे प्रश्नों में समय की बचत का एक ही उपाय है — विकल्पों को देखने से पहले कथन को शब्दों में स्पष्ट कर लेना कि सही आरेख में क्या-क्या होना चाहिए, और फिर उसी सूची से चारों आकृतियों को मिलाना। पहले आकृतियाँ देखने पर मन उस आकृति की ओर खिंच जाता है जो दिखने में जटिल और इसीलिए 'सही' लगती है।
मुख्य तथ्य
- इस प्रश्न के चारों विकल्प रेखाचित्र हैं; पुस्तिका में उनका कोई पाठ नहीं छपा।
- आकृतियों में कोई नामांकन नहीं है — न असम, न बंगाल, न चाय।
- 'या तो असम में या बंगाल में' का अर्थ है कि कोई भी चाय उत्पादक स्थान इन दोनों से बाहर नहीं है।
- 'या तो… या' दोनों शाखाओं को खुला रखता है, इसलिए दीर्घवृत्त को दोनों भागों में फैला होना चाहिए।
- सही आकृति में दीर्घवृत्त पूरी तरह भीतर है और बँटवारे वाली रेखा पर बैठा है।
- अलग-अलग खींचे गए दो आयतों के बीच का अंतराल एक तीसरा क्षेत्र बना देता है, जो कथन में नहीं है।
- 'सभी A, B हैं' का आरेख — A पूरी तरह B के भीतर।
- 'कुछ A, B हैं' का आरेख — दोनों आंशिक रूप से एक-दूसरे को काटते हुए।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- समावेशन की दिशा उलट देना — यह मान लेना कि असम और बंगाल चाय उत्पादक स्थानों के भीतर हैं।
- दो अलग आयतों के बीच के अंतराल को अनदेखा कर देना, जबकि वही 'न असम, न बंगाल' का क्षेत्र बनाता है।
- जटिल दिखने वाली आकृति को ही सही मान लेना।
- 'या तो… या' को इस अर्थ में लेना कि दोनों में से केवल एक ही शाखा में स्थान हो सकते हैं।
- आकृतियों को पहले देखना और कथन की शर्तें बाद में सोचना।
आरेख आधारित तार्किक प्रश्न सामान्य योग्यता परीक्षण में नियमित रूप से आते हैं और उनके दो प्रमुख रूप हैं। पहला यही — कोई कथन देकर उसके लिए उपयुक्त आरेख चुनवाना। दूसरा उलटा — कोई आरेख देकर पूछना कि उसमें दर्शाए गए तीन शब्द कौन-से हो सकते हैं, जैसे 'भारत, असम, गुवाहाटी' अथवा 'फल, आम, सब्ज़ी'। दोनों रूपों की तैयारी एक ही है: 'सभी', 'कुछ' और 'कोई नहीं' के तीन मानक आरेख कंठस्थ कर लीजिए, फिर हर कथन को इन्हीं तीन में से किसी एक ढाँचे में बैठाइए। जहाँ दो क्षेत्रों की बात हो, वहाँ यह अवश्य जाँचिए कि उनके बीच कोई ख़ाली जगह तो नहीं छूट रही।
संबंधित PYQ
EPFO_EOAO_2017_Q118खोलें व हल करें →Consider the following figure : [FIGURE: a step-shaped arrow labelled Object on the left, and a vertical hatched line labelled Mirror (Plane) on the right — see figure_note] Which one of the following is the image of the object in the mirror?
- (a) [FIGURE] The same step shape MIRRORED LEFT-TO-RIGHT: the upper horizontal segment is on the RIGHT and its right-hand free end carries the open chevron barb (opening rightwards); the line drops vertically at the left end of that upper segment, then runs LEFT along the lower level and ends in a solid arrowhead pointing LEFT.
- (b) [FIGURE] Exactly the same shape and orientation as the object drawn in the stem: upper horizontal segment on the LEFT with the open chevron barb at its left-hand free end, a vertical drop at its right end, then a lower horizontal running RIGHT and ending in a solid arrowhead pointing RIGHT.
- (c) [FIGURE] The same step shape FLIPPED TOP-TO-BOTTOM, so that it steps UP instead of down: the horizontal segment carrying the open chevron barb at its left-hand free end is now the LOWER one; the line rises vertically at its right end, then runs RIGHT along the upper level and ends in a solid arrowhead pointing RIGHT.
- (d) [FIGURE] The same step shape and the same downward step as the object, but with the two end marks EXCHANGED: the upper horizontal on the LEFT ends in a SOLID ARROWHEAD pointing LEFT, and the lower horizontal on the RIGHT ends in the OPEN CHEVRON barb (opening rightwards).
उत्तर(a) [FIGURE] The same step shape MIRRORED LEFT-TO-RIGHT: the upper horizontal segment is on the RIGHT and its right-hand free end carries the open chevron barb (opening rightwards); the line drops vertically at the left end of that upper segment, then runs LEFT along the lower level and ends in a solid arrowhead pointing LEFT.
इसी प्रश्नपत्र का दूसरा चित्र-प्रश्न — समतल दर्पण में वस्तु का प्रतिबिम्ब; वहाँ भी चारों विकल्प रेखाचित्र हैं और उत्तर ज्यामिति से निकलता है।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
'सभी शिक्षक विद्वान हैं' — इस कथन के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा आरेख उपयुक्त है?
- (a)दो पूर्णतः अलग वृत्त
- (b)'शिक्षक' का वृत्त पूरी तरह 'विद्वान' के वृत्त के भीतर
- (c)'विद्वान' का वृत्त पूरी तरह 'शिक्षक' के वृत्त के भीतर
- (d)दो वृत्त जो आंशिक रूप से एक-दूसरे को काटते हैं
उत्तर(b) 'शिक्षक' का वृत्त पूरी तरह 'विद्वान' के वृत्त के भीतर
- practice — not a real PYQ
'कुछ खिलाड़ी छात्र हैं' — इस कथन के लिए उपयुक्त आरेख कौन-सा है?
- (a)दो पूर्णतः अलग वृत्त
- (b)दो वृत्त जो आंशिक रूप से एक-दूसरे को काटते हैं
- (c)'खिलाड़ी' का वृत्त पूरी तरह 'छात्र' के भीतर
- (d)'छात्र' का वृत्त पूरी तरह 'खिलाड़ी' के भीतर
उत्तर(b) दो वृत्त जो आंशिक रूप से एक-दूसरे को काटते हैं